ब्रिटिश
कोलम्बिया, कोपेनहैगन विश्वविद्यालय और कनाडा
विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अनुसंधान में 70 करोड़ वर्ष पहले से पृथ्वी के वातावरण में ऑक्सीजन होने के प्रमाण प्राप्त
हुए. वैज्ञानिक पत्रिका नेचर ने इस अनुसंधान के परिणाम हाल ही में प्रकाशित किए.
वैज्ञानिकों ने अफ्रीका के दक्षिण में सुरक्षित सबसे प्राचीन मिट्टी का आधुनिकतम यंत्र-उपकरणों से विश्लेषण किया. यह मिट्टी कम से कम तीन अरब वर्ष पुरानी है. इस मिट्टी में भी ऑक्सीकरण की प्रक्रिया के चिन्ह प्राप्त हुए.
कनाडाई वैज्ञानिकों के दल के प्रमुख शोन क्रौई ने बताया, इसका मतलब यह है कि तीन अरब वर्ष पहले भी वातावरण में ऑक्सीजन थी, जबकि अभी तक यह माना जाता था कि दो अरब तीस करोड़ वर्ष पहले ही पृथ्वी के वातावरण में ऑक्सीजन पैदा हुई थी. पृथ्वी के वातावरण में हुए बदलाव की वजह से ही पृथ्वी पर मानव और जीव-जंतुओं का प्रादुर्भाव हुआ.
विदित हो कि हमारी इस पृथ्वी की उम्र 4 अरब 60 करोड़ वर्ष है.
वैज्ञानिकों ने अफ्रीका के दक्षिण में सुरक्षित सबसे प्राचीन मिट्टी का आधुनिकतम यंत्र-उपकरणों से विश्लेषण किया. यह मिट्टी कम से कम तीन अरब वर्ष पुरानी है. इस मिट्टी में भी ऑक्सीकरण की प्रक्रिया के चिन्ह प्राप्त हुए.
कनाडाई वैज्ञानिकों के दल के प्रमुख शोन क्रौई ने बताया, इसका मतलब यह है कि तीन अरब वर्ष पहले भी वातावरण में ऑक्सीजन थी, जबकि अभी तक यह माना जाता था कि दो अरब तीस करोड़ वर्ष पहले ही पृथ्वी के वातावरण में ऑक्सीजन पैदा हुई थी. पृथ्वी के वातावरण में हुए बदलाव की वजह से ही पृथ्वी पर मानव और जीव-जंतुओं का प्रादुर्भाव हुआ.
विदित हो कि हमारी इस पृथ्वी की उम्र 4 अरब 60 करोड़ वर्ष है.
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