जाम्बिया के राष्ट्रपति माइकल साटा का 77 वर्ष की आयु में निधन-(31-OCT-2014) C.A

| Friday, October 31, 2014
जाम्बिया के राष्ट्रपति माइकल साटा का 77 वर्ष की आयु में 28 अक्टूबर 2014 को लंदन में निधन हो गया. माइकल साटा अपनी तीखे बयानों के कारण 'किंग कोबरा' के नाम से मशहूर थे. वे फ्रेडरिक चिलूबा, लेवी मवानावास और रुपिया बांदा के बाद जाम्बिया के चौथे राष्ट्रपति थे. माइकल साटा वर्ष 2011 में जाम्बिया के राष्ट्रपति चुने गए थे. उपराष्ट्रपति गुई स्कॉट को उनकी जगह अस्थाई रूप से राष्ट्रपति बनाया गया. वे श्वेत समुदाय से हैं. जाम्बिया में चुनाव 90 दिनों के अंदर आयोजित किया जाएगा.
माइकल साटा के बारे में 
•    माइकल साटा का जन्म वर्ष 1936 में जाम्बिया के मपिका में हुआ था और माइकल साटा ने औपनिवेशिक प्रशासन के दौरान पुलिस अधिकारी, रेलवे कर्मचारी और व्यापार संघ के रूप में कार्य किया.
•    जाम्बिया के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान वह राजनीति में चले गए और बाद में पैट्रिओटिक फ्रंट की स्थापना की.
•    माइकल साटा ने लुसाका के राज्यपाल के रूप में सेवा की और दो पूर्व राष्ट्रपति केनेथ कुंडा और फ्रेडरिक चिलूबा के अंतर्गत काम किया.
•    जाम्बिया पहले ब्रिटेन का उपनिवेश था, जिसे 24 अक्टूबर 1964 में स्वतंत्रता मिली थी.



भारत और ओमान के बीच 'अपराधिक मामलों में कानूनी और न्यायिक सहयोग संधि' पर हस्ताक्षर-(31-OCT-2014) C.A

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भारत और ओमान के बीच पारस्परिक कानूनी सहायता हेतु 'आपराधिक मामलों में कानूनी और न्यायिक सहयोग संधि' पर 29 अक्टूबर 2014 को हस्ताक्षर किये गए. भारत की ओर से केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और ओमान की ओर से वहां के वाणि‍ज्य एवं उद्योग मंत्री डॉ. अली बिन मसूद अल सुनयादी ने इस सहयोग संधि पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते से दोनों देशों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के अपराध और आतंकवाद को काबू करने में सफलता मिलेगी.
भारत और ओमान के बीच हुए कानूनी और न्यायिक सहयोग संधि से संबंधित मुख्य तथ्य

इस संधि के तहत दोनों देश अपराध संबंधी आकंड़े एवं कागजात हस्तांतरित कर सकेंगे एवं संयुक्त रूप से तलाशी व जब्ती प्रक्रिया को अंजाम दे सकेंगे.
दोनों देश बेहतर जांच के लिए एक-दूसरे को हरसंभव सबूत मुहैया कराएंगे.
यह संधि, वैसे लोगों को जो अपराधी होते हुए भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं उन्हें पकड़ने में मददगार होगी. 

ओमान
ओमान, दक्षिण-पश्चिम एशिया में स्थित अरब प्रायद्वीप का एक देश है, जिसका आधिकारिक नाम सल्तनत ऑफ़ ओमानहै. यह सउदी अरब के पूर्व और दक्षिण की दिशा में अरब सागर की सीमा से लगा है. संयुक्त अरब अमीरात इसके उत्तर में स्थित है. वर्तमान में ओमान की कुल जनसंख्या 25 लाख के आसपास है. ओमान, प्राकृतिक गैस एवं खनिज तेल से संपन्न राष्ट्र है.


यूनिसेफ ने ‘चिल्ड्रन ऑफ रेसेशन’ शीर्षक से बाल निर्धनता पर एक रिपोर्ट जारी की-(31-OCT-2014) C.A

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संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने चिल्ड्रन ऑफ रेसेशनशीर्षक से एक रिपोर्ट 28 अक्टूबर 2014 को जारी की. रिपोर्ट में कहा गया की वर्ष 2008 में वैश्विक मंदी की शुरुआत के बाद से 23 विकसित देशों में बाल निर्धनता में वृद्धि हुई. जिसके कारण संभवतः एक पीढ़ी को वस्तुगत अभाव और कम संभावनाओं का सामना करना पड़ा.
मुख्य आकर्षण
•    41 देशों में से अठारह देशों ने बाल निर्धनता में कमी दर्ज की, इस कमी में चिली अव्वल रहा हैं जिसने निर्धनता में 31.4 प्रतिशत से 22.8 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की. इस रिपोर्ट में वर्ष 2007-2013 के दौरान बिगड़ती स्थिति को दिखाया गया और असुरक्षा और तनाव की बढ़ती भावनाओं के बारें में बताया. 
•    41 विकसित देशों में ओईसीडी और यूरोपीय संघ के देश सम्मिलित हैं. ग्रीस और आइसलैंड ने वर्ष 2008 के बाद बाल निर्धनता में सबसे अधिक प्रतिशत वृद्धि दर्ज की इसके बाद लातविया, क्रोएशिया और आयरलैंड का स्थान है.
•    नॉर्वे में बाल निर्धनता दर न्यूनतम 5.3 प्रतिशत और ग्रीस में यह 40.5 प्रतिशत के उच्चतम स्तर पर है. यहां तक कि आयरलैंड, क्रोएशिया, लातविया, ग्रीस और आइसलैंड में दरों में 50 फीसदी की वृद्धि हुई. ब्रिटेन में गरीबी में रहने वाले बच्चों का अनुपात 24 प्रतिशत से बढ़कर 25.6 प्रतिशत हो गया और अमेरिका में इसकी दर 32 प्रतिशत है.
•    उन बच्चों और परिवारों की संख्या में वृद्धि हुई हैं जो की अपनी सबसे मूल वस्तुओं और शैक्षिक आवश्यकताओं को संतुष्ट करने में कठिनाई का अनुभव कर रहे हैं. 
•    मंदी के दौर ने विशेष रूप 15-24 आयु वर्ग वर्ष के बच्चों को प्रभावित किया, जिससे एनईईटी (जो शिक्षा के क्षेत्र, रोजगार या प्रशिक्षण की संख्या को बताते हैं) की संख्या में वृद्धि हो रही हैं. 
•    विशेष रूप से, यूरोपीय संघ में 75 लाख युवा लोगों को वर्ष 2013 में एनईईटी के रूप में वर्गीकृत किया गया.
•    वर्ष 1930 के दशक की महान मंदी के बाद से इतनी अधिक बेरोजगारी की दर नहीं देखी गई जिसके कारण कई परिवार बच्चों को देखभाल, सुरक्षा और अवसर जो उनको मिलनी चाहिए प्रदान करने में असमर्थ हैं.
•    सबसे महत्वपूर्ण यह हैं की इस महान मंदी ने शिक्षित और सक्षम युवाओं की एक पीढ़ी को अपूर्ण उम्मीदों और स्थायी असुरक्षा से एक उपेक्षा की स्थिति में ला कर खड़ा कर दिया. 
•    हर दूसरे दिन मांस, चिकन, मछली या एक सब्जी युक्त भोजन वहन करने में असमर्थ बच्चों वाले घरों का प्रतिशत चार यूरोपीय देशों में दोगुने से अधिक हो गया जो - एस्टोनिया (10 प्रतिशत), ग्रीस (18 प्रतिशत), आइसलैंड (6 प्रतिशत) और इटली (16 प्रतिशत) हैं. 
अध्ययन में यह भी पता लगाया गया की 15-24 वर्ष के बच्चों का अनुपात जो शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण में नहीं हैं (Not in Education, Employment or Training एनईईटी) जिसमे लोगों की आर्थिक स्थिति से सम्बंधित धारणाओं पर गैलप वर्ल्ड पोल डेटा और मंदी के बाद से शुरू हुई भविष्य की उम्मीद है.
इस अध्ययन ने गरीबी मापने के लिए चार संकेतकों का प्रयोग किया हैं जिनमे हैं  
•    स्वयं या अपने परिवार के लिए भोजन खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होना 
•    तनाव का स्तर
•    समग्र जीवन संतुष्टि
•    बच्चों के सीखने और बढ़ने का अवसर प्राप्त हैं या नहीं.



प्रधानमंत्री ने भारत और मोजाम्बिक के बीच तेल एवं गैस सहयोग समझौता ज्ञापन को मंजूरी प्रदान की-(31-OCT-2014) C.A

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और मोजाम्बिक के बीच तेल एवं गैस क्षेत्र में सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन को 29 अक्टूबर 2014 को मंजूरी प्रदान की. यह समझौता पांच वर्ष की अवधि का होगा. एमओयू में तेल और गैस की खोज एवं उत्पादन के साथ-साथ कच्चे तेल के परिशोधन तथा बिक्री के क्षेत्र में भी सहयोग करने की बात कही गयी है. संबंधित पक्षों के बीच या उनकी संबद्ध कंपनियों के जरिए व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने और अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्रों के बीच सहयोग करने समेत क्षमता सृजन को बढ़ावा देने का भी उल्लेख इस एमओयू में किया गया.
विदित हो कि वर्ष 2010 में मोजाम्बिक के समुद्री सीमा के अंतर्गत दो ब्लॉकों में गैस के भंडार की खोज के बाद, मोजाम्बिक हाइड्रोकार्बन से भरपूर राष्ट्र के रूप में उभर कर सामने आया. इसके साथ ही मोजाम्बिक सामरिक दृष्टि से भारत के नजदीक है. बाजार निर्धारित मूल्य पर भारत में प्राकृतिक गैस लाने की दृष्टि से भी मोजाम्बिक भारत हेतु उपयुक्त देश है.


अमिताभ बच्चन को 1984 के दंगों के दौरान हिंसा भड़काने के लिए अमेरिकी अदालत द्वारा समन भेजा गया-(31-OCT-2014) C.A

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लॉस एंजिल्स की अमेरिका की फेडरल न्यायालय ने वर्ष 1984 सिख दंगा मामले में अमिताभ बच्चन को कथित तौर पर हिंसा भड़काने के आरोप में 28 अक्टूबर 2014 को समन भेजा. अमिताभ बच्चन पर 31 अक्टूबर 1984 को, जबकि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई थी, तब खून का बदला खून (रक्त के लिए रक्त) नारा लगाने का आरोप लगाया गया.
अमेरिकी फेडरल न्यायालय के सिविल प्रक्रिया के संघीय नियमों के अनुसार मानव अधिकारों के उल्लंघन के आरोपों का जवाब देने के लिए बच्चन को 21 दिन का समय दिया गया. हालांकि यदि वह प्रतिक्रिया देने में विफल रहते हैं तो तयशुदा रूप से निर्णय उनके खिलाफ दर्ज किया जाएगा.
पृष्ठभूमि
अमिताभ बच्चन के खिलाफ शिकायत न्यूयॉर्क स्थित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) और सिख विरोधी दंगों के दो कथित पीड़ितों बाबू सिंह दुखिया और मोहिंदर सिंह द्वारा दायर की गई. पिछले कई वर्षों से, सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में अमेरिका अदालतों में कई भारतीय नेताओं को खींचने की असफल कोशिश कर चुकी हैं.
1984 के सिख विरोधी दंगे 
नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगे इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या करने के जवाब में सिख विरोधी भीड़ द्वारा भारत में सिखों के खिलाफ निर्देशित उपद्रव की श्रृंखला थे. इस दौरान दिल्ली में 3000 लोगों सहित कुल 8000 से अधिक लोग मारे गए थे.


विश्व पोलियो दिवस 24 अक्टूबर को दुनिया भर में मनाया गया-(30-OCT-2014) C.A

| Thursday, October 30, 2014
24 अक्टूबर: विश्व पोलियो दिवस
विश्व पोलियो दिवस 24 अक्टूबर 2014 पर दुनिया भर में मनाया गया. यह दिवस गंभीर बीमारी के खतरों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया गया. इस दिन, रोटरी ने  पोलियो को समाप्त करने के लिए लड़ाई पर एक लाइव-स्ट्रीम वैश्विक स्थिति अपडेट की व्यवस्था की, जहां स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रसिद्ध गायकों ने भाग लिया और वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल (जीपीईआई) की प्रगति का स्वागत किया. इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने दुनिया भर के बच्चो को पोलियो से बचाव के लिए अभियान का आयोजन किया.
यूनिसेफ के आंकड़ों के मुताबिक, पोलियो के मामलों की सालाना संख्या वर्ष 1988 में 350000 थी जो गिरकर वर्ष 2013 में 416 और वर्ष 2014 में 243 हो गई. वर्तमान में, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नाइजीरिया दुनिया में ऐसे तीन देश है जहां पोलियो के मामले सर्वाधिक पाए गए हैं.

विश्व पोलियो दिवस के बारे में 
विश्व पोलियो दिवस पोलियो के टीके का विकास करने वाले जोनास सॉल्क के जन्म के उपलक्ष्य में एक दशक पहले रोटरी इंटरनेशनल द्वारा स्थापित किया गया था.
डॉक्टर जोनास सॉल्क के बारे में
डॉक्टर जोनास सॉल्क का जन्म 28 अक्टूबर 1914 में अमेरिका की न्यूयॉर्क सिटी में हुआ था. वे एक महान शोधकर्ता के रूप से जाने जाते है. डॉ. सॉल्क द्वारा बनाई गई पोलियो दवा के उपलब्ध होने के ठीक 2 वर्ष पहले तक अमेरिका में 45,000 से भी ज्यादा लोग पोलियो के शिकार हो चुके थे लेकिन उनकी इस महान खोज के बाद यह संख्या 1962 में घटकर मात्र 910 ही रह गई.
डॉ. सॉल्क ने न्यूयॉर्क के विश्वविद्यालय से वर्ष 1939 में दवा क्षेत्र में एम.डी की डिग्री हासिल की थी जिसके बाद जल्द ही वे माउंट सिनाई अस्पताल में चिकित्सक के रूप में काम करने लगे. विभिन्न तरीके के शोध में उनकी बढ़ती हुई दिलचस्पी ने उन्हें मिशिगन के विश्वविद्यालय में एक खास तरह के शोध पर काम करने का मौका दिया. तत्पश्चात डॉ. साल्क ने पिट्सबर्ग के औषधि विद्यालय में भी काम किया जहां उन्होंने पोलियो की दवा बनाने की तकनीकों को सीखा. आखिरकार विभिन्न संगठनों में काम करने के बाद जब डॉ. सॉल्क ने पोलियो दवा का आविष्कार कर लिया तो पहली बार इसे बंदरों पर आजमाया गया. इसके बाद इसे कुछ मरीजों पर आजमाया गया जिन्हें पहले से ही पोलियो था. जब पोलियो ग्रसित लोगों को लाभ मिला तो डॉ. सॉल्क की इस खोज की खबर पूरे विश्व में फैल गई और इसे वर्ष 1954 में लाखों बच्चों पर आजमाया गया. अंत में वर्ष 1955 में पोलियो दवा को सुरक्षित व लाभकारी करार दिया गया. पोलियो की दवा का आविष्कर करने वाले महान डॉ. जोनास सॉल्क का 23 जून 1995 को 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया.
वर्ष 1955 में जब सॉल्क ने पोलियो का टीका पेश किया, तब पोलियो को युद्ध के बाद के दौर का सबसे भयावह स्वास्थ्य समस्या माना जाता था. वर्ष 1952 तक इस बीमारी से प्रतिवर्ष 3 लाख लोग प्रभावित और 58 हजार मौतें हो रही थी, जो अन्य दूसरी संक्रामक बीमारी की तुलना में सबसे ज्यादा थी. इनमें से ज्यादातर बच्चे थे. राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट इस बीमारी के सबसे ख्यात शिकार थे, जिन्होंने इस बीमारी से लड़ने के लिए टीका विकसित करने के लिए एक संस्थान की स्थापना की.


जापान के सर्वाधिक धनी व्यक्ति, मासायोशी सन, ने भारत में सबसे बड़े निवेश की घोषणा की-(30-OCT-2014) C.A

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हाल ही में, जापान के सर्वाधिक धनी व्यक्ति, मासायोशी सन चर्चा में रहे क्योंकि उन्होंने भारत भारत में अब तक के सबसे बड़े निवेश की घोषणा की. मासायोशी ने भारत के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणी की.
मासायोशी ने भारत की ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील में 627 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा के साथ अपने पूरी योजना की घोषणा की. इस निवेश के कारण स्नैपडील भारत में ऑलनाइन मार्केट का सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी.
मासायोशी सन के बारे में
•    मासायोशी सन एक कोरियाई-जापानी कारोबारी हैं.
•    वह जापान के सॉफ्टबैंक के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं.
•    मासायोशी स्प्रिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष भी हैं.
•    वह पूर्व में काफी धन हानि के बावजूद जापान के सर्वाधिक धनी व्यक्ति हैं. मासायोशी को वर्ष 2000 में डॉट कॉम में 70 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ था.
•    फोर्ब्स के 2014 के आकड़ों के अनुसार, मासायोशी की कुल सम्पत्ति 22.3 अमेरिकी डॉलर है.


सचिन तेंदुलकर और स्टीव वॉ को ‘ब्रैडमैन हाल आफ फेम’ में शामिल किया गया-(30-OCT-2014) C.A

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भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ को ब्रैडमैन हाल आफ फेममें शामिल किया गया. इन्हें सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस सम्मान से 29 अक्टूबर 2014 को सम्मानित किया गया. इस सम्मान की शुरुआत ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज सर डॉन ब्रेडमैन फाउंडेशन ने की थी.

सचिन तेंदुलकर ने वर्ष 1998 में सर डॉन ब्रेडमैन से एडीलेड स्थित घर में उनके 90वें जन्मदिन पर मुलाकात की थी. बाद में सर ब्रेडमैन ने सचिन को अपनी ऑल टाइम इलेवन टीम (सर्वकालिक एकादश टीम) में अपने साथ जगह दी थी.
सचिन ने एससीजी को अपने सबसे पसंदीदा मैदानों में से एक बताया. इस मैदान पर सचिन ने पांच टेस्ट मैचों में तीन शतक लगाए हैं. इस मैदान पर पहली बार वर्ष 1991 में खेलने वाले सचिन ने 2003-04 में यादगार नाबाद 241 रन की पारी खेली थी.

सचिन रमेश तेंदुलकर
भारत के क्रिकेट खिलाड़ी सचिन रमेश तेंदुलकर दाहिने हाथ के बल्लेबाज हैं. क्रिकेट की बाइबिल माने जाने वाली विज्डन की रैंकिंग के अनुसार टेस्ट क्रिकेट में डॉन ब्रेडमैन के बाद सचिन तेंदुलकर विश्व के दूसरे सबसे महानतम बल्लेबाज हैं, जबकि एकदिवसीय क्रिकेट में विव रिचर्ड्स के बाद सचिन तेंदुलकर दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज हैं. सचिन तेंदुलकर मुंबई, महाराष्ट्र से संबंधित हैं. सचिन तेंदुलकर छह क्रिकेट विश्व कप प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम के सदस्य रहे हैं, वह वर्ष 2011 विश्व कप को जीतने वाली भारतीय टीम के भी सदस्य रहे. 

सचिन तेंदुलकर से सम्बंधित मुख्य तथ्य 
सचिन तेंदुलकर को यूनीसेफ ने वर्ष 2015 (2 वर्ष) तक के लिए दक्षिण एशिया के लिए अपना पहला  ब्रांड एंबेसडर नवंबर 2013 को नामित किया. 
सचिन तेंदुलकर के सम्मान में 23 जून 2014 को ब्रिटेन की विलासिता का सामान निर्माता कंपनी ईस्ट इंडियाने सोने का विशिष्ट सिक्का जारी किया.
सचिन तेंदुलकर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्नसे सम्मानित किया गया. 
भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने सचिन को अप्रैल 2012 में राज्यसभा के लिए मनोनित किया.
सचिन तेंदुलकर का ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सदस्यता से सम्मानित किए जाने हेतु चयन 16 अक्टूबर 2013 को किया गया. 
भारत की तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने सचिन तेंदुलकर को अप्रैल 2012 में राज्यसभा के लिए मनोनित किया. 
सचिन तेंदुलकर को 26 फरवरी 2012 को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की आजीवन मानद सदस्यता दी गई.

सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट करियर की उपलब्धि
• 1989: पाकिस्तान के खिलाफ अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत
• 1990: पहला टेस्ट शतक (नाबाद 119 रन) ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ
• 1993: भारत में पहला टेस्ट शतक (163 रन) चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ
• 1994: पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय शतक अपने करियर के 79वें मैच में कोलंबो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिंगर कप में
• 1997: सर्वश्रेष्ठ विजडन क्रिकेटर चयनित 
• 2001: एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दस हजार रन बनाने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज बने
• 2002: पोर्ट आफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ 117 बनाकर सर डान ब्रेडमैन के 29 टेस्ट शतक की बराबरी की और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 193 बनाकर ब्रेडमैन का रिकार्ड तोड़ा 
• 2003: आइसीसी विश्व कप के 11 मैचों में 673 बना कर टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने.
• 2004: सुनील गावस्कार के 34 शतक के रिकार्ड की बराबरी करने वाले विश्व के पहले खिलाड़ी बने
• 2004: एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 मैन आफ द मैच हासिल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने
• 2005: टेस्ट क्रिकेट में अपने करियर के 122वें मैच में दस हजार रन पूरे किए
• 2006: एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 14 हजार रन पूरे कर नया विश्व रिकार्ड बनाया
• 2008: एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 16 हजार रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने
• 2008: टेस्ट क्रिकेट में ब्रायन लारा के 11,953 रन के रिकार्ड को तोड़ा 
• 2010: एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बने
• 2010: स्टीव वा के 168 टेस्ट खेलने के रिकार्ड को तोड़ा 
• 2011: क्रिकेट विश्व कप में बांग्लादेश के खिलाफ पहला मैच खेलने के साथ ही सबसे ज्यादा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेलने वाले खिलाड़ी बने और सनथ जयसूर्या के 444 मैचों के रिकार्ड को पीछे छोड़ा.
• 2011: क्रिकेट विश्व कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा 482 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने
• 2012: एशिया कप में बांग्लादेश के खिलाफ 114 रन बनाकर अपने क्रिकेट करियर का 100वां शतक पूरा किया.
• 2012: सचिन तेंदुलकर ने एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास (23 दिसंबर 2012) लिया.



वैश्विक आर्थिक मंच द्वारा जारी 'ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2014' में भारत 114वें स्थान पर-(30-OCT-2014) C.A

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वैश्विक आर्थिक मंच द्वारा वर्ष 2014 हेतु जारी 'ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2014' (The Global Gender Gap Report 2014) में भारत का स्थान 142 देशों में 114वां है. इस सूचकांक के अनुसार, भारत वर्ष 2013 के मुकाबले 13 पायदान फिसला है. वर्ष 2013 में भारत 101वें स्थान पर था.  इस सूचकांक को आर्थिक भागीदारी, शैक्षणिक उपलब्धियों, स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता के आधार पर विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा 28 अक्टूबर 2014 को जारी किया गया.
इस सूची में भारत का स्थान संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सउदी अरब, पाकिस्तान और जार्डन से बेहतर रहा. इस सूचकांक में आईसलैंड प्रथम स्थान पर रहा जहां पिछले 50 वर्ष में से 20 वर्ष महिला राष्ट्राध्यक्ष रहीं. आईसलैंड वर्ष 2009 से इस सूचकांक में शीर्ष स्थान पर है. आईसलैंड के बाद क्रमश: फिनलैंड, नार्वे, स्वीडन, डेनमार्क का स्थान है. अमेरिका इस सूची में 20वें स्थान पर है. पाकिस्तान सभी चार मानकों पर खराब प्रदर्शन के साथ 141वें स्थान पर है.

वैश्विक आर्थिक मंच द्वारा जारी 'ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2014' से संबंधित मुख्य तथ्य
 
आर्थिक भागीदारी, शैक्षणिक उपलब्धियों, स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता के पैमानों पर भारत को औसत से कम आंका गया है. 
भारत श्रमबल भागीदारी, अनुमानित अर्जित आय, साक्षरता दर और जन्म के समय लैंगिक अनुपात के संकेतकों के लिहाज से 20 सबसे अधिक खराब प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल.
भारत राजनीति सशक्तिकरण उप सूचकांक में 20 सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल.
आर्थिक भागीदारी और अवसर के लिहाज से भारत 134वें स्थान पर.
श्रमबल में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का अनुपात 0.36.
आय के लिहाज से यहां महिलाओं ने जहां 1980 डालर अर्जित किए वहीं पुरुषों की अर्जित आय 8,087 डालर रही.
शैक्षणिक उपलब्धियों के लिहाज से भारत का स्थान 126वां रहा और पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का साक्षरता अनुपात 0.68 रहा.
भारत स्वास्थ्य और उत्तरजीविता के लिहाज से ठीक आर्मीनिया से पहले 141वें स्थान पर रहा.
राजनीतिक सशक्तिकरण उपसूचकांक में भारत उल्लेखनीय रूप से काफी ऊपर रहा, इस मामलें में भारत 15वें पायदान पर रहा.
भारत में स्त्री-पुरुष के बीच सबसे अधिक असमानता अवैतनिक कार्य पर प्रतिदिन खर्च किए गए औसत मिनट का है.
भारत में स्त्री-पुरुष के बीच अवैतनिक कार्य के बीच का फर्क 300 मिनट है.
सूची में पाकिस्तान सभी चार मानकों पर खराब प्रदर्शन के साथ 141वें स्थान पर है.

विदित हो कि वैश्विक आर्थिक मंच द्वारा यह 'ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट' सबसे पहले वर्ष 2006 में पेश किया था, ताकि लैंगिक असमानता की स्थिति और इसमें प्रगति का आकलन किया जा सके. इस सूचकांक के संकेतकों में राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में स्त्री-पुरुष असमानता शामिल की जाती है.


सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने चार भारतीय भाषाओं में समाचार एसएमएस सेवा की शुरुआत की-(30-OCT-2014) C.A

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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 29 अक्टूबर 2014 को प्रायोगिक स्तर पर चार भारतीय भाषाओं (गुजराती, असमी, तमिल और मलयालम) में समाचार एसएमएस सेवा की शुरुआत की. इसके सेवा के तहत ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) के समाचार सेवा प्रभाग से मुफ्त समाचार एसएमएस सेवा प्रारंभ की गई. एसएमएस सेवा का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को उनकी पसंदीदा भाषा में महत्वपूर्ण खबरें उनके मोबाइल फोन पर उपलब्ध कराना है.
आकाशवाणी की न्यूज़ सर्विस डिवीज़न अब तक अंग्रेज़ी समेत कुल दस भाषाओं में उपलब्ध करा चुकी है. पिछले महीने सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एआईआर की मुफ्त एसएमएस सेवा पांच भारतीय भाषाओं हिंदी, मराठी, संस्कृत, डोगरी व नेपाली में शुरु की थी. एआईआर ने अंग्रेज़ी में अपनी एसएमएस सेवा पिछले वर्ष सितंबर में शुरू की थी. एआईआर के अनुसार यह सेवा ले रहे उसके सब्सक्राइबरों का डेटाबेस चार लाख का आंकड़ा पार कर चुका है. इस सेवा का उद्देश्य सब्सक्राइबर को मोबाइल फोन पर अपनी पसंदीदा भाषा में महत्वपूर्ण खबरें उपलब्ध कराना है. आकाशवाणी का न्यूज़ सर्विस डिवीज़न कस्टमाइज़्ड संदेशों को उपलब्ध कराने के लिए अपनी एसएमएस सेवा के ग्राहकों के एक डेटाबेस पर भी काम रहा है.
विदित हो कि भारतीय भाषाओं में समाचार एसएमएस सेवा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वकांक्षी योजना डिजिटल इंडियाका ही एक हिस्सा है. जिसका (डिजिटल इंडिया का) कम्यूनिकेटिंग इंडियाएक खास अवयव हैं.


भारत और वियतनाम के मध्य हुए 7 समझौतों पर हस्ताक्षर-(30-OCT-2014) C.A

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वियतनाम के प्रधानमंत्री नुएन तन जुंग की दो दिवसीय भारत की राजकीय यात्रा 28 अक्टूबर 2014 को संपन्न हुई. यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नुएन तन जुंग ने बिहार के गया स्थित बौद्ध स्थल भी गए. उनके साथ पचास सदस्यों का शिष्टमंडल भी आया. यात्रा के दूसरे दिन दोनों देशों के प्रधान मंर्तियों ने वार्ता की.
इस दौरान चीन की आपत्तियों को दरकिनार करते  हुए भारत ने हाइड्रोकार्बन समृद्ध दक्षिण चीन सागर में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का निर्णय करते हुए दो अतिरिक्त तेल और गैस ब्लाक में अन्वेषण संबंधी समझौतों पर विएतनाम के साथ हस्ताक्षर किए. यही नहीं, दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए वियतनाम की ताकत बढ़ाने का रणनीतिक कदम उठाते हुए भारत ने दस करोड़ डॉलर की ऋण सहायता के तहत उसे चार निगरानी और गश्ती पोत देने का निर्णय लिया. 

इस अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवसघोषित किए जाने के भारत के प्रस्ताव को सह-प्रायोजित करने के लिए वियतनाम के प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया. इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने 7 समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
 
दोनों देशों के मध्य हुए 7 समझौते
नालंदा विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना पर भारत और वियतनाम के बीच समझौता ज्ञापन 
बिहार राज्‍य के नालंदा जिले में स्थित नालंदा विश्‍वविद्यालय एक गैर राज्‍य,गैर लाभ,स्‍वशासी अंतर्राष्‍ट्रीय संस्‍था है जिसका उद्देश्‍य बौद्धिक, दार्शनिक, ऐतिहासिक एवं आध्‍यात्मिक अध्‍ययन करने और इस प्रकार सहिष्‍णुता,सामंजस्‍य एवं परस्‍पर समझ के गुण हासिल करने के लिए सभी देशों के मेधावी एवं सबसे अधिक समर्पित छात्रों को एक साथ लाना है. पहले ईएएस के 10 देशों तथा 1 गैर ईएएस देश द्वारा इस विश्‍वविद्यालय के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय सहायता के अंग के रूप में इस एमओयू पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं.

वियतनाम के विश्‍व विरासत स्‍थल के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार हेतु दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन
यह एमओयू वियतनाम सरकार के उस प्रस्‍ताव से उत्‍पन्‍न हुआ है जिसमें वियतनाम के माई सन,क्वांग नाम प्रांत के विश्‍व विरासत स्‍थल में मंदिरों के समूह के जीर्णोद्धार में भारत की विशेषज्ञता एवं सहायता के लिए अनुरोध किया है तथा यह मई 2011 में भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण की'आरंभिक संरक्षण रिपोर्ट एवं परियोजना योजना'पर आधारित है. लगभग 16 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को विदेश मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा वित्‍त पोषित किया जाएगा. इस परियोजना को भारत सरकार की ओर से भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा.

वियतनाम में अंग्रेजी भाषा एवं सूचना प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण केंद्र की स्‍थापना हेतु समझौता ज्ञापन
इस एमओयू के तहत, वियतनाम के रक्षा मंत्रालय के दूर संचार विश्‍वविद्यालय में वियतनाम-भारत अंग्रेजी भाषा एवं सूचना प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण केंद्र स्‍थापित किया जाएगा. यह केंद्र इन कौशलों में प्रशिक्षकों के प्रवीणता के सामान्‍य स्‍तर को ऊपर उठाने के लिए अंग्रेजी भाषा एवं सूचना प्रौद्योगिकी शिक्षण के लिए एक स्‍थाई स्‍थल प्रदान करेगा. यह रक्षा बलों के स्कूलों एवं प्रशिक्षण संस्थाओं के अंग्रेजी भाषा शिक्षकों को प्रशिक्षण देगा तथा उनके कौशलों का उन्नयन करेगा और साथ ही तृतीयक शिक्षा के लिए आवश्‍यक परीक्षणों के लिए छात्रों को तैयार भी करेगा. यह उत्‍कृष्‍टता के केंद्र के रूप में विकसित होने का भी प्रयास करेगा और साथ ही भारत सरकार की मदद से वियतनाम में स्‍थापित अंग्रेजी एवं आई टी शिक्षा के अन्‍य केंद्रों के साथ सहयोग भी करेगा. भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को इस परियोजना के कार्यान्‍वयन की जिम्‍मेदारी सौंपी जाएगी.

वर्ष 2015-17 के लिए भारत और वियतनाम के बीच सांस्‍कृतिक विनिमय कार्यक्रम
सांस्‍कृतिक विनिमय कार्यक्रम का उद्देश्‍य कला एवं प्रदर्शनी के आयोजन,सांस्‍कृतिक एवं कला मंडलियों के आदान- प्रदान, दोनों देशों में लोक साहित्‍य,कला प्रदर्शन की गतिविधियों के आयोजन के माध्‍यम से भारत और वियतनाम के बीच सहयोग एवं सांस्‍कृतिक विनिमय को सुदृढ़ करना है.
 
भारत और वियतनाम के बीच प्रसारण पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन
श्रव्‍य - दृश्‍य कार्यक्रमों के आदान - प्रदान के लिए भारत के प्रसार भारती और वियतनाम के वॉइस ऑफ वियतनाम के बीच प्रसारण पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया. इस एमओयू का उद्देश्‍य संस्‍कृति, शिक्षा,विज्ञान,मनोरंजन,खेल एवं समाचार के क्षेत्रों में कार्यक्रमों के आदान- प्रदान के माध्‍यम से प्रसारण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है.
 
ओएनजीसी विदेश लिमिटेड तथा पेट्रो वियतनाम के बीच करार 
ओएनजीसी विदेश लिमिटेड तथा पेट्रो वियतनाम के बीच समझौते का उद्देश्‍य हाइड्रो कार्बन के क्षेत्र में भारत और वियतनाम के बीच परस्‍पर सहयोग में वृद्धि करना है. यह एमओयू वियतनाम में अपनी उपस्थिति का विस्‍तार करने के लिए तथा ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच अन्‍वेषण एवं अन्‍य क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने के लिए वियतनाम की ओर से ओएनजीसी विदेश लिमिटेड को दिए गए निमंत्रण को रेखांकित करता है.
ओएनजीसी तथा पेट्रो वियतनाम के बीच समझौता ज्ञापन
यह एमओयू ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और वियतनाम के बीच साझेदारी को सुदृढ़ करने का वर्णन करता है. भारत इस एमओयू में सहमत ब्लॉक में पेट्रो वियतनाम की भागीदारी का स्‍वागत करता है. यह एमओयू इस क्षेत्र में दोनों देशों के बीच भावी सहयोग का मार्ग प्रशस्‍त करता है.



अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस 29 अक्टूबर को दुनिया भर में मनाया गया-(30-OCT-2014) C.A

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29 अक्टूबर: अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस
अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस वर्ष 1969 में इलेक्ट्रॉनिक संदेश भेजने हेतु इंटरनेट के सर्वप्रथम उपयोग की वर्षगांठ के अवसर पर 29 अक्टूबर 2014 को विश्व स्तर पर मनाया गया.
अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस 
अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस 29 अक्टूबर को हर वर्ष दुनिया भर में मनाया जाता है. वर्ष 2005 से, अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस दूरसंचार और प्रौद्योगिकी के इतिहास में महत्वपूर्ण दिवस की याद में मनाया गया.
इंटरनेट की शुरुआत वर्ष 1969 में हुई थी जब अमरीका में सेना के लिए एक कंप्यूटर नेटवर्क तैयार किया गया था ताकि परमाणु युद्ध शुरू होने की स्थिति में सूचना का आदान प्रदान किया जा सके. इंटरनेट अरपानेट (एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी नेटवर्क) के रूप में जाना जाता था. चार्ली क्लाइन ने 29 अक्टूबर 1969 को पहली बार इलेक्ट्रॉनिक संदेश प्रेषित किया.
प्रोफेसर लियोनार्ड क्लीनरोक की देखरेख में काम कर रहे चार्ली क्लाइन ने एक संदेश प्रेषित किया. यह संदेश अमेरिकी रक्षा विभाग के द्वारा यूसीएलए तथा स्टैनफोर्ड अनुसंधान संस्थान कंप्यूटर्स की नेटवर्किंग करके प्रेषित किया गया. हालांकि, प्रारंभिक संचरण के कारण, यह प्रणाली ध्वस्त हो गई और ट्रांसमिशन दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस प्रकार, अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस अभिव्यक्ति के विचार से जुड़ा हुआ है जो लोकतांत्रिक उत्साह के साथ मनाता जाता है. इसके माध्यम से हर कोई इस सुविधा का समान लाभ प्राप्त कर सकता है जो दुनिया में लोगो को आपस में एकदूसरे से जोड़ती है.


देवेंद्र फड़नवीस को महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया-(30-OCT-2014) C.A

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देवेंद्र फड़नवीस को महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल का नेता 28 अक्टूबर 2014 को चुना गया. वह महाराष्ट्र राज्य में भाजपा के पहले तथा विदर्भ से चुने जाने वाले चौथे मुख्यमंत्री के तौर पर 31 अक्टूबर 2014 को शपथ लेंगे.
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद देवेंद्र फड़नवीस ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया.
राज्यपाल ने देवेंद्र फड़नवीस को 31 अक्टूबर 2014 को शपथ ग्रहण करने के बाद 15 दिन में बहुमत साबित करने को कहा है.

शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में किया जाना है.
देवेंद्र फड़नवीस से संबधित मुख्य तथ्य 
देवेंद्र फड़नवीस महाराष्ट्र विधानसभा आम चुनाव-2014 में नागपुर दक्षिण पश्चिम सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर निर्वाचित हुए. इसके पहले वह यहां से तीन बार विधायक चुने गए.
देवेंद्र फड़नवीस (44 वर्ष) शिवसेना के मनोहर जोशी के बाद राज्य में दूसरे ब्राह्मण मुख्यमंत्री होंगे.
नागपुर से आने वाले देवेंद्र फड़नवीस ने अपना राजनीतिक करियर मेयर से शुरू किया था.
वह 1989 में आरएसएस की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए थे.
मात्र 22 वर्ष की उम्र में वह नागपुर स्थानीय निकाय से कॉरपोरेटर बनें और 27 वर्ष की आयु में 1997 में नागपुर के सबसे युवा मेयर चुने गए.
देवेंद्र फड़नवीस वर्ष 1999 में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा और इसमें जीत हासिल की.
देवेंद्र फड़नवीस ब्राह्मण परिवार के हैं और उनके पिता गंगाधर राव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ में रहे हैं. फड़नवीस के पिता राज्य विधान परिषद के सदस्य भी रहे.
देवेंद्र फड़नवीस ने लॉ से स्नातक किया और उसके बाद उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की पढ़ाई की.

महाराष्ट्र विधानसभा 
कुल 288 सदस्यों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए 145 सदस्यों की जरूरत है. महाराष्ट्र विधानसभा आम चुनाव-2014 में भाजपा को कुल 122 सीटें मिलीं. भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक एम गोविंद राठौड़ के निधन के बाद विधानसभा में भाजपा पार्टी के सदस्यों की संख्या 121 रह गई. भाजपा की चुनाव पूर्व सहयोगी रही राष्ट्रीय समाज पक्ष से भी एक विधायक चुना गया है. इस चुनाव में निर्दलीय विधायकों की संख्या सात है. 41 सदस्यों वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सदन में मतदान के समय तटस्थ या गैरहाजिर रहने का आश्वासन दिया है.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम-2014
कुल सीट 288
पार्टी का नाम
जीतीं
भाजपा
122
भाकपा (मार्क्सवादी)
1
कांग्रेस
42
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी
41
महाराष्ट्र नव निर्माण सेना
1
शिव सेना
63
आल इंडिया माइलिस इ इत्तेहादुल मुसलिमीन
2
बहुजन विकास आघदी (Bahujan Vikas Aaghadi)
3
 भारीपा बहुजन महासंघ (Bharipa Bahujan Mahasangh)
1
पीजेंट एंड वर्कर्स पार्टी ऑफ़ इंडिया
3
राष्ट्रीय समाज पक्ष
1
समाजवादी पार्टी
1
निर्दलीय
7
Total
288
विधानसभा आम चुनाव-2014 से ठीक पहले शिवसेना से गठबंधन टूटने के बावजूद भाजपा ने 288 सदस्यीय सदन में 122 सीटें हासिल कीं, जबकि 2009 में उसे 46 सीटें ही मिली थीं.

विदित हो कि महाराष्ट्र में वर्ष 2014 में लोकसभा के चुनाव में भाजपा और शिवसेना ने कुल 48 सीटों में से 42 सीटें जीती. इस चुनाव में भाजपा को 23 और शिवसेना को 18 सीटें मिली थीं.