जापान का शहर फुकोका, वर्ष 2021 की वर्ल्ड एक्वेटिक चेम्पियनशिप का आयोजक होगा-(02-FEB-2016) C.A

| Tuesday, February 2, 2016
अंतर्राष्ट्रीय तैराकी महासंघ (फिना) ने 31 जनवरी 2016 को जापान के शहर फुकोका को वर्ल्ड एक्वेटिक चेम्पियनशिप 2021 की मेजबानी सौंपी.
जबकि कतरी की राजधानी दोहा को वर्ष 2023 की वर्ल्ड एक्वेटिक चेम्पियनशिप की मेजबानी दी गई है.
यह निर्णय बुडापेस्ट, हंगरी में फिना की कार्यकारी समिति ने वोट के बाद लिया.
विश्व तैराकी चैंपियनशिप के बारे में 

• विश्व तैराकी चैंपियनशिप तैराकी के खेल की विश्व चैंपियनशिप है, इन खेलों में तैराकी, डाइविंग, उच्च गोताखोरी, खुले पानी तैराकी, सिन्क्रोनाइज्ड स्विमिंग और वाटर पोलो      शामिल हैं.
• इसका संचालन फिना द्वारा किया जाता है. 
• सर्वप्रथम इसका आयोजन वर्ष 1973 में किया गया था और वर्ष 2001 से इसे प्रत्येक दो वर्ष में आयोजित किया जाता है.
• यह प्रतियोगिता वर्ष 2015 में रूसी शहर कज़ान में आयोजित की गई थी. जबकि वर्ष 2017 में बुडापेस्ट में और 2019 में दक्षिण कोरिया में इसका आयोजन किया जाएगा

आदित्य मेहता, वर्ष 2016 की राष्ट्रीय स्नूकर चैम्पियनशिप के विजेता बने-(02-FEB-2016) C.A

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मुंबई के आदित्य मेहता 31 जनवरी 2016 को वर्ष 2016 की राष्ट्रीय स्नूकर चैम्पियनशिप के पुरुष वर्ग के विजेता बने.
जबकि महिला वर्ग में यह खिताब कर्नाटका की विद्या पिल्लई ने जीता.
इसके अतिरिक्त वर्ष 2016 की राष्ट्रीय बिलियर्ड्स चैम्पियनशिप में महिला वर्ग का खिताब दिल्ली की कीरथ भंडाल ने जीता.

इस प्रतियोगिता का आयोजन इन्दौर के एमराल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल में किया गया था.
 
मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, उड़िसा, तेलंगाना, असम, गोआ, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तरप्रदेश, बिहार,   गुजरात, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, मेघालय, राजस्थान, उत्तराखण्ड, चण्डीगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, मिजोरम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के खिलाड़ियों ने भाग लिया.

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ‘फोरेस्ट ईको सिस्टम क्लाइमेट प्रूफिंग प्रोजेक्ट’ का शुभारम्भ किया-(02-FEB-2016) C.A

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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 31 जनवरी 2016 को धर्मशाला के निकट सतोवरी में कांगड़ा-चंबा जिला के लिए 310 करोड़ रुपए की हिमाचल प्रदेश ‘फोरेस्ट ईको  सिस्टम क्लाइमेट प्रूफिंग प्रोजेक्ट’ का शुभारंभ किया.
 
इस परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण में होने वाले बदलावों को के प्रभावों को कम करके हिमालयी पारिस्थितिकीय में जैव विविधिकरण को बढ़ावा देना है.
 
परियोजना जर्मनी के तत्वधान में आरंभ की गई है, जिसे केएफ.डब्ल्यू बैंक द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा.
यह परियोजना चंबा-कांगड़ा जिलों के आठ वन मंडलों में छह वर्षों की अवधि के लिए कार्यान्वित की जाएगी.
 
इस परियोजना के कार्यान्वयन से 600 गांवों के लगभग 1.5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. इसके अतिरिक्त दोनों जिलों में इस परियोजना के माध्यम   से लगभग 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र वन क्षेत्र का विस्तार होगा.
 
परियोजना के अंतर्गत चौड़ी पत्ती वाले पौधों का रोपण किया जाएगा. इसके अतिरिक्त पारंपरिक एवं प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ लगभग 150 नालों में भी  सुधार किया जाएगा.

भारत में पहली बार आयोजित होने वाले नासा के ‘सेप्सवार्ड बाउंड प्रोग्राम 2016’ के लिए लद्दाख का चयन-(02-FEB-2016) C.A

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नासा का ‘सेप्सवार्ड बाउंड प्रोग्राम’ वर्ष 2016 के जनवरी माह में तब चर्चा में आया जब इस कार्यक्रम को पहली बार भारत में आयोजित करने का निर्णय किया गया.
भारत में पहली बार आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के लिए जम्मू कश्मीर के शहर लद्दाख को चुना गया है.
भारत के लद्दाख में इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा), मार्स सोसायटी ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया और बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट    ऑफ़ पैलेयोबोटनी, लखनऊ द्वारा किया जाएगा.

‘सेप्सवार्ड बाउंड प्रोग्राम’ क्या है ?
• सेप्सवार्ड बाउंड प्रोग्राम, वर्ष 2006 में नासा के एमीस रिसर्च सेंटर द्वारा स्थापित किया गया था. 
• यह कार्यक्रम विश्व के एस्ट्रोबायोलोजिस्ट, वैज्ञानिकों और छात्रों को विश्व के उन स्थानों पर अध्ययन करने का मंच प्रदान करता है जहां जीवन बहुत जटिल है.
• यह कार्यक्रम वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करता है की कैसे सूक्ष्म जीव  कैसे इतने जटिल वातावरण में जीवन यापन करते हैं.
• इससे पूर्व इस कार्यक्रम का आयोजन मोजावे रेगिस्तान, इडाहो, उत्तरी डकोटा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ध्रुवीय क्षेत्रों जैसी जटिल जगहों पर किया जा चुका था.
लद्दाख को चयन क्यों ?

• लद्दाख समुद्रतल से 3500 से 5500 मीटर की उंचाई पर स्थित है. इस ऊँचाई पर यह क्षेत्र यूवी किरणों का भी सामना करता है.
• इस क्षेत्र की शुष्क जलवायु मंगल ग्रह से मिलती जुलती है. 
• यह क्षेत्र कई झीलों, ग्लेशियरों और अन्य भौगोलिक स्थितियों को धारण करता है जो जीवन की उत्त्पति में जानकारी पाने के लिए आवश्यक सिद्ध हो सकते हैं.
• अन्य मुख्य कारण इस क्षेत्र का कम जनसंख्या घनत्व जिससे इसका मूल वातावरण बना हुआ है.
• इसके अतिरिक्त यह क्षेत्र साफ़ मौसम भी प्रदान करता है जो ऐसे अध्ययन के लिए आवश्यक स्थित है.

 यह कार्यक्रम 7 से 20 अगस्त, 2016 को लद्दाख में आयोजित किया जाएगा.

कंप्यूटर साइंस फॉर ऑल योजना में टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो भी शामिल-(02-FEB-2016) C.A

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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की कंप्यूटर साइंस फॉर ऑल योजना में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इंफोसिस और विप्रो ने 01 फ़रवरी 2016 को शामिल होने की घोषणा की.
कंप्यूटर साइंस फॉर ऑल योजना के बारे में-
  • इस योजना को सरकारी और निजी भागीदारी से चलाए जाने का लक्ष्य है.
  • बराक ओबामा ने शनिवार को अपने साप्ताहिक संबोधन में इस योजना की घोषणा की थी.
  • ओबामा के अनुसार बदलती हुई इकॉनमी में कंप्यूटर साइंस को एक विषय के तौर पर सभी बच्चों को स्कूलों में पढ़ाए जाने जरूरत है.
  • योजना में 100 से अधिक स्कूल शिक्षकों को शामिल किया जाएगा.
  • यह योजना सरकारी और निजी भागीदारी से चलाई जाएगी.
  • इंफोसिस ने इस योजना के लिए 10 लाख डॉलर का डोनेशन देने की घोषणा की है.
  • टीसीएस अमेरिका के 27 शहरों में शिक्षकों को ग्रांट देकर इस योजना में मदद करेगी.
  • विप्रो ने मिशिगन यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर चलाए जाने वाले प्रोजेक्ट के लिए 28 लाख डॉलर की ग्रांट देने की घोषणा की है.
  • यह योजना ओबामा के गृह नगर शिकागो के पब्लिक स्कूल सिस्टम्स के साथ शुरू की जाएगी.
  • टीसीएस और इंफोसिस की ओर से दी जाने वाली मदद नेशनल साइंस फाउंडेशन (एनएसएफ) की हाई-स्कूल के कंप्यूटर साइंस शिक्षकों को प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर ट्रेनिंग देने की कोशिश का हिस्सा होगी.
  • अमेरिका देश में साइंस, टेक्नॉलजी, इंजीनियरिंग और मैथमैटिक्स (एसटीईएम) में एजुकेशन की क्वॉलिटी में बड़ा सुधार करना चाहता है.
  • विप्रो और मिशीगन यूनिवर्सिटी, विप्रो एसटीईएम फेलोशिप प्रोग्राम इन विषयों में रिसर्च से जुड़े अनुभवों को शामिल कर सुधार करने की कोशिश करेगा.

किदांबी श्रीकांत ने सैयद मोदी इंटरनेशनल बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2016 में पुरुष एकल वर्ग का खिताब जीता-(01-FEB-2016) C.A

| Monday, February 1, 2016
शीर्ष वरीयता प्राप्त किदांबी श्रीकांत ने 31 जनवरी 2016 को उत्तरप्रदेश के लखनऊ के बाबू बनारसीदास इनडोर स्टेडियम में आयोजित सैयद मोदी इंटरनेशनल बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2016 का  पुरुष एकल का खिताब जीत लिया.

इसके अतिरिक्त सैयद मोदी इंटरनेशनल बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2016 का महिला एकलका खिताब कोरिया की सुंग जी ह्यून ने जापान की सायाका सातो को 12-21, 21-18, 21-18 से   हराकर यह खिताब जीता.

श्रीकांत ने चीन के हुआंग यूजियांग को 21-13, 14-21, 21-14 से हराया. श्रीकांत ने पहली बार इस खिताब को जीता है.

पुरस्कार के रूप में श्रीकांत को 120000 यूएस डॉलर की राशी प्रदान की गई.

श्रीकांत लगातार तीसरे वर्ष इस टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला खेल रहे थे और उन्हें तीसरे मौके पर जाकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल हुआ.
पुरुष डबल्स में भारत की ओर से प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रणव चोपड़ा और अक्षय देवालकर की भारतीय जोड़ी को खिताबी मुकाबले में मैच अंक पर होने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा. इस भारतीय जोड़ी को मलेशिया के गोह वी शेम और वी कियोंग टान की जोड़ी ने सैयद मोदी इंटरनेशनल बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2016 का डबल्स पुरुष का ख़िताब जीता.
 
जबकि महिला डबल्स में कोरिया की जुंग केयोंग और सीन सेयोंग चान की जोड़ी ने नीदरलैंड्स की इएफजे मूस्केंस और सेलेना पीक की जोड़ी को 21-15, 21-13 से मात देकर खिताब जीता.
सैयद मोदी इंटरनेशनल बैडमिंटन चैम्पियनशिप के बारे में 

• यह टूर्नामेंट राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन सैयद मोदी की स्मृति में वर्ष 1991 में उत्तर प्रदेश बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा स्थापित किया गया था.
• वर्ष 2003 तक यह एक राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट था परन्तु वर्ष 2004 के बाद इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के रूप में मान्यता दी गई जिसके बाद से इसमें विदेशी  खिलाड़ी भी  भागे लेने लगे.

उत्तर प्रदेश ‘उदय’ योजना में शामिल-(01-FEB-2016) C.A

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भारत सरकार, उत्तर प्रदेश ऊर्जा निगम लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने उत्तर प्रदेश डिस्‍कॉम्‍स (दक्षिणाचंल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, कानपुर इलेक्ट्रिक सप्‍लाई कंपनी लिमिटेड, मध्‍यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) की ओर से ‘उदय’ – ‘उज्‍जवल डिस्‍कॉम एश्‍योरेंस योजना’ के तहत 30 जनवरी 2016 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किए. डिस्‍कॉम्‍स का परिचालन और वित्‍तीय स्थिति सुधारने के लिए यह समझौता ज्ञापन किया गया.
‘उदय’ योजना क्यों
•    ऊर्जा क्षेत्र के परिदृश्‍य में सकारात्‍मक बदलाव लाने के लिए उत्तर प्रदेश भी ‘उदय’ को स्‍वीकार करने वाले राज्‍यों की सूची में भी शामिल हो गया. 
•    राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़ और झारखंड ‘उदय’ के तहत पहले ही एमओयू पर हस्‍ताक्षर कर चुके हैं. देश में वितरण कंपनियां कर्ज के भारी बोझ से जूझ रही हैं. 
•    30 सितंबर 2015 तक डिस्‍कॉम्‍स का बकाया ऋण 4.3 लाख करोड़ रूपए तक पहुंच गया. इन कंपनियों को कर्ज के बोझ से राहत प्रदान करने और उनका समग्र प्रदर्शन सुधारने के लिए भारत सरकार ने सभी हितधारकों, मुख्‍यत: राज्‍य सरकारों, डिस्‍कॉम्‍स और कर्जदाताओं के साथ विचार-विमर्श की एक लंबी प्रक्रिया के बाद 20 नवंबर, 2015 को ‘उदय’ की शुरूआत की. 
•    ‘उदय’ का उद्देश्‍य कर्ज में डूबी वितरण कंपनियों की वित्‍तीय स्थिरता के लिए स्‍थायी समाधान निकालना और उनकी परिचालन क्षमता में सुधार लाना है. 

उत्तर प्रदेश को लाभ
•   उत्तर प्रदेश सरकार डिस्‍कॉम के कर्ज से 39,900 करोड़ रूपए वहन करेगी.
•    बदलाव की प्रक्रिया के दौरान उत्‍तर प्रदेश और डिस्‍कॉम्‍स अनिवार्य फीडर और ट्रांसफामर्स मीटरों का वितरण, उपभोक्‍ता इंडेक्‍स एवं नुकसान की जीआईएस मैपिंग, ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड/बदलना, मीटर इत्‍यादि, बड़े ग्राहकों के लिए समार्ट मीटरिंग जैसे कदमों के जरिए परिचालन दक्षता लाने का प्रयास करेंगे.
•    इससे पारेषण (ट्रांसमिशन) और एटीएंडसी के नुकसान को कम किया जा सकेगा. इसके अलावा बिजली की आपूर्ति और वसूली के बीच के अंतर को समाप्‍त किया जा सकेगा. 
•    इस दौरान एटीएंडसी और पारेषण नुकसान में क्रमश: 15 प्रतिशत और 3.95 प्रतिशत की कमी लाकर 17,700 करोड़ रूपए का अतिरिक्‍त राजस्‍व जुटाया जा सकेगा. 
•    इससे डिस्‍कॉम को लगभग 200 करोड़ रूपए की ब्‍याज लागत की बचत होने की उम्‍मीद है.
•    ‘उदय’ के माध्‍यम से बदलाव की अवधि में ब्‍याज लागत में बचत करने, एटीएंडसी और ट्रांसमिशन नुकसान में कमी लाने, ऊर्जा दक्षता के उपायों को अपनाने और कोयला सुधार आदि से उत्‍तर प्रदेश को लगभग 33,000 करोड़ रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्‍त होगा.

तेलुगु साहित्यकार नयनी कृष्णकुमारी का निधन-(01-FEB-2016) C.A

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तेलुगु साहित्यकार नयनी कृष्णकुमारी का 30 जनवरी 2016 को हैदराबाद में निधन हो गया.
वह 86 वर्ष की थी.
उन्होंने मात्र 18 वर्ष की आयु में ‘अन्ध्रुला कथा’ नामक साहित्य की रचना की थी, जो अन्ध्रावासियों के इतिहास पर आधारित है.
नयनी कृष्णकुमारी के बारे में

• नयनी कृष्णकुमारी का जन्म 14 मार्च 1930 को आँध्रप्रदेश में हुआ.
• वह प्रसिद्ध लेखक नयनी सुब्बाराव की बेटी हैं.
• उन्होंने वर्ष 1954 में कनकपल्ली मधुसूदन राव से विवाह किया.
• एक साहित्यकार होने के अलावा उन्होंने चेन्नई, उस्मानिया विश्वविद्यालय और अंत में पोट्टी श्रीरामुलु तेलुगू यूनिवर्सिटी में भी पढ़ाया.
• उन्हें आँध्रप्रदेश साहित्य अकादमी की ओर से सर्वश्रेष्ठ महिला लेखिका पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.
• इसके अतिरिक्त उन्हें पोट्टी श्रीरामुलु तेलुगू यूनिवर्सिटी ने भी सर्वश्रेष्ठ महिला लेखिका पुरस्कार से सम्मानित किया है.

मुख्यमंत्री नीतीश ‘वीरमणि सामाजिक न्याय सम्मान’ के लिए चयनित-(01-FEB-2016) C.A

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में प्रतिष्ठित ‘वीरमणि सामाजिक न्याय अवार्ड’ से सम्मानित किया जायेगा. नीतीश को यह पुरस्कार साल 2015 के लिए दिया जायेगा. समाज सुधारक पेरियार इवी रामासामी के विदेशों में रहनेवाले एनआरआई अनुयायियों की ओर से 30 जनवरी 2016 को यह अवार्ड देने की घोषणा की गयी.
  • पुरस्कार के तहत नीतीश कुमार को एक लाख रूपए नकद राशि दी जाएगी.
  • इस मामले में समय निर्धारित करने के लिए फरवरी के प्रथम सप्ताह में नीतीश कुमार के दिल्ली प्रवास के दौरान पेरियार इंटरनेशनल के महामंत्री जी कृष्ण्मूर्ति उनसे मुलाकात करेंगे.
  • द्रविड़ कडग़म के अध्यक्ष के डॉ के वीरमणि के नाम पर यह पुरस्कार पेरियार के समर्थकों की ओर से सामाजिक न्याय के क्षेत्र में काम करनेवाले राजनेता को हर साल दिया जाता है.
  • संगठन ने मुख्यमंत्री को पुरस्कार स्वीकार करने का अनुरोध पत्र भेजा है.
  • इससे पहले पूर्व पीएम वीपी सिंह को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.
  • पेरियार इंटरनेशनल की ओर से अब तक सामाजिक न्याय के क्षेत्र में काम करनेवाले 16 प्रमुख व्यक्तियों को के वीरमणि अवार्ड दिया गया है.
  • पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह को (1996) व कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सीताराम केसरी को (1998) में यह अवार्ड मिल चुका है.
इनको भी दिया जा चुका है यह अवार्ड-
1996 में चंद्रजीत यादव, 2000 में मायावती, 2002 में सिंगापुर के परियारिस्ट एसटी मूर्थी, 2003 में जीके मूपनार, 2005 में  आंध्र प्रदेश हाइकोर्ट के जज बीएसए सामी, 2006 में म्यामार की वीरा मुनुसामी, 2008 में तमिलनाडु  के सीएम के करुणानिधि, 2009 में कर्नाटक हाइकोर्ट के महाधिवक्ता प्रो रविवर्मा कुमार, 2010 में कुवैत के चेलापेरूमल, 2011 में अखिल भारतीय ओबीसी  संगठन के महासचिव जी करुणानिधि, 2011 में सोशल वर्कर वी कलासेलवल, 2012 में वी हनुमंत राव, 2013 में छगन भुजबल और 2014 में ओड़िशा विवि के प्रो धनेश्वर साहु को यह अवार्ड दिया जा चुका है.

यूएस के मॉर्टन मावर और यूके के सर माइकल मार्मोट वर्ष 2015 के प्रिंस मेहिडल अवार्ड्स से सम्मानित-(01-FEB-2016) C.A

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यूएस के मॉर्टन मावर और यूके के सर माइकल मार्मोट को 29 जनवरी 2016 को थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में वर्ष 2015 के मेहिडल अवार्ड्स से सम्मानित किया गया.
यह पुरस्कार उन्हें थाईलैंड के राजकुमार भूमिबोल अदुल्यादेज की ओर से राजकुमारी महा चक्री सिरिनधोर्न ने प्रदान किया. भूमिबोल स्वास्थ्य सही ना होने के कारण इस समारोह में  भाग नहीं ले सके.
उन्हें यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के कारण दिया गया.
यूएस के मॉर्टन मावर को मेडिसिन श्रेणी में ‘द ऑटोमेटिक इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डेफीब्रिलटर’ नामक यंत्र की खोज के लिए दिया गया है. यह यंत्र हृदय की गति की निगरानी  करने में सक्षम है और इस दौरान किसी भी तरह की विषमता के उत्पन्न होने पर विद्युत् धारा के प्रवाह को जारी करता है.
यूके के सर माइकल मार्मोट को ‘स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारक’ अवधारणा को देने के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य की श्रेणी में यह पुरस्कार प्रदान किया गया.
मेहिडल अवार्ड्स के बारे में
• इस पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1992 में की गई थी.
• यह पुरस्कार थाईलैंड में आधुनिक चिकित्सा के जनक सोंगकला  के राजकुमार मेहिडल के 100वें जन्मदिन पर स्थापित किया गया था.
• इस पुरस्कार के अंतर्गत 100000 यूएस डॉलर की राशी थाईलैंड के राजा द्वारा प्रदान की जाती है.
• प्रत्येक वर्ष विश्व के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की समिति पुरस्कार के विजेताओं का चयन करती है.
• वर्ष 1992 की स्थापना से अब तक एकमात्र भारतीय दिलीप महालनोबिस जो की एक बाल रोग विशेषज्ञ हैं उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

अप्रैल-दिसंबर में राजकोषीय बजट मे 88 प्रतिशत घाटा-(01-FEB-2016) C.A

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वित्त वर्ष 2015-16 के पहले नौ महीने में राजकोषीय घाटा बजट के सालाना लक्ष्य का 88 फीसदी रहा. इससे पूर्व वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 100.2 फीसदी तक था. 29 जनवरी 2016 को उपलब्ध ताजा आंकड़े सरकार की वित्तीय स्थिति में सुधार का संकेत हैं.
राशि के हिसाब से अप्रैल-दिसंबर, 2015 के दौरान राजकोषीय घाटा 4.88 लाख करोड़ रुपए रहा, जो 2015-16 के बजट अनुमान का 88 फीसदी है. घाटे की स्थिति में सुधार का मुख्य कारण कर संग्रह में वृद्धि है.
  • पिछले वर्ष पेश बजट में वित्त मंत्री ने राजकोषीय घाटा 2015-16 में 5.55 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया.
  • लेखा महानियंत्रक के आंकड़ों के अनुसार आलोच्य अवधि में कर राजस्व 6.22 लाख करोड़ रुपए रहा. जो पूरे वर्ष के लिए रखे गए राजस्व अनुमान 9.19 लाख करोड़ रुपए का 67.6 फीसदी है.
  • राजस्व से कुल प्राप्ति तथा गैर-ऋण पूंजी चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीने में 8.25 लाख करोड़ रुपए रही.
  • सरकार ने 2016 मार्च अंत तक 12.21 लाख करोड़ रुपए की प्राप्ति का अनुमान रखा है.
  • आलोच्य अवधि में सरकार का योजना व्यय 3.45 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पूरे वर्ष के बजट अनुमान का 74.4 फीसदी है.
  • पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान सरकार का योजना व्यय वर्ष के अनुमान का 61.3 फीसदी रहा था.
  • वित्त वर्ष 2015-16 की अप्रैल-दिसंबर में गैर-योजना व्यय 9.68 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पूरे साल के अनुमान का 73.8 फीसदी है.
  • आलोच्य अवधि में कुल व्यय (योजना एवं गैर-योजना) 13.13 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए कुल अनुमान 17.77 लाख करोड़ रुपए के व्यय का रखा गया है.
  • वित्त वर्ष 2015-16 में सरकार ने राजकोषीय घाटा 5.55 लाख करोड़ रुपए यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.9 फीसदी रहने का लक्ष्य रखा है.
  • इस अवधि में सरकार का राजस्व खर्च महज 30,000 करोड़ रुपये ही बढ़ा, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष एकल खिताब जीता-(01-FEB-2016) C.A

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विश्व के नंबर-1 पुरुष टेनिस खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने 31 जनवरी 2016 को ऑस्ट्रेलियन ओपन का पुरुष एकल का खिताब जीता. 

जोकोविच का यह छठवां ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब है. उन्होंने फाइनल मैच में विश्व नंबर-2 खिलाड़ी एंडी मर्रे को हराया.

रॉड लेवर एरेना मैदान पर हुए फाइनल मैच में जोकोविच ने ब्रिटेन निवासी मर्रे को 6-1,7-5, 7-6 (3) से हराया.

नोवाक जोकोविच

•    जोकोविच का यहा 11वां ग्रेंड स्लैम खिताब है, इस जीत के साथ ही वह रोड लावर और ब्जोर्न बोर्ग जैसे महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं.
•    पिछले 49 साल से उनके इस रिकॉर्ड को कोई छू भी नहीं पाया था. इससे वह रॉड लीवर और ब्यॉर्न बॉर्ग की बराबरी पर पहुंच गए. 
•    जोकोविच ने वर्ष 2008 में जो विल्फ्रेड सोंगा को हराकर अपना पहला ऑस्ट्रलियन ओपन खिताब जीता था.
•    वर्ष 2012  के फाइनल में उन्होंने राफेल नडाल को मात दी और इसके अलावा उन्होंने 2011, 2013, 2015 और अब 2016 में मर्रे को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन ख़िताब जीता.

भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज़ जीती-(01-FEB-2016) C.A

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में 31 जनवरी 2016 को खेले गये टी-20 सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 7 विकेट से हरा दिया. इस प्रकार भारत ने 3-0 से सीरीज जीती.

140 साल के क्रिकेट इतिहास में इससे पहले ऑस्‍ट्रेलिया को कभी भी उसके घरेलू मैदान में किसी टीम ने 3 या इससे अधिक मैचों की सीरीज में क्‍लीन स्‍वीप नहीं किया था. 

तीन मैचों की सीरीज में 199 रन बनाने वाले विराट कोहली को 'मैन ऑफ द सीरीज', वहीं शेन वॉटसन को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया.

इस जीत से भारत की टीम टी-20 रैंकिंग में भी पहले स्थान पर आ गयी है, इससे पहले आठवें नंबर पर थी.
पहला मैच

26 जनवरी 2016 को खेले गये मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 188 रनों का लक्ष्य दिया जिसका पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम 151 रनों पर ही सिमट गयी. भारत ने यह मैच 37 रनों से जीता. 

दूसरा मैच

29 जनवरी 2016 को मेलबर्न में खेले गये मैच में भारत द्वारा 184 रन बनाये गये जिसका पीछा करते हुए ऑस्ट्रलिया की टीम 157 रन ही बना सकी. भारत ने यह मैच 27 रन से जीता.

तीसरा मैच

31 जनवरी 2016 को सिडनी में 198 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में तीन विकेट पर 200 रन बनाकर मैच जीता. सुरेश रैना 25 गेंदों में 49 रन और युवराज सिंह 12 गेंदों में 15 रन बनाकर नाबाद रहे.

जर्मनी की एंजेलिक कर्बर ने वर्ष 2016 का महिला एकल आस्ट्रेलिया ओपन खिताब जीता-(01-FEB-2016) C.A

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जर्मनी की एंजेलिक कर्बर ने 30 जनवरी 2016 को आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित, ऑस्ट्रेलियन ओपन महिला एकल फाइनल मुकाबले में शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिकी खिलाड़ी   सेरेना विलियम्स को 6-4, 3-6, 6-4 हरा कर वर्ष 2016 का महिला एकल आस्ट्रेलिया ओपन खिताब जीत लिया.

यह एंजेलिक कर्बर का पहला ग्रैंड स्लैम हिताब है.

इटली की फ्लाविया पेनेटा के बाद यह दूसरी खिलाड़ी हैं जिन्होंने पहली बार ग्रैंड स्लैम में प्रवेश किया और खिताब भी जीता. इससे पूर्व यह कीर्तिमान फ्लाविया पेनेटा ने यूएस ओपन  2015 में हासिल किया था.
कर्बर किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल मुकाबले में सेरेन विलियम्स को हराने वाली चौथी खिलाड़ी हैं. इससे पूर्व वर्ष 2001 में वीनस विलियम्स ने यूएसओपन में और वर्ष 2008 में 
विम्बलडन में, वर्ष 2004 में मारिया शारपोवा ने विम्बलडन में और वर्ष 2011 में सामन्था स्टोसुर ने यूएस ओपन में सेरेना को हराया था.
 
यदि सेरेना यह खिताब जीत जाती तो यह उनकी 7वीं ऑस्ट्रेलियन ओपन और 22वीं ग्रैंडस्लैम जीत होती. ज्ञात हो सेरेना ने अब तक 21ग्रैंड स्लैम जीते हैं.
इस हार के साथ सेरेना जर्मनी की स्टेफी ग्राफ के 22 ग्रैंडस्लैम विजेता होने के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाई. ज्ञात हो स्टेफी ग्राफ वर्ष 1968 के बाद सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने वाली  
दूसरी खिलाड़ी(महिला और पुरुष दोनों) हैं. जबकि ओपन एरा के बाद सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने का खिताब ऑस्ट्रेलिया की मार्गरेट कोर्ट के पास है.

भारत ने शुरू किए जीका वायरस के खतरे से बचाव के उपाय-(01-FEB-2016) C.A

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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जीका वायरस के संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयारी आरम्भ कर दी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 29 जनवरी 2016 को एक बैठक कर स्वास्थ्य सचिव बी. पी. शर्मा के नेतृत्व में तकनीकी विशेषज्ञों का एक समूह गठित करने का फैसला किया. समूह अन्य देशों में जीका वायरस के फैलने से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखेगा और आवश्यक रूप से उठाए जाने वाले कदमों के बारे में सलाह देगा.
  • केंद्र सरकार ने यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की चेतावनी के बाद उठाया है.
  • डब्ल्यूएचओ के अनुसार इससे भारत जैसे देश प्रभावित हो सकते हैं.
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी. नड्डा ने इस मुद्दे पर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की.
  • इस वायरस के संक्रमण को देश में रोकने के लिए निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाएगा.
दो कमेटियां बनाई-
  • टेक्निकल कमेटीः यह जीका वायरस से बचाव के उपाय और इस पर एडवाइजरी जारी करने का काम करेगी.
  • जॉइंट मॉनिटर कमेटीः यह जीका मामलों की समीक्षा के लिए हर हफ्ते बैठक कर हालात की समीक्षा करेगी.
6 लैब में होगा वायरस पर काम-
  • जीका वायरस पर पुणे के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में काम चल रहा है.
  • भारत में फिलहाल इसका कोई केस सामने नहीं आया है.
  • अगले एक हफ्ते के भीतर छह और लैब में इस वायरस पर काम शुरू कर दिया जाएगा.
जीका वायरस से बचाव के उपाय-
  • डेंगू प्रकोप वाले एडीज मच्छर ही जीका वायरस का संचार करते हैं.
  • स्वच्छ पानी में उत्पन्न होने वाले एडीज मच्छरों के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए विशेष जोर दिया जाएगा.
  • इस बारे में सामूहिक जागरुकता भी महत्वपूर्ण है.
  • समुदायों के बीच अधिक से अधिक जागरुकता पैदा किए जाने की जरूरत है.
  • जिका वायरस की रोकथाम के लिए साल के अंत तक टीका आने की संभावना है.
  • यह वायरस गर्भ में पल रहे बच्चे को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को खासतौर पर सतर्कता बरतने को कहा गया है.
वायरस का फैलाव
  • इस वायरस का फैलाव पिछले वर्ष ब्राजील में शुरू हुआ.
  • यह अब तक अमेरिकी क्षेत्र में 24 देशों में फैल चुका है.
  • अल साल्वाडोर, कोलंबिया, इक्वाडोर जैसे कई अमेरिकी देशों में यह स्थिति चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है.
  • 40 लाख को चपेट में ले सकता है.
  • जिका वायरस, रियो ओलंपिक पर भी खतरा बना है.
आईएमए  की एडवाइजरी-
  • गर्भवती महिलाएं उन देशों की यात्रा न करें, जहां जीका वायरस की आशंका है.
  • जो महिलाएं ऐसे देश गई हैं, वे दो सप्ताह के भीतर वायरस की जांच करा लें.
  • जिनमें बुखार, रैशेज, मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण हों वे भी इसकी जांच कराएं.
  • किसी क्लीनिक पर ऐसे मरीज आएं तो क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे.
भारत में खतरा क्यों?
  • जीका वायरस एडीज मच्छर से फैलता है और भारत में इन मच्छरों की भरमार है.
  • जिनसे मलेरिया होता है.
  • इस वायरस से माइक्रोसेफेली नाम की बीमारी होती है.
  • इस शब्द का अर्थ है छोटा दिमाग यानी इस बीमारी में दिमाग पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता है.
  • गर्भ में पल रहे बच्चों को इससे सबसे ज्यादा खतरा है.