प्रधानमंत्री नरेन्द्र
मोदी की अध्यक्षता में डॉ बी आर अम्बेडकर की 125 वीं
जयंती की देखरेख के लिए 30 मई 2015 को
केंद्र सरकार ने एक समिति गठित की है. भीम जयंती प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को मनाई जाती है.
यह समिति देश के विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों पर अपना सुझाव देगी. इन गतिविधियों और समारोहों का उद्देश्य डॉ बी आर अम्बेडकर के विचारों का प्रसार करना है.
इस समिति में प्रधानमंत्री के अतिरिक्त गृह, वित्त, विदेश और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री शामिल होंगे. इसके साथ ही राज्यों और नागरिक समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले छह अन्य सदस्यों सहित केंद्रीय मंत्रियों की परिषद के ग्यारह सदस्य भी इस समिति का हिस्सा होंगे.
यह समिति देश के विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों पर अपना सुझाव देगी. इन गतिविधियों और समारोहों का उद्देश्य डॉ बी आर अम्बेडकर के विचारों का प्रसार करना है.
इस समिति में प्रधानमंत्री के अतिरिक्त गृह, वित्त, विदेश और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री शामिल होंगे. इसके साथ ही राज्यों और नागरिक समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले छह अन्य सदस्यों सहित केंद्रीय मंत्रियों की परिषद के ग्यारह सदस्य भी इस समिति का हिस्सा होंगे.
समिति के अध्यक्ष के
अनुमोदन पर समिति में अन्य सदस्यों को भी शमिल किया जा सकता है. सामाजिक न्याय एवं
अधिकारिता विभाग के सचिव समिति के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे.
डॉ बी आर अम्बेडकर भारतीय संविधान का जनक कहा जाता था वह भारतीय संविधान के मसौदा समिति के अध्यक्ष भी थे.
संविधान का मसौदा तैयार करने में उनके द्वारा किया गया कार्य दलितों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बन गया.
डॉ बी आर अम्बेडकर भारतीय संविधान का जनक कहा जाता था वह भारतीय संविधान के मसौदा समिति के अध्यक्ष भी थे.
संविधान का मसौदा तैयार करने में उनके द्वारा किया गया कार्य दलितों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बन गया.
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