68 वर्ष बाद पृथ्वी के बेहद करीब दिखा सुपरमून-(16-NOV-2016) C.A

| Wednesday, November 16, 2016

वर्ष 1948 के बाद चांद पहली बार पृथ्वी के इतना नजदीक दिखाई दिया. एशिया में 14 नवम्बर 2016 को सुपरमून का नज़ारा देखने को मिला. इस समय चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी 2 लाख 21 हज़ार 524 मील थी (356509 किलोमीटर). 

पिछले 68 वर्षों में एशिया में पहली बार इस प्रकार का नज़ारा देखने को मिला. इसके उपरांत 25 नवम्बर 2034 को फिर से सुपरमून दिखाई देगा. इस अवसर पर यह अब की तुलना में और भी करीब होगा. उस समय इसकी दूरी लगभग 2 लाख 21 हज़ार 485 मील होगी.

सुपरमून


पृथ्वी के चारों ओर बनी अंडाकार कक्षा में चक्कर लगाते हुए चंद्रमा पृथ्वी के पास और दूर की स्थिति में रहता है. चंद्रमा भी पृथ्वी की तरह ही अपनी धुरी पर घूमता है. पृथ्वी का एक चक्कर पूरा करने पर ही इसका एक घूर्णन पूरा होता है. 

वैज्ञानिक भाषा में इसे लॉक-इन मोशन कहा जाता है, इसी कारण पृथ्वी से चंद्रमा कभी आधा तो कभी पूरा दिखाई देता है. लगभग प्रत्येक 30 दिन बाद पूर्ण चन्द्र दिखाई देता है तथा इसी तरह एक बार अमावस्या भी दिखाई देती है.

पूर्णिमा के समय पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की सबसे कम दूरी की स्थिति को सुपरमून कहा जाता है. चंद्रमा के सबसे निकट बिंदु को पेरिग्री कहा जाता है. इस वर्ष का चंद्रमा आमतौर पर दिखने वाले चंद्रमा से 30 प्रतिशत बड़ा दिखाई दिया.

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