केंद्र सरकार द्वारा 5 जनवरी 2016 को हैदराबाद (आईएनसीओआईएस) में क्रियाशील समुद्री विज्ञान के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण केन्द्र की आधारशिला रखी गई. केन्द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री वाई एस चौधरी ने इसकी आधारशिला रखी.
अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण केन्द्र का मुख्य उद्देश्य क्रियाशील समुद्री विज्ञान को प्रोत्साहित करना तथा विज्ञान के लाभ को साधारण जन तक पहुंचाना है. इसके लाभ मछुआरों को सलाह देने, समुद्री स्थिति का पूर्वानुमान व्यक्त करने, सुनामी तथा तूफान संबंधी प्रारम्भिक चेतावनी देने में काम आते हैं. भारत सरकार ने इसके लिए 5 वर्षों में 100 करोड़ से अधिक रुपये दिये.
विदित हो कि क्रियाशील समुद्री विज्ञान के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है. इसके तहत अब तक 22 देशों के 360 शोधकर्ताओं, विश्वविद्यालय के छात्रों, केन्द्र सरकार के अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए 6 अंतर्राष्ट्रीय और 7 राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये गए हैं.
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