7 फरवरी 2015 को केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के
9 बैंकों को उनकी पूंजी बढ़ाने और वैश्विक जोखिम मानदंड़ों
को पूरा करने के लिए उन्हें 6990 करोड़ रूपये देने का फैसला
किया. पूंजी देने का फैसला हर एक बैंक के प्रदर्शन के आधार पर लिया गया.
केंद्रीय बजट 2014–15 में सरकार ने पूंजीगत निवेश के लिए 11200 करोड़ रूपए
आवंटित किए थे, यह उसकी पहली किश्त है.
हर एक बैंक में
किया जाने वाला पूंजीगत निवेश सरकार द्वारा अपनाए जाने वाले नए मापदंडों के आधार
पर किया गया था.
नए मानदंडों के
अनुसार बैंकों को उनकी क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त पूंजी दी जाएगी
ताकि वे अपनी स्थिति को मजबूत बना सकें. मानदंडों में शामिल हैं–
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पिछले तीन वर्षों में सार्वजनिक
क्षेत्र के सभी बैंकों की आस्तियों पर प्रतिफल (रिटर्न ऑन असेट– आरओए) के भारित औसत को एक साथ रखा जाएगा.
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पिछले वित्त वर्ष के लिए इन बैंकों
के लिए रिटर्न ऑन इक्विटी (आरओई).
उपरोक्त
उल्लिखित दो दक्षता मानदंडों के आधार पर अलग अलग बैंकों के लिए आवंटित राशिः
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क्र. सं.
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बैंक का नाम
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राशि ( करोड़ रुपये में)
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1
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भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई)
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2970
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2
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बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी)
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1260
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3
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पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी)
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870
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4
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कैनरा बैंक
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570
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5
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सिंडीकेट बैंक
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460
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6
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इलाहाबाद बैंक
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320
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7
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इंडियन बैंक
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280
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8
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देना बैंक
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140
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9
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आंध्रा बैंक
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120
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कुल
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6990
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