दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने 22 सितम्बर 2014 से 27 सितंबर 2014
के सप्ताह को विश्व ग्रीन बिल्डिंग सप्ताह के तौर पर मनाया. यह
सप्ताह एक साथ लगभग 100 देशों में मनाया गया. सप्ताह की
विषयवस्तु है गेट अप, ग्रीन अप. इस सप्ताह का उद्देश्य
पर्यावरण के अनुकूल इमारतों के निर्माण को बढ़ावा देना है.
डीएमआरसी ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के भारतीय
ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) के साथ भागीदारी की है. दिल्ली मेट्रो ने अपने
सभी तीसरे चरण के स्टेशनों को हरी इमारतों के रूप में रूप-रेखा तैयार करने का फैसला
किया.
ग्रीन मेट्रो का लाभ
ग्रीन मेट्रो में ऊर्जा की खपत 20 फीसदी कम हो जाएगी और ताजे पानी का उपयोग 30 फीसदी और कम हो जाएगा.
ग्रीन मेट्रो में ऊर्जा की खपत 20 फीसदी कम हो जाएगी और ताजे पानी का उपयोग 30 फीसदी और कम हो जाएगा.
ग्रीन मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) रेटिंग
सितंबर 2014 की शुरुआत में
डीएमआरसी ने आईजीबीसी और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर आईजीबीसी ग्रीन मास रैपिड
ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) रेटिंग का शुभारंभ किया. रेटिंग को हैदराबाद में
सीआईआई-आईजीबीसी ग्रीन बिल्डिंग कांग्रेस सभा के 12 वें
संस्करण में शुरू किया गया था.
यह रेटिंग रेल आधारित एमआरटीएस नेटवर्क के लिए दुनिया की
पहली व्यापक रेटिंग है. पर्यावरणीय लाभ को बढ़ाने के लिए एमआरटीएस परियोजनाओं में
यह रेटिंग रूप-रेखा और निर्माण के दौरान अच्छी तरह लागू होगी.
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