मैक्सिको के अधिकारियों के
अनुसार, जनवरी 2014
के दूसरे हफ्ते में बाजा कैलिफोर्निया के लैगून में मछुआरों को
परस्पर जुड़े हुई ग्रे-ह्वेल के बच्चे मिले. जुड़ी हुई ग्रे-ह्वेलों का मिलना अपवाद
और दुर्लभ है. यह खोज अपवाद इसलिए है, क्योंकि अभी तक ऐसी
ह्वेलों के मिलने की कोई मिसाल मौजूद नहीं है. एक सरकारी जीव विज्ञानी के अनुसार,
ये ह्वेलें बाजा कैलिफोर्निया प्रायद्वीप में प्रशांत महासागर
में खुलने वाले ओजो डि लाइब्रे के लैगून में जिंदा मिलीं, पर जन्म लेने के बाद जल्दी ही मर गईं. अनुमानत: कि उनकी मौत पैरापैगस
मैलफॉर्मेशन (एक तरह की शारीरिक विकृति) की वजह से हुई. जुड़े हुए बच्चे (कंजॉइंड
ट्विनिंग) अन्य स्तनपाइयों, जिनमें चिड़ियाँ, उभयचर, मछली और सरीसृप शामिल हैं, में तो होते पाए गए हैं, पर ह्वेलों में यह
दुर्लभ है. पाई गई
सियामी ह्वेलें चार मीटर लंबी और वजन में आधी थीं. दो पूरे सिरों और पूँछपखों वाली
ये ह्वेलें कमर से जुड़ी थीं. ग्रे ह्वेलें अपेक्षाकृत गर्म पानी के लिए अलास्का के
बेरिंग सागर से दक्षिण में मैक्सिको की ओर तैरती हैं, जहाँ
वे जोड़े बनाती हैं और बच्चों को जन्म देती हैं. गर्मतर पानी की ओर वे इसलिए तैरती
हैं, क्योंकि यह माना जाता है कि उसमें जन्म देने की
प्रक्रिया आसान हो जाती है. वर्ष
1985 में ह्वेलों के संचालन की प्रक्रिया शुरू होने के
बाद से इस तरह की ह्वेलें पहली बार पाई गई हैं. ह्वेलों की खोज नेशनल नेचुरल
प्रोटेक्टेड एरियाज कमीशन (सीओएनएपी) के एक अधिकारी द्वारा अपने दौरे के दौरान
सत्यापित की गई. फिलहाल वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए इस प्राणी की
त्वचा, मांसपेशियाँ और बैलीन के नमूने एकत्र कर लिए हैं
और बाजा कैलिफोर्निया में ग्रे ह्वेलों की प्राकृतिक शरणस्थलियों में और मामले
मिलने की आशा कर रहे हैं. वर्ष 2012-13 के सीजनों में इस क्षेत्र
में लगभग 1200 ग्रे ह्वेलें देखी गई थीं.
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