राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 4 फरवरी 2015 को वर्ष 2015 के लिए केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के ‘सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय’, ‘नवाचार’ और ‘अनुसंधान’ की श्रेणी में विजिटर पुरस्कार प्रदान
किए. ये पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में प्रदान किए गए.
विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार के विजेता
• सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय: हैदराबाद विश्वविद्यालय को अकादमिक उत्कृष्टता और समग्र उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय’ का पुरस्कार दिया गया.
• नवाचार पुरस्कार: दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विजय के. चौधरी और डॉ. अमिता गुप्ता को तपेदिक की तेजी से पहचान परीक्षण - ‘टी.बी. कन्फर्म’ की उनकी खोज के लिए नवाचार पुरस्कार प्रदान किया गया.
विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार के विजेता
• सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय: हैदराबाद विश्वविद्यालय को अकादमिक उत्कृष्टता और समग्र उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय’ का पुरस्कार दिया गया.
• नवाचार पुरस्कार: दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विजय के. चौधरी और डॉ. अमिता गुप्ता को तपेदिक की तेजी से पहचान परीक्षण - ‘टी.बी. कन्फर्म’ की उनकी खोज के लिए नवाचार पुरस्कार प्रदान किया गया.
• अनुसंधान पुरस्कार: अनुसंधान पुरस्कार जामिया मिलिया इस्लामिया के सेन्टर फॉर थियोरिटिकल
फिज़िक्स के ब्रह्माण्ड विज्ञान (कॉस्मोलॉजी) और खगोल भौतिकी (एस्ट्रोफिज़िक्स)
अनुसंधान दल को एस्ट्रोफिज़िक्स और कॉस्मोलॉजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय अनुसंधान
के लिए प्रदान किया गया. इस दल में जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रोफेसर एम. सामी, प्रोफेसर सुशान्त जी. घोष, प्रोफेसर संजय झिंगन और प्रोफेसर अंजन
आनन्द सेन हैं.
सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय को प्रशस्ति
पत्र और ट्राफी प्रदान की गई जबकि जबकि ‘नवाचार’ और ‘अनुसंधान’ पुरस्कार के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र
और एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया.
राष्ट्रपति ने वर्ष 2014 में कुलपतियों के सम्मेलन में इन
पुरस्कारों को शुरू करने की घोषणा की थी. इसका उद्देश्य केन्द्रीय विश्वविद्यालयों
में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और विश्व में उपलब्ध अध्ययन के बेहतर तरीकों को अपनाने
के लिए बढ़ावा देना है.
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