देश की दिग्गज टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की ओर से टेलीनॉर इंडिया के साथ विलय हेतु मंजूरी प्रदान कर दी गई है. इस मर्जर प्रक्रिया के बाद टेलिनॉर को अपनी भारतीय इकाई की संपत्ति और उसके ग्राहक एयरटेल को सौंपने होंगे.
दोनों ही कंपनियों ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में संयुक्त आवेदन भी दाखिल किया. विलय हेतु दोनों कंपनियों टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल को सीसीआई सहित अन्य निकायों से सांविधिक मंजूरी लिया जाना अभी बाकी है.
दोनों ही कंपनियों ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में संयुक्त आवेदन भी दाखिल किया. विलय हेतु दोनों कंपनियों टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल को सीसीआई सहित अन्य निकायों से सांविधिक मंजूरी लिया जाना अभी बाकी है.
समझौते के बारे में-
- इन दोनों टेलिकॉम कंपनियों के मर्जर के बाद भारती एयरटेल को 43.4 MHZ का अतिरिक्त स्पेक्ट्रम मिलेगा.
- इसकी मदद से एयरटेल सात अहम सर्कल में खुद की मजबूत स्थिति को दर्ज करा पाएगा.
- टेलिनॉर की भारतीय यूनिट (इकाई) सात अहम सर्कल्स में अपनी सेवाएं देती है. जिनमें आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश (ईस्ट), उत्तर प्रदेश (वेस्ट) और असम शामिल हैं.
- मर्जर के बाद से सभी सर्कल एयरटेल के पास आ जाएंगे.
विलय प्रक्रिया को लेकर दोनों कंपनियों की ओर से साझा बयान जारी किया गया. कंपनियों के अनुसार “इस मर्जर से कोई नुकसान नहीं होना है, समझौते के अनुसार एयरटेल टेलिनॉर की स्पैक्ट्रम पेमेंट और दूसरे कॉन्ट्रैक्ट्स का अपने हाथ में ले लेगा.” वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में टेलिनॉर की कुल वैल्यू NOK 0.3 बिलियन थी.
टेलीनॉर का मुख्यालय एक वैश्विक उपस्थिति के साथ नॉर्वे में स्थित है. टेलीनॉर ने साल 2008 में भारत में प्रवेश किया था और आज इसकी सेवाएं देश के छह दूरसंचार सर्किलों में उपलब्ध हैं.
अनुमान के अनुसार एयरटेल 269 मिलियन ग्राहकों के साथ भारत का सबसे बड़ा ऑपरेटर है जबकि टेलीनॉर 44 मिलियन (और बस के अंतर्गत चार प्रतिशत बाजार) उस नंबर में जोड़ देगा.
एयरटेल को लाभ-
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार टेलिनॉर का अधिग्रहण करने से एयरटेल को अतिरिक्त 1800 Mhz बैंड में 4जी स्पेक्ट्रम मिल सकेगा जिसका उसे फायदा होगा
टेलीनॉर का मुख्यालय एक वैश्विक उपस्थिति के साथ नॉर्वे में स्थित है. टेलीनॉर ने साल 2008 में भारत में प्रवेश किया था और आज इसकी सेवाएं देश के छह दूरसंचार सर्किलों में उपलब्ध हैं.
अनुमान के अनुसार एयरटेल 269 मिलियन ग्राहकों के साथ भारत का सबसे बड़ा ऑपरेटर है जबकि टेलीनॉर 44 मिलियन (और बस के अंतर्गत चार प्रतिशत बाजार) उस नंबर में जोड़ देगा.
एयरटेल को लाभ-
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार टेलिनॉर का अधिग्रहण करने से एयरटेल को अतिरिक्त 1800 Mhz बैंड में 4जी स्पेक्ट्रम मिल सकेगा जिसका उसे फायदा होगा
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