वैज्ञानिकों
ने विश्व के सबसे बड़े एकल ज्वालामुखी की खोज सितंबर 2013
में की. वैज्ञानिकों ने इसका नाम तमु मासिफ (Tamu Massif) रखा. यह ज्वालामुखी जापान से 1600 किमी पूर्व में
समुद्रतल से 2 किमी की गहराई में स्थित है. तमु मासिफ का क्षेत्रफल 310000 वर्ग किमी
(119000 वर्गमील) है. यह सौरमण्डल के सबसे बड़े ज्वालामुखी
मंगल ग्रह के ओलिंपस मोंस (Olympus Mons) के बराबर है.
ज्वालामुखी क्या
है?
ज्वालामुखी भूपटल पर वह प्राकृतिक छेद या दरार है, जिससे होकर पृथ्वी का विघला पदार्थ लावा, राख, वाष्प तथा अन्य गैसें बाहर निकलती हैं. बाहर हवा में उड़ा हुआ लावा शीघ्र ही ठंडा होकर छोटे ठोस टुकड़ों में बदल जाता है, जिसे 'सिंडर' कहते हैं. उदगार में निकलने वाली गैसों में वाष्प का प्रतिशत सर्वाधिक होता है. पृथ्वी पर जितने भी ज्वालामुखी मौजूद हैं, उनमें से ज़्यादातर दस हज़ार से एक लाख साल पुराने हैं.
ज्वालामुखी पर्वत से निकलने वाली चीज़ों में मैग्मा के साथ कई तरह की विषैली गैसें भी होती हैं. ये गैसें आस-पास बसे लोगों के लिए काफ़ी घातक होती हैं.
एक अनुमान के मुताबिक अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 1500 जीवित ज्वालामुखी पर्वत हैं. हिमालय एक मृत ज्वालामुखी है, इसलिए इससे किसी भी प्रकार का ख़तरा होने की आशंका नहीं है जबकि 'माउंट एटना' समेत कई अन्य जीवित ज्वालामुखी हैं. एशिया महाद्वीप पर सबसे ज़्यादा ज्वालामुखी इंडोनेशिया में हैं.
ज्वालामुखी के प्रकार
प्रमुख रूप से ज्वालामुखी तीन प्रकार के होते हैं. जो अधोलिखित हैं.
• सक्रिय ज्वालामुखी
• प्रसुप्त ज्वालामुखी और
• शान्त ज्वालामुखी या मृत ज्वालामुखी
ज्वालामुखी भूपटल पर वह प्राकृतिक छेद या दरार है, जिससे होकर पृथ्वी का विघला पदार्थ लावा, राख, वाष्प तथा अन्य गैसें बाहर निकलती हैं. बाहर हवा में उड़ा हुआ लावा शीघ्र ही ठंडा होकर छोटे ठोस टुकड़ों में बदल जाता है, जिसे 'सिंडर' कहते हैं. उदगार में निकलने वाली गैसों में वाष्प का प्रतिशत सर्वाधिक होता है. पृथ्वी पर जितने भी ज्वालामुखी मौजूद हैं, उनमें से ज़्यादातर दस हज़ार से एक लाख साल पुराने हैं.
ज्वालामुखी पर्वत से निकलने वाली चीज़ों में मैग्मा के साथ कई तरह की विषैली गैसें भी होती हैं. ये गैसें आस-पास बसे लोगों के लिए काफ़ी घातक होती हैं.
एक अनुमान के मुताबिक अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 1500 जीवित ज्वालामुखी पर्वत हैं. हिमालय एक मृत ज्वालामुखी है, इसलिए इससे किसी भी प्रकार का ख़तरा होने की आशंका नहीं है जबकि 'माउंट एटना' समेत कई अन्य जीवित ज्वालामुखी हैं. एशिया महाद्वीप पर सबसे ज़्यादा ज्वालामुखी इंडोनेशिया में हैं.
ज्वालामुखी के प्रकार
प्रमुख रूप से ज्वालामुखी तीन प्रकार के होते हैं. जो अधोलिखित हैं.
• सक्रिय ज्वालामुखी
• प्रसुप्त ज्वालामुखी और
• शान्त ज्वालामुखी या मृत ज्वालामुखी
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