भारत एलपीजी आयात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बना-(25-APR-2017) C.A

| Tuesday, April 25, 2017
जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक देश बन गया है. पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण सेल (पीपीएसी) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार भारत विश्व में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है.

पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण सेल के अनुसार वर्ष 2016-17 में भारत में एलपीजी के उपयोग में 23 प्रतिशत अर्थात् 11 मिलियन टन की वृद्धि हुई है.

भारत द्वारा छुए गये इस आंकड़े का कारण केंद्र सरकार द्वारा आरंभ की गयी दो निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन सेवाएं हैं. इन सेवाओं में केंद्र सरकार द्वारा बेहद विषम आर्थिक परिस्थितियों में रहने वाली महिलाओं को निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन देना शामिल है.

इससे भारत में एलपीजी का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या 200 मिलियन हो गयी जो कि जापान की कुल जनसँख्या से 60 प्रतिशत अधिक है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत मंक प्रदूषण जनित ईंधन का उपयोग करने से 1.3 मिलियन असमय मौतें होती हैं.
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

•    प्रधानमंत्री उज्जवला योजना भारत के निर्धन परिवारों की महिलाओं की सहायता हेतु केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है. 

•    इस योजना के अंतर्गत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिए जाते हैं.

•    गरीब परिवार की महिला सदस्यों को निःशुल्क रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन मुहैया कराने के लिए मंत्रिमंडल ने 8,000 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी.

•    इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और उनकी सेहत की सुरक्षा करना है.

भारत ने जल से जमीन पर मार करने वाली पहली ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण किया-(25-APR-2017) C.A

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भारतीय नौसेना ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के समुद्र से जमीन पर मार करने वाले संस्करण का पहला सफल परीक्षण किया. यह मिसाइल समुद्र के अंदर से जमीन पर काफी दूर तक लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदने में सक्षम है.

प्रमुख तथ्य-
  • लंबी दूरी की इस मिसाइल का परीक्षण नौसेना के युद्धपोत तेग से बंगाल की खाड़ी में किया गया.
  • इसके परीक्षण हेतु जमीन पर एक लक्ष्य निर्धारित किया गया, और उसे लक्षित कर मिसाईल का सफल परीक्षण किया गया.
  • युद्ध की स्थिति में यह मिसाइल चीन और पाकिस्तान के कई इलाकों को अपनी जद में ले सकती है.
  • पूर्व में यह मिसाइल 290 किमी तक मार कर सकती थी.
  • किन्तु अब इसकी मार्क क्षमता 450 किमी तक होने की संभावना है.
  • नौसेना के अनुसार, परीक्षण सफल रहा और इसके वांछित परिणाम मिले हैं.
  • ब्रह्मोस मिसाइल का एंटी शिप संस्करण पहले से ही नौसेना के पास है.
भारत चुनिंदा देशों की श्रेणी में-
  • इस परीक्षण के साथ ही भारत अमेरिका, चीन, रूस और ब्रिटेन जैसे उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास ऐसी क्षमता वाली मिसाइल है.
  • मिसाइल ब्रह्मोस भारत और रूस ने संयुक्त रूप से विकसित की.
  • इसका पोत रोधी संस्करण पहले ही भारतीय नौसेना में शामिल किया जा चुका है.
  • यह दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल है जो ऑपरेशन में है.
  • नौसेना के कोलकाता, रणवीर और तेज जैसे ज्यादातर प्रमुख युद्धपोत इस मिसाइल को दागने में सक्षम हैं.
  • नौसेना के आईएनएस तेग से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस का परीक्षण किया गया.
  • भारतीय नौसेना ने अभी तक ब्रह्मोस के पोत रोधी संस्करण का ही परीक्षण.

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया गया-(25-APR-2017) C.A

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24 अप्रैल: राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

देश भर में 24 अप्रैल 2017 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया गया. यह दिवस प्रत्येक वर्ष संविधान के अधिनियम-1992 (73वां संशोधन) को पारित करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. यह अधिनियम 24 अप्रैल 1993 को प्रभाव में आया था.

इस दिवस के उपलक्ष्य में देश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये. इसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश के लखनऊ से हुआ. इस कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया. इस कार्यक्रम में केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री बिरेंदर सिंह भी शामिल थे.
पृष्ठभूमि

•    इस अधिनियम से जमीनी स्तर पर राजनीतिक सत्ता का विकेन्द्रीकरण हुआ है.

•    इसमें गांव, तहसील एवं जिला स्तर पर पंचायती राज व्यवस्था का निर्माण किया गया.

•    पंचायती राज मंत्रालय प्रत्येक वर्ष इस दिवस पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करती है.

•    इस अवसर पर देश की सबसे बेहतर ग्राम पंचायतों को पंचायती राज मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है.

इस वर्ष होने वाले कार्यक्रम

•    पंचायती राज मंत्रालय अपना स्वयं का यू-ट्यूब चैनल आरंभ करेगा. इस पर सरकारी योजनाओं पर लघु फ़िल्में दिखाई जायेंगी.

•    स्मार्ट फोन द्वारा पंचायती राज संस्थानों से सम्बंधित ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये जायेंगे.

•    मंत्रालय द्वारा ग्रामोदय संकल्प नामक एक त्रेमासिक पत्रिका भी आरंभ की जाएगी. इसमें ग्रामीण विकास, पेयजल एवं स्वच्छता आदि पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.

•    इस पत्रिका को इंग्लिश एवं हिंदी तथा विभिन्न स्थानीय भाषाओँ में आरंभ किया जायेगा.

इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय पुरस्कारों में दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार, नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार शामिल हैं जिन्हें पंचायती राज संस्थानों को दिया जायेगा.

विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाया गया-(24-APR-2017) C.A

| Monday, April 24, 2017
विश्व पुस्तक एवं कॉपीराईट दिवस: 23 अप्रैल 2017
विश्व भर में 23 अप्रैल 2017 को विश्व पुस्तक एवं कॉपीराईट दिवस मनाया गया. इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा पढ़ने, प्रकाशन और कॉपीराइट संबंधी कार्यक्रम आयोजित किये गये.
पहली बार 'पुस्तक दिवस' 23 अप्रैल 1995 को मनाया गया था. किताबों का हमारे जीवन में क्या महत्व है, इसके बारे में बताने हेतु 'विश्व पुस्तक दिवस' पर शहर के विभिन्न स्थानों पर सेमिनार आयोजित किये जाते हैं.
world book copyright day
प्रत्येक वर्ष यूनेस्को और विभिन्न प्रकाशक, पुस्तक विक्रेता एवं लाइब्रेरी से सम्बंधित अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा एक वर्ष हेतु विश्व पुस्तक राजधानी का चयन किया जाता है जो प्रत्येक वर्ष 23 अप्रैल को लागू होती है.
पृष्ठभूमि:
23 अप्रैल को विश्व साहित्य के लिए प्रतीकात्मक तिथि के रूप में जाना जाता है. ऐसा माना जाता है कि वर्ष 1616 में इसी तारीख को सर्वांतीज, विलियम शेक्सपियर एवं इन्का गर्सिलासो का निधन हुआ था. इसी दिन कुछ अन्य साहित्यकारों का जन्म और कुछ की मृत्यु भी हुई जिनमें मौरिस द्रुओन, हल्दोर लैक्सनेस, व्लादिमीर नबोकोव आदि शामिल हैं.
वर्ष 1995 में यूनेस्को ने पेरिस में आयोजित महासभा में घोषणा की कि इस दिन लेखकों को श्रद्धांजलि के रूप में पुस्तको को महत्व दिया जाना चाहिए. इस दिन इसी उपलक्ष्य में विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाये जाने की शुरुआत की गयी.
विश्व पुस्तक तथा कॉपीराइट दिवस 'इन्हेन्स बुक रीडिंग हैबिट्स' के एकमात्र महत्वपूर्ण उद्देश्य से प्रेरित है. इसके माध्यम से इस प्रवृत्ति को विशेषकर बच्चों में प्रोत्साहित करना है.

कैलाश सत्यार्थी को पी सी चंद्रा पुरस्कार से सम्मानित किया गया-(24-APR-2017) C.A

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नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी को 23 अप्रैल 2017 को पी सी चंद्रा पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

सत्यार्थी को यह सम्मान उनके द्वारा बाल मजदूरी एवं बंधुआ मजदूरी को समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर चलाये जा रहे अभियान के कारण दिया गया.

कैलाश सत्यार्थी (63 वर्षीय) को पुरस्कार स्वरुप कोलकाता में एक प्रशस्ति पत्र, एक ट्रॉफी एवं 10 लाख रुपये का एक चेक दिया गया.
कैलाश सत्यार्थी

•    कैलाश सत्यार्थी का जन्म 11 जनवरी 1954 को मध्य प्रदेश के विदिशा में हुआ.

•    वे बाल अधिकार कार्यकर्ता और बाल-श्रम के विरुद्ध पक्षधर रहे हैं. 

•    उन्होंने वर्ष 1980  में बचपन बचाओ आन्दोलन की स्थापना की जिसके बाद से वे विश्व भर के 144 देशों के 83000 से अधिक बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कर चुके हैं.

•    सत्यार्थी के कार्यों के कारण ही वर्ष 1999 में अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ द्वारा बाल श्रम की निकृष्टतम श्रेणियों पर संधि सं॰182 को अंगीकृत किया गया. यह संधि दुनियाभर की सरकारों के लिए इस क्षेत्र में एक प्रमुख मार्गनिर्देशक है.

•    उनके कार्यों को विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों व पुरुस्कारों द्वारा सम्मानित किया गया है.

•    उन्हें वर्ष 2014 का नोबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. यह नोबल पुरस्कार उन्हें पाकिस्तान की नारी शिक्षा कार्यकर्ता मलाला युसुफ़ज़ई के साथ सम्मिलित रूप से प्रदान किया गया.

•    मदर टेरेसा को 1979 में मिले नोबल शांति पुरस्कार के बाद यह सम्मान प्राप्त करने वाले वे दूसरे भारतीय हैं.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अली मोहम्मद नाइक का निधन-(24-APR-2017) C.A

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नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता एवं जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष अली मोहम्मद नाइक का निधन हो गया. वे 87 वर्ष के थे.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के अधीन उन्होंने प्लेबिसाइट फ्रंट के महासचिव के तौर पर भी अपनी सेवा दी थीं.
मोहम्मद नाइक के बारे में:
  • प्लेबिसाइट फ्रंट ने राज्य का भविष्य तय करने के लिए जनमत संग्रह कराने की वकालत की थी. वर्ष 1967 में प्लेबिसाइट फ्रंट छोड़ नाइक ने त्राल निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव लड़ा और वर्ष 1977 तक इसका नेतृत्व किया.
  • वर्ष 1972 में वह जम्मू-कश्मीर विधानसभा के उपाध्यक्ष भी चुने गए.
  • वे नेशनल कांफ्रेंस के उन नेताओं और विधायकों में से भी एक थे जिन्होंने वर्ष 1984 में गुलाम मोहम्मद शाह से गठजोड़ कर फारूख अब्दुल्ला सरकार को अपदस्थ किया था.
  • हालांकि बाद में वे फिर से नेशनल कॉन्फ्रेंस में लौट आये और वर्ष 1996 में उन्हें विधानसभा अध्यक्ष चुना गया.
  • वर्ष 1999 में लोकसभा चुनाव में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग निवार्चन क्षेत्रा मे मात दी थी.
  • नाइक वर्ष 2006 में एक आतंकी हमले में गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे.

भारत में पिछले चार वर्षों में गर्मी से 4620 लोगों की मौत: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय-(24-APR-2017) C.A

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भारत में गर्मियों का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है जिसके कारण देश में लू तथा गर्मियों से होने वाली बीमारियों से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है. 

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012 से 2016 तक 4620 से अधिक लोगों ने प्रतिकूल मौसम के कारण जान गंवाई है.

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की रिपोर्ट


•    प्रतिकूल मौसम के कारण जान गंवाने वाले लोगों में 4246 लोग आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के हैं.

•    पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में प्रतिकूल मौसम के कारण लगभग 1600 लोगों की मौत हुई. 

•    वर्ष 2016 में जिन लोगों की मौत प्रतिकूल मौसम के कारण हुई उनमें 557 लोगों ने लू के कारण जान गंवाई.

•    वर्ष 2015 में लू से 2081 लोगों की जान गयी वहीं 2014 में इसी कारण 549 लोगों की मौत हुई. 

•    वर्ष 2013 में लू लगने से 1443 लोगों की मौत हुई जिनमें से 1393 लोग अविभाजित आंध्र प्रदेश के थे.

•    अंतरराष्ट्रीय मौसम विभाग ने वर्ष 2016 को 1901 के बाद से सबसे गर्म साल घोषित किया था. गौरतलब है कि वर्ष 1901 से तापमान का रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है.

गर्मियों में लू से निर्जलीकरण अधिक होता है जिससे डायरिया, हैजा आदि बीमारियां भी पनपती हैं. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में सीधे तौर पर निर्जलीकरण से होने वाली बीमारियों के आंकड़े शामिल नहीं हैं इसलिए पूरे देश में मौत के आंकड़ों की संख्या अधिक हो सकती है.

रोहन बोपन्ना ने मोंटे कार्लो मास्टर्स का युगल ख़िताब जीता-(24-APR-2017) C.A

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bopanna wins doubles
भारत के रोहन बोपन्ना और उरुग्वे के उनके जोड़ीदार पाब्लो क्युवास ने साथ खेलते हुए 23 अप्रैल 2017 को मोंटे कार्लो टेनिस टूर्नामेंट मास्टर्स ख़िताब जीता. पुरुष युगल वर्ग के फाइनल में बोपन्ना-क्युवास की जोड़ी ने स्पेन के फेलिसियानो लोपेज और मार्क लोपेज की जोड़ी को हराकर यह ख़िताब जीता.

बोपन्ना और क्युवास की जोड़ी ने मार्क और फेलिसियानो की जोड़ी को 1 घंटा 14 मिनट तक चले इस मुकाबले में 6-3, 3-6, 10-4 से हराया. बोपन्ना और क्युवास की जोड़ी को पहली बार मैदान में उतारा गया था और यह उनका पहला ख़िताब है.

रोहन बोपन्ना का यह इस वर्ष का दूसरा खिताब है. इससे पहले उन्होंने जीवन नेदुचेझियन के साथ मिलकर चेन्नई ओपन खिताब जीता था लेकिन वह दुबई टेनिस चैंपियनशिप के फाइनल में हार गये थे. इस मुकाबले में पोलैंड के मार्सिन माटकोवस्की के साथ उनकी जोड़ी बनायी गयी थी.

रोहन बोपन्ना का युगल मुकाबलों का फाइनल रिकार्ड अब 16-24 और मास्टर्स फाइनल 4-4 हो गया है. वहीं पाब्लो क्युवास की यह दूसरी मास्टर्स ट्रॉफी है. इससे पहले उन्होंने 2015 में डेविड मारेरो के साथ मिलकर रोम मास्टर्स का खिताब जीता था.
रोहन बोपन्ना

•    रोहन बोपन्ना भारतीय टेनिस खिलाड़ी हैं. उनका जन्म 4 मार्च 1980 को बंगलुरु में हुआ था.

•    उन्होंने 11 वर्ष की उम्र से टेनिस खेलना शुरु किया था. 

•    वह 13 जून 2011 को अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ पुरुष युगल रैंकिंग पर पहुंचे थे.

•    वर्ष 2002 से रोहन इंडियन डेविस कप के सदस्य हैं. 

•    उन्होंने अब तक चार मास्टर्स मुकाबले खेले हैं तथा चारों में जीत दर्ज की है.

देश की पहली इको-फ्रेंडली रिफाइनरी राजस्थान में स्थापित किए जाने की घोषणा-(23-APR-2017) C.A

| Sunday, April 23, 2017
राजस्थान के बाड़मेर में देश की पहली इको-फ्रेंडली रिफाइनरी स्थापित किए जाने की घोषणा की गयी. इस इको-फ्रेंडली रिफाइनरी से पेट्रोल और डीजल के उत्पादन के साथ  पेट्रोकैमिकल संकुल में बिजली भी उत्पादित की जा सकेगी. 

प्रदेश में स्थापित होने वाली यह अत्याधुनिक रिफाइनरी अपनी तरह की देश में पहली रिफाइनरी है. प्रदेश सरकार द्वारा इस रिफाइनरी को लेकर एचपीसीएल के साथ  एमओयू किए जाने की सम्भावना है.

बाडमेर के पचपदरा में एचपीसीएल व सरकार की भागीदारी से स्थापित होने वाली नौ एमएमटीपीएल की रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल संकुल देश की पहली इकोफ्रेंडली होगी. 

प्रमुख तथ्य-
  • बाडमेर के पचपदरा में स्थापित की जाने वाली इकोफ्रेंडली रिफाइनरी से उत्पादन में तो प्रदूषण कम होगा ही साथ ही इससे उत्पादित पेट्रोल और डीजल देश में अन्य रिफाइनरियों से कहीं कम प्रदूषण फैलाएगा.
  • बाडमेर स्थित इस रिफाइनरी से क्रूड आयल से उत्पादित होने वाला पेट्रोल और डीजल बीएस-6 मानको के अनुरूप तैयार होगा.
  • देश में अभी तक अन्य रिफाइरियों से उत्पादित होने वाले पेट्रोल और डीजल बीएस-3 या बीएस-4 ग्रेड के हैं.
  • बाडमेर में रिफाइनरी के साथ क्रूड आयल से निकलने वाले वेस्ट से अन्य आयल उत्पाद लगाने हेतु पेट्रोकैमिकल मशीनरीज भी स्थापित की जाएंगी.  
  • सूत्रों के अनुसार एमओयू के बाद रिफाइनरी स्थापना में कंपनी को एक से डेढ साल का समय लगेगा।
छह हजार करोड़ लागत ज्यादा-
  • प्रदेश में वर्ष 2013 में पूर्व गहलोत सरकार के समय कंपनी के साथ हुए एमओयू के तहत रिफाइनरी की कीमत 37 हजार करोड़ रुपए के लगभग थ.
  • अत्याधुनिक रिफाइनरी स्थापना की स्थापना के कारण अब इसकी कीमत में छह हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई.
आयातित क्रूड भी किया जाएगा रिफाइन-
बाड़मेर में स्थापित होने वाली रिफाइनरी में प्रदेश के पश्चिमी जिलों के गर्भ से निकलने वाले कू्रड आयल को रिफाइन करने के साथ पेट्रोल और डीजल का उत्पादन किया जाएगा.
इसकी नौ एमएमटीपीएल क्षमता के चलते अन्य राज्यों से आयातित क्रूड आयल से भी बीएस-6 ग्रेड का पेट्रोल व डीजल उत्पादित किया जा सकेगा.

बिजली उत्पादन-
  • राजस्थान के बाड़मेर में स्थापित की जाने वाली रिफाइनरी से पेट्रोल और डीजल के उत्पादन साथ ही यहां पेट्रोकैमिकल संकुल में बिजली भी उत्पादित की जा सकेगी. यह बिजली क्रूड आयल से बनने वाले पेट्रोल और डीजल के बाद निकलने वाले वेस्ट पिटकोक से उत्पादित की जाएगी. ऐसा प्लांट यहाँ लगाया जाएगा.
  • इस प्लांट से 250 मेगावाट बिजली पैदा की जाएगी.

22 अप्रैल 2017: विश्व भर में पृथ्वी दिवस मनाया गया-(23-APR-2017) C.A

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22 अप्रैल 2017 को अर्थ डे यानि 47वां विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जा रहा है. यह हर साल 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाता है. इसकी शुरुआत करने का श्रेय अमेरिका के गेलॉर्ड नेल्सन को है.

जिन्होंने सबसे पहले अमेरिका में औद्योगिक विकास के कारण बढ़ रहे प्रदूषण और इससे होने वाले दुष्परिणामों की ओर दुनिया का अमेरिका ध्यान आकर्षित किया.
International Mother Earth Day 2017
प्रमुख तथ्य-
  • पृथ्वी दिवस दुनिया भर में सबसे बड़े स्तर पर मनाया जाने वाले नागरिक कार्यक्रम है.
  • दुनिया भर में पृथ्वी दिवस करीब एक अरब लोग प्रति वर्ष मनाते हैं.
  • पहले पृथ्वी दिवस को ‘यूनाइटेड स्टेट्स एनवॉयरमेंट प्रोटेक्शन एजेंसी‘ की स्थापना हुई और क्लीन एयर, क्लीन वाटर एंड एंडेंजर्ड स्पीसेज (स्वच्छ वायु, स्वच्छ जल और लुप्तप्राय जीव) से जुड़े कानून को स्वीकृति दी गई.
  • पूरे विश्वभर में जरूरी क्षेत्रों में नये पौधे को लगाने के आम कार्य के साथ पृथ्वी दिवस कार्यक्रम को मनाने की शुरुआत हुई.
पृथ्वी दिवस की थीम-
  • पृथ्वी दिवस को मनाने हेतु प्रति वर्ष एक थीम तय की जाती है और इसी थीम को आधार बनाकर लोगों को जागरूक किया जाता है. साल 2017 की थीम है - धरती के प्रति दयालू बनें, प्राकृतिक संसाधनों को बचाने से शुरुआत करें.
  • पर्यावरणीय सुरक्षा पर ध्यान देने और इस पर काम करने हेतु पहली बार 1970 में विश्व पृथ्वी दिवस मनाय गया.
  • बाद में 192 देशों में इस दिन को मनाने की शुरुआत हकी गई.  
वर्ष 1969 में, सैन फ्रांसिस्को के जॉन मैककोनल नाम के एक शांति कार्यकर्ता पृथ्वी दिवस को सक्रियता से शुरू करवाने के कार्यक्रम में शामिल थे और उन्होंने गेलार्ड नेल्सन ने मिलकर पर्यावरणीय सुरक्षा हेतु इस दिन को वैश्विक रूप से मनाने का प्रस्ताव रखा.
बाद में लगभग 141 राष्ट्रों के बीच वर्ष 1990 में डेनिस हेज (वास्तविक राष्ट्रीय संयोजक) के द्वारा वैश्विक तौर पर पृथ्वी दिवस के रूप में 22 अप्रैल को मनाने का निर्णय लिया.
बहुत सारे पर्यावरणी मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए पृथ्वी सप्ताह के नाम से पूरे सप्ताह भर के लिए इसे मनाया गया और इसी तरह 1970 से हर साल 22 अप्रैल को हर साल पृथ्वी दिवस मनाने की शुरुआत हुई.

यूपी में सुलखान सिंह नए डीजीपी नियुक्त किए गए-(23-APR-2017) C.A

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने राज्य में वरिष्ठ आईपीएस सुलखान सिंह को नया डीजीपी नियुक्त किया है. आईपीएस सुलखान सिंह डीजीपी जावीद अहमद का स्थान ग्रहण करेंगे. सुलखान सिंह 1980 की बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं. सुलखान सिंह पहले प्रशिक्षण मुख्यालय में तैनात थे.

सुलखान सिंह के बारे में-
  • मूल रूप से बांदा जिले के निवासी 59 वर्षीय सुलखान सिंह 30 सितंबर, 2017 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं.
  • सुलखान सिंह 1980 कैडर के अधिकारी हैं. उन्होंने इंजिनियरिंग और वकालत की है.
  • प्रदेश में उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों के सम्बन्ध में सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन है कि डीजीपी की तैनाती कम से कम दो वर्ष के लिए की जाए.
  • सुलखान सिंह सख्त और ईमानदार अफसर माने जाते हैं.
  • बसपा सरकार के दौरान उन्होंने भर्ती घोटाले की जांच की.
  • राजनाथ सिंह सरकार में सुलखान सिंह लखनऊ के डीआईजी रहे.
  • भाजपा ने चुनाव के दौरान लगातार डीजीपी जावीद अहमद को हटाने की निर्वाचन आयोग से मांग की थी.
  • पूर्व डीजीपी जावीद अहमद को डीजी पीएसी जैसे महत्वपूर्ण पद पर स्थानांतरित भी किया गया है.
  • आईपीएस सुलखान सिंह रामपुर, पीलीभीत, सहारनपुर, इलाहाबाद और आगरा में पुलिस कप्तान और मिर्जापुर, इलाहाबाद और लखनऊ के डीआईजी रह चुके हैं.
अन्य नियुक्तियां-
  • एडीजी कानून-व्यवस्था और अभिसूचना समेत कुल 12 आइपीएस अफसरों की महत्वपूर्ण पदों पर भी नई तैनाती की गई है.
  • एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी को भी ईओडब्लू जैसा महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया.
  • एडीजी कानून-व्यवस्था बनाए गए आदित्य मिश्रा 1989 बैच के अधिकारी हैं और वह गोरखपुर जोन के आइजी भी रह चुके हैं.
  • 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी भवेश कुमार सिंह को एडीजी अभिसूचना की जिम्मेदारी प्रदान की गयी है. भवेश कुमार सिंह भी गोरखपुर जोन के आइजी रह चुके हैं और मेरठ और आगरा जोन के आइजी का भी दायित्व निर्वहन कर चुके हैं.

चीन ने पहला मालवाहक अंतरिक्ष यान का सफल प्रक्षेपण किया-(23-APR-2017) C.A

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चीन ने 20 अप्रैल 2017 को अपने पहले माल वाहक अंतरिक्ष यान का सफल प्रक्षेपण किया. वर्ष 2022 तक मनुष्यों के रहने लायक एक स्थाई अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में वामपंथी राष्ट्र का यह एक बड़ा कदम है.

दक्षिण हैनान प्रांत के वेनचांग अंतरिक्ष प्रक्षेपण केन्द्र से लॉन्ग मार्च-7 वाई2 रॉकेट के द्वारा तिआंझोउ-1 को प्रक्षेपित किया गया. सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ की खबर के मुताबिक, कुछ घंटे बाद अंतरिक्ष यान के तय कक्षा में पहुंचने के बाद अधिकारियों ने प्रक्षेपण को सफल घोषित किया.
ट्यूब की आकार का यह अंतरिक्ष यान 10.6 मीटर लंबा है. यह छह टन सामान और उपग्रहों को लेकर जाने में सक्षम है.
अंतरिक्ष में माल वाहक यान, वहां पहले से कक्षा में मौजूद तिआनगोंग-2 अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ेगा, उसे ईंधन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करेगा और पृथ्वी पर वापस गिरने से पहले कुछ परीक्षण भी करेगा.
चीन का लक्ष्य वर्ष 2022 तक एक स्थाई अंतरिक्ष स्टेशन बनाने का है तो 10 वर्षों तक काम करेगा. माल वाहक यान का सफल प्रक्षेपण बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि अंतरिक्ष स्टेशन के संचालन में यह संदेश एवं माल वाहक की भूमिका निभाएगा.
माल वाहक यान की सहायता के बिना अंतरिक्ष स्टेशन पर जरूरी वस्तुएं तथा ईंधन नहीं मिलेगा और उसे अपने तय समय से पहले ही पृथ्वी पर लौटना पड़ेगा.
तिआंझोउ-1 चीन की ओर से विकसित पहला मालवाहक अंतरिक्ष यान है. यह परिक्रमा कर रहे प्रायोगिक स्पेस स्टेशन तियांझू-2 पर उतरेगा तथा ईधन की आपूर्ति करेगा. यह अंतरिक्ष यान धरती पर वापस आने से पहले कई परीक्षणों को भी अंजाम देगा.

आईएनएस दर्शक द्वारा श्रीलंका की खाड़ी में संयुक्त हाइड्रोग्राफ़िक सर्वेक्षण-(23-APR-2017) C.A

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भारतीय नौसेना की हाइड्रोग्राफ़िक सर्वेक्षण नौका आईएनएस दर्शक ने श्रीलंका नौसेना के साथ मिलकर वेलिगमा खाड़ी में संयुक्त हाइड्रोग्राफ़िक सर्वेक्षण अभ्यास कर रही है.

इस संबंध में 20 अप्रैल 2017 को भारतीय नौसेना द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जानकारी दी गयी.

आईएनएस दर्शक को दो माह के लिए श्रीलंका भेजा गया है जहां यह श्रीलंका नौसेना के साथ मिलकर कार्य करेगा. श्रीलंका की खाड़ी का अंतिम बार 1901 में सर्वेक्षण किया गया था.

पूर्वी नौसेना कमांड (ईएनसी) की यह नौका श्रीलंका के लिए 3 मार्च 2017 को रवाना की गयी. इस नौका पर एक चेतक हेलिकॉप्टर भी तैनात है जो सर्वेक्षण में सहायता करेगा.
आईएनएस दर्शक

•    यह भारतीय नौसेना की हाइड्रोग्राफ़िक नौका है. यह नौका पूर्वी नौसेना कमांड के अंतर्गत कार्यरत है.

•    इसमें अत्याधुनिक मल्टी-बीम सिस्टम, साइड स्कैन सोनार तथा पूरी तरह से ऑटोमेटिक सर्वे सिस्टम लगाया गया है.

•    इसका निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया.

•    इसे वर्ष 2001 में भारतीय नौसेना में शामिल क्या गया था जिसे कप्तान एस एस कार्निक के अधीन संचालित किया गया.

•    यह भारत की आठ हाइड्रोग्राफ़िक सर्वे नौकाओं में से एक है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में लाल-नीली बत्ती प्रतिबंधित की-(23-APR-2017) C.A

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उत्तर प्रदेश सरकार ने 20 अप्रैल 2017 को लिए गए निर्णय के तहत वीआइपी कल्चर का समापन करते हुए लाल- नीली बत्ती प्रतिबंधित कर दी गई. राज्य सरकार के निर्णय के बाद अब प्रदेश कोई भी मंत्री या उच्च स्तरीय अधिकारी अपने सरकारी या व्यक्तिगत वाहन पर लाल-नीली बत्ती का प्रयोग नहीं कर सकेगा. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मंत्रियों ने शास्त्री भवन में यह फैसला किया. उत्तर प्रदेश में तत्काल प्रभाव से यह फैसला प्रभावी कर दिया गया. इससे पहले ही मंत्रियों और अधिकारीयों द्वारा अपनी गाड़ी से लाल बत्ती उतारना आरम्भ कर दिया.
इससे पहले केंद्र की मोदी सरकार ने वीआइपी कल्चर खत्म करने के लिए राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीश, उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, राज्यों के मुख्यमंत्री व मंत्रियों की गाड़ी से लाल बत्ती उतारने का फैसला किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा किय गया फैसला 1 मई से अमल में लाया जाना है.
इमरजेंसी सेवाओं पर नीली बत्ती की छूट-
वीआइपी कल्चर खत्म करने के केन्द्र सरकार के फैसले के 24 घंटे के भीतर उत्तर प्रदेश में उसका व्यापक असर देखने को मिला. 
उत्तर प्रदेश सरकार के इस आदेश के बाद सिर्फ एंबुलेंस, सेना, फायर बिग्रेड और पुलिस के वाहनों पर ही लाल नीली बत्ती का प्रयोग किया जा सकेगा.

पीली बत्ती-
  • पीली बत्ती का प्रयग इनकम टैक्स कमिश्नर, रिवेन्यू कमिश्नर, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ही करते हैं.
  • पुलिस अधिकारियों और रक्षा मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को लाल बत्ती लगाने की छूट प्रदान की गयी है.
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के अनुसार वीआइपी सुरक्षा में लगे अतिरिक्त बलों को भी कम किए जाने का फैसला किया गया. लाल बत्ती और नीली बत्ती के अलावा पीली बत्ती भी होती है. राज्य में अमल हुआ तो प्रदेश के साढ़े चार सौ से अधिक वीवीआइपी व वीआइपी गाड़ियों से लाल-नीली बत्ती हट जायेगी.
लाल और पीली बत्ती हटने वालों में सरकार के मंत्री, विधानमंडल के विभिन्न कमेटियों के सभापति और अनुमंडल से सचिवालय में बैठे आइएएस और आइपीएस अधिकारी भी शामिल हैं.

बी एन मोहपात्रा रेलवे के वित्तीय आयुक्त बने-(23-APR-2017) C.A

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बी एन मोहपात्रा ने 17 अप्रैल 2017 को नए वित्तीय आयुक्त (एफसी) (रेलवे) और भारत सरकार के पदेन सचिव का पदभार संभाला.
रेलवे के वित्त आयुक्त रेलवे को दिए जाने वाले फंड और सभी खर्चों एवं राजस्वों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
बी एन मोहपात्रा के बारे में:
•    15 जनवरी 1958 को जन्मे बी एन मोहपात्रा 1980 बैच के भारतीय रेलवे लेखा सेवा (आईआरएएस) के अधिकारी हैं.
•    उन्होंने एलएलबी में ग्रैजुएशन और राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रैजुएशन किया है.
•    अपने करिअर के दौरान, भारतीय रेलवे में उन्होंने उच्च और मध्यम स्तर के कई प्रबंधकीय पदों पर काम किया है.
•    खुर्दा रोड, चक्रधरपुर, खड़गपुर, बिलासपुर रेलवे डिवीजन और गार्डन रीच, कोलकाता स्थित दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय में विभिन्न पदों पर काम किया है.
•    उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे के तिनसुकिया रेलवे डिवीजन में वे डिवीजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) के तौर पर नियुक्त थे.
•    उन्होंने रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली में एक्जिक्युटिव डायरेक्टर (इस्टैबलिश्मेंट), एक्जिक्युटिव डायरेक्टर (व्यय) और सलाहकार (लेखा) के तौर पर भी काम किया है.
•    दिसंबर 2015 से नवंबर 2016 तक, उन्होंने पूर्व तटीय रेलवे के अतिरिक्त महाप्रबंधक के तौर पर काम किया.