निर्वाचन
आयोग ने दिल्ली, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ,
राजस्थान और मिजोरम में विधानसभा चुनावों के लिए 42 जागरूकता प्रेक्षकों की नियुक्ति 8 अक्टूबर 2013
को की. इन 42 प्रेक्षकों द्वारा चुनाव
प्रक्रिया के प्रबंधन पर नजर रखी जानी है.
निर्वाचन
आयोग द्वारा नियुक्त किए गए इन जागरकता प्रेक्षकों में से ज्यादातर मध्य प्रदेश
में तैनात होने हैं जबकि राजस्थान में 11, छत्तीसगढ़
में 9, दिल्ली में 3 और मिजोरम में 2
प्रेक्षक तैनात किए जाने हैं.
इन
प्रेक्षकों को उनके कामकाज और उनकी भूमिका के बारे में 8 अक्टूबर 2013 को प्रशिक्षण दिया गया. ये लोग
जनसंपर्क और सूचना सेवा के अधिकारी हैं.
निर्वाचन
आयोग ने इन विधानसभा चुनावों के दौरान पहली बार केंद्रीय जागरकता प्रेक्षकों को
तैनात करने का निर्णय किया.
जागरूकता प्रेक्षकों का कार्य
• इन प्रेक्षकों द्वारा मतदाताओं की संख्या बढ़ाने में भी मदद प्रदान की जानी
है.
• इनके द्वारा पैसे देकर खबर छपवाने की घटनाओं की भी निगरानी की जानी है.
• जागरकता प्रेक्षकों को दो चरणों में सात-सात दिन के लिए तैनात किया जाना है जिनके द्वारा मतदान में मतदाताओं की अधिक से अधिक भागीदारी हेतु चुनाव अधिकारियों द्वारा किए जा रहे उपायों पर नजर रखी जानी है.
• साथ ही इनके द्वारा जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 के मीडिया से जुड़े अनेक पहलुओं पर भी नजर रखी जानी है.
• प्रत्येक प्रेक्षक द्वारा तीन जिलों पर नजर रखी जानी है.
• इनके द्वारा पैसे देकर खबर छपवाने की घटनाओं की भी निगरानी की जानी है.
• जागरकता प्रेक्षकों को दो चरणों में सात-सात दिन के लिए तैनात किया जाना है जिनके द्वारा मतदान में मतदाताओं की अधिक से अधिक भागीदारी हेतु चुनाव अधिकारियों द्वारा किए जा रहे उपायों पर नजर रखी जानी है.
• साथ ही इनके द्वारा जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 के मीडिया से जुड़े अनेक पहलुओं पर भी नजर रखी जानी है.
• प्रत्येक प्रेक्षक द्वारा तीन जिलों पर नजर रखी जानी है.
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