केंद्र सरकार को 31 दिसंबर 2015 तक काले धन से 2428.4 करोड़ रुपये का कर प्राप्त हुआ. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 7 जनवरी 2016 को इसकी घोषणा की.
केंद्र द्वारा कालेधन से संबंधित कानून कड़े किए जाने के बाद सरकार को 2428.4 करोड़ रूपये टैक्स के रूप में प्राप्त हुए. यह धन विदेशों में जमा कालेधन की घोषणा के लिए दी गई अनुपालन खिड़की सुविधा के तहत सरकार को मिला. पिछले वर्ष (2015) संपन्न हुई इस अनुपालन खिड़की के तहत कुल 644 घोषणाएं की गई.
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अनुसार, उपरोक्त राशि कर और जुर्माने के रूप में 31 दिसंबर 2015 तक मिली. नए कालाधन रोधक कानून के तहत 90 दिन की अनुपालन खिड़की सुविधा 30 सितंबर, 2015 को बंद हुई. इस दौरान कुल 4,164 करोड़ रुपये के कालेधन के बारे में 644 घोषणाएं की गईं. बेहिसाबी धन के बारे में घोषणा करने वालों को घोषित राशि पर 30 प्रतिशत कर और 30 प्रतिशत जुर्माना 31 दिसंबर, 2015 तक चुकाना था.
विदित हो कि अघोषित विदेशी आय और आस्ति (कर अधिरोपण) कानून 2015,1 जुलाई 2015 को प्रभाव में आया था. इस कानून के तहत 30 सितंबर 2015 तक स्वयं विदेशों में जमा अवैध संपत्ति की घोषणा करने पर 30 फीसदी कर और 30 फीसदी जुर्माना देने का विकल्प दिया गया था. ऐसा करने वालों पर कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया था. इसके बाद संपत्ति का पता चलने पर 120 फीसदी कर व जुर्माना लगाने का प्रावधान है. इसके साथ दस साल तक जेल हो सकती है.
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