8वीं पंचवर्षीय राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण केन्द्रीय सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी-(30-OCT-2013) C.A

| Wednesday, October 30, 2013
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने रोजगार और बेरोजगारों पर कराये गये 8वें पंचवर्षीय राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) 28 अक्टूबर 2013 को जारी किए गए. 8वें पंचवर्षीय राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) के अनुसार 2004-05 और 2009-10 के बीच प्रथम श्रेणी के शहरों में से उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सर्वाधिक 35 प्रतिशत महिलाएं और आगरा में सबसे कम दो प्रतिशत महिलाएं रोजगार में लगी हुई थी. एनएसएस का यह 66वां दौर जुलाई, 2009 से जून, 2010 तक पूरा किया गया. इस सर्वेक्षण में 7,402 गांवों और 5,252 शहरी ब्लॉकों के एक लाख 957 परिवारों के चार लाख 59 हजार 784 व्यक्तियों को शामिल किया गया है.

इस सर्वेक्षण के महत्वपूर्ण तथ्य निम्नलिखित हैं.
प्रथम श्रेणी के नगरों में वर्ष 2004-05 से 2009-10 के बीच 15 वर्ष से अधिक आयु की जनसंख्या में सूरत में सर्वाधिक 87 प्रतिशत और मेरठ में सबसे कम 49 प्रतिशत व्यक्ति रोजगार प्राप्त थे.
वर्ष 2004-05 से 2009-10 के बीच प्रथम श्रेणी के नगरों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरूष बेरोजगारों की संख्या में कोई परिवर्तन नहीं हुआ, जबकि उनकी संख्या में दूसरी श्रेणी के नगरों में एक प्रतिशत और तीसरी श्रेणी के नगरों में दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. 
वर्ष 2004-05 से 2009-10 के मध्य प्रथम श्रेणी के नगरों में महिला बेरोजगारों की संख्या एक प्रतिशत बढ़ी. हालांकि दूसरी और तीसरी श्रेणी के नगरों में बेरोजगार महिलाओं की संख्या दो प्रतिशत कम हुई.
वर्ष 2004-05 से 2009-10 के मध्य में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरूषों में प्रथम श्रेणी के नगरों में 52 प्रतिशत, दूसरी श्रेणी के नगरों में 43 प्रतिशत और तीसरी श्रेणी के नगरों में 31 प्रतिशत श्रमिक नियमित रूप से वेतनभोगी पाये गये, जबकि प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के नगरों में ऐसी महिलाओं की संख्या  क्रमश: 58, 42 और 23 प्रतिशत पायी गई.
प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के नगरों में इस दौरान इसी आयु वर्ग में क्रमश: 39, 40 और 45 प्रतिशत पुरूष स्वरोजगार प्राप्त थे, जबकि स्वरोजगार प्राप्त  महिलाओं की संख्या क्रमश: 33, 41 और 47 प्रतिशत थी.
वर्ष 2009-10 के दौरान प्रथम और द्वितीय श्रेणी में नगरों में नियमित रूप से वेतनभोगी महिलाओं और पुरूषों की संख्या स्वरोजगार प्राप्त अथवा दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों की संख्या से अधिक रही, जबकि तीसरी श्रेणी के नगरों में स्वरोजगार प्राप्त महिलाओं और पुरूषों की संख्या अधिक थी.
वर्ष 2009-10 में सभी श्रेणी के नगरों में त़ृतीय वरीयता प्राप्त क्षेत्र में अन्य दोनों क्षेत्रों प्राथमिक और माध्यमिक की तुलना में श्रमिकों की संख्या सर्वाधिक थी. 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरूष श्रमिकों में से शहरी क्षेत्रों में 59 प्रतिशत पुरूष श्रमिक तृतीय वरीयता प्राप्त क्षेत्र (अर्थात सेवा क्षेत्र), 35 प्रतिशत पुरूष श्रमिक माध्यमिक क्षेत्र और छह प्रतिशत पुरूष श्रमिक प्राथमिक क्षेत्र में कार्यरत थे. इन क्षेत्रों में महिला श्रमिकों की संख्या क्रमश: 53, 33 और 14 प्रतिशत थी.

विदित हो कि वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार दस लाख और उससे अधिक जनसंख्या वाले नगर पहली श्रेणी में, 50 हजार से दस लाख तक के नगर दूसरी श्रेणी में और 50 हजार से कम जनसंख्या वाले कस्बें तीसरी श्रेणी में शामिल है.


Who: केन्द्रीय सांख्यिकी मंत्रालय
What: 8वें पंचवर्षीय राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण
When: 28 अक्टूबर 2013


पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन को सामाजिक न्याय के लिए मदर टेरेसा पुरस्कार-2013-(30-OCT-2013) C.A

|

पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन को सामाजिक न्याय के लिए मदर टेरेसा पुरस्कार-2013 (Mother Teresa Award for Social Justice) से 27 अक्टूबर 2013 को मुंबई में सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन्हें सामाजिक न्याय की दिशा में किए जाने वाले कार्य के लिए मिला. वर्ष 2013 का यह पुरस्कार सुष्मिता सेन सहित कुल 8 व्यक्तियों और एक संस्था को प्रदान किया गया.
पूर्व मिस यूनिवर्स 37 वर्षीय सुष्मिता सेन कई दानशील परियोजनाओं और गैर-सरकारी संगठनों से जुड़ी हैं. वर्ष 1994 में मिस यूनीवर्स का खिताब मिलने के दौरान सुष्मिता ने मदर टेरेसा की प्रशंसा कर सराहना प्राप्त की थी.
इसके साथ ही हार्मनी फाउंडेशन ने सूडान के युद्ध क्षेत्र से बच्चों को बचाने की दिशा में किए गए प्रयास के लिए सैम चाइल्डर्स को भी सम्मानित किया. उनका जीवन सूडान में आतंकवादी संगठनों के चंगुल से बच्चों को बचाने के लिए समर्पित है.
वर्ष 2013 के पुरस्कार विजेताओं की सूची
1. सुष्मिता सेन: सामाजिक कार्यकर्ता और बॉलीवुड अभिनेत्री
2. सिंधुताई सपकल 
3. दीप सईदा: लाहौर आधारित मानवाधिकार कार्यकर्ता
4. सैम चाइल्डर्स
5. सेड्रिक प्रकाश: सामाजिक कार्यकर्ता
6. डॉ सुदर्शन हनुमप्पा: जनजातीय अधिकार कार्यकर्ता
7. अरुणाचलम मुरुगानंथम: सामाजिक कार्यकर्ता
8. मौलाना महमूद मदनी: सामाजिक कार्यकर्ता
9. भारत बचाव मिशन: मानव अधिकारों के लिए एक संघ
सामाजिक न्याय के लिए मदर टेरेसा पुरस्कार (Mother Teresa Award for Social Justice)
सामाजिक न्याय के लिए मदर टेरेसा पुरस्कार हार्मनी फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया जाता है. 
हार्मनी फाउंडेशन ने इस पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2005 में की थी.
पहला सामाजिक न्याय के लिए मदर टेरेसा पुरस्कार वर्ष 2005 में दिया गया था.
यह पुरस्कार अब तक 6 बार प्रदान किया गया है (वर्ष 2005, वर्ष 2006, वर्ष 2008, वर्ष 2010 और वर्ष 2012).
इससे पहले दलाईलामा और मलाला युसूफजई को यह मिल चुका है.




सिपाहीजला वन्यजीव अभ्यारण्य में गिद्ध का नियंत्रित वातावरण में प्रजनन शुरू कराने का निर्णय-(30-OCT-2013) C.A

|
त्रिपुरा राज्य के वन विभाग ने सिपाहीजला वन्यजीव अभ्यारण्य में अपमार्जक पक्षी गिद्ध का नियंत्रित वातावरण में प्रजनन शुरू कराने का निर्णय किया. इसका कारण त्रिपुरा में गिद्धों की संख्या में आयी जर्बदस्त कमी ही.
  
वन्यजीव संरक्षक वाइल्डलाइफ वार्डन एके गुप्ता ने कहा, वन विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में केवल 55 गिद्ध बचे हैं, इसलिए इस पक्षी के संरक्षण के लिए इनका नियंत्रित वातावरण में प्रजनन कराने का निर्णय किया गया. 

एके गुप्ता द्वारा राज्य के 16 उपमंडलों के 107 इलाकों का सर्वेक्षण किया गया. सर्वेक्षण के अनुसार 55 गिद्धों में से 27 खोवई जिले में, 26 दक्षिण त्रिपुरा जिले और सिपाहीजला जिले के सिपाहीजला वन्यजीव अभ्यारण्य में केवल दो गिद्ध देखे गए थे.
 
वन्य पारिस्थितिकी तंत्र में गिद्ध बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वे मृत पशुओं के अवशेषों का भक्षण कर पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं.
सिपाहीजला वन्यजीव अभ्यारण्य अगरतला से 20 किमी की दूरी पर है.

अपमार्जक पक्षी गिद्ध 
गिद्ध शिकारी पक्षियों के अंतर्गत आनेवाले मुर्दाखोर पक्षी हैं, जिन्हें गृद्ध कुल (Family Vulturidae) में एकत्र किया गया है. ये सब पक्षी दो भागों में बाँटे जा सकते हैं.

प्रथम भाग: पहले भाग में अमरीका के कॉण्डर (Condor), किंग वल्चर (King Vulture), कैलिफोर्नियन वल्चर (Californian Vulture), टर्की बज़र्ड (Turkey Buzzard) और अमरीकी ब्लैक वल्चर (American Black Vulture) होते हैं.

द्वितीय भाग :दूसरे भाग में अफ्रीका और एशिया के राजगृद्ध (King Vulture), काला गिद्ध (Black Vulture), चमर गिद्ध (White backed Vulture), बड़ा गिद्ध ( Griffon Vulture) और गोबर गिद्ध (Scavenger Vulture) मुख्य हैं.

ये कत्थई और काले रंग के भारी कद के पक्षी हैं, जिनकी दृष्टि बहुत तेज होती है. ये झुंडों में रहने वाले मुर्दाखेर पक्षी हैं जिनसे कोई भी गंदी और घिनौनी चीज खाने से नहीं बचती. ये पक्षियों के मेहतर हैं जो सफाई जैसा आवश्यक काम करके बीमारी नहीं फैलने देते. ये किसी ऊँचे पेड़ पर अपना घोंसला बनाते हैं, जिसमें मादा एक या दो सफेद अंडे देती है. भारत में गिद्ध की निम्नलिखित प्रजातियां पायी जाती हैं.  भारतीय गिद्ध (Gyps indicus), लंबी चोंच का गिद्ध (Gyps tenuirostris),लाल सिर वाला गिद्ध (Sarcogyps calvus), बंगाल का गिद्ध (Gyps bengalensis), सफ़ेद गिद्ध (Neophron percnopterus ginginianus)

गिद्धों का पतन 
यह जाति आज से कुछ साल पहले अपने पूरे क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में पायी जाती थी. 1990 के दशक में इस जाति का 99% पतन हो गया है. इसका मूलतः कारण पशु दवाई डाइक्लोफिनॅक (diclofenac) है जो कि पशुओं के जोड़ों के दर्द को मिटाने में मदद करती है. जब यह दवाई खाया हुआ पशु मर जाता है, और उसको मरने से थोड़ा पहले यह दवाई दी गई होती है और उसको भारतीय गिद्ध खाता है तो उसके गुर्दे बंद हो जाते हैं और वह मर जाता है.




भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2013-14 की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही समीक्षा जारी की-(30-OCT-2013) C.A

|
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 29 अक्टूबर 2013 को वित्त वर्ष 2013-14 की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही समीक्षा जारी की. इस समीक्षा में आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करते हुए इसे 7.50 प्रतिशत से 7.75 प्रतिशत कर दिया. रेपो रेट के अनुसार ही आरबीआई बैंकों को ऋण देता है.
इसके अतिरिक्त आरबीआई ने नकदी अस्थाई सुविधा (एमएसएफ) पर लगने वाले ब्याज की दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर 8.75 प्रतिशत कर दिया. एमएसएफ के माध्यम से वाणिज्यिक बैंक रिजर्व बैंक से उधार लेते हैं.
आरबीआई की वित्त वित्त वर्ष 2013-14 की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही समीक्षा निम्नलिखित है
•    रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी, अब 7.75 प्रतिशत
•    रिवर्स रेपो रेट 6.75 प्रतिशत
•    एमएसएफ पर ब्याज दर  0.25 प्रतिशत घटकर 8.75 प्रतिशत
•    नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) यथावत 4 प्रतिशत
•    बैंकों द्वारा सीआरआर के 99 प्रतिशत तक नियमित बनाये रखने की शर्त को घटाकर 95 प्रतिशत
विदित हो कि आरबीआई ने एक दिन पूर्व ही वित्त वर्ष 2013-14 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2013) की समष्टि आर्थिक एवं मौद्रिक गतिविधियों पर अपनी रिपोर्ट जारी की थी और वर्तमान वित्त वर्ष हेतु आर्थिक वृद्धि की दर के अपने पूर्व अनुमान को 5.7 प्रतिशत से घटाकर 4.8 प्रतिशत कर दिया था. आरबीआई ने अगले वित्त वर्ष अर्थात 2014-15 हेतु भी आर्थिक वृद्धि की दर के अनुमान को 6.5 प्रतिशत से घटाकर 5.8 प्रतिशत कर दिया था.
आरबीआई के द्वारा अगली मध्य तिमाही समीक्षा 18 दिसंबर 2013 को की जानी है तथा वित्त वर्ष 2014-15 हेतु मौद्रिक नीति 28 जनवरी को जारी की जानी है.
विश्लेषण
रेपो रेट के बढ़ने से, यदि बैंक भी खुदरा ऋण बढ़ाते हैं तो, बैंकों के द्वारा आम नागरिकों को दिये जाने वाले ऋण पर अधिक ब्याज देना पड़ सकता है. साथ ही, पहले से ही ऋणधारकों के प्रति महीने दिये जाने वाले भुगतान (इएमआई) की राशि में बढ़ोत्तरी हो सकती है.



गेल (इंडिया) लिमिटेड और पारादीप पोर्ट ट्रस्ट के मध्य एनएनजी टर्मिलन स्थापित करने हेतु समझौता-(29-OCT-2013) C.A

| Tuesday, October 29, 2013
गेल (इंडिया) लिमिटेड और पारादीप पोर्ट ट्रस्ट के मध्य ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर एक एनएनजी टर्मिलन स्थापित करने हेतु एक समझौते पर हस्ताक्षर 26 अक्टूबर 2013 को किए गए.
समझौते से संबंधित मुख्य तथ्य
समझौते के तह पारादीप बंदरगाह की क्षमता बढ़ाने के हिस्से के रूप में एक अपतट ब्रेकवाटर का निर्माण किया जाना है, ताकि छोटे आकार के जहाजों की नौवहन क्षमता में सुधार लाया जा सके. 
इसके साथ ही एक एलएनजी रीगैसीफिकेशन टर्मिलन भी बनाया जाना है. 
इसके सतह बंदरगाह पर विभिन्न सुविधाओं के निर्माण पर कुल 3108 करोड़ रुपये निवेश किए जाने हैं.
गैस अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल)
गैस अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड भारत का एक नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम है और भारत की प्रमुख प्राकृतिक गैस कंपनी है. 
गेल में प्राकृतिक गैस मूल्य श्रृंखला (अन्वेषण और उत्पादन, प्रोसेसिंग, संचरण, वितरण और विपणन सहित) के सभी पहलुओं और संबंधित सेवाओं का समावेश है. 
इसका गठन 16 अगस्त 1984 में किया गया था.
पारादीप बंदरगाह से संबंधित मुख्य तथ्य
पारादीप बंदरगाह भारत के प्रमुख बंदरगाहों में से एक है. यह पारादीप, जगतसिंहपुर जिला, ओडिशा में स्थित है. यह महानदी नदी (Mahanadi River) और बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के संगम पर स्थित है. पारादीप बंदरगाह रणनीतिक रूप से कोलकाता और विशाखापत्तनम बंदरगाह के मध्य स्थित है, जिसके कारण यह ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल राज्यों को अपनी सेवाएं प्रदान कर पाता है. यह स्वतंत्रता के बाद पूर्वी तट पर कमीशन होने वाला पहला बड़ा बंदरगाह है.
विदित हो कि पारादीप बंदरगाह सामाजिक लाभ की गतिविधियों में योगदान कर रहा है, जिनमें हाल में आए पाइलीन तूफान में बड़ी राशि का योगदान शामिल है जो बंदरगाह द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दी गई है.


Who: गेल (इंडिया) लिमिटेड और पारादीप पोर्ट ट्रस्ट
What: एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए
When: 26 अक्टूबर 2013
Why: ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर एक एनएनजी टर्मिलन स्थापित करने हेतु


तमिलनाडु सरकार द्वारा चार ग्राम के एक लाख सिक्कों की आपूर्ति के लिए निविदा जारी की-(29-OCT-2013) C.A

|
तमिलनाडु सरकार के समाज कल्याण एवं पौष्टिक भोजन विभाग ने चार ग्राम के एक लाख सिक्कों की आपूर्ति के लिए निविदा जारी की. इन सिक्कों को मुख्यमंत्री जयललिता पांच सूची विवाह सहायता योजनाओं के तहत गरीब परिवार की कन्याओं को दिया जाना है. इस योजना को प्रदेश का समाज कल्याण एवं पौष्टिक भोजन विभाग ने लागू किया.

समाज कल्याण विभाग के निदेशक ने हाल ही राज्य के 32 जिलों में 22 कैरेट के एक लाख सिक्कों की आपूर्ति के लिए यह निविदा जारी की गई.
 
निविदा के अनुसार कन्याकुमारी, मदुरै और तिरुचिरापल्ली जिलों में सर्वाधिक पांच-पांच हजार सिक्के बांटे जाने हैं. यह निविदा के अनुसार इच्छुक आपूर्ति कर्ता को 1.2 करोड़ रुपये अग्रिम राशि के तौर पर जमा करना है, जिसे बाद में लौटा दिया जाएगा. आपूर्ति के लिए निविदा में भाग लेने की शर्त है कि उस फर्म का पिछले दो साल लगातार वार्षिक टर्नओवर सौ करोड़ रुपये से कम नहीं हो. इसमें यह भी शर्त है कि आपूर्तिकर्ता की क्षमता कम से कम 25 हजार सिक्के ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआइएस) हालमार्क स्टैंडर्ड के हों. 

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सिक्कों की शुद्धता की जांच वह क्रम रहित ढंग से करेगी और यदि निम्न स्तरीय पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी. 
इन सिक्कों पर राज्य सरकार का चिन्ह अंकित होगा. तमिलनाडु शायद देश का ऐसा एक मात्र राज्य है जो विवाह सहायता योजना के तहत गरीब महिलाओं को मुफ्त में सोना देने का निर्णय लिया है.


Who: तमिलनाडु सरकार
Where: तमिलनाडु
What: चार ग्राम के एक लाख सिक्कों की आपूर्ति के लिए निविदा


इजराइल का शांतिवार्ता फिर शुरू करने के बदले 26 और फिलीस्तीनी कैदियों को रिहा करने का निर्णय-(29-OCT-2013) C.A

|
इजराइल सरकार ने फिलीस्तीन के साथ शांति वार्ता फिर शुरू करने के बदले उसके 26 कैदियों को रिहा करने का निर्णय 27 अक्टूबर 2013 को किया. इस निर्णय के अनुसार वर्ष 1993 की ओसलो संधि से पहले हिंसा के आरोप में जेल भेजे गए 26 कैदियों को रिहा किया जाना है. अगस्त 2013 में इजराइल ने 104 कैदियों को चार चरणों में रिहा करने पर सहमति व्यक्त की थी.
इससे पहले इजराइल ने फिलिस्तीन के साथ येरूशलम में शुरू होने वाली शांति वार्ता से पहले 26 फिलिस्तीनी कैदियों को 14 अगस्त 2013 को रिहा किया था.  इजराइल की एलॉन जेल से 14 फिलिस्तीनी कैदी एरिश अप्वांट के जरिए गाजापट्टी के लिए रवाना हुए, जबकि 12 अन्य कैदी पश्चिमी किनारे हेतु निकले.
इजराइल की चार सदस्यों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सदभावना संकेत के तौर पर 26 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई को मंजूरी 11 अगस्त 2013 को दी थी. यह कैदी 50 वर्ष से ऊपर की आयु के थे, और इजराइल की जेलों में वर्ष 1993 के उसलो शांति समझौते से पहले से कैद में बंद पड़े थे.
विदित हो कि जुलाई 2013 में वॉशिंगटन में दोनों पक्ष अगले 9 महीने के दौरान शांति की पहल को अंजाम देने पर सहमत हुए थे.


Who: इजराइल सरकार
What: फिलीस्तीन के 26 कैदियों को रिहा करने का निर्णय किया
When: 27 अक्टूबर 2013
Why: फिलीस्तीन के साथ शांति वार्ता फिर शुरू करने के बदले


प्रत्यक्ष विदेश निवेश का देश में प्रवाह आठ माह के न्यूनतम स्तर पर, अगस्त में 1.4 अरब डॉलर-(29-OCT-2013) C.A

|
देश में प्रत्यक्ष विदेश निवेश का प्रवाह अगस्त 2013 माह में 1.4 अरब डॉलर रहा जो कि पिछले आठ महीनों का सबसे न्यूनतम स्तर है. इससे पूर्व दिसंबर 2012 में देश में कुल विदेशी निवेश 1.1 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था. केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी, Department of Industrial Policy and Promotion (DIPP) की ओर से इस संबंध में 27 अक्टूबर 2013 को सूचना दी गयी.
अगस्त 2013 माह में एफडीआई की कुल राशि 1.4 अरब डॉलर पिछले वर्ष के इसी माह में हुए कुल विदेशी निवेश से 38 प्रतिशत कम था. वर्ष 2012 में अगस्त माह में कुल 2.26 अरब डॉलर का विदेशी निवेश हुआ था.
अगस्त 2013 के एफडीआई आकड़ों के साथ वर्ष 2013 के दौरान देश हुए कुल विदेशी निवेश का प्रवाह 8.46 अरब डॉलर हो चुका था जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान हुए विदेशी निवेश 8.16 अरब डॉलर के स्तर से चार प्रतिशत अधिक रहा.
वर्ष 2013 के दौरान देश प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का माहवार प्रवाह
माह
एफडीआई (बिलियन अमेरिकी डॉलर)
जनवरी
2.15 बिलियन अमेरिकी डॉलर
फरवरी
1.79 बिलियन अमेरिकी डॉलर
मार्च
1.52 बिलियन अमेरिकी डॉलर
अप्रैल
2.32 बिलियन अमेरिकी डॉलर
मई

जून
1.44 बिलियन अमेरिकी डॉलर
जुलाई
1.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर
अगस्त
1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर
स्रोत: औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी)


Who: प्रत्यक्ष विदेश निवेश का प्रवाह
What: 1.4 अरब डॉलर
When: अगस्त 2013