भारत ने 06 जून 2017 को श्रीलंका के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये जिसके तहत वह श्रीलंका को 318 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण प्रदान करेगा. यह ऋण श्रीलंका में रेलवे क्षेत्र में होने वाले विकास पर व्यय किया जायेगा. इस समझौते पर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में हस्ताक्षर किये गये.
इस समझौते पर श्रीलंका के वित्त और जनसंचार मंत्रालय के सचिव आरएचएस समारातुंगा तथा भारत के एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (एक्सिम बैंक) के मैनेजिंग डायरेक्टर डेविड रेसक्विन्हा द्वारा हस्ताक्षर किये गये. श्रीलंका रेलवे द्वारा परियोजनाओं को परिवहन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत लागू किया जायेगा.
भारत ने पहले से ही श्रीलंका में रेलवे सेक्टर के विकास के लिए चार लाइन ऑफ क्रेडिट प्रदान किए हैं जो अपने एक्सिम बैंक के माध्यम से लगभग 966 मिलियन अमरीकी डालर का है.
दक्षिणी और उत्तरी रेलवे लाइनों को सुधारने और श्रीलंका रेलवे के लिए रोलिंग स्टॉक की खरीद के लिए इन ऋण सुविधाओं का उपयोग किया गया है.
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2015 में पहले श्रीलंका दौरे के दौरान 318 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लाइन ऑफ़ क्रेडिट की घोषणा की थी. मोदी का श्रीलंका दौरा वर्ष 1987 के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा श्रीलंका का पहला दौरा था.
भारत दक्षिण एशिया क्षेत्र में पिछले 40 वर्षों से श्रीलंका का सहयोगी रहा है. पिछले कुछ वर्षों में भारत द्वारा श्रीलंका में निवेश बढ़ाया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2015 में पहले श्रीलंका दौरे के दौरान 318 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लाइन ऑफ़ क्रेडिट की घोषणा की थी. मोदी का श्रीलंका दौरा वर्ष 1987 के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा श्रीलंका का पहला दौरा था.
भारत दक्षिण एशिया क्षेत्र में पिछले 40 वर्षों से श्रीलंका का सहयोगी रहा है. पिछले कुछ वर्षों में भारत द्वारा श्रीलंका में निवेश बढ़ाया गया है.
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