दिल्ली सरकार ने 6 जनवरी 2016 को महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी दाखिले के लिए निजी स्कूलों में प्रबंधन कोटा और अन्य सभी कोटा खत्म कर दिया है. सरकार ने एक बार पुन: गाइडलाइंस जारी की हैं. आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए केवल 25 प्रतिशत आरक्षण हो जाएगा और बाकी 75 प्रतिशत आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. दिल्ली सरकार ने यह निर्णय दाखिलों में मनमानी करने की शिकायतें मिलने के बाद लिया.
- सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिया है कि ईव्ब्ल्यूएस (EWS) के 25 फीसदी कोटे के अलावा 75 फीसदी सीटें आरक्षित नहीं की जानी चाहिए.
- सरकार ने प्रवेश के लिए अपनी वेबसाइटों पर स्कूलों द्वारा सूचीबद्ध 62 मनमानी और भेदभावपूर्ण मापदंड खत्म कर दिए हैं.
- मैनेजमेंट कोटे के बारे में सरकार का मानना है कि इसमे पारदर्शिता नहीं है.
- निर्णय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया.राज्य सरकार के अनुसार कुछ स्कूल मानदंडों का पालन न कर अनुच्छेद 14 का उल्लंघन कर रहे थे.
- दिल्ली में निजी स्कूलों में मनमाने ढंग से प्रबंधन के लिए कोटा, भाई बहन, पूर्व छात्रों और कई अन्य लोगों के लिए नियत किया हुआ है.
- निर्णय राजधानी में 2500 से अधिक निजी स्कूलों में नर्सरी कक्षाओं के लिए प्रवेश प्रक्रिया के बीच में आया.
- जो स्कूल इस नियम को नहीं मानेंगे उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी.
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