विश्वभर में अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया गया-(04-OCT-2015) C.A

| Sunday, October 4, 2015
2 अक्टूबर : अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस 

2 अक्टूबर 2015 को विश्व भर में अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया गया. यह दिवस महात्मा गांधी के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाता है, वे अहिंसा के दर्शन शास्त्री एवं समर्थक थे.

इस अवसर पर सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं ने अहिंसा के राजनैतिक एवं सामाजिक महत्व पर विशेष कार्यक्रम, वार्ता एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया.

5 जून 2007 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा एक प्रस्ताव पारित करके प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर को अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाये जाने की घोषणा की गयी थी.

प्रस्ताव का उद्देश्य अहिंसा के सिद्धांत की सार्वभौमिक प्रासंगिकता को पुष्ट करना था तथा विश्व में शांति, सहिष्णुता, आपसी समझ और अहिंसा को बढ़ावा देना था.

इस दिवस का भारत के लिए विशेष महत्व है क्योंकि इस प्रस्ताव का संयुक्त राष्ट्र के 140 सदस्य राष्ट्रों ने समर्थन किया.

फिलीस्तीन को संयुक्त राष्ट्र में अपना झंडा फहराने के पक्ष में समर्थन-(03-OCT-2015) C.A

| Saturday, October 3, 2015
फिलीस्तीन को संयुक्त राष्ट्र में अपना झंडा फहराने के पक्ष में 30 सितंबर 2015 को सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त हुआ. पूर्व में अमरीका और इजराइल के गतिरोध के कारण फिलीस्तीन संयुक्त राष्ट्र के सामने अपना प्रतीक चिह्न झंडा नहीं फहरा सकता था.
संयुक्त राष्ट्र के नेशनल जनरल एसेम्बली में हुए वोट के बाद फिलीस्तीन को इसकी अनुमति मिल गई. एसेम्बली की वोटिग में 119 देशों ने फिलीस्तीन के हक में वोट डाले वहीं आठ देशों ने इसका विरोध किया. 45 ऐसे भी देश थे जिन्होंने वोट करने से भी परहेज किया और इस वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. इस प्रस्ताव के पक्ष में अरब, र्इरान, अफ्रीका और एशियाई देश थे. वहीं इस प्रस्ताव के विरोध में इजरायल, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने वोट किया.
विदित हो कि फिलीस्तीन 2012 में यूएन से पर्यवेक्षक राज्य के रूप में जुडा था. इस फैसले के बाद फिलीस्तीन के राष्ट्रपति मोहम्मद अब्बास अंतरराष्ट्रीय संम्मेलन में झंडा फहराएंगे.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद नवाज़ शरीफ द्वारा 4 सूत्रीय शांति प्रस्ताव प्रस्तुत-(03-OCT-2015) C.A

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद नवाज़ शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान 30 सितंबर 2015 को भारत के साथ शांति स्थापित करने हेतु 4 सूत्रीय शांति प्रस्ताव प्रस्तुत किया. इसका उद्देश्य एशियाई देशों के संबंधों को टकराव की बजाय सहयोग की भूमिका में परिभाषित करना है.

चार सूत्रीय शांति पहल

1.    पाकिस्तान एवं भारत को वर्ष 2003 में कश्मीर में लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर लागू किये गये संघर्ष विराम को पूर्णतः मानना चाहिए. भारत और पाकिस्तान में संघर्ष विराम के पालन की निगरानी हेतु संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह को बुलाया जायेगा.
2.    पाकिस्तान एवं भारत यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्थिति में वे सैन्य बल के प्रयोग की धमकी अथवा सेना का वास्तविक प्रयोग नहीं करेंगे. यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का एक केंद्रीय तत्व है.
3.    कश्मीर को सेना मुक्त बनाने हेतु सकारात्मक कदम उठाए जायेंगे.
4.    दोनों देशों द्वारा सियाचिन ग्लेशियर से बिना शर्त सैन्य वापसी के लिए सहमति बनाई जाएगी. सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है.

आतंकवाद के वैश्विक खतरे से निपटना

नवाज़ शरीफ ने पाकिस्तान में हुए आतंकवादी हमलों का जिक्र भी किया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के वैश्विक खतरे से निपटने के लिए इसके मूल कारणों, गरीबी और अज्ञानता का हल निकाला जाना चाहिए.

घोषणा के अनुसार, उग्रपंथी विचारधारा का विरोध किया जाना चाहिए. साथ ही यह भी कहा गया कि विश्व भर में मुस्लिमों को आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है तथा उनसे बुरा व्यवहार किया जाता है, जिस पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है.

करेंट अफेयर्स इंटरैकटिव क्विज: 3 अक्टूबर 2015

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iastyyari.blogspot.com अपने पाठकों के लिए दैनिक करेंट अफेयर प्रश्न उपलब्ध करा रहा है. इससे पाठकों को प्रतिदिन करेंट अफेयर से सम्बंधित प्रश्नों के विषय में समुचित जानकारी प्राप्त होगी.

प्रश्न-1. ‘बेईदोउ’ नेविगेशन उपग्रह प्रणाली  निम्न में से किस देश से संबंधित है? 
a)    चीन 
b)    भारत 
c)    बांग्लादेश 
d)    जापान 

प्रश्न-2. फिलीस्तीन को संयुक्त राष्ट्र में अपना झंडा फहराने के पक्ष में 30 सितंबर 2015 को सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त हुआ. फिलीस्तीन निम्न में से किस वर्ष संयुक्त राष्ट्र से पर्यवेक्षक राज्य के रूप में जुड़ा था? 
a)    वर्ष 2012 
b)    वर्ष 2013  
c)    वर्ष 2014  
d)    वर्ष 2015 

प्रश्न-3. निम्न में से किस भारतीय मूल के अमेरिकी को वर्ष 2015 मैक आर्थर ‘जीनियस ग्रांट’ की फेलोशिप के लिए चयनित किया गया? 
a)    कार्तिक चंद्रन 
b)    रितेश भारद्वाज 
c)    मलिका संभु 
d)    सुरेश ठाकुर 

प्रश्न-4. जर्मनी ने 13 सितंबर 2015 को ऑस्ट्रिया सीमा से आने वाले किन शरणार्थियों के लिए बॉर्डर कंट्रोल सिस्टम आरंभ किया ?
a)    सीरियाई
b)    इराकी
c)    अफगानी
d)    पाकिस्तानी

प्रश्न-5. किस देश के प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 30 सितंबर 2015 को भारत के साथ शांति स्थापित करने हेतु 4 सूत्रीय शांति प्रस्ताव प्रस्तुत किया ?
a)    चीन
b)    श्रीलंका
c)    पाकिस्तान
d)    बांग्लादेश

प्रश्न-6. निम्न कथनों पर विचार कीजिये तथा सही उत्तर का चुनाव कीजिये:
अ. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, 2013 के अंतर्गत मिड डे मील नियम, 2015 अधिसूचित किये
ब. मिड डे मील नियम, 2015 को मध्याह्न भोजन योजना,2014 के तहत अधिसूचित किया गया
a)    अ और ब
b)    केवल अ
c)    केवल ब 
d)    दोनों में से कोई नहीं

प्रश्न-7. किस शख्सियत की 125वीं जयंती पर 30 सितंबर 2015 को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने डाक टिकट जारी किया ?
a)    महात्मा गांधी
b)    डॉ भीमराव आंबेडकर
c)    भगत सिंह
d)    आचार्य सुश्रुत

प्रश्न-8. उत्तर प्रदेश सरकार ने 29 सितंबर 2015 को कितने चरणों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013, लागू करने की घोषणा की है?
a)    दो
b)    तीन
c)    चार
d)    पांच

प्रश्न-9. 26 सितंबर 2015 को संयुक्त राज्य अमेरिका स्थित न्यूयॉर्क में हुए जी-4 शिखर सम्मेलन का संचालन किस देश ने किया ?
a)    जापान
b)    ब्राज़ील
c)    भारत
d)    जर्मनी

प्रश्न-10. गुवांगझू अंतर्राष्ट्रीय महिला ओपन-2015 के एकल वर्ग का खिताब किसने जीता?
a)    जेलेना जंकोविक
b)    सिमोना हालेप
c)    सारा ईरानी
d)    अना इवानोविक

प्रश्न-11. हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ (ITF) का अध्यक्ष किसे निर्वाचित किया गया?
a)    अनिल खन्ना
b)    जैक ग्राहम
c)    डेविड हागेर्टी
d)    कैटरीना एडम्स

प्रश्न-12. रतन टाटा को 1 अक्टूबर 2015 को इंग्लैंड में उनके वेस्ट मिडलैंड्स क्षेत्र में योगदान हेतु किस सिटी द्वारा सम्मानित किया गया ?
a)    क्वीन्सलैंड
b)    मिडलैंड्स
c)    कोवेंट्री
d)    बर्मिंघम

प्रश्न-13. किस भारतीय को सितंबर 2015 में अन्तरराष्ट्रीय जादूगर एसोसिएशन द्वारा सम्मानित किया गया ?
a)    जेनिया भुम्गारा
b)    संतोष सेनिल
c)    ज्योतिराय बिष्ट
d)    अनिल कुमार संभव

प्रश्न-14. चीन ने 30 सितंबर 2015 को ‘बेईदोउ’ नेविगेशन उपग्रह प्रणाली के निम्न में से किस संस्करण का प्रक्षेपण किया? 
a)    20वें संस्करण 
b)    21वें संस्करण 
c)    22वें संस्करण 
d)    25वें संस्करण 

प्रश्न-15- महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने महाराष्ट्र का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) 29 सितंबर 2015 को किसे नियुक्त किया ?
a)    विजय काम्बले
b)    किरन साल्वे 
c)    सतीश माथुर 
d)    प्रवीण दीक्षित

उत्तर-1-a 2-a 3-a 4-a 5-c 6-b 7-b 8-b 9-c 10-a 11-c 12-c 13-a 14-a 15-d

विश्व व्यापार संगठन ने 2015 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की-(03-OCT-2015) C.A

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विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) ने 30 सितंबर 2015 को वर्ष 2015 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की. इसमें डब्ल्यूटीओ की वर्ष 2014 एवं 2015 की गतिविधियों की जानकारी दी गयी है.

इसके अतिरिक्त इसमें विश्वभर में व्यापार परिदृश्य और निकट भविष्य के लिए विकास दर के आंकड़े प्रदान किये गये हैं.

2015 की वार्षिक रिपोर्ट
•    विश्व व्यापार 2014 में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में वर्ष 2015 में 2.8 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा. विकास दर में अमेरिकी ब्याज दर में वृद्धि, चीन की आर्थिक मंदी या यूरोप के शरणार्थी संकट के कारण नीचे आने के भी संकेत हैं.
•    वर्ष 2016 में, विश्व व्यापार में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, डब्ल्यूटीओ के पिछले अनुमान में इसे 4.0 प्रतिशत बताया गया था.
•    वर्ष 2015 के एशियाई वृद्धि दर अप्रैल में लगाये गये अनुमान 5.1 प्रतिशत से 2.6 प्रतिशत पर आने की आशंका है तथा एशियाई आयात दर 5.0 से 3.1 प्रतिशत पर आने का अनुमान है.
•    अप्रैल 2015 में सेशेल्स को डब्ल्यूटीओ के 161वें सदस्य के रूप में शामिल किया गया.
रिपोर्ट का भारत से संबंध

•    वर्ष 1995 से 2014 के बीच, भारत 43 व्यापार विवादों में शामिल है जबकि चीन 44 विवादों में शामिल हैं.

•    विश्व व्यापार संगठन के भीतर, भारत (13) ब्राजील (29) के बाद दूसरा सबसे ज्यादा एंटी डंपिंग इनिशिएशंस में शामिल देश है.

•    भारत ने वर्ष 2014 में सबसे अधिक जांच आरंभ की. भारत ने सात, इंडोनशिया एवं तुर्की ने 3 केसों में जांच आरंभ की. भारत ने सबसे अधिक, चार, अंतिम प्रयासों के लिए संघर्ष किया.

•    31 दिसम्बर 2014 तक उजल सिंह भाटिया सात सदस्यीय अपीलीय निकाय में एकमात्र भारतीय के रूप में मौजूद रहे.

भारतीय मूल के कार्तिक चंद्रन मैक आर्थर ‘जीनियस ग्रांट’ फेलोशिप के लिए चयनित-(03-OCT-2015) C.A

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भारतीय मूल के अमेरिकी पर्यावरण इंजीनियर कार्तिक चंद्रन को वर्ष 2015 मैक आर्थर ‘जीनियस ग्रांट’ की फेलोशिप के लिए चयनित किया गया. इसकी घोषणा सितंबर 2015 में की गई.
चंद्रन को ‘जीनियस ग्रांट’ फेलोशिप के तहत 6.25 लाख डॉलर (करीब 4.09 करोड़ रुपये) का मानदेय दिया जाएगा. यह फेलोशिप दुनिया में भोजन, स्वच्छ जल और ऊर्जा की जरूरत के क्षेत्र में आदर्श समाधान की दिशा में काम करने वालों को दी जाती है. चंद्रन को यह फेलोशिप अपशिष्ट जल को उर्वरक, ऊर्जा और स्वच्छ जल में तब्दील करने की दिशा में काम करने के लिए मिली है.
आइआइटी रुड़की से स्नातक करने वाले चंद्रन कोलंबिया यूनिवर्सिटी में अर्थ एंड एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में सहायक प्रोफेसर हैं.

केंद्र सरकार द्वारा मिड डे मील नियम-2015 अधिसूचित-(03-OCT-2015) C.A

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केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, 2013 (एनएफएसए,2013) के अंतर्गत 30 सितंबर 2015 को मिड डे मील नियम, 2015 अधिसूचित किये. इसमें मध्याह्न भोजन योजना सहित कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रावधान हैं.

कानून के प्रावधानों के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राज्यों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों से विचार-विमर्श के बाद मध्याह्न भोजन नियम तय किए हैं. यह भारत सरकार के राजपत्र में अधिसूचित होने के दिन से प्रभावी हो जायेंगे.

मिड डे मील नियम-2015 के प्रावधान

बच्चों का अधिकार - छह से चौदह साल की आयु के कक्षा एक से आठवीं तक में पढ़ने वाले बच्चों को गर्म और पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जायेगा. नियमों के अनुसार प्राथमिक कक्षा के बच्चों को 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन युक्तक भोजन दिया जायेगा. उच्च प्राथमिक कक्षा के बच्चों को 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन वाला भोजन दिया जायेगा. स्कूलों में छुट्टी के अलावा यह भोजन उन्हें प्रतिदिन मुफ्त दिया जायेगा. भोजन सिर्फ स्कूलों में ही दिया जायेगा.

योजना का कार्यान्वयन - हर स्कूल में खाना बनाने की सुविधा होगी. यहां साफ-सुथरे तरीके से खाना बनाने की व्यववस्था होगी. केंद्रीय सरकार द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक जहां जरूरत हो वहां शहरी इलाकों के स्कूल भोजन तैयार करने में केंद्रीयकृत रसोई घर का इस्तेमाल कर सकते हैं. भोजन सिर्फ संबंधित स्कूलों में ही परोसा जायेगा.

स्कूल प्रबंधन कमेटी का दायित्व‍ - नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार कानून, 2009 के अनुसार स्कूंल प्रबंधन कमेटी को मध्याह्न भोजन योजना के कार्यान्वायन की निगरानी का अधिकार होगा. यह कमेटी बच्चों को दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, भोजन तैयार करने के स्थान की स्वच्छता और साफ-सुथरे वातावरण को सुनिश्चित करेगी. यह कमेटी देखेगी कि भोजन बनाने और बांटने में उपरोक्त मानकों का पालन हो रहा है अथवा नहीं.

विद्यालय कोष का उपयोग- यदि स्कूलों में भोजन बनाने के लिए अन्न और पकाने के लिए फंड उपलब्ध न हो तो भोजन के लिए किसी अन्य फंड के इस्तेमाल की निगरानी का अधिकार स्कूल के प्रधानाचार्य या प्रधानाचार्या के पास होगा. मध्याह्न भोजन के लिए राशि प्राप्त होने पर अन्य‍ फंड से इस्तेमाल की गई राशि की भरपाई तुरंत कर दी जायेगी.

पोषक मानक सुनिश्चित करने हेतु मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं द्वारा भोजन की जांच – सरकार की खाद्य अनुसंधान प्रयोगशालाएं बच्चों को दिये जाने वाले भोजन की जांच करेंगी और गुणवत्ता प्रमाणित करेंगी. भोजन में पोषण के मानक और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है.

खाद्य सुरक्षा भत्ता  - यदि स्कूलों में या किसी स्कूल में अन्न और खाना पकाने की व्यवस्था अर्थात् ईंधन या रसोईये के लिए पैसे न हों तो सरकार भोजन देने के महीने के अगले महीने की 15 तारीख को निम्नलिखित तरीके से खाद्य सुरक्षा भत्ता मुहैया करायेगी :

•    बच्चों को दिये जाने वाले भोजन की मात्रा के अनुसार

•    मौजूदा राज्य में रसोई तैयार करने की लागत के अनुसार

खाद्य सुरक्षा भत्ता के लिए शर्तें

यदि केंद्रीयकृत रसोईघर से भोजन की सप्लाई नहीं होती है तो खाद्य सुरक्षा भत्ता केंद्रीयकृत रसोईघर से ऊपर बताये गये तरीके से ही मिलेगा.

यदि बच्चे ने भोजन नहीं लिया या किसी कारणवश वह भोजन नहीं लेता है तो राज्य सरकार या केंद्रीयकृत रसोईघर से उसे कोई भत्ता नहीं दिया जायेगा.

भोजन की गुणवत्ता के संबंध में यदि कोई सवाल पैदा होता है तो राज्य सरकार पर कोई दावा नहीं किया जायेगा.

यदि एक महीने में लगातार तीन स्कूली दिन या पांच दिन भोजन नहीं मिलता तो व्यक्ति या एजेंसी पर जिम्मेादारी निर्धारित करने के लिए राज्य सरकार नियमों के मुताबिक कार्यवाही करेगी.

यदि इस मामले में केंद्र सरकार की कोई एजेंसी शामिल होगी तो वहां राज्य सरकार मामले को केंद्र सरकार के पास ले जायेगी. केंद्र सरकार इसे एक महीने के अंदर सुलझायेगी.

डॉ. भीमराव आंबेडकर पर डाक टिकट जारी-(03-OCT-2015) C.A

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केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 30 सितंबर 2015 को डॉ. भीमराव आंबेडकर की स्मृति में डाक टिकट जारी किया.   

वर्ष 2015 में डॉ. आंबेडकर की 125वीं जयंती मनाई जा रही है. इस वर्ष डॉ आंबेडकर के सम्मान में सिक्का भी जारी किया जायेगा. डॉ. आम्बेडकर की 125वीं जयंती राष्ट्री्य स्तर पर मनाने के लिए राष्ट्रीय समिति की पहली बैठक 23 जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई थी. पूरे वर्ष चलने वाले जयंती समारोह का उद्देश्य वंचित वर्गों के पक्षधर डॉ. आम्बेडकर के जीवन और कार्यों के बारे में विश्व को जागरूक बनाना है.

इन कार्यक्रमों में 26 जनवरी 2016 समारोह में डॉ. आम्बेडकर पर एक झांकी निकाली जाएगी. अध्ययन दौरे पर 100 विद्यार्थी कोलंबिया विश्वविद्यालय तथा लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जाएंगे. नई दिल्ली में डॉ. आम्बेडकर स्मारक को विकसित किया जाएगा तथा डॉ. आम्बेडकर के पैतृक गांव रत्नागिरि (महाराष्ट्र) जिले के अम्बाादेव को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा.

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने इस अवसर पर कहा कि डॉ. आंबेडकर के सम्मान में सिक्का जारी करने के लिए पहले ही वित्त मंत्रालय से मंजूरी हासिल की जा चुकी है. डॉ. आंबेडकर को वर्ष 1990 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया, जबकि उनका निधन वर्ष 1956 में हुआ.

एनएलसी ने अपना 10 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया-(03-OCT-2015) C.A

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वेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन (एनएलसी) ने 28 सितंबर 2015 को 10 मेगावाट  क्षमता वाले अपने पहले सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना की. कॉरपोरेशन का यह पहला अक्षय ऊर्जा परियोजना है.
54 एकड़ में फैले इस संयंत्र को भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने 74.60 करोड़ रुपयों की लागत से लगाया है.
संयंत्र में कुल 48000 सौर फोटो वोल्टायिक मॉड्यूल्स हैं. प्रत्येक मॉड्यूल में 240 मेगावाट ऊर्जा पैदा करने की क्षमता है. यह संयंत्र नेवेली स्थिति 33– केवी के बिजली स्टेशन के जरिए ऊर्जा की आपूर्ति करेगा. पूरी बिजली एक मात्र लाभार्थी, तमिलनाडु उत्पादन एवं वितरण कंपनी को दी जाएगी.
ट्रायल रन अवधि के दौरान, संयंत्र ने 8.65 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन किया.

पहला इंडो– अफ्रीका आईसीटी एक्सपो नैरोबी में शुरु-(03-OCT-2015) C.A

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केन्या की आईसीटी अथॉरिटी, भारत के दूरसंचार निर्यात संवर्धन परिषद (टीईपीसी) और राष्ट्रीय सॉफ्वेयर एवं सेवा कंपनी संघ (नैसकॉम) के साथ मिलकर 28 सितंबर 2015 को भारत सरकार ने केआईसीसी, नैरोबी में पहले इंडो– अफ्रीका आईसीटी एक्सपो का शुभारंभ किया.
इंडो– अफ्रीका आईसीटी एक्सपो सह सम्मेलन में 100 से भी अधिक प्रौद्योगिकी कंपनियां अपने नवीनतम उत्पादों और समाधानों को पेश कर रही हैं.
इस समारोह में 2000 से अधिक दर्शकों और 300 से अधिक सम्मेलन प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था. इस एक्सपो को नए एवं विविध उत्पादों एवं सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए भारत और अफ्रीकी देशों के बीच तालमेल बनाने के लिए मंच के तौर पर देखा जा रहा है.
टीईपीसी के बारे में
टीईपीसी को दूरसंचार उपकरण और सेवाओं के निर्यात को प्रोत्साहित और विकसित करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा स्थापित किया गया.
टीईपीसी,एक परिषद की तरह भारत से टेलीकॉम निर्यात और भारतीय सदस्य कंपनियों की सहायक में उसके संबंधित निर्यात की आसान सुविधा हेतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
परिषद पूरा टेलीकॉम पारिस्थितिकी तंत्र जिसमे टेलीकॉम हार्डवेयर विनिर्माण, दूरसंचार सेवा के प्रावधान, टेलीकॉम सॉफ्टवेयर, और परामर्श सम्मिलित हैं, की आवश्यकताओं का संचालन करती है.
केन्या का आईसीटी प्राधिकरण
सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) प्राधिकरण सूचना संचार और केन्या की प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक राज्य निगम है.
निगम अगस्त 2013 में केन्या सरकार के आईसीटी कार्यों के सभी प्रबंधन को युक्तिसंगत बनाने और कारगर बनाने के लिए स्थापित किया गया था.

आईसीसी ने आईसीसी महिला टीम रैंकिंग प्रारंभ की-(03-OCT-2015) C.A

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अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने 1 अक्टूबर 2015 को क्रिकेट के तीनों प्रारुपों के परिणामों को शामिल कर आईसीसी महिला टीम की आधिकारिक रैंकिंग की शुरुआत की. इस नई रैकिंग प्रणाली में क्रिकेट के तीनों प्रारुपों टेस्ट, एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी20 के परिणामों को समान रुप से शामिल किया गया.
वर्ष 2013 में भारत में आईसीसी महिला विश्व कप और वर्ष 2014 में बांग्लादेश में आईसीसी महिला विश्व ट्वेंटी-20 कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम इस रैकिंग में प्रथम स्थान पर है. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सूची में चौथा स्थान दिया गया.

आईसीसी महिला टीम रैंकिंग (1 अक्टूबर 2015 के अनुसार)
रैंकिंग
टीम
अंक
1
ऑस्ट्रेलिया
134
2
इंग्लैंड
124
3
न्यूजीलैंड
109
4
भारत
105
5
वेस्टइंडीज
99
6
दक्षिण अफ्रीका
92
7
पाकिस्तान
81
8
श्रीलंका
74
9
बांग्लादेश
57
10
ऑयरलैंड
26      
आईसीसी महिला टीम रैंकिंग की शुरुआत  आईसीसी के महिला क्रिकेट के प्रोत्साहन, प्रचार और बढ़ावा देने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है.
आईसीसी महिला टीम रैंकिंग को सांख्यिकीविद् और आईसीसी क्रिकेट समिति के सदस्य डेविड केंडीक्स  द्वारा तैयार किया गया. आईसीसी महिला टीम रैंकिंग में वहीं पद्धति लागू की गई है, जो पुरुषों की रैंकिंग में प्रयोग की जाती है.

जेलेना जंकोविक ने ग्वांगजू अंतर्राष्ट्रीय महिला ओपन टेनिस के एकल वर्ग का ख़िताब जीता-(03-OCT-2015) C.A

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सर्बिया की टेनिस खिलाड़ी जेलेना जंकोविक ने 26 सितंबर 2015 को ग्वांगजू अंतर्राष्ट्रीय महिला ओपन टेनिस के एकल वर्ग का ख़िताब जीता. चीन के ग्वांगजू में आयोजित फाइनल में जेलेना जंकोविक ने चेक गणराज्य की डेनिस अलर्टोवा को 6-2,6-0 से पराजित कर कॅरियर का 14वां डब्ल्यूटीए खिताब जीत लिया.
ग्वांगजू अंतर्राष्ट्रीय महिला ओपन के युगल वर्ग के फाइनल में मार्टिना  हिंगिस (स्विट्जरलैंड) और सानिया मिर्जा (भारत) की जोड़ी ने चीन की शिलिन झू व जियोडी यु की जोड़ी को  6-3,6-1 से हराकर खिताब जीता. हिंगिस और सानिया की जोड़ी ने युगल वर्ग में वर्ष 2015 में यह 6वां खिताब जीता.

लखवाड़ एचईपी पर स्टे की मांग करने वाली याचिका पर एनजीटी ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया-(03-OCT-2015) C.A

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राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 28 सितंबर 2015 को उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूडेवीएनएल) द्वारा बनाए जा रहे 300 मेगावाट लखवाड़ बहुउद्देश्यीय परियोजना के निर्माण को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय और यूजेवीएनएल को नोटिस जारी किया है. यह नोटिस यमुना जीए अभियान के सदस्यों की याचिका पर जारी किया गया.
याचिका के सदस्य भीम सिंह रावत और मनोज कुमार मिश्रा ने अपनी याचिका में उत्तराखंड के देहरादून जिले में लोहारी गांव के नजदीक यमुना नदी पर 40 किलोमीटर के जलाशय के साथ बनाए जा रहे 204 मीटर उंचे उच्च कंक्रीट वाले बांध के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की थी.
याचिका के अनुसार, लखवाड़ परियोजना, जो कि लखवाड़ –व्यासी परियोजना का हिस्सा था, को पर्यावरण मूल्यांकन समिति (ईएसी) से पर्यावरण मंजूरी (ईसी) (पर्यावरण क्लीयरेंस) नहीं मिली है.
इसके अलावा उन्होंने तर्क दिया है कि इस परियोजना का ईआईए अधिसूचना के तहत जरूरी पर्यावरण लागतों और उसके प्रभावों का आकलन नहीं किया गया था.
लखवाड़ जल– विद्युत परियोजना (एचईपी) मुद्दा 
लखवाड़ परियोजना पहले समग्र परियोजना जिसे लखवाड़– व्यासी परियोजना नाम दिया गया था, का हिस्सा था. समग्र परियोजना को 1986 में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से प्रशासनिक मंजूरी मिल गई थी.
इसके बाद दोनों परियोजनाएं अलग हो गई और उन्हें अलग– अलग बनाने की मांग की जाने लगी. परिणास्वरूप, व्यासी एचईपी, लखवाड़ एचईपी के डाउनस्ट्रीम 2x60 मेगावाट रन–ऑफ–द– रिवर पनबिजली परियोजना का ईआईए अधिसूचना के तहत आकलन किया गया और 2007 में इसे पर्यावरण क्लीयरेंस (ईसी) दी गई.
हालांकि लखवाड़ परियोजना को ईआईए अधिसूचना का अनुपालन नहीं करने की वजह से ईएसी ने पर्यावरण क्लीयरेंस (ईसी) नहीं दी थी.
लखवाड़ परियोजना के बारे में
देहरादून जिले में ऊपरी यमुना नदी बेसिन में स्थित गुरुत्वाकर्षण बांध, 300 मेगावाट की लखवाड़ परियोजना, को 3 फरवरी 2014 को पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से पर्यावरण क्लीयरेंस दिया गया. यह प्रति वर्ष 612.93 मिलियन इकाई बिजली का उत्पादन करेगा और पेयजल, सिंचाई एवं औद्योगिक उपयोग के लिए जल भी मुहैया कराएगा.
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश इस परियोजना से उत्पादित पेयजल और सिंचाई जल से लाभान्वित होंगे. 
इस परियोजना ने 1986 में उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग से क्लीयरेंस प्राप्त कर लिया था. और 1992 तक इसके निर्माण का काम चला. इसके बाद वित्तीय संकट की वजह से काम रोक दिया गया. बाद में इसे यूजेवीएनएल को हस्तांतरित कर दिया गया.
लखवाड़ परियोजना की लागत करीब 4000 करोड़ रुपयों की है और साल 2019 तक इसके पूरे हो जाने की उम्मीद है.

शहरी इलाकों में जलवायु परिवर्तन शमन की परामर्शदात्री कार्यशाला नई दिल्ली में आयोजित-(03-OCT-2015) C.A

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21 सितंबर 2015 को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने ' शहरी इलाकों में जलवायु परिवर्तन शमन' विषय पर परामर्शदात्री कार्यशाला का नई दिल्ली में आयोजन किया. 

कार्यशाला के दौरान केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने ' भवनों के लिए पर्यावरणीय दिशानिर्देशों' पर विस्तृत प्रस्तुति पेश की. इस प्रस्तुति में निर्माणपूर्व, निर्माण के दौरान और निर्माण के बाद ऊर्जा, पानी, भूमि, ठोस अपशिष्ट, वायु की गुणवत्ता औऱ शोर के स्तर के प्रभावी प्रबंधन के लिए करीब 30 पैमानों के बारे में बताया गया था.
इस कार्यशाला का आयोजन राज्यों और अन्य हितधारकों को ग्रीन कंस्ट्रक्शन की जरूरत के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए किया गया था क्योंकि भवन निर्माण क्षेत्र देश में उत्पादित बिजली का 40 फीसदी, 30 फीसदी कच्चा माल और 20 – 20 फीसदी पानी और भूमि संसाधनों का उपयोग करता है. इसके अलावा यह क्षेत्र 30 फीसदी ठोस कचरा और 20 फीसदी सीवर का पानी भी पैदा करता है. 

राज्यों ने यह कहते हुए कि इन नियमों का कार्यान्वयन संभव है, शहरी इलाकों में निर्माण परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित पर्यावरणीय दिशानिर्देशों के अनुपाल को सुनिश्चित करने पर सहमती जताई. 

निम्नलिखित प्रमुख प्रावधानों पर मिली व्यापक सहमति इस प्रकार है–
• बिजली का कम–से कम 1% कनेक्टेड अप्लायड लोड फोटोवोल्टायिक बैट्रियों या पवन चक्कियों या हाइब्रिड मोड वाले अक्षय ऊर्जा स्रोतों से पूरा किया जाएगा. सभी आम क्षेत्रों को एलईडी/ सौर रौशनी से रौशन किया जाएगा. समग्र ऊर्जा खपत को मापने के लिए बिजली के मीटर लगाए जाएंगे. 
• ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा प्रमाणित ऊर्जा परीक्षकों द्वारा नियमित ऊर्जा ऑडिट सुनिश्चित की जाएगी. 
• प्रति 100 वर्ग. मी. भूमि के लिए एक पेड़ लगाया जाएगा. जब इनमें से किसी भी पेड़ को काटा या प्रत्यारोपित किया जाएगा तो काटे जाने वाले प्रत्येक पेड़ की जगह 3 पेड़ों को लगाना सुनिश्चित किया जाएगा. 
• वर्षा जल संरक्षण योजना तैयार की जाएगी और प्रत्येक 3,000 वर्ग मीटर भूमि के लिए एक रिचार्ज बोर बनाया जाएगा. भूजल के रिचार्ज और ताप द्वीप प्रभाव को कम करने के लिए न्यूनतम 30% क्षेत्र अनिर्मित  रखा जाएगा. घास लगी भूमि को अपवेटेड क्षेत्र माना जाएगा. 
• सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना की जाएगी ताकि पैदा हुए ठोस अपशिष्टों का शत– प्रतिशत उपचार सुनिश्चित किया जा सके और बड़ी परियोजनाओं के लिए विकेंद्रीकृत एसटीपी को अपनाया जा सके. 
• बिना सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के प्राकृतिक नाला से पानी के प्रवाह की धारा को नहीं बदला जा सकता . 
• ऐसे चैनलों का प्रवेश और निकास जरूर बनाए रखा जाना चाहिए. 
• 0.3 किलो/ मकान/ दिन की न्यूनतम क्षमता के साथ जैविक कचरा कंपोस्टर/ कृमि गड्ढे बनाए जाने चाहिए.
• भूतल पर गीले और सूखे कचरे के डिब्बे होने चाहिए ताकि कचरे को अलग करने में सुविधा हो. सभी गैर– जैवसड़नशील कचरों को प्राधिकृत पुनःचक्रकों को ही दिया जाना चाहिए. 
• उर्वर उपरी मिट्टी को उस स्थान पर फिर से इस्तेमाल करने के लिए रखना चाहिए क्योंकि एक इंच उर्वर उपरी मिट्टी को बनने में करीब 500 वर्षों का समय लग जाता है. 
• भवनों का कब्जा जल निकासी और पानी के कनेक्शन एवं सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही दिया जाएगा.

चीन ने 20वें 'बेईदोउ' नेविगेशन उपग्रह का प्रक्षेपण किया-(03-OCT-2015) C.A

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चीन ने 30 सितंबर 2015 को ‘बेईदोउ’ नेविगेशन उपग्रह प्रणाली के 20वें संस्करण का प्रक्षेपण किया. इस नई पीढ़ी के उपग्रह के प्रक्षेपण से वैश्विक नेविगेशन और पोजीशिनिंग नेटवर्क में मदद मिलेगी.
20वें बेईदोउ नेविगेशन उपग्रह का प्रक्षेपण दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत के शीचांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से सुबह 7.13 बजे किया गया. उपग्रह को एक लान्ग मार्च-3बी कैरियर रॉकेट के सहारे छो़डा गया. यह बेईदोउ नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम (बीडीएस) का 20वां उपग्रह है. 

विदित हो कि ‘बेईदोउ’ परियोजना को औपचारिक रूप से वर्ष 1994 में शुरू किया गया था. चीन की योजना वर्ष 2018 तक बेईदोउ सेवा का विस्तार "बेल्ट एंड रोड" परियोजना के आसपास के देशों में करने की है