चेक कासल (Czech Castles) नामक प्रदर्शनी का दिल्ली स्थित लाल किले में उद्घाटन-(08-NOV-2013) C.A

| Friday, November 8, 2013
चेक कासल (Czech Castles) नामक प्रदर्शनी का दिल्ली स्थित लाल किले में 7 नवम्बर 2013 को उद्घाटन किया गया. केंद्रीय संस्कृति मंत्री चंद्रेश कुमारी कटोच ने चेक गणराज्य के विदेशी मामलों के मंत्री जां कोहूत तथा संस्कृति मंत्री जीरी बाल्विन के साथ मिलकर चेक कासलनामक प्रदर्शनी का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया.
चेक कासलनामक इस प्रदर्शनी का आयोजन चेक गणराज्य के राष्ट्रीय संग्रहालय तथा नई दिल्ली स्थित चेक गणराज्य के दूतावास ने भारत में पहली बार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और भारत सरकार की संस्कृति मंत्रालय के साथ मिलकर किया.
चेक कासलप्रदर्शनी से संबंधित मुख्य तथ्य
प्रदर्शनी में चेक गणराज्य के 37 सबसे आकर्षक महलों को प्रदशि॔त किया गया है जो कि बोहीमिया तथा मोराविया प्रांतों में स्थित हैं. 
इनका चयन न केवल उनकी कलात्मकता को ध्यान में रखते हुए किया गया है बल्कि उनके ऐतिहासिक महत्त्व, वास्तु इत्यादि का भी ध्यान रखा गया.
चेक कासल प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में स्पोर्क क्वार्तेतनामक चेक शास्त्रीय संगीत प्रस्तुत किया गया. 
प्रदर्शनी में फिल्म शो तथा संगीत के कार्यक्रमों का भी प्रदर्शन होना है. कुल मिलाकर वर्ष 2014, चेक भारत सांस्कृतिक वर्ष के रूप में मनाया जाना है.
यह प्रदर्शनी दिल्ली के लाल किले में जनवरी 2014 तक रहने के बाद देश के दूसरे शहरों में भी दिखाई जानी है. 
दिल्ली के बाद यह लेह में (लेह पैलेस में जून-जुलाई 2014 तक), कोलकाता (करेंसी बिल्डि़ंग में सितम्बर से अक्टूबर 2014 तक), मुम्बई (नेहरू विज्ञान केंद्र, नवम्बर 2014 में) तथा गोवा के पणजी (कला अकादमी में दिसम्बर 2014 से जनवरी 2015 तक) दिखाई जानी है.

विदित हो कि लाल किले में आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान चेक गणराज्य के राष्ट्रीय संग्रहालय तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मध्य सहयोग सुदृढ़ करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए.


Who: केंद्रीय संस्कृति मंत्री, चेक गणराज्य के विदेशी मामलों के मंत्री तथा संस्कृति मंत्री
Where: लाल किला, दिल्ली
What: चेक कासल नामक प्रदर्शनी का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया
When: 7 नवम्बर 2013

सीसीईए ने पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर के प्रस्ताव को मंजूरी दी-(08-NOV-2013) C.A

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केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने पॉवरग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) के लिए चुकता पूंजी के 17 प्रतिशत के विनिवेश के प्रस्ताव को 7 नवम्बर 2013 को मंजूरी प्रदान की. फॉलो ऑन निर्गम (एफपीओ) में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी द्वारा 13 प्रतिशत नये शेयरों और सरकार द्वारा 4 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री शामिल है.
पॉवरग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) जारी करने से प्राप्त होने वाले अतिरिक्त संसाधनों का इस्तेमाल अपने निवेश कार्यक्रमों में किया जाना है. इससे अगले दो वित्तवर्षों के लिए कंपनी के निवेश कार्यक्रमों को पूरा करने के वास्ते 56 अरब रुपये की धनराशि जुटाने में मदद प्राप्त होनी है.
फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ)
इसके तहत शेयर बाजार में पहले से ही सूचीबद्ध किसी सार्वजनिक कंपनी द्वारा निवेशकों को शेयर जारी किए जाते हैं. फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर को दूसरा पब्लिक ऑफर भी कहा जाता है. जब शेयर बाजार में सूचीबद्ध कोई कंपनी फंड जुटाने के लिए सार्वजिनक तौर पर अपने शेयर बेचने की पेशकश करती है तो इसे फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर कहते हैं.


Who: केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति
What: पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर के प्रस्ताव को मंजूरी दी
When: 7 नवम्बर 2013


इंडियाज़ न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम: फयूचर प्लान्स, प्रोसपेक्ट्स एण्ड कनसर्न पुस्तक का लोकार्पण-(08-NOV-2013) C.A

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इंडियाज़ न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम: फयूचर प्लान्स, प्रोसपेक्ट्स एण्ड कनसर्न: प्रोफेसर आर राजारमण
उपराष्ट्रपति एम हामिद अंसारी ने नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी द्वारा आयोजित एक समारोह में 'इंडियाज़ न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम: फयूचर प्लान्स, प्रोसपेक्ट्स एण्ड कनसर्न' पुस्तक का लोकार्पण 7 नवम्बर 2013 को किया. इस पुस्तक का संपादन प्रोफेसर आर राजारमण ने किया है.
'इंडियाज़ न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम: फयूचर प्लान्स, प्रोसपेक्ट्स एण्ड कनसर्न' पुस्तक
इस पुस्तक में परमाणु ऊर्जा से संबंधित जटिल विषयों पर विशेषज्ञों की राय दी गई है. इस पुस्तक में भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से जुड़े लोगों की राय तथा भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के संबंध में अलग-अलग राय रखने वालों के विचार भी हैं.
विदित हो कि इस अवसर पर उपराष्ट्रपति एम हामिद अंसारी ने कहा कि यह पुस्तक बहुत उपयोगी है और इससे परमाणु ऊर्जा पर जनमत बनाने में मदद प्राप्त होनी है.


Who: उपराष्ट्रपति एम हामिद अंसारी
Where: नई दिल्ली
What: इंडियाज़ न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम पुस्तक का लोकार्पण
When: 7 नवम्बर 2013


केंद्रीय कैबिनेट ने पोलैंड, स्लोवेनिया तथा लिथुआनिया के साथ वीजा अधित्याग समझौते को अनुमति दी-(08-NOV-2013) C.A

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केंद्रीय कैबिनेट ने 7 नवंबर 2013 को पोलैंड, स्लोवेनिया तथा लिथुआनिया के साथ वीजा अधित्याग समझौते को अनुमति दी. इस अनुमति से भारतीय नागरिकों को इन तीनों देशों से कूटनीतिक पासपोर्ट प्राप्त करने मे सुलभता होगी. इस समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर किये जाने हैं.
भारत ने हाल ही में क्यूबा के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था और भारत अब तक जापान, रुस तथा इजराइल समेत कुल 50 देशों के साथ इस तरह के समझौते कर चुका है.
विदित हो कि कुछ देशों में कूटनीतिक पासपोर्ट प्राप्त नागरिकों को अधिक लंबे समय तक रहने की अनुमति प्रदान करता है जबकि कुछ देश में कुछ ही अवधि के लिए अनुमति प्राप्त होती है. स्लोवेनिया के साथ इस कम अवधि के समझौते हेतु अनुमति दी गयी.


Who: केंद्रीय कैबिनेट
What: पोलैंड, स्लोवेनिया तथा लिथुआनिया के साथ वीजा अधित्याग समझौते को अनुमति
When: 7 नवंबर 2013


इमोमली रखमोन तजाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में पुन: निर्वाचित-(08-NOV-2013) C.A

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इमोमली रखमोन को तजाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में पुन: निर्वाचित किया गया. तजाकिस्तान के राष्ट्रपति का कार्यकाल 7 वर्ष के लिए निर्धारित है.
तजाकिस्तान के केंद्रीय निर्वाचन आयोग (सीआईसी) ने इमोमली रखमोन को 6 नवम्बर 2013 को विजेता घोषित किया. राष्ट्रपति पद के चुनाव में मुख्य प्रतिद्वंद्वी का पर्चा खारिज हो जाने के बाद इमोमली रखमोन के नाम की घोषणा की गई.
राष्ट्रपति पद के चुनाव में इमोमली रखमोन को 83 प्रतिशत मत मिले. केन्द्रीय चुनाव आयोग ने 86.6 प्रतिशत मतदाताओं द्वारा मतदान करने की जानकारी दी.
इमोमली रखमोन से संबंधित मुख्य तथ्य
मास्को समर्थित इमोमली रखमोन वर्ष 1992 से ही इस देश के सर्वोच्च पद पर कायम हैं. वह वर्ष 1994 से देश के राष्ट्रपति है. वह विपक्ष तथा नागरिक समाज दोनों को नियंत्रित रखे हुए हैं. लेकिन इस मुस्लिम देश में सामाजिक तनाव की स्थिति है.
इमोमली रखमोन, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ तजाकिस्तान (People's Democratic Party of Tajikistan) के नेता हैं.
इमोमली रखमोन ने सोवियत सशस्त्र सेना में वर्ष 1971-74 तक सेवाएं दी.


Who: इमोमली रखमोन
What: तजाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में पुन: निर्वाचित किया गया.
When: 6 नवम्बर 2013


वैज्ञानिकों ने ओफियूशस नामक तारामंडल में एक ब्लैक होल खोजा-(08-NOV-2013) C.A

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वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से लगभग 22000 प्रकाश वर्ष दूर, ओफियूशस नामक तारामंडल में एक ब्लैक होल खोजा है. जिस ग्लोबुलर क्लस्टर में इस ब्लैक होल को देखा गया है उसे एम 62 के नाम से जाना जाता है.
एम 62 ग्लोबुलर क्लस्टर ओफियूशस नामक तारामंडल में स्थित है. यह खोज मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी की वैज्ञानिकों के नेतृत्व में खगोलविदों की टीम द्वारा की गई.
विदित हो कि इस खोज से पूर्व खगोलविदों का अनुमान था कि ग्लोबुलर क्लस्टर में ब्लैक होल मौजूद नहीं है, यह ब्रह्मांड में सितारों के सबसे पुराने और सघनतम संग्रह में से एक है.
क्या होता है ब्लैक होल (Black Hole)?
ब्लैक होल वास्तव में तारे होते हैं जो खत्म हो जाते हैं, विघटित हो जाते हैं और उनका गुरूत्व क्षेत्र बहुत मजबूत होता है.


Who: मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी की वैज्ञानिकों के नेतृत्व में खगोलविदों की टीम
What: ओफियूशस नामक तारामंडल में एक ब्लैक होल खोजा


राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता असमी (Assamese) संगीत निर्देशक शेर चौधरी का गुवाहाटी में निधन-(08-NOV-2013) C.A

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असमी संगीत निर्देशक शेर चौधरी का असम के गुवाहाटी स्थित बी बरुआ कैंसर संस्थान में 6 नवम्बर 2013 को निधन हो गया. वह 69 वर्ष के थे.
शेर चौधरी को वर्ष 1990 में गौतम बोरा द्वारा निर्देशित फिल्म वोसोबीपो (Wosobipo) के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक वर्ग में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था.
शेर चौधरी के जीवन से संबंधित मुख्य तथ्य
संगीत निर्देशक के रूप में उनकी पहली फिल्म प्रोथोम रागिनी (Prothom Ragini) थी, इस फिल्म का निर्देशन धीरू भुयन (Dhiru Bhuyan) ने किया था. इस फिल्म के लिए धीरू भुयन को ईआईएमपीए से सम्मान मिला था.
शेर चौधरी ने संजीब हजारिका की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म हलोधर (Halodhar) के लिए भी संगीत निर्देशन किया था.
उन्होंने कई अन्य पुरस्कार विजेता फिल्मों के लिए संगीत दिया, जिनमें- मीमंगशा, आई किल्ड हिम सर, राग-बिराग, अहीर-भैरव आदि शामिल है.
उन्हें असम में फिल्म राग बिराग, अडजयो (Adajyo) और निषिद्धो नोदी (Nishiddho Nodi) के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार मिला था.


Who: असमी संगीत निर्देशक शेर चौधरी
Where: बी बरुआ कैंसर संस्थान, गुवाहाटी
What: निधन हो गया
When: 6 नवम्बर 2013


वायुमंडल में ग्रीन हाउस गैसों की सांद्रता में वर्ष 1990 से 2012 के बीच रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी: डब्ल्यूएमओ-(08-NOV-2013) C.A

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संयुक्त राष्ट्र की मौसम एवं जलवायु से संबंधित इकाई वर्ल्ड मीटीओरोलॉजिकल ऑर्गेनाईजेशन (डब्ल्यूएमओ) के द्वारा 06 नवबंर 2013 को जारी वार्षिक ग्रीन हाउस गैस बुलेटिन के अनुसार वर्ष 1990 से 2012 के बीच पृथ्वी के वायुमण्डल में ग्रीन हाउस गैसों की सांद्रता में रिकॉर्ड वृद्धि हुई.
डब्ल्यूएमओ के बुलेटिन के अनुसार कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) तथा उष्मा अवशोषित रखने वाली गैसों जैसे मेथेन एवं नाइट्रस ऑक्साइड की बढ़ती मात्रा के कारण जलवायु को गर्म करने वाले कारकों में 32 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई. इस बढ़ोत्तरी में कार्बन डाई ऑक्साइड का योगदान सर्वाधिक 80 प्रतिशत रहा. वर्षवार, कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा में बढ़ोत्तरी 2011-12 के दौरान सर्वाधिक हुई जो कि पिछले दस वर्षों के दौरान हुई बढ़ोत्तरी के औसत से अधिक रही. साथ ही. बुलेटिन में कार्बन डाई ऑक्साइड के मात्रा के 2015-16 तक लगातार बढ़ते रहने का अनुमान लगाया गया है.
डब्ल्यूएमओ के महासचिव माइकल जैरौड ने बुलेटिन जारी करते हुए कहा, “डब्ल्यूएमओ का वृहद ग्लोबल एटमॉस्फीयर वाच नेटवर्क इस तथ्य की ओर इंगित करती है कि किस प्रकार मानवीय गतिविधियों ने हमारे वायुमंडल में असंतुलन की स्थिति पैदा कर दी है जो कि जलवायु परिवर्तन के मुख्य कारणों में से एक है.  द इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाईमेट चेंज (आईपीसीस) ने अपने 5वें मूल्यांकन प्रतिवेदन में जोर दिया था कि वायुमंडल में कार्बन डाई ऑक्साइड, मेथेन एवं नाइट्रस ऑक्साइड का स्तर आठ लाख वर्षों में अनुमान से कहीं अधिक बढ़ा है. आईपीसीसी के अनुसार यदि हम इसी प्रकार बिजनेस करते रहे तो वैश्विक औसत तापमान में इस शताब्दी के अंत तक 4.6 डिग्री की बढ़ोत्तरी होगी. इसके भयंकर परिणाम होंगी.
डब्ल्यूएमओ के वार्षिक ग्रीन हाउस गैस बुलेटिन के तथ्य
·         वर्ष 1750 से लेकर संदर्भित वर्ष तक वैश्विक स्तर पर औसत कार्बन डाई ऑक्साइड की सांद्रता में 41 प्रतिशत, मेथेन की सांद्रता में 160 प्रतिशत तथा नाइट्रस ऑक्साइड की सांद्रता में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई.
·         वायुमण्डल में बढ़ रही अनियंत्रित घटनाएं वृहद मुद्दे का हिस्सा भर हैं.
·         मानवीय गतिविधियों से उत्सर्जित हो रही कार्बन डाई ऑक्साइड की कुल मात्रा का अधिकतम आधा हिस्सा ही जैवमंडल तथा महासागरों द्वारा अवशोषित हो पाता है.
·         डब्ल्यूएमओ का वार्षिक ग्रीन हाउस गैस बुलेटिन वायुमंडल की सांद्रताओं पर आधारित है न कि ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन पर. उत्सर्जन वह है जो कि वातावरण में पहुंचता है तथा सांद्रता वह जो कि वायुमंडल में जैवमंडल, वायुमंडल तथा महासागरों के जटिल संपर्कों के बाद बना रहा है.
·         कार्बन डाई ऑक्साइड की कुल मात्रा 2012 में 393.1 पार्ट्स प्रति मिलियन या औद्योगिकरण के स्तर 278 पार्ट्स प्रति मिलियन के स्तर से 141 प्रतिशत अधिक थी.
·         वायुमंडल में 40 प्रतिशत मेथेन प्राकृतिक स्रोतों से उत्सर्जित होती है जबकि शेष मानवीय गतिविधियों जैसे मवेशी प्रजनन, धान की खेती, जीवाश्म ईंधन संदोहन, कचरे के ढेर तथा जैव ईंधन के दहन, आदि से होती है.
·         मेथेन की कुल मात्रा 2012 में 1819 पार्ट्स प्रति बिलियन थी जो कि औद्योगिकरण के स्तर से 260 प्रतिशत अधिक थी.
·         नाइट्रस ऑक्साइड की कुल मात्रा 2012 में 325.1 पार्ट्स प्रति बिलियन थी जो कि औद्योगिकरण के स्तर से 120 प्रतिशत अधिक थी.
·         नाइट्रस ऑक्साइड का जलवायु पर 100 वर्षों के अंतराल में होने वाले कुल प्रभाव इतने ही समय में कार्बन डाई ऑक्साइड के प्रभाव से 298 गुना अधिक होता है.
वर्ल्ड मीटीओरोलॉजिकल ऑर्गेनाईजेशन (डब्ल्यूएमओ, World Meteorological Organisation, WMO)
वर्ल्ड मीटीओरोलॉजिकल ऑर्गेनाईजेशन संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट संस्थाओं में से एक है. यह पृथ्वी के वायुमंडल की अवस्था तथा व्यवहार हेतु संयुक्त राष्ट्र एक अधिकृत संगठन है. डब्ल्यूएमओ के कुल सदस्यों की संख्या 1 जनवरी 2013 को 191 थी.
डब्ल्यूएमओ की उत्पत्ती इंटरनेशनल मीटीओरोलॉजिकल ऑर्गेनाईजेशन (आईएमओ) से हुई थी. आईएमओ की स्थापना 1873 में की गयी थी जबकि डब्ल्यूएमओ की स्थापना 1950 में हुई. डब्ल्यूएमओ 1951 में मौसम एवं जलवायु हेतु संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट संस्था बनीं.


Who: पृथ्वी के वायुमण्डल में
What: ग्रीन हाउस गैसों की सांद्रता रिकॉर्ड बढ़ी
When: वर्ष 1990 से 2012 के बीच


विदेश मंत्रालय ने एमपासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप आईओएस एवं विंडोज प्लेटफॉर्म वाले फोन हेतु लांच किया-(07-NOV-2013) C.A

| Thursday, November 7, 2013
विदेश मंत्रालय ने नवंबर 2013 के पहले सप्ताह में आईओएस और विंडोज फोन प्लेटफार्मों के लिए एमपासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया. यह सेवा पहले से ही एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म के लिए उपलब्ध है.
एमपासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप के माध्यम से आईओएस ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म पर चलने वाले आईफोन तथा विंडोज प्लेटफॉर्म पर चलने वाले मोबाइल फोन के माध्यम से पासपोर्ट से संबंधित सभी तरह की जानकारी प्राप्त की सकती है. इस एमपासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप के माध्यम से पासपोर्ट सेवा केंद्रों, जिला पासपोर्ट प्रकोष्ठ, आदि की जानकारी अपने स्मार्टफोन पर प्राप्त कर सकते हैं.
एमपासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप वस्तुतः विदेश मंत्रालय एवं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस के सार्वजनिक-निजी-भागीदारी के तौर पर आरंभ की गयी पासपोर्ट सेवा परियोजना का एक विस्तार है. इस सुविधा लाभ घरेलू एवं विदेशी सभी नागरिक ले सकते हैं.
एमपासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप में एक कैलकुलेटर की भी सुविधा दी गयी है जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता विभिन्न सेवाओं आदि हेतु आवेदन शुल्क की गणना कर सकते हैं. साथ ही, ऐप की मदद से पासपोर्ट आवेदक अपने आवेदन की स्थिति जान सकते हैं.


Who: विदेश मंत्रालय
What: आईओएस व विंडोज फोन प्लेटफार्मों के लिए एमपासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप का आरंभ
When: नवंबर 2013 के पहले सप्ताह में


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और अल्फ्रेड हेल्थ एण्ड मोनेश यूनिवर्सिटी के मध्य समझौता-(07-NOV-2013) C.A

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देशभर में ट्रॉमा केयर सिस्टम को मजबूत करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने ऑस्ट्रेलिया के अल्फ्रेड हेल्थ एण्ड मोनेश यूनिवर्सिटी के साथ एक समझौता किया.
समझौते का उद्देश्य
इस समझौते का उद्देश्य देशभर में ट्रॉमा केयर सिस्टम को मजबूत करना है. इस परियोजना के तहत दोनों देशों द्वारा अपनी ट्रॉमा चिकित्सा सेवाओं, विशेषज्ञता और अनुसंधान संबंधी जानकारी का आदान-प्रदान किया जाना है.
विदित हो कि इस समझौते के लिए ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय सरकार द्वारा ऑस्ट्रेलिया-भारत रणनीतिक शोध कोष ग्रैंड चैलेंज योजना के जरिए 26 लाख डॉलर (करीब 16 करोड़) से ज्यादा की राशि निवेश की जानी है, ताकि जख्मी लोगों को ऐसी देखभाल मिले जिनकी उन्हें जरूरत होती है.
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences)
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की आधारशिला वर्ष 1952 में रखी गई थी. अंत में एम्स का सृजन वर्ष 1956 में एक स्वायत्त संस्थान के रूप में स्वास्थ्य देखभाल के सभी पक्षों में उत्कृष्टता को पोषण देने के केंद्र के रूप में कार्य करने हेतु किया गया था. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना सभी शाखाओं में स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा में अध्यापन के पैटर्न विकसित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महत्त्व के एक संस्थान के रूप में की गई थी, ताकि भारत में चिकित्सा शिक्षा के उच्च मानक प्रदर्शित किए जा सकें तथा स्वास्थ्य गतिविधि की सभी महत्त्वपूर्ण शाखाओं में कार्मिकों के प्रशिक्षण हेतु उच्चतम स्तर की शैक्षिक सुविधाएं एक ही स्थान पर लाने और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा में आत्मनिर्भरता पाई जा सके.


Who: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
What: ऑस्ट्रेलिया के अल्फ्रेड हेल्थ एण्ड मोनेश यूनिवर्सिटी के साथ एक समझौता किया
Why: देशभर में ट्रॉमा केयर सिस्टम को मजबूत करने हेतु


अत्याधुनिक जेट ट्रेनर विमान हॉक-132 भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल-(07-NOV-2013) C.A

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नौसेना प्रमुख एडमिरल देवेन्द्र कुमार जोशी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित नौसेना हवाई अड्डे (INS Dega) पर अत्याधुनिक जेट ट्रेनर विमान हॉक-132 को नौसेना के बेड़े में 6 नवम्बर 2013 को शामिल किया.
विमान को हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. नौसेना को फिलहाल चार विमान सौंपे गए हैं. कुल 17 ऐसे विमान सौंपे जाने हैं.
विश्व भर के 24 से अधिक देशों में हॉक-132 का उपयोग किया जा रहा है और भारतीय वायु सेना इसका उपयोग पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिये करती है.
जेट ट्रेनर विमान हॉक-132 से संबंधित मुख्य तथ्य
जेट ट्रेनर विमान हॉक-132 चौथी पीढ़ी का अत्याधुनिक जेट ट्रेनर विमान है जो अत्याधुनिक और एडवांस्ड नेविगेशन सिस्टम प्रणाली से लैस है.
हॉक एमके-132 विमान में दो सीटें हैं.
यह बहुद्देश्यीय विमान है जिसमें एक रोल्स रॉयस एडोर एमके-871 इंजन लगा हुआ है.
यह विमान आकाश से आकाश तक मार करने वाली मिसाइल-आकाश से सतह पर दागे जाने वाले राकेट और बम आदि हथियार ढोने में सक्षम है और उन्नत एवं विश्वसनीय नौ संचालन प्रणाली से लैस है. 
इसके पंखे में दो अतिरिकत इंधन टैंक लगाये गये हैं.
विदित हो कि हिंदुस्तान एअरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ नौसेना का 17 हॉक एमके-132 विमानों की आपूर्ति का अनुबंध है. एचएएल बेंगलूर को ब्रिटेन की ब्रिटिश एयरोस्पेस से तकनीकी के स्थानांतरण के अधार पर हॉक-132 को बनाने के लिये लाइसेंस प्राप्त हुआ था.


Who: नौसेना प्रमुख एडमिरल देवेन्द्र कुमार जोशी
Where: विशाखापट्टनम
What: अत्याधुनिक जेट ट्रेनर विमान हॉक-132 को नौसेना के बेड़े में शामिल किया
When: 6 नवम्बर 2013


आरबीआई ने विदेशी बैंकों के सहायक बैंकों को घरेलू निजी क्षेत्र के बैंकों के अधिग्रहण की अनुमति दी-(07-NOV-2013) C.A

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भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी बैंकों के पूर्ण स्वामित्व वाले सहायक बैंकों को घरेलू निजी क्षेत्र के बैंकों के अधिग्रहण और देश में कहीं भी शाखाएं खोलने की अनुमति 6 नवम्बर 2013 को दी.
इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी सहायक बैंकों को स्थानीय शेयर बाजारों में पंजीकरण करने की भी अनुमति प्रदान की. हालांकि विदेशी सहायक बैंकों को अधिग्रहण किये जाने वाले निजी बैंकों में 74 प्रतिशत से अधिक भागीदारी नहीं रखने का प्रावधान है.
विदित हो कि अगस्त 2010 से पहले भारत में बैंकिंग कारोबार शुरू करने वाले विदेशी बैंकों को पूर्ण स्वामित्व वाले सहायक बैंक के रूप में बदलने का मौका दिया जाना है.
भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India)
भारतीय रिजर्व बैंक भारत का केन्द्रीय बैंक है. इसकी स्थापना 1 अप्रैल 1935 को रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया ऐक्ट, 1934 के अनुसार हुई. यह भारत के सभी बैंको का संचालक है.
आरम्भ में इसका केन्द्रीय कार्यालय कोलकाता में था जो वर्ष 1937 में मुम्बई स्थानांतरित किया गया. भारतीय रिजर्व बैंक के 22 क्षेत्रीय कार्यालय हैं जिनमें से अधिकांश राज्यों को राजधानियों में स्थित हैं. भारतीय रिजर्व बैंक पहले एक निजी बैंक था परन्तु वर्ष 1949 से यह भारत सरकार का उपक्रम बन गया है.
भारतीय रिजर्व बैंक के प्रमुख कार्य
मौद्रिक नीति तैयार करना, उसका कार्यान्वयन और निगरानी करना.
वित्तीय प्रणाली का विनियमन और पर्यवेक्षण करना.
विदेशी मुद्रा का प्रबंधन करना.
मुद्रा जारी करना, उसका विनिमय करना और परिचालन योग्य नहीं रहने पर उन्हे नष्ट करना.
सरकार का बैंकर और बैंकों का बैंकर के रुप में काम करना.
साख नियन्त्रित करना.

केंद्रीय बोर्ड

भारतीय रिज़र्व बैंक का कामकाज केंद्रीय निदेशक बोर्ड द्वारा शासित होता है. भारत सरकार भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम के अनुसार इस बोर्ड को नियुक्त करती है. नियुक्ति चार वर्ष के लिए होती है. इसमें सरकारी निदेशक, पूर्ण-कालिक: गवर्नर और अधिकतम चार उप गवर्नर, गैर- सरकारी निदेशक, सरकार द्वारा नामित विभिन्न क्षेत्रों से 10 निदेशक और 2 सरकारी अधिकारी, 4 निदेशक- 4 स्थानीय बोर्डों से प्रत्येक से एक शामिल हैं.


Who: भारतीय रिजर्व बैंक
What: विदेशी बैंकों के सहायक बैंकों को घरेलू निजी क्षेत्र के बैंकों के अधिग्रहण की अनुमति दी
When: 6 नवम्बर 2013