नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिंग हिमालन इकोसिस्टम के मिशन डॉक्यूमेंट को मंजूरी मिली-(02-MAR-2014) C.A

| Sunday, March 2, 2014
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 फरवरी 2014 को नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिंग हिमालन इकोसिस्टम (एनएमएसएचई) के मिशन डॉक्यूमेंट को मंजूरी दे दी. इस मिशन की शुरुआत नेशनल एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज (एनएपीसीसी) के तहत की गई थी. इस मिशन के कार्यान्वयन के लिए लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना में 550 करोड़ रुपये का बजट होगा.
मिशन का प्राथमिक उद्देश्य हिमालय की पारिस्थिती तंत्र की स्थिति का लगातार पता लगाने के लिए एक स्थायी राष्ट्रीय क्षमता को विकसित करना और नीति निर्माण कार्यों में नीति निर्माण निकायों को सक्षम बनाना है. इस मिशन के तहत भारत और हिमालय क्षेत्र के इलाकों को सतत विकास के लिए सहायता भी प्रदान की जाएगी.
एनएमएसएचई नीचे दिए जा रहे कई महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करेगा:-
क)    हिमालय के ग्लेशियर और संबंधित हाइड्रोलॉजिकल प्रभाव
ख)    प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी और प्रबंधन 
ग)    जैव विविधता संरक्षण और सुरक्षा 
घ)    वन्य जीवन संरक्षण और सुरक्षा 
ङ)    पारंपरिक ज्ञान समाज और उनकी आजीविका 
च)    विज्ञान और सहकर्मियों के महत्वपूर्ण मूल्यांकन के नियमन की क्षमता ताकि हिमालय की पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में प्रशासन की मदद कर सकें. 
छ)    उत्तराखंड में आम जनजीवन की बहाली और पुनर्वास की प्रक्रिया में सहायता.   
इस मिशन के तहत हिमालय के इलाकों में जलवायु परिवर्तन की वजह से होने वाले भौतिक, जैविक और सामाजिकसांस्कृतिक परिवर्तनों का वैज्ञानिक आकलन भी किया जाएगा. वैज्ञानिक आकलन से उचित नीतिगत उपायों को बनाने और समयबद्ध कार्रवाई करने में मदद मिलेगी ताकि पारिस्थितिक लचीलापन बनाए रखा जा सके और प्रमुख पारिस्थितिकी सेवाओं की निरंतरता का प्रावधान सुनिश्चित किया जा सके. 
मिशन के अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य 
•    केंद्र और राज्य स्तरों पर हिमालय क्षेत्र की चुनौतियों के लिए जलवायु परिवर्तन और प्रतिक्रियात्मक उपायों का निर्माण करने की क्षमता का निर्माण करना. 
•    जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से साक्ष्य आधारित नीति निर्माण (प्रमुख लाभार्थी हाशिए पर रहने वाले और कमजोर समुदाय) के जरिए और अनुसंधान एवं क्षमता को बढ़ाकर हिमालय में बसने वाले समुदायों की रक्षा करना.
इस मिशन के तहत भारत के 12 हिमालयी राज्यों को कवर किया जाएगा जिसमें से 10 राज्य पहाड़ी राज्य हैं जबकि दो आंशिक पहाड़ी राज्य हैं. इन राज्यों के नाम हैं
•    जम्मू और कश्मीर
•    हिमाचल प्रदेश 
•    उत्तराखंड 
•    सिक्किम
•    अरुणाचल प्रदेश 
•    नागालैंड 
•    मणिपुर 
•    मिजोरम 
•    त्रिपुरा 
•    मेघालय 
•    असम 
•    पश्चिम बंगाल
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को इस मिशन (एनएमएसएचई) के कार्यान्वयन के समन्वय और मिशन प्रकोष्ठ (एनएमएसएचई सेल) को बनाने की जिम्मेदारी दी गई है. इस सेल के अध्यक्ष मिशन के निदेशक होंगे.
पृष्ठभूमि 
एनएपीसीसी की शुरुआत जून 2008 में प्रधानमंत्री के जलवायु परिवर्तन परिषद द्वारा की गई थी. हाल के दिनों में, जलवायु परिवर्तन चिंता का एक प्रमुख क्षेत्र बन चुका है और यह पर्यावरण एवं विकास योजनाओं के लिए चुनौती साबित हो रहा है.
एनएपीसीस में आठ राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं. वे मिशन हैं
•    राष्ट्रीय सौर मिशन
•    नेशनल मिशन फॉर इनहैंस्ड एनर्जी एफिशियंसी
•    राष्ट्रीय स्थाई निवास मिशन 
•    राष्ट्रीय जल मिशन 
•    नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिंग द हिमालयन इकोसिस्टम 
•    राष्ट्रीय हरित भारत मिशन 
•    राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन 
•    नेशनल मिशन ऑन स्ट्रैटेजिक नौलेज फॉर क्लाइमेट चेंज


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