स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना का राष्ट्रीय नगरीय जीविका मिशन के रूप मे अवतरण-(01-OCT-2013) C.A

| Tuesday, October 1, 2013
आर्थिक मामलों की केंद्रीय समिति ने केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना को 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान राष्ट्रीय नगरीय जीविका मिशन के रूप मे अवतरण व पुनः नामांकरण के प्रस्ताव को 3 सितंबर 2013 को मंजूरी प्रदान की. साथ ही, समिति ने इस योजना हेतु रुपये 6405 करोड़ के आवंटन को भी मंजूरी दी.
राष्ट्रीय नगरीय जीविका मिशन
•    राष्ट्रीय नगरीय जीविका मिशन (एनयूएलएम, National Urban Livelihoods Mission, NULM) का उद्देश्य है अर्जक कामगार तथा कुशल मजदूरी रोजगार अवसरों के माध्यम से नगरीय इलाकों के गरीबों की अरक्षितता व गरीबी को कम करना ताकि निम्नतम स्तर पर सशक्त संस्थानों की स्थापना के द्वारा उनकी आजीविका में चिर-स्थायी रूप से बढ़ोत्तरी हो सके. 
•    साथ ही, इस मिशन का उद्देश्यों में नगरी बेघरों को आवश्यक सेवाएं तथा प्रवास स्थल उपलब्ध कराना भी शामिल है. 
•    इन सबके अतिरिक्त स्ट्रीट वेंडर्स की उभरते बाजारीय अवसरों तक पहुंच को बढ़ाने के लिए उनको उचित स्थल, संस्थागत वित्त, सामाजिक सुरक्षा तथा व्यवसायगत कौशल प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराना भी इस मिशन की लक्ष्यों में शामिल हैं.
•    एनयूएलएम का आधार है सामुदायिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण.
•    एनयूएलएम बचत और क्रेडिट के आधार पर शहरी गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) और उनके महासंघों/सामुदायों में प्रचालन पर जोर देता है.
•    ये समूह नगरीय गरीबों हेतु वित्तीय और सामाजिक जरूरत को पूरा करने के लिए एक समर्थन प्रणाली के रूप में काम करेंगे.
•    मिशन के तहत शहरी गरीबों को उनकी सेवाओं और स्वरोजगार पर पहुंच जानकारी, कौशल प्रशिक्षण और अन्य बाजार लाभों के बारे प्रशिक्षित करने हेतु शहर आजीविका केन्द्र (CLCs) विभिन्न शहरों में स्थापित किये जाने हैं.
•    एनयूएलएम कौशल प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट (ईएसटी एंड पी) के माध्यम से उन शहरी गरीबों को लक्ष्य बनाएगा जो कि व्यवसायगत रूप से अरक्षित हैं. 
•    मिशन में स्वरोजगार और वेतनभोगी कामगारों की अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल के विकास हेतु सहायता उपलब्ध कराने/ उन्नयन पर ध्यान दिया जाएगा. 
•    कामगार स्वरोजगार उपक्रम या सुरक्षित वेतनभोगी रोजगार स्थापित कर सकते हैं, जिससे कि बाजार से कौशल मांग के अनुसार शहरी गरीब को प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके.
•    स्वरोजगार कार्यक्रम (SEP) के माध्यम से, एनयूएलएम व्यक्तियों और लाभकारी स्वरोजगार/सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए शहरी गरीबों के समूहों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा.
•    एनयूएलएम को दो चरणों में लागू किया जाना है: पहला चरण (2013-2017) और दूसरा चरण (2017-2022).
•    मिशन हेतु अनुदान 75:25 के अनुपात में केन्द्र और राज्यों के बीच साझा किया जाना है. पूर्वोत्तर और विशेष श्रेणी के राज्यों (अरुणाचल प्रदेश , असम , मणिपुर , मेघालय , मिजोरम , नगालैंड , सिक्किम , त्रिपुरा , जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) के लिए, यह अनुपात 90:10 का होना है.




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