केंद्र सरकार ने 24 जुलाई 2014 को गैस मूल्य निर्धारण फार्मूले की समीक्षा के लिए सुरेश प्रभु समिति गठित
करने का फैसला किया. सुरेश प्रभु अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राष्ट्रीय
जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के अधीन पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री है.
इस समिति में सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के अध्यक्ष प्रताप
भानु मेहता और इसी संस्थान के विबेक देबरॉय भी शामिल होंगे.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक
में गत 25 जून को रंगराजन समिति के फॉर्मूले के
आधार पर गैस मूल्य तय करने के फैसले को 30 सितंबर तक के लिए
स्थगित कर दिया गया था. इस फॉर्मूले के आधार पर प्राकृतिक गैस के दाम करीब दोगुने
होकर 8.4 डॉलर प्रति इकाई हो जाते. सरकार ने कहा कि वह पूरे
मामले की व्यापक समीक्षा के बाद ही कोई फैसला करेगी.
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