गायक संजय सुब्रह्मण्यम संगीत कलानिधि पुरस्कार से सम्मानित-(02-JAN-2016) C.A

| Saturday, January 2, 2016
वरिष्ठ दक्षिण भारतीय शास्त्रीय संगीत गायक संजय सुब्रह्मण्यम को 1 जनवरी 2016 को वर्ष 2015 के संगीत कलानिधि पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह पुरस्कार उन्हें प्रसिद्ध गणितज्ञ मंजुल भार्गव द्वारा तमिलनाडु स्थित चेन्नई में आयोजित 89वें मद्रास म्यूजिक अकैडमी के दौरान दिया गया.

50 वर्ष से पहले यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले वह सातवें कलाकार हैं. इससे पहले अरियाकुडी अयियंगर, मुसिरी सुब्रमणिया अय्यर, महाराजपुरम विश्वनाथ अय्यर, सेम्मंगुडी श्रीनिवासा अय्यर, जीएन बालासुब्रमण्यम, एमएल वसंथाकुमारी एवं एम बालमुरलीकृष्णा को भी 50 वर्ष से पहले यह पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है.
संजय सुब्रह्मण्यम

•    वे पेशे से चार्टेड अकाउंटेंट हैं लेकिन वर्ष 2000 में वे पूरी तरह संगीत को समर्पित हो गये.
•    उन्होंने वर्ष 1987 में कर्नाटक संगीत आरंभ किया. 
•    उन्हें गान पदमम (2013), वाणी कला सुधाकर (2010) एवं कलईमामिनी (2006) पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है.

संगीत कलानिधि पुरस्कार

•    यह पुरस्कार मद्रास म्यूजिक अकैडमी द्वारा कर्नाटक संगीत में विशेष स्थान हासिल करने वाले कलाकार को दिया जाता है.
•    इस पुरस्कार का नाम संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है “संगीत एवं कला का खज़ाना”.

ज्ञानेन्द्र डी बंदग्यान नेशनल सेंटर फार गुड गवर्नेन्स (एनसीजीजी) के महानिदेशक नियुक्त-(01-JAN-2016) C.A

| Friday, January 1, 2016
  • अर्थशास्त्री तथा पूर्व आईएएस अधिकारी ज्ञानेन्द्र डी बंदग्यान को नेशनल सेंटर फार गुड गवर्नेन्स (एनसीजीजी) का 30 दिसंबर 2015 को महानिदेशक नियुक्त किया गया.
  • कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम में मुख्य अर्थशास्त्री रह चुके ज्ञानेन्द्र की नियुक्ति तीन वर्ष के लिये की गई.
  • इसे 2 वर्ष के लिये या 60 वर्ष पूरा होने तक बढ़ाया जा सकता है.
  • पूर्व आईएएस अधिकारी 54 वर्षीय ज्ञानेंद्र मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं.
  • एनसीजीजी बेहतर राजकाज सुधार पर एक शोध संस्थान है. एनसीजीजी एक स्वायत्त संस्थान है जो डीओपीटी के प्रशासनिक नियंत्रण में आता है.

भारतीय मूल के कैंसर विशेषज्ञ हरपाल सिंह कुमार नाइटहुड से सम्मानित-(01-JAN-2016) C.A

|
भारतीय मूल के कैंसर विशेषज्ञ हरपाल सिंह कुमार को महारानी एलिजाबेथ ने 31 दिसंबर 2015 को नाइटहुड की उपाधि प्रदान की.
31 दिसंबर 2015 को प्रकाशित वार्षिक न्यू  ईयर्स ऑनर्स सूचीं में प्रभावशाली कार्य के लिए सिंह का नाम कई अन्य  भारतीय मूल के लोगों के साथ शामिल किया गया.
हरपाल सिंह को कैंसर संबंधी अनुसंधान में उनकी सेवाओं और कैंसर से जुड़ी देखभाल और कैंसर की रोकथाम, उसके शीघ्र निदान और उपचार में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने में अत्यधिक प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया गया.
देश के विभाजन के समय उनके माता-पिता पाकिस्तासन छोड़कर भारत चले आए थे और फिर वे लंदन जाकर बस गए.
कैंसर विशेषज्ञ हरपाल सिंह कुमार के बारे में
• कैंब्रिज और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़े 50 वर्षीय कुमार प्रमुख चैरिटी ऑर्गेनाइजेशन कैंसर रिसर्च यूके (सीआरयूके) के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी हैं.
• केमिकल इंजीनियर के रूप में प्रशिक्षण लेने के बाद कुमार ने वर्ष 1992 में मैककिन्सेश के साथ हेल्थलकेयर कंसल्टेंट के रूप में काम किया.
• उनके नेतृत्व में सरकार ने धूम्रपान को कम करने और 18 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए सन-बेड प्रतिबंधित करने का काम किया.
• उन्होंने इंडीपेंडेंट कैंसर टास्कफोर्स की भी अध्यक्षता की और जुलाई 2015 में प्रकाशित एनएचएस कैंसर रणनीति अचीविंग वल्र्ड क्लास कैंसर आउटकम्स ए स्ट्रेटजी फोर इंग्लैंड 2015-20 का भी लेखन किया.
• इसके अलावा पैलेस आफ वेस्टमिंस्टर के बिल्डिंग सर्विसेस इंजीनियर गुरमीत कालसी को सरे में सिख समुदाय की स्वैछिक सेवाओं और संसदीय सेवाओं के लिए इस सूची में शामिल किया गया.

केंद्र सरकार ने शहरी नियोजन एवं आवासीय सुविधा हेतु 42,000 करोड़ रूपये के निवेश को मंजूरी दी-(01-JAN-2016) C.A

|
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 30 दिसंबर 2015 को शहरी नियोजन और विकास की नई बुनियादी शहरी ढांचे और आवासीय सुविधा में 42,000 करोड़ रूपये के निवेश को अपनी मंजूरी दी.
उपरोक्त निर्णय के तहत सरकार ने वर्ष 2015 में शहरी योजना के लिए फिर से मानक तय किये. जिसमें जलापूर्ति, मल निकासी नेटवर्क, तीव्र जल लाइनें, शहरी यातायात और खुली जगहों के मामले में बुनियादी ढांचों में सुधार के लिए 19,170 करोड़ रूपये का निवेश भी शामिल है. इस साल जून में शुरू हुए पुनर्सुधार और शहरी परिवर्तन संबंधी अटल मिशन ‘अमृत’ के अंतर्गत 18 राज्यों के 474 शहरी क्षेत्रों को शामिल किया गया. इसके साथ ही 22,000 करोड़ रूपये से ज्याशदा निवेश के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तहत 11 राज्यों के 227 शहरों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 4,25,000 घरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है.

केंद्र सरकार ने छतों पर सौर पैनल के लिए 5000 करोड मंजूर किए-(01-JAN-2016) C.A

|
केंद्र सरकार ने छतों पर सौर पैनल लगाने के अभियान को बढावा देने तथा इसे ग्रिड कनेक्शन से जोड़ने की योजना के क्रियान्वयन के लिए पांच हजार करोड रुपए मंजूर किए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की 30 दिसंबर 2015 को हुई बैठक में राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के तहत इस योजना की राशि को 600 करोड़ रुपए से बढाकर पांच हजार करोड़ रुपए करने का फैसला लिया गया.
योजना की विशेषताएं-
• इस राशि के इस्तेमाल से अगले 5 वर्षों में छतों पर सौर ऊर्जा पैनलों को ग्रिड सिस्टम से जोड़ने की योजना को क्रियान्वित किया जाएगा. 
• इसके अलावा इस राशि का 4200 मेगावाट की सौर छत प्रणालियों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयोग किया जाएगा.सामान्य श्रेणी के राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को इसमें 30 प्रतिशत की पूंजी छूट दी जाएगी.
• विशेष श्रेणी के राज्यों- उत्तर पूर्व के राज्यों जिसमें सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर तथा लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं, को 70 प्रतिशत की छूट दी जाएगी.
• निजी क्षेत्र के वाणिज्यिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को इसमें कोई छूट हासिल नहीं होगी क्योंकि वे पहले से ही कई छूटों के हकदार हैं जैसे कि त्वरित मूल्यह्रास, कस्टम ड्यूटी रियायतें, उत्पाद शुल्क में छूट और कर छुट्टी आदि.
• 4200 मेगावाट पावर की यह क्षमता आवासीय, सरकारी, सामाजिक और संस्थागत क्षेत्र (अस्पतालों, शैक्षिक संस्थानों आदि) के माध्यम से आएगी.
• औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को बिना सब्सिडी के सौर छतों को लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
• यह बाजार का निर्माण औऱ उपभोक्ताओं के विश्वास का निर्माण करेगा और वर्ष 2022 तक 40000 मेगावाट पावर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बाजार मोड के माध्यम से संतुलन क्षमता सक्षम हो जाएगा.
• सरकार ने राष्ट्रीय सौर मिशन (एनएसएम) के लक्ष्य में 2022 तक 20000 मेगावाट से बढ़ाकर 100000 मेगावाट पावर करने के लिए संशोधन किया. इसमें से 40000 मेगावाट पावर ग्रिड से जुड़े सौर छत प्रणालियों के माध्यम से आना है. 
• इस मंजूरी से सौर छतों को लगाने को बढ़ावा मिलेगा और 40000 मेगावाट पावर के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा.

राष्ट्रीय पुस्तकालय को संस्कृ्ति मंत्रालय द्वारा 400 करोड़ रूपये की मंजूरी-(01-JAN-2016) C.A

|
संस्कृति मंत्रालय ने 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के लिए राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन के तहत पुस्तकालयों के उन्नयन-आम लोगों को सेवाएं प्रदान करने की योजना के लिए 400 करोड़ रूपये की मंजूरी दी. राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन के प्रमुख संघटक इस प्रकार हैं:
1. राष्ट्रय भारतीय वर्चुअल पुस्तकालय का गठन (एनवीएलआई);
2. एनएमएल मॉडल पुस्तकालयों की स्थापना;
3. पुस्तकालयों के मात्रात्मक एवं गुणात्मक सर्वे ; और
4. क्षमता निर्माण
इस योजना के तहत मिशन चुने हुए पुस्तकालयों के बुनियादी ढांचे के उन्ननयन एवं संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत 35 राज्य केंद्रीय पुस्तकालयों एवं 35 जिला पुस्तकालयों (राज्य सरकारों द्वारा पहचान किए जाने वाले) और छह पुस्तकालयों में प्रौद्योगिकी उन्नयन करेगा. अभी तक 11 राज्य  केंद्रीय पुस्तकालयों एवं 11 जिला पुस्तकालयों की पहचान की गई.
संस्कृंति मंत्रालय के तहत छह पुस्तकालय इस प्रकार है-
1. दिल्ली पब्लिक पुस्तकालय
2. दिल्लीत खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक पुस्तकालय,  पटना
3. राष्ट्रीय पुस्तकालय,  कोलकाता
4. केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय,  दिल्ली
5. रामपुर रजा पुस्तकालय, उत्तर प्रदेश
6. तंजावूर महाराजा सरफोजी सरस्वती महल पुस्तकालय,  तमिलनाडु
इसके तहत 12 राज्यों के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई एवं तीन राज्यों को कोष जारी कर दिए गए. एनएमएल के तहत बुनियादी ढांचे एवं प्रौद्योगिकी के उन्यन के लिए 12 राज्यों  में मंजूरी प्राप्त राज्य केंद्रीय पुस्तकालयों एवं जिला पुस्तकालयों के विवरण निम्नलिखित हैं-

क्रराज्य /केंद्रशासित प्रदेशपुस्तकालयों के नाममंजूरी प्राप्त परियोजना अनुमानित
1.उत्तर प्रदेशराज्य केंद्र पुस्तकालय, इलाहाबाद206.00
  सरकार जिला पुस्तकालय,  इटावा87.00
2.ओडिशाएचकेएम राज्य पुस्तकालय, भुवनेश्वर223.00
  जिला पुस्तकालय, गंजम40.36
3.गोवाकृष्णा दास शमा राज्य केंद्र पुस्तकालय223.00
  डॉ. फ्रांसिस्को लुइस गोम्स जिला पुस्तकालय87.00
4.कर्नाटकराज्य केंद्र पुस्तकालय, बेंगलूरू223.00
  जिला केंद्र पुस्तकालय, शिवमोगा87.00
5.पश्चिम बंगालराज्य केंद्र पुस्तकालय, कोलकाता222.81
  उत्तर बंगाल राज्य पुस्तकालय, कूचबेहार86.98
6.तेलंगानाराज्य केंद्र पुस्तकालय अफजलगंज, हैदराबाद112.25
  जिला पुस्तकालय, महबूब नगर52.00
7.छत्तीपसगढ़जिला पुस्तकालय, रायगढ़87.00
  जिला पुस्तकालय, दंतेवाड़ा87.00
8.त्रिपुराबीरचंद्र राज्य केंद्र पुस्तकालय, अगरतला223.00
  उनाकोटी जिला पुस्तकालय कैलाशहर87.00
9.अरूणाचल प्रदेशराज्य केंद्रीय पुस्तकालय, इटानगर223.00
  जिला लाइब्रेरी, पासीघाट87.00
10.मिजोरमराज्य केंद्र पुस्तकालय, आइजोल100.00
  जिला पुस्तकालय, कोलासिब50.00
11.राजस्थानराज्य केंद्र पुस्त्कालय, जयपुर100.83
12.गुजरातराज्य केंद्र पुस्तकालय, गांधीनगर106.01
संस्कृति मंत्रालय के तहत पुस्तकालय
क्र.   पुस्तकालयों के नाम                       मंजूरी प्राप्त परियोजना अनुमानित
1    दिल्ली पब्लिक पुस्तकालय,  दिल्ली                  234.38
2    खुदा बख्शू ओरिएंटल पब्लिक पुस्तकालय,  पटना    398.78
3    तंजावूर महाराजा सरफोजी पुस्तकालय,  तंजावूर      691.22
4    राष्ट्रीय पुस्तकालय,  कोलकाता                      426.84
5    केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय,  दिल्ली               452.38

शहरी विकास मंत्रालय और ब्लूम्बर्ग फिलेंथ्रोपीज़ के बीच स्मार्ट सिटी परियोजना हेतु समझौते को मंजूरी-(01-JAN-2016) C.A

|
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने शहरी विकास मंत्रालय और न्यूयॉर्क स्थित ब्लूमबर्ग फिलेन्थ्रोपीज़ के मध्य स्मार्ट सिटी परियोजना के विकास के लिए समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर को अपनी अनुमति प्रदान की.
प्रस्ताव के अंतर्गत ब्लूमबर्ग फिलेंथ्रोपीज़ बतौर ज्ञान साझीदार कार्य करेगा और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरी चुनौती विषय पर मदद करेगा.
केंद्रीय कैबिनेट 29 अप्रैल 2015 को हुई अपनी बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन को पहले ही मंजूरी दे चुकी है और इसके पश्चात मिशन के उद्देश्यों एवं दिशानिर्देशों के साथ प्रधानमंत्री 25 जून 2015 को इसको लॉंच कर चुके हैं.
समझौते की विशेषताएं
• स्मार्ट सिटी मिशन का प्रस्ताव उन्नत शहरी अवसंरचना को सुगम बनाएगा जिससे शहरी जीवन का स्वरूप बेहतर बनेगा.
• ब्लूमबर्ग फिलेंथ्रोपीज़ गवर्नमेण्ट इनीशिएटिव्स मेयर एवं स्थानीय नेताओं को बड़ी चुनौतियों के समाधान एवं सार्वजनिक क्षेत्र में नवाचार के विकास हेतु व्यावहारिक उपकरणों एवं दृष्टिकोणों से लैस करता है.
• बतौर ज्ञान साझीदार ब्लूमबर्ग फिलेंथ्रोपीज़ शहरी चुनौतियों के प्रबंधन की रूपरेखा बनाने में शहरी विकास मंत्रालय की मदद करेगा.
• भारत सरकार पर इसका कोई वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि मिशन की मदद के लिए चलाई जाने वाली गतिविधियों पर व्यय ब्लूमबर्ग फिलेंथ्रोंपीज़ की ओर से किया जाएगा.

राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी विकास रणनीति 2015-2020 का शुभारम्भ-(01-JAN-2016) C.A

|
राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी विकास रणनीति 2015-2020 का 30 दिसंबर 2015 को नई दिल्ली में केन्द्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री, डॉ हर्षवर्धन द्वारा शुभारंभ किया गया. इस रणनीति का उद्देश्य भारत को एक विश्व स्तरीय जैव-विनिर्माण केन्द्र के रूप में स्थापित करना है. 

इसमें नए जैव प्रौद्योगिकी उत्पादों के निर्माण, अनुसंधान एवं विकास और व्यावसायीकरण के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा बनाना तथा भारत के मानव संसाधनों को वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण निवेश के साथ प्रमुख मिशन की शुरूआत की जाएगी.
राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी विकास रणनीति 2015-2020

•    मानवता की भलाई के लिए ज्ञान और साधनों का उपयोग करने को बढ़ावा देना.
•    नए जैव-प्रौद्योगिकी उत्पादों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण निवेश के साथ एक प्रमुख और सुव्यवस्थित मिशन की शुरूआत करना.
•    भारत के बेमिसाल मानव संसाधनों को वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना.
•    अनुसंधान एवं विकास और व्यवसायीकरण के लिए एक मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना.
•    भारत को एक विश्व स्तर के जैव विनिर्माण केन्द्र के रूप में स्थापित करना. 

रणनीति के महत्वपूर्ण तत्व

•    कुशल कार्यबल और नेतृत्व की स्थापना करना.
•    बढ़ती हुई जैव अर्थव्यवस्था के अनुरूप ज्ञान के वातावरण को सशक्त बनाना. 
•    बुनियादी, विषयी, अंतर-विषयी विज्ञानों में अनुसंधान के अवसरों को बढ़ावा देना.
•    उपयोग से प्रोत्साहित खोज अनुसंधान को प्रोत्साहन देना. सग्रग विकास के लिए जैव प्रौद्योगिकी उपकरणों पर ध्यान केंद्रित करना.
•    नवाचार, ट्रांसनेशनल क्षमता और उद्यमशीलता को पोषित करना.
•    एक पारदर्शी, कुशल और विश्व स्तरीय रूप से सर्वश्रेष्ठ नियामक प्रणाली और संचारण रणनीति को सुनिश्चित करना.
•    जैव-प्रौद्योगिकी सहयोग- वैश्विक और राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना. पुनः तैयार किए गए प्रारूपों से युक्त संस्थागत क्षमता को मजबूत करना।
रणनीति के लक्ष्य

•    वर्ष 2025 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर अर्जित करने की चुनौतियों को पूरा करने के लिए भारत को तैयार करना.
•    हेल्थकेयर, खाद्य एवं पोषण, स्वच्छ ऊर्जा और शिक्षा नामक चार प्रमुख मिशनों का शुभारंभ करना.
•    वैश्विक भागीदारी से पूरे देश में प्रौद्योगिकी विकास और ट्रांसनेशन नेटवर्क की स्थापना करना -  5 नए समूहों, 40 जैव-प्रौद्योगिकी इन्क्यूबेटरों, 150 टीटीओ, 20 बायो-कनेक्ट केन्द्रों की स्थापना करना.
•    जीवन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी शिक्षा परिषद की स्थापना करके मानवीय पूंजी का निर्माण करने में रणनीतिक और केंद्रित निवेश को बढ़ावा देना.

ब्रिक्स देशों के बीच ब्रिक्स संघ विश्वविद्यालय के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर का अनुमोदन-(01-JAN-2016) C.A

|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 30 दिसंबर 2015 को ब्रिक्स संघ विश्वविद्यालय पर ब्रिक्स देशों के बीच समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर को पूर्वव्यापी अनुमति प्रदान की.
इस समझौता पत्र से ब्रिक्स देशों के मध्य वैज्ञानिक अनुसंधान, उच्च शिक्षा, विश्लेषण एवं सर्वश्रेष्ठ तौर तरीक़ों के क्रियान्वयन, संयुक्त शोध एवं छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों की अंतरणीयता पर सक्रिय साझेदारी होगी.

विदित हो कि रूस के मास्को में नवंबर 2015 के दौरान ब्रिक्स देशों के शिक्षा मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की तीसरी बैठक में ब्रिक्स संघ विश्वविद्यालय संबंधी मामले पर सहमति बनी थी.

जापान और दक्षिण कोरिया के बीच ‘कम्फर्ट वीमेन’ विवाद समाप्त हुआ-(01-JAN-2016) C.A

|
जापान और दक्षिण कोरिया के बीच द्वितीय विश्व युद्ध के समय से चल रहा ‘कम्फर्ट वीमेन’ विवाद 28 दिसंबर 2015 को समाप्त हो गया. 

द्वितीय विश्व युद्ध के समय जापानी सैनिकों द्वारा दो लाख से अधिक महिलाओं को सेक्स स्लेव बना कर रखा गया था, जिस पर जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने माफी मांगी. 

उस दौर की अभी भी 46 महिलाएं कोरिया में जीवित हैं. उनके लिए जापान ने एक अरब येन (करीब 55 करोड़ रुपए) की मदद की पेशकश की है. गौरतलब है कि जापान ने 1910-45 तक कोरिया को अपना उपनिवेश बनाकर रखा था.
कम्फर्ट वीमेन विवाद

•    जापानी सैनिकों ने जिन महिलाओं को सेक्स स्लेव बनाया था, उनमें अधिकतर कोरियाई थीं.
•    बाकी महिलाएं चीन, फिलीपींस, इंडोनेशिया और ताइवान की थीं.
•    इस दौरान यह भी दावा किया गया कि युद्ध के समय के मानवाधिकारों के मुद्दे को पृथक रूप से सुलझाया जाना चाहिए.
•    अब तक दक्षिण कोरिया की 238 पीड़ित महिलाएं इस मुद्दे के तहत पंजीकरण करा चुकी हैं.
•    “कम्फर्ट वीमेन” शब्द जापानी शब्द “इयानफु” का अनुवाद है जिसका संज्ञात्मक अर्थ वेश्या है.
•    इस मुद्दे को लेकर दक्षिण कोरिया और जापान के बीच तनाव था, जो अब समाप्त हो गया है.

जापान के विदेश मंत्री फुमोई किशिदा ने अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष युन बयुंग-से के साथ एक बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिंजो आबे के बयान को पढ़ा. इसमें उन्होंने मानसिक और शारीरिक तौर पर यातना झेल चुके लोगों से माफी मांगी.

रूस ने कामोव 226टी हेलीकाप्टर बनाने के लिए एचएएल के साथ समझौता किया-(01-JAN-2016) C.A

|
रूस की कंपनी रोसटेक स्टेट कॉरपोरेशन ने कम से कम 200 कामोव 226टी हल्के हेलीकाप्टर बनाने के लिए हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ 29 दिसंबर 2015 को समझौता किया.
ये हेलीकाप्टर पुराने हो रहे चीता व चेतक हेलीकाप्टर की जगह लेंगे.
सरकार की महत्वाकांक्षी 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत यह सौदा अनुमानित 1 अरब डालर मूल्य का है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर 2015 में मॉस्को  यात्रा के दौरान दोनों देशों ने हेलीकॉप्टर विनिर्माण के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता किया. इस समझौते पर मोदी व रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए.
इस समझौते के अनुसार रोसटेक भारत में रूसी केए-226टी हेलीकॉप्टर बनाएगी. इनकी संख्या 200 से कम नहीं होगी. समझौते में हेलीकॉप्टरों का रखरखाव, परिचालन व मरम्मत शामिल है.
कामोव 226टी हेलिकॉप्टंर
• कामोव केए-226T एक लाइट वेट मल्टीरपरपज हेलिकॉप्टर है, जिसका कामोव कंपनी द्वारा निर्माण किया जाता है. हेलिकॉप्टर केए-226T में आधुनिक नेविगेशन उपकरण लगे हुए हैं.
• इसके चलते इस हेलिकॉप्र का इस्तेमाल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से किया जा सकता है.
• हेलिकॉप्टर का पिछला हिस्सा और आकार छोटा होने से इसे छोटे हवाई अड्डों पर भी लैंड या टेक ऑफ की अनुमति मिल जाती है.
• हेलिकॉप्टर बहुत ही कम ध्वनि प्रदूषण करता है और नवीनतम आधुनिक पर्यावरण आवश्यकताओं  को पूरा करता है.
• इस हेलिकॉप्टर में रीप्लेजकेबल ट्रांसपोर्ट मॉड्यूल लगा हुआ है जिससे कम समय में यह अपनी कार्यक्षमता बदलने में सक्षम है.

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत एवं कनाडा के बीच समझौते का नवीनीकरण-(01-JAN-2016) C.A

|
प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने 30 दिसंबर 2015 को भारत एवं कनाडा के मध्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समझौता-पत्र के नवीनीकरण को अपनी अनुमति प्रदान की. इस समझौता पत्र से भारत एवं कनाडा के बीच उच्च शिक्षा में मौजूदा साझेदारियों को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी.
विदित हो कि भारत एवं कनाडा के बीच उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग हेतु पांच वर्षीय समझौता-पत्र पर जून 2010 में हस्ताक्षर हुए थे. इस समझौता-पत्र की शर्तों के अनुसार पांच वर्ष पूरे होने पर समझौता-पत्र को पांच अतिरिक्त सालों के संभावित नवीनीकरण के लिए नवीकृत किया जाना था. समझौता पत्र के नवीनीकरण के माध्यम से प्रस्तावित किया गया कि शिक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच शैक्षिक संबंध मज़बूत हों.

ब्योर्न इज़बर्ग 2016 की हॉकी इंडिया लीग के लिए टूर्नामेंट डायरेक्टर नियुक्त-(01-JAN-2016) C.A

|
स्वीडन के ब्योर्न इज़बर्ग 30 दिसंबर 2015 को कोल इंडिया हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के टूर्नामेंट डायरेक्टर नियुक्त किये गये. 

इसके अतिरिक्त मलेशिया के मुथुकुमार बालाकृष्णन को चौथे कोल इंडिया हॉकी इंडिया लीग में असिस्टेंट टूर्नामेंट डायरेक्टर का कार्यभार दिया गया है.

स्कॉटलैंड के एंडी मीर को लीग का अंपायर मैनेजर नियुक्त किया गया है.
ब्योर्न इज़बर्ग

•    50 वर्षीय इज़बर्ग को टूर्नामेंट डायरेक्टर का वृहद अनुभव प्राप्त है जिसमें वर्ष 2012 के लंदन ओलंपिक्स, तीन एफआईएच ट्रॉफी टूर्नामेंट्स (लाहौर-2004, कुआलालंपुर-2007, ऑकलैंड-2011, पोलैंड-2011) शामिल हैं.
•    उन्होंने बीजिंग ओलंपिक 2008 में असिस्टेंट टूर्नामेंट डायरेक्टर के पद पर कार्य किया एवं एफआईच जर्मनी-2006 तथा भारत-2010 में भी इसी पद पर कार्यरत रहे.

कोल इंडिया एचआईएल 10 जनवरी 2016 से 21 फरवरी 2016 के मध्य छह स्थानों पर आयोजित किया जायेगा.

इसमें मौजूद छह फ्रेंचाइजी हैं:

•    जेपी पंजाब वॉरियर्स
•    डेल्ही वेवराइडर्स
•    कलिंग लांसर्स
•    उत्तर प्रदेश विज़ार्ड्स
•    दबंग मुंबई
•    रांची रेज़
वर्ष 2016 की कोल इंडिया हॉकी इंडिया लीग की विस्तृत सूची निम्नलिखित है:
नाम
पद
ब्योर्न इज़बर्ग
टूर्नामेंट डायरेक्टर
क्रेग ग्रिब्ल
मुख्य अंपायर मैनेजर
एंडी मीर
अंपायर मैनेजर
मुथुकुमार बालाकृष्णन
गविन हॉक
असिस्टेंट टूर्नामेंट डायरेक्टर
क्लौडियस डी सेल्स
दविंदर भाटिया
आशुतोष वर्मा
तकनीकी अधिकारी
मिलिंद नार्वेकर
अंजलि शर्मा
सोनिया बटला
निर्णयकर्ता
जर्मन मोंटेस डी ओका
मार्सिन ग्रोचल
मार्टिन मैडेन
डेविड टोम्लिंसन
जाकुब मेज्ज्लिक
बेन गोंतेन  
अन्तरराष्ट्रीय अंपायर
आर वी रघुप्रसाद
जी एस संघा
रिपुदमन शर्मा
दीपक जोशी
धवल प्रजापति
अनिल कुमार
भारतीय अंपायर
 
हॉकी इंडिया लीग

•    हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) भारत में हॉकी की एक पेशेवर लीग है.
•    इसका आयोजन हॉकी इंडिया द्वारा होता है.
•    इसके पहले सत्र में पांच फ्रैंचाइज़ी टीमों के बीच मैच हुआ था.
•    इस आयोजन को अन्तरराष्ट्रीय हॉकी संघ की मान्यता प्राप्त है.

लक्ष्मी रतन शुक्ला का क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा-(01-JAN-2016) C.A

|
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बंगाल के ऑलराउंडर लक्ष्मी रतन शुक्ला ने 30 दिसंबर, 2015 को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की.
शुक्ला को दो दिन पहले ही 2 जनवरी 2016 से प्रारंभ हो रहे सैयद मुश्ताक टी-20 टूर्नामेंट के लिए बंगाल की टीम में शामिल किया गया था.
करियरः
प्रारूपमैचरनबेस्टऔसतविकेट10050
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय318139.00100
प्रथम श्रेणी137621725035.93172937
लिस्ट ए141299715130.27143413
टी20819947620.704703
लक्ष्मी रतन शुक्ला के बारे में
• शुक्ला ने 137 प्रथम श्रेणी मैचों की 194 पारियों में 35.93 की औसत से 6217 रन बनाए हैं. इसमें नौ शतक व 37 अर्धशतक शामिल हैं.
• उन्होंने भारत की ओर से तीन अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले हैं, जिसमें 18 रन बनाए हैं.
• शुक्ला को 2011-12 सत्र में घरेलू सीमित ओवरों के प्रारूप में सर्वश्रेष्ठ आलराउंडर के लिए लाला अमरनाथ पुरस्कार से सम्मनित किया गया था.
• वह 2013-14 सत्र में बंगाल की तरफ से 100 रणजी ट्राफी मैच खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने थे.
• वह आईपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स, दिल्ली डेयरडेविल्स और सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा रह चुके हैं.