यूपी के गढ़मुक्तेश्वर में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री ने 5 जनवरी 2016 को गंगा ग्राम योजना का शुभारम्भ किया. गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए टास्क फ़ोर्स का भी गठन किया गया है.
योजना के पहले चरण में 200 गांवों को चुना गया है, जिसके तहत गढ़मुक्तेश्वर के इन दो सौ गांवों में साफ सफाई पर जोर दिया जाएगा और पौधरोपण किया जाएगा.
योजना के पहले चरण में 200 गांवों को चुना गया है, जिसके तहत गढ़मुक्तेश्वर के इन दो सौ गांवों में साफ सफाई पर जोर दिया जाएगा और पौधरोपण किया जाएगा.
- इसके तहत मुख्य रूप से पूठ गांव को गंगा ग्राम घोषित किया गया है.
- पूठ गांव को मॉडल गांव बनाने के लिए पक्के शौचालय बनवाए जाएंगे.
- बाद यह योजना अन्य गाँव में लागू की जाएगी, इसके लिए प्रत्येक गांव पर एक करोड़ रूपए खर्च का अनुमान है.
- इन गांवों को पंजाब स्थित सीकेवाल मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा. सीकेवाल में ग्रामीणों के सहयोग से जटिल समस्या जल प्रबंधन और अपशिष्ट के निपटान का समाधान निकाला गया है.
- गंगा सफाई के लिए ईको फ्रेंडली टास्क फोर्स गठित किया गया है.
- नालियां और सड़कें पक्की बनवाई जाएंगी.
- नालों का पानी सीधे गंगा में प्रवाहित नहीं होने दिया जाएगा.
- गंदे पानी को गंगा में जाने से रोकने के लिए आरएसडी योजना लागू की जा रही है.
- ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से नालों के पानी को ट्रीटमेंट के बाद ही गंगा में प्रवाहित होने दिया जाएगा.
- गंगा में रेत के खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.
- खनन पर रोक के लिए स्थानीय प्रशासन को भी सचेत किया गया है.
- आधुनिक शवदाह गृह बनाए जाएंगे और निर्मल ग्राम के तहत 1600 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.
- सेना के जवानों को भी गंगा में प्रदूषण रोकने की जिम्मेदारी दी गई है.
बीस हजार करोड़ से होगा ब्रजघाट-गढ़म़ुक्तेश्वर गंगा पीठ का विकास-
औद्योगिक ईकाइयों के विरूद्ध होगी कार्रवाई-
- गंगा को प्रदूषित करने वाली औद्योगिक ईकाइयों के खिलाफ जल संसाधन मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त कार्रवाई करेगा.
- गंगा को प्रदूषित करने वाली औद्योगिक ईकाइयों के लिए प्रदेश सरकार से वार्ता कर कानून बनाया जाएगा.
0 comments:
Post a Comment