केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने निम्नलिखित सहायक बैंकों के विलय को मंजूरी दी:
• स्टेट बैंक ऑफ़ बीकानेर एंड जयपुर
• स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद
• स्टेट बैंक ऑफ़ मैसूर
• स्टेट बैंक ऑफ़ ऑफ़ पटियाला
• स्टेट बैंक ऑफ़ त्रावणकोर
इसके अतिरिक्त भारतीय महिला बैंक का भी एसबीआई में विलय किये जाने को मंजूरी प्रदान की गयी.
विलय के प्रमुख बिंदु
• इस विलय से 37 लाख करोड़ रुपये का आधारभूत पूँजी लाभ एवं 22500 शाखाओं तथा 60000 एटीएम मशीनों का एकीकृत विशाल बेड़ा तैयार होगा.
• एसबीआई एवं इसके सहायक बैंकों में यह विलय करने के लिए विभिन्न कानूनों में बड़े स्तर पर बदलाव भी करने होंगे.
• इस विलय के बाद एसबीआई विश्व के टॉप 50 बैंकों में शामिल हो जायेगा. फ़िलहाल भारत का कोई भी बैंक टॉप 50 सूची में शामिल नहीं है.
पृष्ठभूमि
एसबीआई के कुल सात सहायक बैंक हैं जिनमें स्टेट बैंक ऑफ़ सौराष्ट्र एवं स्टेट बैंक ऑफ़ इंदौर का पिछले 10 वर्षों में पहले ही विलय किया जा चुका है. मूल बैंक में मार्च तिमाही के अंत में 15.09 ट्रिलियन रूपए अग्रिम राशि और 17.31 ट्रिलियन रूपए जमा राशि के रूप में संचालित किये गये.
केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2016 में बैंकों के एकीकरण का प्रस्ताव रखा गया क्योंकि लम्बे समय से इस संबंध में विभिन्न शिकायतें आ रही थीं.
• इस विलय से 37 लाख करोड़ रुपये का आधारभूत पूँजी लाभ एवं 22500 शाखाओं तथा 60000 एटीएम मशीनों का एकीकृत विशाल बेड़ा तैयार होगा.
• एसबीआई एवं इसके सहायक बैंकों में यह विलय करने के लिए विभिन्न कानूनों में बड़े स्तर पर बदलाव भी करने होंगे.
• इस विलय के बाद एसबीआई विश्व के टॉप 50 बैंकों में शामिल हो जायेगा. फ़िलहाल भारत का कोई भी बैंक टॉप 50 सूची में शामिल नहीं है.
पृष्ठभूमि
एसबीआई के कुल सात सहायक बैंक हैं जिनमें स्टेट बैंक ऑफ़ सौराष्ट्र एवं स्टेट बैंक ऑफ़ इंदौर का पिछले 10 वर्षों में पहले ही विलय किया जा चुका है. मूल बैंक में मार्च तिमाही के अंत में 15.09 ट्रिलियन रूपए अग्रिम राशि और 17.31 ट्रिलियन रूपए जमा राशि के रूप में संचालित किये गये.
केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2016 में बैंकों के एकीकरण का प्रस्ताव रखा गया क्योंकि लम्बे समय से इस संबंध में विभिन्न शिकायतें आ रही थीं.
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