पर्यावरण के क्षेत्र में परस्पर सहयोग हेतु भारत एवं ब्राजील के बीच 16 जुलाई 2014 को एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए.
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और उसमें सुधार के क्षेत्र में
दोनों देशों के बीच करीबी और दीर्घकालिक सहयोग की स्थापना करना है.
भारत एवं ब्राजील के बीच यह समझौता, वर्ष 1992 में रियो डि जनेरियो में ‘पर्यावरण और विकास’ पर हुए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन,
वर्ष 2002 में जोहान्सबर्ग में ‘निरंतर विकास’ पर हुए संयुक्त राष्ट्र विश्व शिखर
सम्मेलन तथा जून 2012 में रियो डि जनेरियो में
‘निरंतर विकास’ पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन
में स्वीकृत सिद्धांतों के आधार पर किया गया.
दोनों देशों के मध्य हुए समझौते
के मुख्य बिंदु
• पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पारस्परिक आदान-प्रदान और सहयोग
• प्राथमिकता वाले निम्नलिखित क्षेत्रों की पहचान की गई- जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, सूखे इलाकों में वनरोपण, जल संरक्षण और दलदली भूमि की रक्षा, कृषि संबंधी कचरे और इलैक्ट्रानिक कचरा प्रबंधन, पानी का प्रबंधन, जैव-ईंधन का इस्तेमाल, चिकित्सकीय पौधों के उत्पादों का इस्तेमाल, वायु और जल गुणवत्ता प्रबंधन और पर्यावरण सूचना प्रणालियां
• पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पारस्परिक आदान-प्रदान और सहयोग
• प्राथमिकता वाले निम्नलिखित क्षेत्रों की पहचान की गई- जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, सूखे इलाकों में वनरोपण, जल संरक्षण और दलदली भूमि की रक्षा, कृषि संबंधी कचरे और इलैक्ट्रानिक कचरा प्रबंधन, पानी का प्रबंधन, जैव-ईंधन का इस्तेमाल, चिकित्सकीय पौधों के उत्पादों का इस्तेमाल, वायु और जल गुणवत्ता प्रबंधन और पर्यावरण सूचना प्रणालियां
• सूचनाओं एवं बौद्धिक संपदाओं का
आदान-प्रदान एवं समन्वय
• दोनों देशों के सार्वजनिक और निजी संस्थानों एवं संगठनों के बीच सीधे सम्पर्क और सहयोग
• दोनों देशों के सार्वजनिक और निजी संस्थानों एवं संगठनों के बीच सीधे सम्पर्क और सहयोग
• इस सहमति पत्र के समन्वयन और कार्यान्वयन
के लिये पर्यावरण पर भारत-ब्राजील संयुक्त कार्य समूह का गठन
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