शोधकर्ताओं के एक दल ने एक तकनीक विकसित की हैं जो वायरस की सतह पर
एचआईवी प्रोटीन की गतिशीलता को दर्शाता है. यह शोध यह बताने में की एचआईवी वायरस मानव
प्रतिरक्षा कोशिकाओं को संक्रमित कैसे करता है, कारगर हो
सकता हैं और एचआईवी संक्रमण को रोकने के लिए एक दृष्टिकोण प्रदान करने में सहायता
कर सकता हैं.
अमेरिका के वेल कॉर्नेल मेडिकल कॉलेज के डॉ स्कॉट ब्लैंकार्ड के
नेतृत्व में शोधकर्ताओं के दल द्वारा इसे विकसित
किया गया, यह अध्ययन अक्टूबर 2014 के
पहले सप्ताह में जर्नल नेचर में प्रकाशित हुआ था.
प्रौद्योगिकी का विकास
एचआईवी संक्रमण रोकने के लिए, प्रतिरक्षा कोशिकाओं में एचआईवी वायरस के प्रवेश को रोकने की आवश्यकता होती हैं और यह तभी संभव हो सकता जब एक वास्तविक समय के आधार पर एचआईवी वायरस की गतिशीलता को ट्रैक किया जा सके. वायरल कणों का अध्ययन करने के लिए व इसे संभव बनाने के लिए ब्लैंकार्ड और उनकी टीम ने एक इमेजिंग तकनीक जो कि आणविक पैमाने पर दूरी को मापने के लिए प्रतिदीप्ति का उपयोग करता है, एकल अणु प्रतिदीप्ति प्रतिध्वनि ऊर्जा हस्तांतरण (smFRET) इमेजिंग तकनीकी का सहारा लिया. तब उनके समूह ने फ्लोरोसेंट अणुओं (फ्लुरोपोरस) को विकसित किया जिनको उन्होंने बीकन कहा और उनको वायरस के बाह्य आवरण जिसको एन्वलोप कहा जाता है में डाल दिया.
एचआईवी संक्रमण रोकने के लिए, प्रतिरक्षा कोशिकाओं में एचआईवी वायरस के प्रवेश को रोकने की आवश्यकता होती हैं और यह तभी संभव हो सकता जब एक वास्तविक समय के आधार पर एचआईवी वायरस की गतिशीलता को ट्रैक किया जा सके. वायरल कणों का अध्ययन करने के लिए व इसे संभव बनाने के लिए ब्लैंकार्ड और उनकी टीम ने एक इमेजिंग तकनीक जो कि आणविक पैमाने पर दूरी को मापने के लिए प्रतिदीप्ति का उपयोग करता है, एकल अणु प्रतिदीप्ति प्रतिध्वनि ऊर्जा हस्तांतरण (smFRET) इमेजिंग तकनीकी का सहारा लिया. तब उनके समूह ने फ्लोरोसेंट अणुओं (फ्लुरोपोरस) को विकसित किया जिनको उन्होंने बीकन कहा और उनको वायरस के बाह्य आवरण जिसको एन्वलोप कहा जाता है में डाल दिया.
दो विशेष बीकन जो अपने स्थान पर हो उन्होंने प्रदर्शित किया की smFRET
इमेजिंग तकनीक का उपयोग यह पता लगाने के लिये की अणु कैसे गतिशील
होते हैं किया जा सकता हैं जब वायरस प्रोटीन अपनी संरचना बदलते हैं. SmFRET इमेजिंग तकनीक से सुसज्जित टीम ने वायरस
के बाह्य आवरण जिसको एन्वलोप कहा जाता है पर प्रोटीन की गतिशीलता का अध्ययन किया.
एन्वलोप प्रोटीन मानव प्रतिरक्षा कोशिकाओं को संक्रमित करने वाले वायरस की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण हैं जो की सीडी 4 रिसेप्टर प्रोटीन रखते हैं जो एक कोशिका को को एचआईवी से बाँधने में मदद करते हैं. एन्वलोप प्रोटीन तीन gp120 और gp41 प्रोटीन होते हैं, जो करीब एक साथ अवस्थित और ट्रीमर्स के रूप में निर्दिष्ट जो कि, सीडी 4 की उपस्थिति में एक फूल की तरह खुल जाते हैं जो gp41 सबयूनिट को उजागर करते हैं जो उस तंत्र के लिए आवश्यक है जो कि संक्रमण का कारण बनता है.
एन्वलोप प्रोटीन मानव प्रतिरक्षा कोशिकाओं को संक्रमित करने वाले वायरस की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण हैं जो की सीडी 4 रिसेप्टर प्रोटीन रखते हैं जो एक कोशिका को को एचआईवी से बाँधने में मदद करते हैं. एन्वलोप प्रोटीन तीन gp120 और gp41 प्रोटीन होते हैं, जो करीब एक साथ अवस्थित और ट्रीमर्स के रूप में निर्दिष्ट जो कि, सीडी 4 की उपस्थिति में एक फूल की तरह खुल जाते हैं जो gp41 सबयूनिट को उजागर करते हैं जो उस तंत्र के लिए आवश्यक है जो कि संक्रमण का कारण बनता है.
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