केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री शशि थरूर को 27 दिसंबर 2013 को पशुओं के अधिकार संगठन, पेटा द्वारा अग्रिम पशु संरक्षण के लिए कदम उठाने हेतु पर्सन ऑफ द ईयर के
लिए नामांकित किया गया.
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के निदेशक को पेटा की जांच करने के लिए थरूर द्वारा प्रोत्साहित किया गया था, साथ ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपनी पाठ्य-पुस्तकों में पेटा कार्यक्रम को शामिल करने की मंजूरी दी.
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के निदेशक को पेटा की जांच करने के लिए थरूर द्वारा प्रोत्साहित किया गया था, साथ ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपनी पाठ्य-पुस्तकों में पेटा कार्यक्रम को शामिल करने की मंजूरी दी.
शशि थरूर ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद को
एक पत्र लिखकर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में शिक्षण की गैर पशु तरीकों को लागू करने के
लिए आग्रह किया.
वर्ष 2012 में पर्यावरण एवं
वन मंत्रालय ने चिकित्सा, फार्मेसी और जीव विज्ञान में अन्य
पाठ्यक्रमों का शिक्षण से संबद्ध सभी संस्थानों या प्रतिष्ठानों को एक निर्देश
जारी कर कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विच्छेदन और पशु प्रयोग के
विच्छेदन के लिए यूजीसी के दिशा निर्देशों का पालन किया जाए एवं पशु प्रयोग करने
के लिए विकल्प का उपयोग शुरू किया जाए.
इस पुरस्कार के विगत प्राप्तकर्ताओं में हेमा मालिनी एवं
आर माधवन हैं.
पेटा
(PETA) से संबंधित तथ्य
• पेटा पशुओं का अधिकार संगठन है. भारत में इसकी स्थापना जनवरी 2000 में मुंबई में हुई थी.
• पेटा इंडिया मुख्य रूप से पीड़ित पशुओं की के लिए कार्य करती है. अधिकांश पीड़ित पशु प्रयोगशालायों में, मनोरंजन उद्योग, खाद्य एवं चमड़ा उद्योगों में पाए जाते है.
• पेटा पशुओं का अधिकार संगठन है. भारत में इसकी स्थापना जनवरी 2000 में मुंबई में हुई थी.
• पेटा इंडिया मुख्य रूप से पीड़ित पशुओं की के लिए कार्य करती है. अधिकांश पीड़ित पशु प्रयोगशालायों में, मनोरंजन उद्योग, खाद्य एवं चमड़ा उद्योगों में पाए जाते है.
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