केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री ने असम के नलबाड़़ी जिले में मैगा फूड पार्क का उद्घाटन किया -(04-JUNE-2015) C.A

| Thursday, June 4, 2015

केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल और असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने 28 मई 2015 को असम के नलबाड़़ी जिले में पूर्वोत्तर के पहले मैगा फूड पार्क का उद्घाटन किया. देश की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस फूड पार्क को निर्मित किया गया.
इस मैगा फूड पार्क से हर वर्ष करीब 450-500 करोड़ रुपये के कारोबार की संभावना है. इस पार्क में 6000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और सीपीसी और पीपीसी तटबंध क्षेत्रों में करीब 25000-30000 किसानों को लाभ मिलेगा.
खाद्य प्रसंस्करण के आधुनिक बुनियादी ढांचे से असम और आसपास के इलाकों के किसानों, उत्पांदकों, प्रसंस्करणकर्ताओं को लाभ मिलेगा और यह असम में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देगा.
पूर्वोत्तर मैगा फूड पार्क 76 करोड़ रुपये की लागत से 50 एकड़ भूमि में बनाया गया. इस परियोजना में लघु और मध्यम उद्यमों के लिए पूरी तरह संचालित औद्योगिक शैड, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के पट्टे के लिए विकसित औद्योगिक भूमि, 10000 मीट्रिक टन सूखे भंडारण, 3000 मीट्रिक टन कोल्ड स्टोरेज, गंदगी शोधन संयंत्र और गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशालाओं की सुविधा है.
इस पार्क में कार्यालय और उद्यमियों के अन्य इस्तेमाल के लिए प्रशासनिक इमारत है. नौगांव, बदरपुर, तिनसुखिया, बड़ा पानी, कृष्नायई और काजल गांव में 6 प्राथमिक प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित करने का प्रस्ताव है.
मेगा फूड पार्क योजना  
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को आगे बढ़ाने और खाद्यान्नों की बर्बादी तथा आपूर्ति श्रृंखला के प्रत्ये्क चरण में नुकसान को कम करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने देश में वर्ष 2008 से मैगा फूड पार्क योजना शुरू की.
विदित हो कि मेगा फूड पार्कों की योजना में मजबूत खाद्य प्रसंस्करण आधारभूत ढांचे की स्थापना का लक्ष्य रखा गया. इसमें जमा केंद्रों, प्राथमि‍क प्रसंस्करण केंद्रों, एक केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र तथा कोल्ड चेन आधारभूत ढांचा शामि‍ल है. इन प्रसंस्करण केंद्र में पैकेजिंग, पर्यावरण सुरक्षा प्रणाली, गुणवत्ता नि‍यंत्रण केंद्र और व्यापार सुवि‍धा केंद्रों जैसी आधारभूत सुवि‍धाएं शामि‍ल हैं, जो फूड पार्कों की सभी औद्योगि‍क इकाइयों द्वारा साझा की जाती है.

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