जी. बी. पन्त हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान (GBPIHED) ने 7 जनवरी 2014 को गंगोत्री
ग्लेशियर के पीछे हटने के शीर्षक नाम से आकलन रिपोर्ट जारी की. पीछे हटने का आकलन
तेजी से स्थिर और विज्ञान सम्बन्धी जीपीएस सर्वेक्षण का उपयोग कर मापा गया है.
रिपोर्ट की विशेषतांए हैं-
• गंगोत्री ग्लेशियर
हिमालय में पीछे हट रहे हैं और इसकी मात्रा और आकार गौमुख और भोजबासा के बीच
सिकुड़ रहे हैं
• विवर्तनिक गतिविधियों की वजह से गंगोत्री हिमनद के ऊपरी क्षेत्रों में कोई विघटन नहीं है.
• इस दशक में गंगोत्री ग्लेशियर के पीछे हटने से ग्लोबल वार्मिंग पिछले दशक की तुलना में अधिक था
• विवर्तनिक गतिविधियों की वजह से गंगोत्री हिमनद के ऊपरी क्षेत्रों में कोई विघटन नहीं है.
• इस दशक में गंगोत्री ग्लेशियर के पीछे हटने से ग्लोबल वार्मिंग पिछले दशक की तुलना में अधिक था
गंगोत्री ग्लेशियर के बारे में
• गंगोत्री, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सबसे बड़े हिमालयी ग्लेशियरों में से एक है .
• ग्लेशियर समुद्र तल से लगभग 7100 मीटर से शुरू होता है और 30.2 किमी की लंबाई है और चौडाई 0.5 और 2.5 किमी के बीच है.
• गंगा की मुख्य सहायक नदियों में से एक, भागीरथी नदी, गंगोत्री ग्लेशियर से निकलती है.
• गंगोत्री, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सबसे बड़े हिमालयी ग्लेशियरों में से एक है .
• ग्लेशियर समुद्र तल से लगभग 7100 मीटर से शुरू होता है और 30.2 किमी की लंबाई है और चौडाई 0.5 और 2.5 किमी के बीच है.
• गंगा की मुख्य सहायक नदियों में से एक, भागीरथी नदी, गंगोत्री ग्लेशियर से निकलती है.
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