दूरसंचार आयोग ने मोबाइल फोन स्पेक्ट्रम की नीलामी हेतु आरक्षित कीमतें बढ़ाने की सिफारिश की-(07-NOV-2013) C.A

| Thursday, November 7, 2013
दूरसंचार आयोग ने 06 अक्टूबर 2013 को मोबाइल फोन स्पेक्ट्रम की नीलामी हेतु आरक्षित मूल्य को 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाने की सिफारिश की. आयोग द्वारा की गयी सिफारिश भारताय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा देश भर में 1800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम हेतु प्रस्तावति आरक्षित कीमतों से बढ़ोत्तरी की सिफारिश की. आयोग के द्वारा की गयी सिफारिशों को मंत्रियों के विशेषाधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) को भेजा जाना है.
देश में दूरसंचार से जुड़े मामलों में फैसला लेने वाली सर्वोच्च संस्था दूरसंचार आयोग ने दिल्ली एवं मुंबई जैसे प्रमुख सर्किलों हेतु 25 प्रतिशत अधिक कीमत की सिफारिश की.
स्पेक्ट्रम कीमतों में बढ़ोत्तरी की सिफारिशों के अतिरिक्त दूरसंचार आयोग ने विलय एवं अधिग्रहण की नीति को भी मंजूरी प्रदान की जिसके अंतर्गत अधिकतम 50 प्रतिशत के कंपनी विलयों को अनुमति दी जानी है. विदित हो कि इस मंजूरी से पूर्व 35 प्रतिशत के विलय को अनुमति थी.
दूरसंचार आयोग द्वारा की गयी सिफारिशें
•    1800 मेगाहर्ट्ज बैंड वाले स्पेक्ट्रम की कीमतें ट्राई के प्रस्वावित कीमतों से 15 प्रतिशत अधिक हों.
•    900 मेगाहर्ट्ज बैंड वाले स्पेक्ट्रम की कीमतें ट्राई के प्रस्वावित कीमतों से 25 प्रतिशत अधिक हों.
•    शेष अन्य सर्किलों के स्पेक्ट्रम की कीमतें ट्राई के प्रस्वाति कीमतों के अनुसार हों.
दूरसंचार आयोग (Telecom Commission)
दूरसंचार आयोग देश में दूरसंचार से जुड़े मामलों में फैसला लेने वाली सर्वोच्च संस्था है. इसकी स्थापना दूरसंचार के मामलों की देख-रेख हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियों के साथ भारत सरकार के 11 अप्रैल 1989 को जारी अधिसूचना के अनुसार की गयी थी. दूरसंचार आयोग का एक अध्यक्ष तथा चार पूर्णकालिक सदस्य होते हैं, जो कि दूरसंचार विभाग में भारत सरकार के पदेन सचिव होते हैं. इसके अतिरिक्त दूरसंचार आयोग के चार अल्पकालिक सदस्य भी होते हैं जो संबंधित विभागों में भारत सरकार के सचिव होते हैं. दूरसंचार आयोग के वर्तमान अध्यक्ष एम एफ फारूकी हैं. दूरसंचार आयोग की संरचना निम्न है-
पद
नाम
पूर्णकालिक
अध्यक्ष
एम. एफ. फारूकी
सदस्य (वित्त)
एनी मोरास
सदस्य (प्रोडक्शन)
रिक्त
सदस्य (सेवा)
एस सी मिश्र
सदस्य (तकनीक)
अनिल कौशल
दूरसंचार आयोग के अल्पकालिक सदस्य
1.    सचिव, सूचना प्रद्यौगिकी विभाग
2.    सचिव (वित्त)
3.    सचिव (योजना आयोग)
4.    सचिव (औद्योगिक नीति संवर्धन)


Who: दूरसंचार आयोग
What: मोबाइल फोन स्पेक्ट्रम की नीलामी हेतु आरक्षित मूल्य को बढ़ाने की सिफारिश
When: 06 अक्टूबर 2013


हुडको और स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के मध्य सहमति पत्र पर हस्ताक्षर-(07-NOV-2013) C.A

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आवास और शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुडको) और स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (School of Planning and Architecture) के मध्य एक सहमति पत्र पर नई दिल्ली में हस्ताक्षर 29 अक्टूबर 2013 को किए गए.
सहमति पत्र का उद्देश्य
आवास और शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुडको) और स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के मध्य किए गए इस सहमति पत्र का उद्देश्य संयुक्त अनुसंधान गतिविधियों प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, सलाहकार कार्यों तथा एक दूसरे के प्रलेखन तक पहुंच एवं नये शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने तथा व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने में छात्रों की सहायता करना है.
सहमति पत्र से संबंधित मुख्य तथ्य
इस सहमति पत्र के तहत हुडको का अनुसंधान प्रशिक्षण और मानव प्रबंधन संस्थान (एचएसएमआई), हुडको की तरफ से सहमति पत्र को कार्यरूप देने वाला मुख्य विभाग होना है.
एचएसएमआई द्वारा हुडको के विभिन्न विभागों तथा क्षेत्रीय कार्यालयों और योजना एवं वास्तुकला विद्यालय के विभिन्न विभागों तथा केंद्रों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम किया जाना है.
इस सहमति पत्र पर हुडको के अध्यक्ष और प्रबंधक निदेशक वीपी बलिगार और योजना एवं वास्तुकला विद्यालय के निदेशक प्रो चेतन वेद्य ने हस्ताक्षर किए.
आवास और शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुडको)
आवास और शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुडको) भारत सरकार के आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय के अधीन एक संस्था है. इसकी स्थापना वर्ष 1970 में की गई थी.


Who: आवास और शहरी विकास निगम लिमिटेड और स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर
Where: नई दिल्ली
What: एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए
When: 29 अक्टूबर 2013


भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने ट्विटर पर 'थैंक यू सचिन' अभियान लॉन्च किया-(06-NOV-2013) C.A

| Wednesday, November 6, 2013
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सचिन तेंदुलकर के सम्मान में सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर 'थैंक यू सचिन' नामक अभियान की शुरूआत 6 नवम्बर 2013 को की.
'थैंक यू सचिन' अभियान का उद्देश्य
'थैंक यू सचिन' नामक अभियान का मुख्य उद्देश्य सचिन तेंदुलकर को सम्मानित करना है. इसके साथ ही इस अभियान के तहत भारत और दुनिया भर के प्रशंसकों को सचिन तेंदुलकर की खास तस्वीरों को हासिल करने का मौका प्राप्त होना है. सचिन तेंदुलकर ने नवम्बर 2013 में अपना 200वां टेस्ट मैच खेलने के बाद क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा 10 अक्टूबर 2013 को की थी.
'थैंक यू सचिन' अभियान से संबंधित मुख्य तथ्य
इन तस्वीरों में प्रशंसक को संबोधित करते हुए तेंदुलकर का संदेश और उनका ऑटोग्राफ होना है. 
भारत और वेस्टइंडीज के बीच चल रही टेस्ट श्रृंखला (6 से 18 नवंबर 2013) के दौरान जो भी ट्विटर यूजर्स सचिन तेंदुलकर की प्रशंसा में एट बीसीसीआई (@ BCCI) को थैंक यू सचिन (# Thank You Sachin) हैशटैग के साथ संदेश भेजेगा, उसे तुरंत सचिन की तस्वीर, संदेश और उनके हस्ताक्षर भेजे जाने हैं.
ट्विटर और डिजिग्राफ ने मिलकर भारत और दुनिया भर के प्रशंसकों के लिये सचिन तेंदुलकर के हस्ताक्षर वाली खास तस्वीर हासिल करने का अवसर प्रदान किया.


Who: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड
What: ट्विटर पर 'थैंक यू सचिन' नामक अभियान की शुरूआत की
When: 6 नवम्बर 2013


हिंदी साहित्यकार प्रो परमानंद श्रीवास्तव का गोरखपुर में निधन-(06-NOV-2013) C.A

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हिंदी साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो परमानंद श्रीवास्तव का गोरखपुर में लंबी बीमारी के बाद एक निजी अस्पताल में 5 नवम्बर 2013 को निधन हो गया. वह 80 वर्ष के थे.
डॉ परमानंद श्रीवास्तव 31 अक्टूबर 2013 को गंभीर रूप से बीमार हो गए थे. ब्लड सुगर बढ़ने के बाद उन्होंने खाना-पीना और बोलना छोड़ दिया था. वह किसी को पहचान भी नहीं पा रहे थे.
प्रो परमानंद श्रीवास्तव ने डॉ नामवर सिंह के साथ लंबे समय तक स्वतंत्र रूप से साहित्यिक पत्रिका आलोचना का संपादन किया. उन्हें भारत-भारती और व्यास सम्मान समेत तमाम पुरस्कार मिले थे.
प्रो परमानंद श्रीवास्तव के जीवन से संबंधित मुख्य तथ्य
डॉ परमानंद श्रीवास्तव की गणना हिंदी के शीर्ष आलोचकों में होती है. 
उन्होंने लंबे समय तक साहित्यिक पत्रिका आलोचना का संपादन किया. 
उन्होंने लेखन की शुरुआत कविता से की लेकिन आलोचना ने ही उन्हें पहचान दिलाई. 
उन्हें साहित्य में योगदान हेतु उत्तर प्रदेश सरकार का प्रसिद्ध भारत भारती पुरस्कार (वर्ष 2006) और केके बिड़ला फाउंडेशन का प्रतिष्ठित व्यास सम्मान (वर्ष 2006) से सम्मानित किया गया.
प्रो परमानंद श्रीवास्तव की कुछ मुख्य कृतियों में उजली हँसी के छोर पर (1960), अगली शताब्दी के बारे में (1981), चौथा शब्द (1993), रुका हुआ समय (2005),  नई कविता का परिप्रेक्ष्य (1965), हिन्दी कहानी की रचना प्रक्रिया (1965), कवि कर्म और काव्यभाषा (1975) आदि शामिल हैं.
उनका जन्म 10 फरवरी 1935 को उत्तर प्रदेश स्थित गोरखपुर के बांस गांव में हुआ था.


Who: हिंदी साहित्यकार प्रो परमानंद श्रीवास्तव
Where: गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
What: निधन हो गया
When: 5 नवम्बर 2013
Why: वह गंभीर रूप से बीमार थे


पाकिस्तान ने सतह से सतह पर मार करने वाली हत्फ-9 (नस्र) मिसाइल का परीक्षण किया-(06-NOV-2013) C.A

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पाकिस्तान ने सतह से सतह पर मार करने वाली कम दूरी की हत्फ-9 (नस्र) मिसाइल का सफल परीक्षण 5 नवम्बर 2013 को किया. इसकी मारक क्षमता 60 किलोमीटर है.
यह परीक्षण अत्याधुनिक मल्टी ट्युब लाउंचर से चार मिसाइलों के प्रक्षेपण के साथ किया गया. नस्र त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली से लैस है और यह परीक्षण पाकिस्तान की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. यह मिसाइल सभी ज्ञात सामरिक विरोधी मिसाइल रक्षा प्रणाली को परास्त करने में सक्षम है.
मिसाइल हत्फ-9 से संबंधित मुख्य तथ्य
यह मिसाइल 60 किलोमीटर दूरी तक मार करने में सक्षम है.
मिसाइल हत्फ-9 परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है.
मिसाइल हत्फ-9 का दूसरा नाम नस्र (NASR) भी है.
यह मिसाइल आम या परमाणु युद्ध फलक से लैस की जा सकती है.
यह मिसाइल शत्रु की सामरिक राकेट विरोधी प्रणाली के बावजूद भी प्रहार करने योग्य है.
इन-फ्लाइट मैनूवर क्षमता से युक्त इस मिसाइल में लक्ष्य को तेजी से भेदने की क्षमता है.
हत्फ-9 का पहला परीक्षण अप्रैल 2011 में किया गया था.


Who: पाकिस्तान
Where: इस्लामाबाद, पाकिस्तान
What: सतह से सतह पर मार करने वाली कम दूरी की हत्फ-9 (नस्र) मिसाइल का सफल परीक्षण किया
When: 5 नवम्बर 2013


कृषि वित्त प्रवाह दक्षिण भारत में अधिकतम एवं उत्तर-पूर्व में न्यूनतम – एसोचैम रिपोर्ट-(06-NOV-2013) C.A

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प्रमुख औद्योगिक संगठन एसोचैम द्वारा 05 अक्टूबर 2013 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2010-11 में देश के दक्षिणी हिस्से में कृषि वित्त का प्रवाह सर्वाधिक रहा जबकि उत्तर पूर्वी हिस्से संदर्भित वर्ष में न्यूनतम था.
एसोचैम की कृषि वित्त प्रवाह पर जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2010-11 के दौरान दक्षिण भारत में 184046 करोड़ रुपये का प्रवाह हुआ जो कि वर्ष 2008-09 के 112342 करोड़ रुपये से अधिक है. दक्षिण भारत के राज्यों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु एवं केरल में किसानों को किसी अन्य राज्य की तुलना में कहीं अधिक ऋण उपलब्ध कराया गया.
उत्तर भारत में वर्ष 2010-11 में कृषि वित्त प्रवाह 115636 करोड़ रुपये था जो कि वर्ष 2008-09 के 84342 करोड़ रुपये से कहीं अधिक रहा.
वर्ष 2010-11 में देश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में कृषि वित्त प्रवाह का प्रवाह 4620 करोड़, पश्चिमी हिस्से में 62804 करोड़ तथा पूर्वी हिस्से में 38261 करोड़ था.
पर इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान भी दक्षिण भारत में कृषि वित्त प्रवाह के बढ़ने की संभावना और यह पिछले वित्त वर्ष 2012-13 के 575000 करोड़ रुपये से अधिक होगा.
वर्ष 2012-13 में कृषि की देश के सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सेदारी 14 प्रतिशत थी जबकि 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या कृषि या संबंधित उद्योगों पर आधारित है.


Who: एसोचैम रिपोर्ट
What: देश के दक्षिणी हिस्से में कृषि वित्त का प्रवाह सर्वाधिक
When: वर्ष 2010-11


मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ईश्वर दास रोहानी का दिल का दौरा पड़ने से जबलपुर में निधन-(06-NOV-2013) C.A

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मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ईश्वर दास रोहानी का दिल का दौरा पड़ने से जबलपुर में 5 नवम्बर 2013 को निधन हो गया. वह 67 वर्ष के थे.
ईश्वर दास रोहानी वर्ष 2003 से विधानसभा अध्यक्ष थे. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उन्हें जबलपुर छावनी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था.
ईश्वर दास रोहानी के जीवन से संबंधित मुख्य तथ्य
वह वर्ष 1998 में विधानसभा के उपाध्यक्ष बने थे.
• 30 जून 1946 को कराची (पाकिस्तान) जन्मे वरिष्ठ भाजपा नेता जबलपुर छावनी क्षेत्र से मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए लगातार चार बार निर्वाचित हुए.
ईश्वर दास रोहानी वर्ष 1965 में भारतीय जनसंघ में शामिल हुए थे.
उन्होंने वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान जेल में 19 महीने बिताए थे.
ईश्वर दास रोहानी के परिवार में पत्नी, दो बेटे और चार बेटियां हैं.


Who: मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ईश्वर दास रोहानी
Where: जबलपुर, मध्य प्रदेश
What: निधन हो गया
When: 5 नवम्बर 2013
Why: दिल का दौरा पड़ने से


ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर मार्क शेवार्जर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया-(06-NOV-2013) C.A

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ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर मार्क शेवार्जर (Mark Schwarzer) ने सिडनी में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा 6 नवम्बर 2013 को की.
मार्क शेवार्जर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में वर्ष 1993 में प्रवेश किया था. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 109 खेल आयोजनों में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया.
मार्क शेवार्जर (Mark Schwarzer) से संबंधित मुख्य तथ्य
मार्क शेवार्जर ने वर्ष 2006 और वर्ष 2010 के विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की टीम का प्रतिनिधित्व किया. 
वह लगातार तीन बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम के सदस्य भी रहे.
मार्क शेवार्जर 20 वर्ष तक ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के एक महत्त्वपूर्ण खिलाड़ी रहे.


Who: ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर मार्क शेवार्जर
Where: सिडनी, ऑस्ट्रेलिया
What: अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा की
When: 6 नवम्बर 2013


माइक्रोसॉफ्ट ने संकेत-भाषा अनुवादक उपकरण कीनेक्ट विकसित किया-(06-NOV-2013) C.A

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अमेरिकी की विश्व विख्यात सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एक ऐसा उपकरण तैयार किया है जो कि संकेतों को मौखिक तथा लिखित भाषा में एवं विलोमतः अनुवादित करने में सक्षम है. इस संबंध में कंपनी द्वारा नवंबर के प्रथम सप्ताह में घोषणा की गयी.
चीन के शोधकर्ताओं के सहयोग से तैयार किया गया अनुवादक उपकरण माइक्रोसॉफ्ट कीनेक्ट संकेत भाषा अनुवादक एक प्रारूपिक प्रणाली है जो कि सांकेतिक भाषा की मुद्राओं को समझती है तथा उन आकड़ों को मौखिक एवं लिखित और विलोमतः अनुवादित करती है. कीनेक्ट उपकरण एक कंप्यूटर तथा संलग्न कैमरे से जुड़ा होता है जो कि संकेतों की मुद्राओं की पहचान करता है.
माइक्रोसॉफ्ट कीनेक्ट संकेत भाषा अनुवादक न सिर्फ प्रेषक बल्कि ग्राही के संकेतों की भी पहचान करता है. यह विशेष रूप से बधिर लोगों के लिए काफी उपयोगी है. इस उपकरण के माध्यम से दो विकलांग आपस में किसी सामान्य व्यक्ति की भांति वार्तालाप कर सकते हैं.
इस उपकरण को चीन के बीजिंग यूनियन यूनिवर्सिटी के चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेस और माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च एशिया ने मिलकर तैयार किया है.


Who: माइक्रोसॉफ्ट
What: संकेतों को मौखिक तथा लिखित भाषा में एवं विलोमतः अनुवादित करने में सक्षम उपकरण


जीके पिल्लई एमसीएक्स-एसएक्स (MCX-SX) के अध्यक्ष नियुक्त-(06-NOV-2013) C.A

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भारत के पूर्व गृहसचिव जीके पिल्लई को एमसीएक्स-एसएक्स (MCX-SX) का अध्यक्ष 1 नवम्बर 2013 को नियुक्त किया गया. एमसीएक्स-एसएक्स के अध्यक्ष के रूप में जीके पिल्लई ने जिग्नेश शाह का स्थान लिया.
इसके साथ ही एमसीएक्स-एसएक्स ने जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पूर्व अंतरिम अध्यक्ष थॉमस मैथ्यू को उपाध्यक्ष नियुक्त किया. सेबी से मंजूरी लेने के बाद इन दोनों की नियुक्ति की गई.
एमसीएक्स-एसएक्स (MCX-SX)
एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (एमसीएक्स), भारत के नए शेयर बाजार, प्रतिभूति की धारा 4 के तहत भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त है. यह भारत का एक नया स्टॉक एक्सचेंज है. भारत के कंपनी मामलों के मंत्रालय ने एमसीएक्स-एसएक्स को एक स्टॉक एक्सचेंज के रूप में अधिनियम की धारा 2 (39), 19 के तहत मान्यता 21 दिसम्बर 2013 को दी थी.
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी)
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) भारत में प्रतिभूति और वित्त का नियामक बोर्ड है. इसका कार्य प्रतिभूतियों में निवेशकों के हितों की रक्षा करना, प्रतिभूतियों में निवेशकों के विकास को बढ़ावा देना और प्रतिभूति बाजार को विनियमित करना है. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड इंडिया एक्ट, 1992 के प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रावधानों के अनुसार 12 अप्रैल 1992 को स्थापित किया गया था.


Who: भारत के पूर्व गृहसचिव जीके पिल्लई
What: एमसीएक्स-एसएक्स का अध्यक्ष नियुक्त किया गया
When: 1 नवम्बर 2013


बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने बांग्लादेश राइफल्स के 152 जवानों को मौत की सजा सुनाई-(06-NOV-2013) C.A

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बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने 05 अक्टूबर 2013 को बांग्लादेश राइफल्स के 152 जवानों को मौत की सजा सुनाई. इन जवानों को ढाका स्थित बांग्लादेश राइफल्स के मुख्यालय में फरवरी 2009 में 73 लोगों की हत्या का दोषी करार देते हुए यह सजा सुनायी गयी. इस सामूहिक हत्या में 57 अधिकारी भी शामिल थे. इसके अतिरिक्त विशेष अदालत ने 158 अन्य दोषियों को आजीवन कारावास एवं 251 दोषियों को तीन से दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई. साथ ही, अदालत ने 271 आरोपियों को रिहा करने का भी आदेश दिया.
ढाका मेट्रोपॉलिटन सत्रीय न्यायालय के न्यायाधीश मोहम्मद अख्तरुज्जामन के द्वारा दिया निर्णय विश्व भर के देशों में आपराधिक मामलों में सुनाये गये बड़े निर्णयों में से एक है.
विवाद
बांग्लादेश राइफल्स के फीलखाना में मुख्यालय पर जवानों ने 25-26 फरवरी 2009 को आर्थिक एवं नेतृत्वकर्ताओं के कारण विद्रोह कर दिया था. यह विद्रोह प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपना कार्यभार ग्रहण करने के दो महीने बाद हुआ था. इस विद्रोह के पश्चात इस अर्ध-सैनिक बल का नाम व वर्दी बदल दी गयी.


Who: बांग्लादेश की एक विशेष अदालत
What: बांग्लादेश राइफल्स के 152 जवानों को मौत की सजा
When: 05 अक्टूबर 2013