मिस्र सेना प्रमुख, अब्देल फत्ताह अल-सीसी ने इस्तीफा दिया-(28-MAR-2014) C.A

| Friday, March 28, 2014
मिस्र सेना प्रमुख, अब्देल फत्ताह अल-सीसी ने देश में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने के लिए 26 मार्च 2014 को इस्तीफा दिया. अब्देल फत्ताह अल-सीसी का सेना के सर्वोच्च पद से इस्तीफा लोकतांत्रिक ढंग से चुने गये मिस्र के सर्वप्रथम राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी के अपदस्थ किये जाने के नौ महीने बाद आया.
इससे पूर्व अब्देल फत्ताह अल-सीसी ने 26 मार्च 2014 को ही रक्षा मंत्री के पद से भी इस्तीफा दिया था. उन्होंने अपना इस्तीफा मिस्र के सुप्रीम काउंसिल ऑफ द आर्म्ड फोर्सेस (एससीएपी) को सौंपा था.
विदित हो कि अब्देल फत्ताह अल-सीसी ने पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी को जुलाई 2013 में अपदस्थ किये जाने दौरान सैन्य प्रचालनों की नेतृत्व किया था. अब्देल फत्ताह अल-सीसी को 27 जनवरी 2014 को फील्ड मार्शल की श्रेणी (मिस्र सेना में सर्वोच्च) में प्रोन्नत किया गया था.


पश्चिम क्षेत्र ने उत्तर क्षेत्र को पराजित कर लगातार तीसरी बार देवधर ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट जीती-(28-MAR-2014) C.A

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पश्चिम क्षेत्र ने उत्तर क्षेत्र को 133 रन से पराजित कर लगातार तीसरी बार देवधर ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीता.  इसका फाइनल मैच विशाखापट्टनम के डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी स्टेडियम 28 मार्च 2014 खेला गया. यह मैच दिन-रात का 50 ओवरों वाला एकदिवसीय मैच था.
पश्चिम क्षेत्र ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में तीन विकेट पर 281 रन बनाए. इसके जवाब में उत्तर क्षेत्र की टीम 37.1 ओवर में 148 रन ही बना सकी.

वर्ष 2014 के देवधर ट्रॉफी में पश्चिम क्षेत्र की टीम का नेतृत्व चेतेश्वर पुजारा और उत्तर क्षेत्र की टीम का नेतृत्व हरभजन सिंह ने किया. पश्चिम क्षेत्र के बल्लेबाज केडी देवधर को फाइनल मैच का प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया.

देवधर ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट 
देवधर ट्रॉफी 50 ओवरों वाली अंतरक्षेत्रीय एकदिवसीय घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता है. इसकी स्थापना 1980 में की गई थी. इस ट्रॉफी का नाम प्रो. डीबी देवधर (दिनकर बलवंत देवधर) के नाम पर रखा गया. प्रो. डीबी देवधर को ग्रांड ओल्ड मैन ऑफ़ इंडियन क्रिकेट (
Grand OldMan of Indian cricket) के नाम से जाना जाता है.

इस प्रतियोगिता में कुल पांच क्षेत्रीय टीमें- उत्तर क्षेत्र, दक्षिण क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र, पश्चिम क्षेत्र और मध्य क्षेत्र की टीमें भाग लेती हैं.


जम्मू कश्मीर राज्य के सभी मतदान केंद्र धूम्रपान निषेध क्षेत्र घोषित-(28-MAR-2014) C.A

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जम्मू कश्मीर राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने आम चुनाव 2014 (लोकसभा चुनाव 2014) के लिए राज्य के सभी मतदान केन्द्रों को धूम्रपान निषेध क्षेत्रघोषित करने संबंधी परिपत्र 25 मार्च 2014 को जारी किया. इसके साथ ही जम्मू कश्मीर भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया जहां के सभी मतदान केन्द्रों को धूम्रपान निषेध क्षेत्र घोषित किया गया हो.
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने जम्मू एवं कश्मीर स्वैच्छिक स्वास्थ्य संघ के कार्यकारी निदेशक एएम मीर के प्रतिनिधित्व में यह निर्देश जारी किए. 

एएम मीर ने जम्मू कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी से सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन एवं व्यापार और वाणिज्य के विनियमन, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का निषेध) अधिनियम 2003 के सेक्शन-4 के तहत सभी मतदान केन्द्रों को धूम्रपान निषेध क्षेत्रघोषित करने का अनुरोध किया था.


रिजर्व बैंक ने महंगाई बांड में निवेश की सीमा बढाई-(28-MAR-2014) C.A

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भारतीय रिजर्व बैंक ने 26 मार्च 2014 को एक अधिसूचना जारी कर मुद्रास्फीति सूचकांक आधारित महंगाई बांड में निवेश की सीमा को 10 लाख रूपये कर दी.

रिजर्व बैंक ने महंगाई बांड में निवेश की सीमा को अविभाज्य हिन्दू परिवार,कल्याणकारी ट्रस्ट,शिक्षा कोष तथा ऐसे ही अन्य संस्थानों जो की गैर लाभकारी प्रवृति के है, के लिए निवेश की पूर्व सीमा 5लाख को बढ़ाकर 25 लाख रूपये सालाना करने की घोषणा की.  

रिजर्व बैंक से संबंधित तथ्य:-

भारतीय रिजर्व बैंक भारत का केन्द्रीय बैंक है.यह भारत के सभी बैंकों का संचालक एवं नियंत्रक है.रिजर्व बैक भारत की अर्थव्यवस्था एवं मौद्रिक नीतिओं को नियन्त्रित करता है.

भारतीय रिजर्व बैंक  की स्थापना 1अप्रैल सन 1935 कोरिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया ऐक्ट 1934’के अनुसार हुआ.प्रारम्भ में भारतीय रिजर्व बैंक का केन्द्रीय कार्यालय कोलकाता में था,जो सन 1937में मुम्बई आ गया.सन 1949 में राष्ट्रीयकरण के द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक भारत सरकार का उपक्रम बन गया.
पूरे भारत में रिज़र्व बैंक के कुल 22क्षेत्रीय कार्यालय हैं,जिनमें से अधिकांश राज्यों की राजधानियों में स्थित हैं.

वर्तमान में डा॰ रघुराम राजन भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर हैं,जिन्होंने 4सितम्बर 2013को पदभार ग्रहण किया.

गूगल ने स्टाइलिश एंड्रॉयड चश्मा बनाने की घोषणा की-(28-MAR-2014) C.A

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गूगल ने एक ऐसा चश्मा (आईवियर) बनाने की घोषणा 24 मार्च 2014 को की जिसे पहनकर आप इंटरनेट की दुनिया से जुड़ जाएंगें.

चश्मा (आईवियर) बनाने की इस परियोजना में गूगल की अलायंस इटेलियन कंपनी लक्ज़ॉटिका ग्रुप भी शामिल है. गूगल ने इस चश्में (आईवियर) को स्टाइलिश बनाने का काम अमेरिकन कंपनी रे-बैन और ऑकले फ्रेम्स के मिलकर शुरु किया है.

इस वियरेबल के फ्रेम के दाहिनी ओर थंबनेल साइज की स्क्रीन होगी जो इंटननेट से जुड़े कंम्प्यूटर का काम करेगी. इस चश्में में कैमरा की सुविधा भी होगी जो हैंड-फ्री पिक्चर और विडियो रिकॉर्ड कर सकेगा. इस की कीमत 1500 डॉलर है.

लक्ज़ॉटिका ग्रुप के पूरे अमेरिका में 5000 स्टोर हैं जहां ये स्मार्ट वियरेबल उपलब्ध होंगें. इसके अलावा ये आईवियरेबल गैजेट सामान्य बाजार में भी मिलेंगे.
विदित हो कि मार्च 2014 के दूसरे साप्ताह में गूगल ने अपना पहला एंड्रॉयड वॉच वियरेबल बाजार में उतारा है और अब ये वियरेबल की दुनिया में गूगल का दूसरा कदम होगा.


अर्जुन कपूर अर्थ आवर 2014 के ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त-(28-MAR-2014) C.A

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फिल्म अभिनेता अर्जुन कपूर को वर्ष 2014 के अर्थ आवर का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया.  वर्ष 2014 का अर्थ आवर 29 मार्च 2014 को रात 8:30 बजे से 9:30 तक मनाया जाना है. अर्थ आवर के पहल के तहत नागरिकों से एक घंटे के लिए पूरी तरह बिजली बंद कर देने के लिए अनुरोध किया जाता है.
अर्थ आवर से संबंधित तथ्य:-

अर्थ आवर विश्व स्तर पर वर्ल्ड वाइड फंड' संगठन द्वारा वर्ष 2007 में आस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से शुरू किया गया पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम है. जिसके तहत एक घंटे के लिए नागरिको से बिजली का प्रयोग बंद करने का अनुरोध किया जाता है. इसे हर वर्ष मार्च के अंतिम सप्ताह में मनाया जाता है. जिसके तिथि का निर्धारण वर्ल्ड वाइड फंड द्वारा किया जाता है. वर्तमान में दुनिया के 7000 से भी ज्यादा शहरों में इसे मनाया जाता है.

विदित हो कि वर्ष 2013 का अर्थ आवर 23 मार्च को मनाया गया था.


तीसरा परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन नीदरलैंड के हेग में संपन्न-(28-MAR-2014) C.A

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तीसरा परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन (2014) नीदरलैंड के हेग में 24-25 मार्च 2014 को संपन्न हुआ. इस शिखर सम्मेलन में विश्व के 58 देशों के नेताओं और संयुक्त राष्ट्र संघ, यूरोपीय संघ, अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी व इंटरपोल (इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइज़ेशन) के प्रमुख ने भाग लिया.
इस दो दिवसीय परमाणु सुरक्षा सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा है कि 35 देशों ने परमाणु सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों को अपना राष्ट्रीय कानून बनाना स्वीकार कर लिया और अपने परमाणु संयंत्रों को स्वतंत्र निरीक्षण के लिए खोलने को तैयार हो गए.

रूस और चीन ने निरीक्षण बढ़ाने के समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए, जबकि जापान, इटली और बेल्जियम ने अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम और प्लूटोनियम का स्टॉक कम करने को भी सहमत हुए.
परमाणु हथियार निर्माण के लिए उपयुक्त परमाणु सामग्री को आतंकवादियों के हाथ में पड़ने से बचाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने वर्ष 2010 में इस सम्मेलनों की शुरुआत की थी. परमाणु हथियार बनाने लायक सामग्री का स्टॉक रखने वाले देशों की संख्या 2010 से अभी तक 39 से घटकर 25 रह गई.
द्वितीय परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन का आयोजन वर्ष 2012 में दक्षिण कोरिया के सियोल में जबकि प्रथम परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन वर्ष 2010 में अमेरिका के वाशिंगटन डी सी में किया गया.


विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वायु प्रदूषण से संबंधित वैश्विक आकड़े जारी किये-(28-MAR-2014) C.A

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 25 मार्च 2014 को वायु प्रदूषण से संबंधित आकड़े जारी किये. वायु प्रदूषण पर डब्ल्यूएचओ द्वारा हाल ही में प्रकाशित इन आकड़ों के अनुसार समूचे विश्व में वर्ष 2012 के दौरान वायु प्रदूषण के कारण 70 लाख मौते हुईं, जो कि हृद्याघात से होने वाली कुल मौतों की संख्या 80 प्रतिशत है.
डब्ल्यूएचओ ने वायु प्रदूषण अपनी इस रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण सबसे बड़ा पर्यावरणीय जोखिम है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में होने वाली हर आठ मौतों में से एक का संबंध वायु प्रदूषण से होता है.
डब्ल्यूएचओ द्वारा वर्ष 2012 में वायु प्रदूषण से संबंधित आकड़े मृत्यु संबंधी आकड़ों तथा वायु प्रदूषण से हो रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर आधारित है. विश्व के तमाम हिस्सों में घर के बाहर के होने वाले वायु प्रदूषण के आकड़े डेटा मैपिंग की एक नयी तकनीक से किये गये. इस तकनीक में दूरस्थ आकड़े, वास्तविक स्तर पर प्रेक्षण मापन तथा मुख्य स्रोतों से प्रदूषण उत्सर्जन और वायु में प्रदूषण कैसे फैलता है, आदि शामिल हैं.

वायु प्रदूषण पर डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुख्य तथ्य
•    वायु प्रदूषण का संबंध हृदय रोग, श्वास संबंधी बिमारियों तथा कैंसर से होता है.
•    वर्ष 2012 के दौरान वायु प्रदूषण के कारण 70 लाख मौते हुईं.
•    एशिया के विभिन्न इलाकों में खाना पकाने हेतु लकड़ी एवं कोयले के इस्तेमाल वर्ष 2012 में 43 लाख लोगों की मृत्यु हुई.
•    शेष 43 लाख मौतें वायु प्रदूषण के अन्य कारकों के कारण हुईं जिनमें विकसित देशों के लोगों का प्रतिशत 90 प्रतिशत है.
•    वर्ष 2012 में वायु प्रदूषण से हुई मौतों की संख्या डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी किये गये पिछले आकड़ों से दोगुनी है.
•    वायु प्रदूषण से होने वाली बिमारियों के बारे में जागरूकता फैलाकर इससे होने वाली मौतों को रोका जा सकता है.
•    नये आकड़े घर के भीतर व बाहर होने वाले वायु प्रदूषण और हृदवाहिनी बिमारियां (Cardiovascular Diseases) जैसे हृदयाघात, आइसेमिक हार्ट डिजीज, आदि में संबंध को दर्शाते हैं.
•    इसके अतिरिक्त जारी आकड़े वायु प्रदूषण तथा कर्क रोग के संबंध को भी प्रदर्शित करते हैं.
•    ये सभी वायु प्रदूषण से होने वाली श्वास संबंधी बिमारियों, जैसे श्वसन संक्रमण तथा फेफड़े संबंधी बिमारियों के अतिरिक्त हैं.

घर के बाहर होने वाले वायु प्रदूषण होने वाली कुल मौतों का बिमारीवार निरूपण
•    40% – आइसेमिक हार्ट डिजीज
•    40% – हृदयाघात
•    11% – फेफड़ों में दीर्घकालिक रूकावट से होने वाली बिमारियां
•    6% - फेफड़ों में कैंसर
•    3% –  बच्चों में तीव्र निम्न श्वास संबंधी संक्रमण 

घर के भीतर होने वाले वायु प्रदूषण होने वाली कुल मौतों का बिमारीवार निरूपण
•    34% - हृदयाघात
•    26% - आइसेमिक हार्ट डिजीज
•    22% - फेफड़ों में दीर्घकालिक रूकावट से होने वाली बिमारियां
•    12% - बच्चों में तीव्र निम्न श्वास संबंधी संक्रमण
•    6% - फेफड़ों में कैंसर


के4 कोड वाली परमाणु मिसाइल का सफल परीक्षण(26-MAR-2014) C.A

| Wednesday, March 26, 2014
भारत ने समुद्र के नीचे से दागी जाने वाली लंबी दूरी की के-4’कोड वाली बैलेस्टिक मिसाइल का 25 मार्च 2014 को सफल परीक्षण किया.

पनडुब्बी से वार करने में सक्षम के-4’ कोड वाली बैलेस्टिक मिसाइल की प्रहार क्षमता दो हजार किमी से अधिक है. इस बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण पश्चिम बंगाल तट के करीब किया गया और यह सभी पैमाने पर खरा उतरा. 

के-4’कोड वाली यह मिसाइल भारतीय अस्त्रगार में पानी के नीचे से वार करने वाला अबतक का सर्वाधिक लंबी दूरी का प्रक्षेपास्त्र है. जिसे स्वदेशी नाभिकीय पनडुब्बी आइएनएस अरिहंत पर तैनात करने की योजना है.

इससे पूर्व जनवरी 2013 में भारत ने पानी के भीतर से वार में सक्षम मध्यम दूरी की बी-05 मिसाइल का परीक्षण किया था. जिसकी मारक क्षमता 700 किमी थी. 

के-4’ कोड वाली बैलेस्टिक मिसाइल की सफलता ने भारत को अमेरिका, रूस, फ्रांस व चीन समेत उन देशों की कतार में खड़ा कर दिया है जिनके पास जल, थल, नभ से नाभिकीय प्रहार क्षमता है.

विदित हो कि भारत ने पिछले दो साल में पांच हजार किमी से अधिक दूरी तक वार करने में सक्षमअग्नि-5’मिसाइल तथा स्वदेशी क्रूज मिसाइल निर्भयका भी परीक्षण किया .हालांकि स्वदेशी क्रूज मिसाइल निर्भयके लक्ष्य चूक जाने के कारण इसका परीक्षण कामयाब नहीं हो सका.

पाकिस्तान के एकमात्र पारसी टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी रूसी दिनशॉ का निधन(26-MAR-2014) C.A

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पाकिस्तान के क्रिकेट टेस्ट टीम के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी रूसी दिनशॉ का 25 मार्च 2014 को निधन हो गया. वह 86 वर्ष के थे. रूसी दिनशॉ पाकिस्तान क्रिकेट टेस्ट टीम के एकमात्र पारसी क्रिकेट खिलाड़ी थे.  वह बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्पिनर गेंदबाज थे.
रूसी दिनशॉ वर्ष 1952-53 में भारत का दौरा करने वाली पाकिस्तान क्रिकेट टीम के सदस्य रहे.


भारतीय आयुध निर्माण कारखाना, कानपुर ने हल्की रिवॉल्वर निर्भीक को लांच किया(26-MAR-2014) C.A

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भारतीय आयुध निर्माण कारखाना, कानपुर ने हल्की रिवॉल्वर निर्भीकका उत्तर प्रदेश के कानपुर में सर्वप्रथम तीन महिलाओं को 25 मार्च 2014 को प्रदान किया. पहली तीन रिवॉल्वर तीन महिलाओं- लखनऊ की गीता यादव, बाराबंकी की कल्पना पांडे और दिल्ली की गीता खरबंदा को जबकि बाकी सात रिवॉल्वर पुरुषों को दी गई.
दिसंबर 2012 में दिल्ली में सामूहिक बलात्कार की पीड़िता निर्भया के नाम पर इस रिवॉल्वर का नाम निर्भीक’  रखा गया. निर्भीकरिवॉल्वर का निर्माण भारतीय आयुध निर्माण फैक्ट्री, कानपुर ने किया है. हल्के वजन तथा 0.32 बोर वाले इस रिवॉल्वर को महिलाओं को आत्मसुरक्षा की क्षमता को बढ़ाने के लिए किया गया है. प्वाइंट 32 बोर की इस रिवॉल्वर की कीमत 1.22 लाख निर्भीक है.

निर्भीकरिवॉल्वर इटेनियम मिश्र धातु से बना है तथा इसका वजन मात्र 500 ग्राम है. सबसे हल्के रिवॉल्वर होने के साथ भारत में बनाए गए रिवॉल्वरों में निर्भीक’  सबसे छोटा रिवॉल्वर भी है. इसे सरल तंत्र और हल्के फ्रेम के कारण इसे वेब्ली एंड स्कॉट और स्मिथ एंड वेस्सन का भारतीय संस्करण के रूप में देखा जा रहा है.


गैंडों के अवैध शिकार को रोकने के लिए असम सरकार ने उनके सीगों की छटाई का प्रस्ताव दिया(26-MAR-2014) C.A

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असम सरकार ने 20 मार्च 2014 को गैंडों की आबादी को शिकारियों से बचाने के लिए उनके सींगों की छंटाई के प्रस्ताव पर लोगों से राय मांगी. जनता अपनी राय 31 मार्च 2014 तक प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के कार्यालय में अपनी प्रतिक्रिया भेजे जाने हैं. सरकार ने यह फैसला राज्य में गैंडों के अवैध शिकार के मद्देनजर लिया.
प्रस्ताव के मुताबिक गैडों की सींगों को एक ही बार निकालने के बजाए 4 से 5 माह के अंतराल पर छंटाई की जाएगी. इस प्रक्रिया में गैंडे के किसी अंदरूनी अंग को नुकसान न पहुंचे, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा. साथ ही छंटाई की यह प्रक्रिया सिर्फ उन्हीं क्षेत्रों में की जाएगी जहां गैंडों की आबादी बहुत कम है.
पृष्ठभूमि
गैंडों के सीगों की छंटाई का विचार जनवरी 2014 में भारतीय राइनो विजन (आईवीआर) 2020 ने प्रस्तावित किया था. उन्होंने यह प्रस्ताव गैंडों को असम के नागांव जिले में लाओखोवाबुराचापोरी वन्यजीव अभयारण्य में ले जाने से पहले दिया था.
आईआरवी 2020
यह डब्ल्यूडब्ल्यूएफइंडिया, असम के वन विभाग, अंतरराष्ट्रीय राइनो फाउन्डेशन और कुछ स्वयंसेवी संगठनों का संयुक्त कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम की शुरुआत असम में साल 2020 तक गैंडों की जनसंख्या 3000 करने के लक्ष्य के साथ हुई थी. इस कार्यक्रम के तहत गैंडों को काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क और पोबित्रा वन्यजीव अभयारण्य से मानस और डिब्रू साइखोवा राष्ट्रीय पार्क एवं लाओखोवाबूराचोपारी वन्यजीव अभयारण्य में स्थांतरण करना शामिल है.
राइनोसोरस (गैंडों) के बारे में
एक सींग वाले ग्रेटर राइनोसोरस (राइनोसोरस यूनिकॉर्निस) आईयूसीएन की संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची में शामिल है. पिछले कुछ दशकों में इनकी संख्या में आश्चर्यजनक रूप से कमी आई है और ये विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके हैं. विश्व में इनकी कुल जनसंख्या का करीब 85 फीसदी भारत में है और असम में इनकी कुल 75 फीसदी आबादी रहती है.


रक्तस्रावी बुखार की वजह इबोला वायरस का पता गिनी में चला(26-MAR-2014) C.A

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गिनी (अफ्रीका) में 23 मार्च 2014 को रक्तस्रावी बुखार की वजह इबोला वायरस का पता चला. अब तक 80 से ज्यादा लोगों में इस वायरस के संक्रमण का पता चला है. इनमें से सिएरा लियोन और लाइबेरिया के 59 लोगों की मौत हो चुकी है.
इससे पहले 2012 में इबोला का संक्रमण कांगो और यूगांडा में हुआ था. इस वायरस से संक्रमित एक मात्र मनुष्य का केस सबसे पहले पश्चिम अफ्रीका में 1994 में सामने आया था.
इबोला वायरस का प्रकोप गिनी जैसे देश के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है क्योंकि गिनी में चिकित्सा की बुनियागी सुविधाओं का बहुत अभाव है. यूनिसेफ ने वायरस को फैलने से रोकने के लिए गुकेडू में डॉक्टरों की नियुक्ति की है.
इंसानों के बीच यह वायरस शारीरिक तरल पदार्थों के जरिए फैलता है. इबोला के सबटाइप का अब तक पता नहीं चल पाया है जिससे मृत्यु दर का बेहतर अंदाजा हो पाता. इबोला के लिए मृत्यु दर 25 से 90 फीसदी तक हो सकती है.
इबोला वायरस के बारे में
इबोला रक्तस्रावी बुखार (ईएचएफ) एक रक्तस्रावी बुखार है और मानवजाति में पाया जाने वाला सबसे जहरीले वायरल रोगों में से एक है.
इबोला वायरस की पांच अलग अलग प्रजातियां हैंबंडीबुग्यो, कोटे डी लीवोरि, रेस्टोन, सूडान और जायरे. बंडीबुग्यो, सूडान और जायरे इबोला रक्तस्रावी बुखार ने अफ्रीका में प्रकोप की तरह है और अब तक यह प्रभावित सभी मामलों में 25 से 90 फीसदी मरीजों की मौत का वजह बन चुका है जबकि कोटे डी लीवोरी और रेस्टोन ने ऐसा नहीं किया है.
यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के रक्त, शरीर के तरल पदार्थों और उतकों से सीधे संपर्क में आने से फैलता है. इस वायरस का संचार बीमार या मृत संक्रमित वन्य पशुओं (चिंपैजी, गोरिल्ला, बंदर, वन मृग, चमगादड़) के संपर्क में आने से भी फैलता है. प्रमुख उपचार आमतौर पर सहायक चिकित्सा होती है.


आरएसपीबी ने सीनियर वुमेन हॉकी नेशनल खिताब जीता(26-MAR-2014) C.A

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रेलवे स्पोर्ट्स प्रोमोशन बोर्ड (आरएसपीबी) ने 23 मार्च 2014 को भोपाल में भारतीय हॉकी सीनियर वुमेन नेशनल चैंपियनशिप (डिविजन ए) जीती. उन्होंने हरियाणा को 4–0 से हराकर यह खिताब जीता.
प्रतियोगिता सार
•    सबसे अधिक गोल करने वाली खिलाड़ीनवनीत कौर, हरियाणा
•    बेस्ट फॉरवॉर्डः पूनम बलरा, झारखंड
•    बेस्ट डिफेंडरः दीपिका, रेलवे स्पोर्ट्स प्रोमोशन बोर्ड 
•    बेस्ट गोलकीपरः सविता, हरियाणा
•    प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंटः मोनिका, हरियाणा
•    रेलवे स्पोर्ट्स प्रोमोशन बोर्ड की कप्तानः टीएच छनछन 
•    पहला और दूसरा स्थानः  विजेता और उपविजेता टीम  
•    टूर्नामेंट में तीसरा स्थानः पंजाब को 5–0 से हराकर झारखंड ने जीता 
•    चौथा स्थानः पंजाब
रेलवे स्पोर्ट्स प्रोमोशन बोर्ड
रेलवे में खेल के संगठन के औपचारिक सेट अप के तौर पर 1928 में भारतीय रेलवे एथलेटिक एसोसिएशन की स्थापना के साथ अस्तित्व में आया. साल 1956 में इसका नाम बदलकर रेलवे स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (आरएसपीबी) और 1998 में रेलवे स्पोर्ट्स प्रोमोशन बोर्ड (आरएसपीबी) कर दिया गया.


टीसीपीएसएल ने ह्वाइट लेबल ऑटोमेटेड टेलर मशीनों को लॉन्च किया(26-MAR-2014) C.A

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टाटा कम्युनिकेशंस पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड (टीसीपीएसएल) ने 20 मार्च 2014 को ह्वाइट लेबल ऑटोमेटेड टेलर मशीनों (एटीएम) को इंडिकैश नाम के ब्रांड के तहत लॉन्च किया. पहली इंडिकैश एटीएम का उद्घाटन ठाणे जिले के चंद्रपाड़ा में हुआ.
इसके लिए टीसीपीएसएल ने फेडरल बैंक के साथ करार किया है जो कि बैंक के कैश ऑपरेशनों, विवादों के निपटारे और विनियामक रिपोर्टिंग का काम संभालेगी. इंडिकैश एटीएम का स्वामित्व और संचालन टीसीपीएसएल करेगी.
साल 2016 तक टीसीपीएसएल 15000 इंडिकैश एटीएम लगाएगी. इसमें से 67 फीसदी इंडिकैश एटीएम अर्द्ध शहरी और ग्रामीण इलाकों में लगाए जाएंगे और बाकी शहरी क्षेत्रों में.
ह्वाइट लेबल एटीएम के बारे में
ह्वाइट लेबल एटीएम गैर बैंक संस्थाओं के स्वामित्व और संचालन में होगा. इस एटीएम से किसी भी बैंक के ग्राहक पैसे निकाल सकेंगें लेकिन उन्हें सेवा शुल्क के तौर पर कुछ पैसे अदा करने होंगे.
ह्वाइट लेबल एटीएम किसी भी बैंक विशेष का लोगो प्रदर्शित नहीं करेगा और इसे गैरपरंपरागत स्थानों पर लगाए जाने की संभावना है.
टीसीपीएसएल के बारे में
टीसीपीएसएल टाटा कम्युनिकेशंस की सहायक कंपनी है जिसे 2013 में तब लाइलेंस मिला था जब आरबीआई ने भारत में एटीएम की पहुंच बढ़ाने के लिए ह्वाइट लेबल एटीएम स्थापित करने की अनुमति क़ॉर्पोरेट जगत को दी थी.