पानी में रहने वाले विशालकाय डायनासोर का कंकाल मोरक्को में मिला. पचास फुट का यह डायनासोर स्पीनोसोरस एजिपटिएकस समूह का है और यह सबसे बड़ा मांसाहारी डायनासोर है. यह खोज 11 सितंबर 2014 को जरनल साइंस में प्रकाशित हुआ था.
कंकाल को वाशिंगटन डी.सी. के नेशनल जियोग्राफिक सोसायटी में ले जाया गया जहां वैज्ञानिक उसका अध्ययन करेंगे. 70 वर्षों के बाद मोरक्को में किसी स्पाइनोसोरस एजिपटिएकस समूह का नया कंकाल मिला है.
जर्मनी के जीवाश्म विज्ञानी अर्नेस्ट स्ट्रोमर ने सबसे पहले 1912 में मिस्र में स्पाइनोसोरस की हड्डियां खोजीं थी. उन हड्डियों को यूरोप ले जाया गया. लेकिन 1944 में, द्वितीय विश्व युद्ध में म्युनिख में हुई बमबारी की वजह से उनमें से ज्यादातर हड्डियां नष्ट हो गईं थीं.
अध्ययन की मुख्य बातें
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मूल सोच की तुलना में यह डायनासोर कहीं अधिक जलीय था.
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सपाइनोसोरस की गर्दन लंबी, मजबूत क्लॉड फोरआर्म्स, मजबूत जबड़े और पेंगुईन की तरह सघन हड्डियां थीं.
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यह शायद झिल्लीदार चपटे तलवों वाला था जो कि पानी में चल सकता था.
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95 मिलियन वर्ष पहले उत्तर अफ्रीका में जब वह जीवित था तब उसकी पीठ पर सपोर्ट के लिए एक कांटेदार पाल था जो कि सात फुट लंबा था.
• यह नया कंकाल यह साफ– साफ बताता है कि यह डायनासोर ह्वेल की तरह हिप बोन वाला, घनी हड्डियां जो उसे खाना के लिए गोता लगाने देती थी और उसकी नाक उसकी खोपड़ी पर उंची जगह पर थी जिसकी वजह से वह नदी और झील में डूब सकता.
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वह जमीन पर चल सकता था लेकिन जमीन पर वह बहुत बेतरतीब ढंग से चलता था.
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वह अपने पिछले दो पंजों पर चलता था क्योंकि तीव्र घुमावदार शक्तिशाली आगे के पंजे चलने की बजाए शिकार पकड़ने के लिए बनाए गए थे.
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