केंद्र सरकार ने प्रथम 20 स्मार्ट सिटी हेतु चयनित शहरों के नाम की घोषणा की-(29-JAN-2016) C.A

| Friday, January 29, 2016
केंद्र सरकार ने 28 जनवरी 2016 को प्रथम 20 स्मार्ट सिटी हेतु चयनित शहरों के नाम की घोषणा की. इसके तहत केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने इसकी घोषणा की. घोषणा के अनुसार, प्रतिस्पर्धा के आधार पर इन शहरों का चयन किया गया.
20 स्मार्ट सिटी हेतु चयनित शहरों की सूची:
1. भुवनेश्वर 
2. पुणे 
3. जयपुर 
4. सूरत 
5. कोच्चि 
6. अहमदाबाद 
7. जबलपुर 
8. विशाखापट्टनम 
9. सोलापुर 
10. दावणगेरे 
11. काकीनाड़ा 
12. नई दिल्ली, 
13 इंदौर, 
14. कोयम्बटूर,
15. बेलगाम, 
16. उदयपुर, 
17. गुवाहाटी, 
18. लुधियाना 
19. चेन्नई 
20. भोपाल
स्मार्ट सिटी से संबंधित मुख्य तथ्य:
•    प्रथम फेज में 20 और अगले हर दो साल में 40-40 शहरों को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए सिलेक्ट किया जाएगा.
•    हर स्मार्ट सिटी को अगले पांच साल तक केंद्र सरकार हर साल 100 करोड़ रुपए देगी.
•    अरबन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री के कॉन्सेप्ट नोट के मुताबिक, देश में अभी शहरी आबादी 31 फीसदी है, लेकिन इसकी भारत के जीडीपी में हिस्सेदारी 60 पर्सेंट से ज्यादा है.
•    एक अनुमान है कि अगले 15 साल में शहरी आबादी की जीडीपी में हिस्सेदारी 75 पर्सेंट होगी.
•    इस वजह से 100 स्मार्ट सिटीज बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
•    चयनित शहरों को पहले साल 200- 200 करोड रुपए और बाद में तीन साल तक 100-100 करोड़ दिए जाएंगे.
•    इस प्रोजेक्ट के लिए 48000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. 
मुख्य उद्देश्य:
•    क्वालिटी ऑफ लाइफ- स्मार्ट सिटी में रहने वाले हर शख्स को क्वालिटी लाइफ मिले. यानी किफायती घर हो, हर तरह का इन्फ्रास्ट्रक्चर हो.
•    पानी और बिजली चौबीसों घंटे मिले. एजुकेशन के ऑप्शंस हों. सिक्युरिटी हो.
•    एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स के सोर्स हों.
•    आसपास के इलाकों से अच्छी और तेज कनेक्टिविटी हो. अच्छे स्कूल और हॉस्पिटल भी मौजूद हों. इत्यादि.
विदित हो कि स्मार्ट सिटी बनाने के लिए मोदी सरकार ने वर्ष 2015-16 के बजट में इसकी घोषणा की थी. इसके लिए बजट में 7060 करोड़ रुपये का प्रावधान भी रखा गया. इस योजना के तहत चुने गए शहरों को आने वाले पांच सालों तक 100 करोड़ रुपये की मदद की जाएगी. इस परियोजना के तहत कुल 100 शहरों का चुनाव होना है.

भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश बना-(29-JAN-2016) C.A

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वर्ष 2015 के आंकड़ों के आधार पर भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश बन गया. इसके पहले इस स्थान पर थाईलैंड था.
भारत वर्ष 2015 में कुल 1.02 करोड़ टन चावल निर्यात के साथ दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक रहा. कुल 98 लाख टन चावल निर्यात के साथ थाईलैंड दूसरे स्थान पर रहा, जिसने वर्ष 2014 में 1.09 करोड़ टन चावल निर्यात किया था. वियतनाम 64 लाख टन चावल निर्यात के साथ तीसरे स्थान पर रहा. थाईलैंड के चावल निर्यातकों ने 2015 में करीब 4.6 अरब डॉलर कमाए, जबकि 2014 की कमाई 5.4 अरब डॉलर थी.

वर्ष 2015 के आंकड़ों के अनुसार विश्व के तीन सबसे बड़े चावल निर्यातक देश:
1. भारत: 1.02 करोड़ टन
2. थाईलैंड: 98 लाख टन
3. वियतनाम: 64 लाख टन

भारत-अरब लीग सहयोग मंच की बैठक बहरीन में सम्पन्न-(29-JAN-2016) C.A

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भारत-अरब लीग सहयोग मंच की मंत्रिस्तरीय बैठक 25 जनवरी 2016 को बहरीन की राजधानी,मनामा में सम्पन्न हुई.
इस बैठक का बैठक का उद्घाटन बहरीन के विदेश मंत्री खालिद बिन अहमद अल खलीफा द्वारा किया गया, इस बैठक में 22 अरब लीग देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
भारत की ओर से इस बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और विदेश सचिव एस जयशंकर ने बैठक में हिस्सा लिया.
बैठक में अरब-भारतीय सहयोग और और मनामा घोषणा की समीक्षा की गई. भारत-अरब लीग सहयोग मंच की स्थापना वर्ष 2008 में नई दिल्ली में की गई थी.
इस मंच का उद्देश्य पश्चिमी एशियाई देशों के साथ भारत के सम्बन्ध को मजबूत करना है.
दोनों देशों ने बैठक के दौरान आतंकवाद और इसे किसी धर्म विशेष से जोड़ने की आलोचना की.
दोनों पक्षों ने ईराक के आंतरिक मामलों में स्वतंत्रता, संप्रभुत और एकता के महत्व पर चर्चा की.
इसके अतिरिक्त दोनों देशों ने अरब क्षेत्र और दक्षिण एशिया क्षेत्र विकास, आतंकवाद, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार, परमाणु निरस्त्रीकरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर  चर्चा की.

इशिका शाह ने 12वां सब जूनियर राष्ट्रीय स्नूकर चैम्पियनशिप का खिताब जीता-(29-JAN-2016) C.A

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इशिका शाह ने 26 जनवरी 2016 को इंदौर, मध्य प्रदेश में आयोजित 12 वीं सब जूनियर राष्ट्रीय स्नूकर चैम्पियनशिप का खिताब जीता.
खिताब जीतने के लिए उन्होंने अंतिम मैच में अनुष्का शेट्टी को 50-2, 50-33 से पराजित किया.
फाइनल तक पहुंचने के लिए उन्होंने सेमीफाइनल में गत चैम्पियन डोयेल डे को पराजित किया.
इशिका वर्ष 2015 में कोलकाता में आयोजित खिताबी मुकाबले में डोयल से हार गईं थीं.
प्रतियोगिता में डोयल को सब जूनियर बिलियर्ड्स खिताब प्राप्त हुआ. डोयल को यह पुरस्कार तब मिला जब प्रतियोगिता की वास्तविक विजेता लाहिड़ी सिनापारा को 18 वर्ष से  अधिक आयु का पाया गया.
ज्ञात हो राष्ट्रीय बिलियर्ड्स और स्नूकर चैम्पियनशिप 2016 का आयोजन 12 जनवरी 2016 को इंदौर में किया गया.

डेविड वॉर्नर ने एलन बॉर्डर मैडल और टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर अवार्ड जीता-(29-JAN-2016) C.A

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आस्ट्रेलिया के धुरंधर ओपनर बल्लेबाज डेविड वार्नर 27 जनवरी 2016 को शानदार प्रदर्शन के लिए ऐलन बॉर्डर अवार्ड के लिए चुने गए. वार्नर को वर्ष का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट खिलाड़ी भी घोषित किया गया.
  • वार्नर को पहली बार ऐलन बॉर्डर मेडल के लिए चुना गया.
  • ऑस्ट्रेलियाई टीम के उपकप्तान वार्नर को इस सत्र में टेस्ट और वनडे में उनके प्रदर्शन के आधार पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के सर्वोच्च पुरस्कार के लिये चुना गया.
  • आतिशी बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल ने वहीं सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय खिलाड़ी का अवार्ड हासिल किया.
वॉर्नर को मिले कितने वोट....
  • वार्नर ने स्टीव स्मिथ को पछाड़कर यह अवार्ड हासिल किया.
  • वॉर्नर को 240 वोट मिले जबकि स्मिथ को 219 और तीसरे नंबर पर मौजूद मिशेल स्टार्क को 183 वोट मिले.
  • जो स्मिथ से 21 और मिशेल स्टार्क से 57 मत ज्यादा हैं.
  • वार्नर को 30 मत मिले, जबकि स्मिथ को 24 मत मिले.
  • वोटिंग समय में वॉर्नर ने 60.63 के औसत से 13 टेस्टों में 1334 रन बनाए.
  • उन्होंने चार शतक और सात अर्धशतक बनाए.
  • मिशेल स्टार्क 18 वोट के साथ वर्ष के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट खिलाड़ी के लिए तीसरे स्थान पर रहे.
  • एडम वोजेस को सर्वश्रेष्ठ घरेलू खिलाड़ी चुना गया.
  • वार्नर न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में अपनी टीम की जीत के नायक रहे और मैन ऑफ द सीरीज चुने गए.
  • उन्होंने श्रृंखला के दौरान ब्रिस्बेन और पर्थ में दो बार दोहरा शतक लगाने का कीर्तिमान भी स्थापित किया.
क्या है प्रक्रिया विजेता चुनने की-
  • एलन बोर्डर पदक के लिये साथी खिलाड़ी, मीडियाकर्मी और अंपायर मतदान करते हैं.
  • वार्नर से पहले रिकी पोंटिंग, ग्लेन मैकग्रा, स्टीव वा, एडम गिलक्रिस्ट, शेन वाटसन, माइकल क्लार्क और स्मिथ इसे हासिल कर चुके हैं.

आस्ट्रेलिया के तैराक मैथ्यू मित्चम ने की संन्यास की घोषणा-(29-JAN-2016) C.A

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आस्ट्रेलिया के पूर्व ओलंपिक चैंपियन तैराक मैथ्यू मित्चम ने 28 जनवरी 2016 को अपने कॅरियर को विराम देने की घोषणा की और वह इस वर्ष रियो में होने वाले ग्रीष्मकालीन    ओलंपिक खेलों में हिस्सा नहीं लेंगे.
मित्चम ने वर्ष 2008 के बीजिंग ओलंपिक में 10 मीटर प्लेटफार्म तैराकी प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक जीता था. इसके अतिरिक्त उन्होंने वर्ष 2014 के ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में 10  मीटर प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीता.
मैथ्यू मित्चम वर्ष 1924 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में डिक ईव के बाद डाइविंग में ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई पुरुष खिलाड़ी थे.

आईसीसी रैंकिंग: टेस्ट आलराउंडर में अश्विन शीर्ष पर-(29-JAN-2016) C.A

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आईसीसी द्वारा 28 जनवरी 2016 को जारी रैंकिंग अनुसार भारत के रविचंद्रन अश्विन आईसीसी की नवीनतम टेस्ट रैंकिंग में आलराउंडरों की सूची में शीर्ष स्थान पर हैं, जबकि गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर बरकरार है.

भारत के शीर्ष आफ स्पिनर अश्विन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में भारत की 3-0 की जीत के दौरान 31 विकेट लिए थे और उनका टेस्ट बल्लेबाजी औसत 31 . 68 और उच्चतम स्कोर 124 रन है.
  • दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चार टेस्ट की श्रृंखला में 23 विकेट चटकाने वाले बायें हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा भी छठे स्थान पर बरकरार हैं. इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्राड शीर्ष पर चल रहे हैं.
  • बल्लेबाजी में अजिंक्य रहाणे शीर्ष 10 में एकमात्र भारतीय हैं. वह आस्ट्रेलिया के एडम वोजेस के साथ संयुक्त रूप से 10वें स्थान पर हैं.
  • आस्ट्रेलिया के ही स्टीवन स्मिथ दुनिया के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज हैं.
  • भारत ने इंग्लैंड की कल दक्षिण अफ्रीका पर 2-1 की जीत के साथ लगभग साढे चार साल बाद दोबारा नंबर एक टेस्ट टीम रैंकिंग हासिल की. भारत ने अगस्त 2011 के बाद पहली बार टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर जगह बनाई है.

उत्तरी सिक्किम में पहली बार कैमरे में कैद हुई हिम तेंदुए की तस्वीर-(29-JAN-2016) C.A

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बेहद शर्मिlला माना जाना वाले स्नो लेपर्ड या हिम तेंदुआ 27 जनवरी 2016 को सिक्किम में पहली बार याक चरवाहों ने कैमरे में कैद किया गया. उत्तरी सिक्किम इलाके में ही स्नो लेपर्ड्स पाए जाते है. इसकी मौजूदगी डॉकपास के रूप में जानी जाती थी.
  • स्नो लेपर्ड्स बिग कैट परिवार के चार बड़े सदस्यों में गिन जाते हैं.
  • ये हिमालय पर उंचाई पर पाए जाते हैं.
  • बेहद नर्म फरों की वजह से इनका अवैध शिकार किया जाता रहा है.
  • जिसकी वजह से इनका अस्तित्व ही खतरे में हैं.
  • इनकी मौजूदगी को लेकर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ- इंडिया के पास ये पहले सबूत हैं.
  • उत्तराखंड में भी हिम तेंदुए की मौजूदगी के प्रमाण हैं. अब तक चार तेंदुए कैमरों में कैद हो चुके हैं.
  • 29 जून 2015 को कुमाऊं के सुंदरढुंगा ग्लेशियर के पास 4100 मीटर की ऊंचाई पर एक हिम तेंदुए की तस्वीर खींची गई थ
हिम तेंदुए के बारे में-
    • आमतौर पर 'पहाड़ों की भूत' के रूप में जाना जाता है.
    • यह प्रजाति उच्च ऊंचाई के निर्विवाद सम्राट है.
    • हिम तेंदुआ, उच्च ऊंचाई का एक प्रमुख प्रजाति, भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक अनुसूची का जानवर है.
    • आईयूसीएन की रेड लिस्ट में यह संकटग्रस्त प्रजातियों यानि लुप्त प्राय पशु के रूप में सूचीबद्ध है.
    • पांडुलिपे हिम तेंदुआ इसका वैज्ञानिक नाम अनिसया अनिसया या पेन्थेरा है.
    • यह हिमाचल प्रदेश का राज्य पशु है.
    • पूरी दुनिया में 7000 तक हिम तेंदुए हैं.
    • इनमे से 600 से 700 तक चिड़ियाघरों और अभ्यारण्यों में हैं.
    • हिम तेंदुओं की 60 फीसदी से अधिक आबादी मध्य एशिया में है.
    • हिम तेन्दुए लगभग 1.4 मीटर लम्बे होते हैं.
    • इनकी पूँछ 90- 100 सेमी तक होती है.
    • इनका भार 75 किलो तक हो सकता है.
    • इनकी खाल पर सलेटी और सफ़ेद फ़र होता है. गहरे लाल रंग के धब्बे होते हैं और पूँछ पर धारियाँ बनीं होती हैं.
    • इनका फर बहुत लम्बा और मोटा होता है जो इन्हे ऊँचे ठण्डे स्थानो पर भीषण सर्दी से बचा कर रखता है.
    • इन तेन्दुओं के पैर भी बड़े और ऊनी होते हैं, ताकि हिम में चलना सहज हो सके.
    • ये लगभग १५ मीटर की ऊँचाई तक उछल सकते हैं.
    • ये बिल्ली-परिवार की एकमात्र प्रजाति है जो दहाड़ सकती है लेकिन घुरघुरा (बिल्ली के जैसी आवाज़ निकालना) नहीं सकती.
    • हिम तेन्दुए अधिकांशतः रात्री में सक्रिय होते हैं.
    • ये अकेले रहने वाले जीव हैं. लगभग 90- 100 दिनों के गर्भाधान के बाद मादा 2-3 शावकों को जन्म देती है.
    • उत्तराखंड में इनकी संख्या 55 से 80 तक है.
    हिम तेंदुए की सुरक्षा -
    • भारत में इसे ए श्रेणी के संरक्षित वन्यजीव का दर्जा दिया गया है.
    • भारत सरकार ने हिम तेंदुओं के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जनवरी 2009 में प्रोजेक्ट लेपर्ड शुरू किया.  
    • प्रोजेक्ट लेपर्ड का मानीटरिंग का पहला चरण लगभग पूरा हो गया है.
    • एशिया के ऊंचे पहाड़ों में परियोजना संरक्षण और अनुकूलन के तहत 2015 में इसे सिक्किम में शुरू किया.
    • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, अरुणांचल, सिक्किम में इसे लागू किया गया है.
    • परियोजना का उद्देश्य जलवायु के साथ हिम तेंदुआ संरक्षण योजना का विकास करना है.
    • हिम तेंदुए परियोजना का बड़ा हिस्सा छह एशियाई सीमावर्ती देशों में यूएसए द्वारा वित्त पोषित है.
    • हिम तेंदुए की सुरक्षा को लेकर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया 2006 के बाद से काम कर रहा है.
    क्या हिम तेंदुए दुर्लभ हो रहे है?
    • समुदायों के साथ पर्यावास हानि, अवैध शिकार और बढ़ती संघर्ष के कारण यह प्रजाति पिछले 16 साल से गायब होती जा रही है.
    • जलवायु परिवर्तन अब भी इस प्रजाति के लिए अधिक से अधिक जोखिम बना हुआ है.

    भारत ने आकाश मिसाइल का परीक्षण किया-(29-JAN-2016) C.A

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    भारत ने 28 जनवरी 2016 को चांदीपुर (ओडिशा) में एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से जमीन से हवा में प्रहार करने वाली स्वदेश में विकसित आकाश मिसाइल का परीक्षण प्रक्षेपण किया.
    मिसाइल के बारे में-
    • वायु सेना के अधिकारियों ने पैरा-बैरल लक्ष्यों पर निशाना साधकर मिसाइल का तीन दौर में परीक्षण किया.
    • मिसाइल 25 किलोमीटर तक प्रहार करने में सक्षम है.
    • मिसाइल 60 किलोग्राम वजन का आयुध लेकर जाने की क्षमता रखती है.
    • मिसाइल का परीक्षण प्रक्षेपण आईटीआर के प्रक्षेपण परिसर-3 से पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न दो बजे तक किया गया.
    • परीक्षण के दौरान पैरा-बैरल लक्ष्य पर निशाना साधने वाली आकाश मिसाइल ‘रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन’(इसरो) द्वारा विकसित मध्यम स्तर की जमीन से हवा में प्रहार करने वाली विमान रोधी रक्षा प्रणाली है.
    • एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम के तहत इसे विकसित किया गया है.
    • यह आकाश रामजेट-रॉकेट संचालन प्रणाली से चालित है.
    • यह 2.8 से 3.5 मैक की सुपरसोनिक गति से उड़ान भर सकती है.
    • इसकी मारक क्षमता 25 किलोमीटर तक की दूरी के हवाई लक्ष्यों को भेद सकती है.
    • वायु सेना में औपचारिक रूप से जुलाई 2015 में इस मिसाइल को शामिल किया गया था.
    • आकाश मिसाइल में अमेरिकी एमआईएम-104 पैट्रियट मिसाइल की तुलना में आकाश में लड़ाकू विमानों, क्रूज मिसाइलों और हवा से सतह पर प्रहार करने वाली मिसाइलों को भेदकर गिराने की क्षमता है.

    अभिनेत्री रेखा तीसरे 'यश चोपड़ा मेमोरियल पुरस्कार' से सम्मानित-(28-JAN-2016) C.A

    | Thursday, January 28, 2016
    बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा को 25 जनवरी 2016 को तीसरे यश चोपडा मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया.
    महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने रेखा को उनकी प्रतिभा और फिल्म उद्योग में उनके योगदान के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया.
    रेखा के बारे में


    • रेखा का जन्म चेन्नई, तमिलनाडु में भानु रेखा गणेशन के रूप में  के रूप में 10 अक्टूबर 1954 को हुआ.
    • उन्होंने वर्ष 1966 में तेलुगू फिल्म रंगूला रत्नम में एक बाल कलाकार के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की.
    • एक अभिनेत्री के रूप में उन्होंने अपने करीयर की शुरुआत वर्ष 1970 में फिल्म सावन भादों से की.
    • उन्हें तीन फिल्मफेयर पुरस्कार, दो सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए और एक सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए क्रमशः फिल्म  खूबसूरत, खून भरी माँग और खिलाड़ियों का खिलाड़ी  के लिए प्रदान किया गया.
    • उन्हें ‘उमराव जान’ में उनके शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री श्रेणी में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सेस्म्मंजित किया गया.
    • वर्ष 2010 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया.
    राष्ट्रीय यश चोपड़ा मेमोरियल पुरस्कार के बारे में
     
    • यह पुरस्कार निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा की याद में टी सुब्बारामी रेड्डी की टीएसआर फाउंडेशन द्वारा स्थापित किया गया था.
    • प्रतिवर्ष इस पुरस्कार के अंतर्गत एक स्वर्ण पदक और 10 लाख रुपये का नकद प्रदान किए जाते हैं.
    • इससे पूर्व यह पुरस्कार लता मंगेशकर और अभिनेता अमिताभ बच्चन को भी प्रदान किया जा चुका है.

    राजस्थान ‘‘उदय’’ योजना के तहत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाला तीसरा राज्य-(28-JAN-2016) C.A

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    राजस्थान और राजस्थान के डिस्कॉम्स (जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) ने डिस्कॉम्स के परिचालन और वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए आज ‘’उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना’’- उदय स्कीम के अंतर्गत समझौता ज्ञापन पत्र पर 27 जनवरी, 2016 को हस्ताक्षर किये.
    • समझौता ज्ञापन पत्र पर हस्ताक्षर केन्द्रीय विद्युत, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सरकार, पीयूष गोयल की उपस्थिति में किये गये.
    • उदय के अंतर्गत समझौते ज्ञापन पत्र पर हस्ताक्षर करने वाला राजस्थान तीसरा राज्य है.
    • इससे पहले अन्य दो राज्य झारखंड और छत्तीसगढ़ समझौते ज्ञापन पत्र पर हस्ताक्षर कर चुके हैं.
    • उदय योजना का शुभारंभ भारत सरकार ने 20 नवम्बर, 2015 को ऋण में डूबी विद्युत् वितरण इकाईयों की वित्तीय स्थिरता और विकास हेतु एक स्थायी और दीर्घकालिक समाधान को सुनिश्चित करने के लिए किया.
    • उदय के माध्यम से इन डिस्कॉम की वित्तीय और परिचालनगत हालत को सुधारते हुए सस्ती दरों पर पर्याप्त विद्युत की आपूर्ति और सभी के लिए 24 घंटे बिजली एवं 100 प्रतिशत ग्रामीण विद्युतीकरण की दिशा में सरकार के प्रयासों को सक्षम बनाने का एक प्रयास है.
    • 30 सितम्बर 2015 को डिस्कॉम्स का बकाया ऋण 80500 करोड़ रूपए था. जिसमें से 75 प्रतिशत अर्थात 60500 करोड़ रूपए का वहन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा.
    • यह योजना 20000 करोड़ रूपए के शेष ऋण के लिए औसत वर्तमान ब्याज दर से भी कम करीब 3 प्रतिशत के कूपन मूल्यों का पुनर्मूल्य तय किए जाने अथवा राज्य द्वारा गारंटीकृत बांड्स की सुविधा भी प्रदान करती है.
    • राजस्थान डिस्काम्स के ऋण में कमी आने और शेष ऋण पर ब्याज दरों में कमी होने से वार्षिक ब्याज लागत में करीब 3000 करोड़ रूपए की बचत होगी.
    • राजस्थान और डिस्कॉम्स, अनिवार्य फीडर और वितरण ट्रांसफॉर्मर मीटरिंग, उपभोक्ता अनुक्रमण एवं घाटों की जीआईएस मैपिंग, ट्रांसफॉर्मरों के उन्नयन/ बदलाव, मीटर, उपभोक्ताओं की स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से परिचालनगत कुशलता लाने के प्रति वचनबद्ध है.
    • उदय में मांग से जुड़े पक्ष जैसे ऊर्जा-कुशल एलईडी बल्बों, कृषि पम्पों, पंखों और एयर-कंडीनरों एवं पीएटी (प्रदर्शन, प्राप्ति, व्यापार) के माध्यम से कुशल औद्योगिक उपकरणों के उपयोग से अत्यधिक मांग को घटाने, भार को बांटने और इस प्रकार से राजस्थान में ऊर्जा खपत को कम करने में मदद मिलेगी.
    • इससे होने वाले लाभ की संभावना वित्तीय वर्ष 2019 तक करीब 2000 करोड़ रूपए है.
    • राजस्थान को डीडीयूजीजेवाई, आईपीडीएस, विद्युत क्षेत्र विकास कोष जैसी केन्द्रीय योजनाओं अथवा एमओपी और एमएनआरई जैसी अन्य योजनाओं के माध्यम से अतिरिक्त/प्राथमिक वित्तपोषण प्रदान किया जाएगा.
    • इसके अतिरिक्त, कोल स्वैपिंग, कोल ग्रेड स्लिपेज में सुधार, 100 प्रतिशत धुले हुए कोयले की उपलब्धता जैसे अन्य लाभों से राज्य को विद्युत के मूल्यों को आगे और कम करने में सहायता मिलेगी.
    • राज्य को इन कोयला सुधारों से करीब 3000 करोड़ रूपए का लाभ होगा.
    • इससे 3 वर्षो में डिस्कॉम्स को करीब 150 करोड़ रूपए की ब्याज लागत बचत होने की संभावना है.
    • योजना से राजस्थान के उन करीब 396 ग्रामों और 30 लाख परिवारों को शीघ्रता के साथ बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी जहां आज भी बिजली नहीं हैं.

    26 जनवरी 2016, अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस के रूप में मनाया गया.-(28-JAN-2016) C.A

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    26 जनवरी: अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस
    26 जनवरी 2016 को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस का अयोजन 26 जनवरी 1953 को विश्व सीमा शुल्क संगठन (डबल्युसीओ) के गठन की स्मृति में किया जाता है.
    • 26 जनवरी को प्रति वर्ष दुनिया भर के 179 सदस्य देशों के सीमा शुल्क प्रशासन द्वारा विश्व सीमा शुल्क संगठन के सीमा शुल्क सहयोग परिषद द्वारा पहले सत्र का जश्न मनाने के लिए के विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. डबल्युसीओ  सचिवालय अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस के लिए एक विषय चुनता है.
    • विश्व सीमा शुल्क संगठन (डबल्युसीओ) 2016 डिजिटल सीमा शुल्क के तहत  सीमा शुल्क प्रक्रिया के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है. डिजिटल कस्टम्स:प्रोग्रेस्सिव एंगेजमेंट<
      विश्व सीमा शुल्क संगठन के बारे में-
      • विश्व सीमा शुल्क संगठन अंतर-सरकारी संगठन है जिसका मुख्यालय ब्रुसेल्स, बेल्जियम में है.
      • डबल्युसीओ  अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, उपकरण, और उपकरणों के विकास, वस्तु वर्गीकरण, मूल्यांकन, मूल के नियमों, सीमा शुल्क राजस्व का संग्रह है, और अन्य विषयों को कवर क्षेत्रों में काम के लिए विख्यात है.
      • डबल्युसीओ अंतरराष्ट्रीय संगत प्रणाली (एचएस) सामान का नामकरण, व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के तकनीकी पहलु, सीमा शुल्क मूल्यांकन और उत्पत्ति के नियमों का कहना है, का लेखा जोखा रखता है.
      • वर्तमान में, डबल्युसीओ सामूहिक रूप से दुनिया भर में 180 सीमा शुल्क प्रशासन का प्रतिनिधित्व करता है.

    अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू-(28-JAN-2016) C.A

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    राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 26 जनवरी 2016 को अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश को मंजूरी दे दी और राज्य विधानसभा को भंग कर दिया.
    • यह आदेश 26 जनवरी से लागू हो गया.
    • अरुणाचल के राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा ने पिछले वर्ष नौ दिसंबर को विधानसभा सत्र बुलाए जाने की तारीख आगे बढ़ा दी थी.
    • कांग्रेस के 14 असंतुष्ट विधायकों के समर्थन से भाजपा विधायकों ने इटानगर के एक सभागार में विधानसभा सत्र बुलाकर रेबिया को अपदस्थ कर देने के बाद यह संवैधानिक संकट पैदा हुआ.
    • यह मंजूरी गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के लिए राष्ट्रपति भवन आयोजित परंपरागत मेजबानी के बाद दी.
    • छह महीने की समय सीमा की समाप्ति के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मंजूरी दे दी. छह महीने की समय सीमा 21 जनवरी 2016 को समाप्त हो गई.
    • प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा ने भी कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर रिपोर्ट दी थी. रिपोर्ट में राज्यपाल ने कहा था कि कांग्रेस विधायकों के कारण प्रदेश में राजभवन भी सुरक्षित नहीं है.
    • 60 सदस्यों वाली अरुणाचल विधानसभा में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के 47 विधायक थे, जिसमें 21 विधायकों ने अपनी ही पार्टी और मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावत कर राज्य के डिप्टी स्पीकर को विधायक दल का नेता चुन लिया.
    इसके अलावा, गृह मंत्रालय ने राज्यपाल के सलाहकार के रूप में दो सेवानिवृत्त सिविल सेवकों जी एस पटनायक और वाईएस डडवाल को भी नियुक्त किया है.

    राष्ट्रपति शासन का संवैधानिक प्रावधान-
    • राज्य में संवैधानिक मशीनरी की विफलता के बाद राष्ट्रपति, भारत के संविधान के अनुच्छेद 356 के प्रावधानों के तहत मंत्रिमंडल की सिफारिश पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं.
    • आपात प्रावधानों में क्या कहता है संविधान का अनुच्छेद 356-
    • यदि किसी राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति को रिपोर्ट देता है कि राज्य में संविधान के प्रावधानों के अनुसार संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया है अन्यथा राज्य सरकार संविधान के अनुसार शासन करने में असमर्थ है तो एसी स्थिति में राष्ट्रपति को संविधान प्रदग्त्त अधिकार है कि वह राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दे.
    • राज्य के विधान मंडल की शक्तियों को संसद द्वारा या उसके अधिकार के तहत प्रयोग किया जाए.

    ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने भ्रष्टाचार पर करप्शन परसेप्शन इंडेक्स-2015 जारी किया-(28-JAN-2016) C.A

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    अन्तरराष्ट्रीय संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने जनवरी 2016 में भ्रष्टाचार पर करप्शन परसेप्शन इंडेक्स-2015 जारी किया. इस रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार के खात्मे को लेकर भारत की स्थिति पहले से बेहतर हुई है. इस सूची में शामिल 168 देशों में भारत को 76वां स्थान दिया गया है. पिछले वर्ष (2014) इसी सूची में भारत 85वें पायदान पर था.
    ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के भ्रष्टाचार पर करप्शन परसेप्शन इंडेक्स-2015 सूची में डेनमार्क पहले स्थान पर बना हुआ है. करप्शन परसेप्शन्स इंडेक्स (सीपीआई) 2015 में भारत का स्कोर 38 है. सीपीआई में 0 से लेकर 100 तक अंक होते हैं. जिस देश को जितने ज्यादा अंक दिए जाते हैं, उस देश में उतना कम भ्रष्टाचार होता है. इस मामले में डेनमार्क को सबसे ज्यादा अंक दिए गए हैं, वहां सबसे कम भ्रष्टाचार है. इसके बाद फिनलैंड (90 अंक) और स्वीडन (89 अंक) हैं. इस रिपोर्ट में इस बार 168 देशों को शामिल किया गया था.
    विदित हो कि दुनियाभर में विशेषज्ञों की राय के आधार पर सीपीआई में देशों के सरकारी विभागों में मौजूद भ्रष्टाचार का अनुमान लगाया जाता है. इस मामले में भूटान 27वें पायदान पर है, और उसकी रैंक 65 है. यह भारत की तुलना में काफी अच्छा है. हालांकि भारत के दूसरे पड़ोसी देशों की हालत काफी खराब है. सूची में चीन का स्थान 83 और बांग्लादेश का स्थान 139 है. वहीं पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल बीते सालों की तुलना में थोड़ा सुधार देखा गया है. नॉर्थ कोरिया और सोमालिया इस सूची में सबसे निचले स्थान पर हैं, दोनों देशों के आठ अंक है.

    भारत के पहले विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत की स्मारक का मुंबई में अनावरण-(28-JAN-2016) C.A

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    देश के 67वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी 2016 को भारत के पहले विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत के स्मारक का मुंबई में अनावरण किया गया.
    इस स्मारक का अनावरण दक्षिण मुंबई स्थित नौसेना डाकयार्ड में वाइस एडमिरल एसपीएस चीमा फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ पश्चिमी नौसेना कमान और नगर आयुक्त अजय  मेहता द्वारा किया गया.
    इस स्मारक का निर्माण धातु मूर्तिकार अर्जन खंबाटा द्वारा किया गया. यह स्मारक आईएनएस विक्रांत के टूटने से प्राप्त धातु के टुकड़ों का उपयोग करके बनाई गई है.
    इस पोत का निर्माण वर्ष 1943 में एचएमएस हर्क्युलेस के नाम से ब्रिटिश नौसेना के लिए किया गया.
    द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसका निर्माण समत कर दिया गया था. वर्ष 1957 में में भारत लाया गया.
    भारतीय नौसेना के पहले विमान वाहक आईएनएस विक्रांत को 1961 में बल में शामिल किया गया था और 36 साल तक अपनी सेवाएं देने के बाद उसे 1997 में सेवा से हटा दिया  गया था.
    इसका जलावतावरण वर्ष 1961 में कैप्टन विजय लक्ष्मी पंडित द्वारा किया गया. कैप्टन प्रीतम सिंह इस पोत की पहली कमांडिंग अफसर थीं.

    वर्ष 1961 के मई माह में लेफ्टिनेंट राधाकृष्ण हरिराम ताहीलियानी ने इस पोत पहला जेट प्लेन उतारा.

    आईएनएस विक्रांत को वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भी इस्तेमाल किया गया था.