मालदीव
के सर्वोच्च न्यायालय ने 7 सितम्बर 2013 को
हुए राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर को खारिज किया और 20 अक्टूबर
2013 को नए सिरे से चुनाव कराने और अगर दूसरे चरण की जरूरत
पड़ती है तो इसे 4 नवम्बर 2013 से पहले
पूरा किए जाने का का निर्देश भी दिया. सर्वोच्च न्यायालय की सात न्यायाधीशों की
पीठ ने बहुमत से यह निर्णय 7 अक्टूबर 2013 को दिया.
इसके
साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को नए मतपत्र छपवाने तथा मतदान के
संदर्भ में कड़े दिशानिर्देश का पालन करने का आदेश भी दिया.
मालदीव
के सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में अंतरराष्ट्रीय समीक्षकों के चुनाव पर
सकारात्मक मूल्यांकन को नजरअंदाज करते हुए एक गोपनीय पुलिस रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसके अनुसार 5600 मत अयोग्य थे. इस रिपोर्ट को
सार्वजनिक नहीं किया गया.
पहले
चरण के चुनाव में मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद विजेता बने थे. मालदीव
के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के समर्थकों ने फैसले पर निराशा व्यक्त की है
जबकि प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव ने इसका स्वागत किया, और साथ ही चुनाव आयोग के प्रमुख ओवाज तौफीक को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए
इस्तीफा देना की मांग की.
विदित
हो कि मालदीव के सर्वोच्च न्यायालय ने सितम्बर 2013 में
पहले चरण के चुनाव को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया था. यह आदेश जम्हूरी
पार्टी की याचिका पर दिया गया था.
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