यूपी के गढ़मुक्तेश्वर में गंगा ग्राम योजना का शुभारम्भ किया, टास्क फ़ोर्स गठित-(08-JAN-2016) C.A

| Friday, January 8, 2016
यूपी के गढ़मुक्तेश्वर में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री ने 5 जनवरी 2016 को गंगा ग्राम योजना का शुभारम्भ किया. गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए टास्क फ़ोर्स का भी गठन किया गया है. 
योजना के पहले चरण में 200 गांवों को चुना गया है, जिसके तहत गढ़मुक्तेश्वर के इन दो सौ गांवों में साफ सफाई पर जोर दिया जाएगा और पौधरोपण किया जाएगा.
  • इसके तहत मुख्य रूप से पूठ गांव को गंगा ग्राम घोषित किया गया है.
  • पूठ गांव को मॉडल गांव बनाने के लिए पक्के शौचालय बनवाए जाएंगे.
  • बाद यह योजना अन्य गाँव में लागू की जाएगी, इसके लिए प्रत्येक गांव पर एक करोड़ रूपए खर्च का अनुमान है.
  • इन गांवों को पंजाब स्थित सीकेवाल मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा. सीकेवाल में ग्रामीणों के सहयोग से जटिल समस्या जल प्रबंधन और अपशिष्ट के निपटान का समाधान निकाला गया है.
  • गंगा सफाई के लिए ईको फ्रेंडली टास्क फोर्स गठित किया गया है.
  • नालियां और सड़कें पक्की बनवाई जाएंगी.
  • नालों का पानी सीधे गंगा में प्रवाहित नहीं होने दिया जाएगा.
  • गंदे पानी को गंगा में जाने से रोकने के लिए आरएसडी योजना लागू की जा रही है.
  • ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से नालों के पानी को ट्रीटमेंट के बाद ही गंगा में प्रवाहित होने दिया जाएगा.
  • गंगा में रेत के खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.
  • खनन पर रोक के लिए स्थानीय प्रशासन को भी सचेत किया गया है.
  • आधुनिक शवदाह गृह बनाए जाएंगे और निर्मल ग्राम के तहत 1600 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.
  • सेना के जवानों को भी गंगा में प्रदूषण रोकने की जिम्मेदारी दी गई है.
बीस हजार करोड़ से होगा ब्रजघाट-गढ़म़ुक्तेश्वर गंगा पीठ का विकास-
  • नमामि गंगे योजना भी गढ़ मुक्तेश्वर और अनूपशहर से लॉन्च की जाएगी.
  • नमामि गंगे योजना के क्रियांवयन के लिए 20 हजार करोड़ की लागत से विकसित होने वाला ब्रजघाट-गढ़मुक्तेश्वर गंगा पीठ धाम योजना की कड़ी बनेगा.
  • टास्क फ़ोर्स की कंपनियां गंगा किनारे बसे अन्य शहरों कानपुर, वाराणसी और इलाहाबाद में जल्द ही तैनात की जाएंगी.
  • इसके लिए 1619 ग्राम पंचायतों के 4 हजार गांवो को निर्मल गांवो के रूप में विकसित किया जाएगा और गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा.
  • औद्योगिक ईकाइयों के विरूद्ध होगी कार्रवाई-
    • गंगा को प्रदूषित करने वाली औद्योगिक ईकाइयों के खिलाफ जल संसाधन मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त कार्रवाई करेगा.
    • गंगा को प्रदूषित करने वाली औद्योगिक ईकाइयों के लिए प्रदेश सरकार से वार्ता कर कानून बनाया जाएगा.

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