विदेश
मंत्री सलमान खुर्शीद की दो दिन की श्रीलंका यात्रा 7-8
अक्टूबर 2013 को सम्पन्न हो गई. यात्रा के
दौरान राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे, श्रीलंका के विदेशमंत्री
जीएल पीरिस तथा श्रीलंका में पहले तमिल मुख्यमंत्री सीवी विग्नेश्वरन से जाफना में
मुलाकात की.
यात्रा के दौरान हुए समझौते
इस दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने दो महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए. इसमें पहला 500 मेगावाट सामपुर बिजली परियोजना (सामपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट) से सम्बंधित आठ समझौतों पर हस्ताक्षर और दूसरा अगले दस वर्ष तक श्रीलंका की राष्ट्रीय योजना के लिए तकनीकी सहायता देने वाला समझौता पत्र था.
दोनों ने उत्तर पूर्व श्रीलंका के त्रिंकोमाली में 5 सौ मेगावाट वाले हीट-इंजन प्लांट की स्थापना पर सहयोगी समझौते पर सहमति हासिल की. इस हीट-इंजन प्लांट का निर्माण वर्ष 2016 में समाप्त होगा और इसमें कुल 40 अरब श्रीलंकाई रूपए का पूंजी निवेश होगा.
दोनों ने संस्कृति व शिक्षा के बारे में सहमति ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए. जिसके तहत श्रीलंका में सिंहली, तमिल और अंग्रेजी पढ़ाने के लिए भारत, वर्ष 2015 से हर साल श्रीलंका के 45 शिक्षकों को प्रशिक्षण देगा.
वार्ता के दौरान दोनों देशों के मध्य ऊर्जा व शिक्षा आदि क्षेत्रों में सहयोग मज़बूत करने पर सहमति हुई.
भारत और श्रीलंका के विदेश मंत्रियों ने मछुआरों के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया. उन्होंने एक-दूसरे के क्षेत्र में चले जाने के कारण मछुआरों की गिरफ्तारी के मुद्दे के समाधान के लिए दोनों देशों के मछुआरा संघों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत से इस मुद्दे का समाधान किए जाने का निर्णय लिया.
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने इस बात पर जोर दिया कि श्रीलंका में अल्पसंख्यक तमिल समुदाय की समस्याओं के समाधान और एकीकृत श्रीलंका में अधिकारों का सार्थक विकेन्द्रीकरण सुनिश्चित करने के लिए वार्ता प्रक्रिया फिर से शुरू होनी चाहिये.
यात्रा के दौरान सलमान खुर्शीद ने उत्तरी प्रान्त में नव निर्वाचित सरकार को संविधान के 13 वें संशोधन के अन्तर्गत समूची ताकतें देने पर भी बल दिया.
इसके अलावा दोनों ने आपस में मछुआरों के सीमा पार करने के मुद्दों पर भी विचार किया.
यात्रा के दौरान हुए समझौते
इस दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने दो महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए. इसमें पहला 500 मेगावाट सामपुर बिजली परियोजना (सामपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट) से सम्बंधित आठ समझौतों पर हस्ताक्षर और दूसरा अगले दस वर्ष तक श्रीलंका की राष्ट्रीय योजना के लिए तकनीकी सहायता देने वाला समझौता पत्र था.
दोनों ने उत्तर पूर्व श्रीलंका के त्रिंकोमाली में 5 सौ मेगावाट वाले हीट-इंजन प्लांट की स्थापना पर सहयोगी समझौते पर सहमति हासिल की. इस हीट-इंजन प्लांट का निर्माण वर्ष 2016 में समाप्त होगा और इसमें कुल 40 अरब श्रीलंकाई रूपए का पूंजी निवेश होगा.
दोनों ने संस्कृति व शिक्षा के बारे में सहमति ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए. जिसके तहत श्रीलंका में सिंहली, तमिल और अंग्रेजी पढ़ाने के लिए भारत, वर्ष 2015 से हर साल श्रीलंका के 45 शिक्षकों को प्रशिक्षण देगा.
वार्ता के दौरान दोनों देशों के मध्य ऊर्जा व शिक्षा आदि क्षेत्रों में सहयोग मज़बूत करने पर सहमति हुई.
भारत और श्रीलंका के विदेश मंत्रियों ने मछुआरों के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया. उन्होंने एक-दूसरे के क्षेत्र में चले जाने के कारण मछुआरों की गिरफ्तारी के मुद्दे के समाधान के लिए दोनों देशों के मछुआरा संघों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत से इस मुद्दे का समाधान किए जाने का निर्णय लिया.
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने इस बात पर जोर दिया कि श्रीलंका में अल्पसंख्यक तमिल समुदाय की समस्याओं के समाधान और एकीकृत श्रीलंका में अधिकारों का सार्थक विकेन्द्रीकरण सुनिश्चित करने के लिए वार्ता प्रक्रिया फिर से शुरू होनी चाहिये.
यात्रा के दौरान सलमान खुर्शीद ने उत्तरी प्रान्त में नव निर्वाचित सरकार को संविधान के 13 वें संशोधन के अन्तर्गत समूची ताकतें देने पर भी बल दिया.
इसके अलावा दोनों ने आपस में मछुआरों के सीमा पार करने के मुद्दों पर भी विचार किया.
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