एशियाई
विकास बैंक (एडीबी) ने 2 अक्टूबर 2013 को
वर्ष 2013 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के
अनुमान को घटाकर 4.7 प्रतिशत कर दिया. इससे पहले अप्रैल में
बैंक ने 6 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान जताया था.
एशियाई
विकास बैंक ने उद्योग, निवेश और निर्यात मांग कमजोर होने तथा
ढांचागत सुधारों में हो रही देरी को इसका कारण बताया. इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले
रुपये की कीमत में आई तेज गिरावट के चलते भी एडीबी ने यह कटौती की. एडीबी की
वार्षिक एशियाई विकास परिदृश्य 2013 रिपोर्ट में यह जानकारी
जारी की गई.\
एशियाई विकास परिदृश्य 2013
रिपोर्ट से संबंधित मुख्य बिंदु
• एडीबी ने रिपोर्ट में कहा कि रुपये के हाल के अवमूल्यन और पूंजी के बाहर
की ओर प्रवाह के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था अत्यधिक दबाव में है और इसके साथ
संरचनागत दिक्कतों के कारण देश के उच्च विकास दर दोबारा हासिल करने की संभावना कम
रह गई है.
• मनीला स्थित बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2013-14 की पहली तिमाही में विकास दर वित्तीय संकट के बाद से सबसे कम रह जाने के साथ ही एडीबी ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमान को अप्रैल में घोषित 6 प्रतिशत से घटाकर 4.7 कर दिया.
• वित्त वर्ष 2014-15 के लिए भी विकास दर के पूर्वानुमान को 6.5 प्रतिशत से घटाकर 5.7 प्रतिशत कर दिया गया. वर्ष 2012-13 में देश की विकास दर 5 प्रतिशत थी.
• एडीबी ने कहा कि यदि भारत लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ने का भरोसा दिलाना चाहता है, तो उसे संरचनागत सुधार करना होगा ताकि जिन बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं में देरी हो रही है, उसकी गति तेज की जा सके और विदेशी निवेश बढ़ सके और लंबी अवधि के विकास की अन्य बाधाएं दूर की जा सके.
• एडीबी ने भारत के अलावा चीन की अर्थव्यवस्था में भी सुस्ती के चलते पूरे एशिया के विकास अनुमान में भी कमी की है. रिपोर्ट के मुताबिक एशिया की वृद्धि दर इस साल छह फीसद रहेगी. इससे पहले 6.6 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान जताया गया था. वर्ष 2014 के लिए भी एशिया का विकास अनुमान 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.2 प्रतिशत किया गया.
• रिपोर्ट में कहा गया कि एशिया में आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र चीन में पहले छह माह में सुस्त आर्थिक माहौल और भारत में महंगाई, रुपये की गिरावट और राजनीतिक जड़ता के कारण पूरे एशिया की विकास दर धीमी रहने के आसार हैं.
• एडीबी ने वर्ष 2013 के लिए चीन का विकास अनुमान 8.2 प्रतिशत से घटाकर 7.6 प्रतिशत किया.
• मनीला स्थित बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2013-14 की पहली तिमाही में विकास दर वित्तीय संकट के बाद से सबसे कम रह जाने के साथ ही एडीबी ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमान को अप्रैल में घोषित 6 प्रतिशत से घटाकर 4.7 कर दिया.
• वित्त वर्ष 2014-15 के लिए भी विकास दर के पूर्वानुमान को 6.5 प्रतिशत से घटाकर 5.7 प्रतिशत कर दिया गया. वर्ष 2012-13 में देश की विकास दर 5 प्रतिशत थी.
• एडीबी ने कहा कि यदि भारत लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ने का भरोसा दिलाना चाहता है, तो उसे संरचनागत सुधार करना होगा ताकि जिन बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं में देरी हो रही है, उसकी गति तेज की जा सके और विदेशी निवेश बढ़ सके और लंबी अवधि के विकास की अन्य बाधाएं दूर की जा सके.
• एडीबी ने भारत के अलावा चीन की अर्थव्यवस्था में भी सुस्ती के चलते पूरे एशिया के विकास अनुमान में भी कमी की है. रिपोर्ट के मुताबिक एशिया की वृद्धि दर इस साल छह फीसद रहेगी. इससे पहले 6.6 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान जताया गया था. वर्ष 2014 के लिए भी एशिया का विकास अनुमान 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.2 प्रतिशत किया गया.
• रिपोर्ट में कहा गया कि एशिया में आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र चीन में पहले छह माह में सुस्त आर्थिक माहौल और भारत में महंगाई, रुपये की गिरावट और राजनीतिक जड़ता के कारण पूरे एशिया की विकास दर धीमी रहने के आसार हैं.
• एडीबी ने वर्ष 2013 के लिए चीन का विकास अनुमान 8.2 प्रतिशत से घटाकर 7.6 प्रतिशत किया.
0 comments:
Post a Comment