गुवहाटी बेंगलुरु एक्सप्रेस में दो बम विस्फोट-(02-MAY-2013) C.A

| Friday, May 2, 2014
चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर 1 मई 2014 को गुवहाटी बेंगलुरु एक्सप्रेस में दो बम विस्फोट हुए. ट्रेन के दो बोगियों में हुए इस दो बम विस्फोटों में एक महिला यात्री की मौत हो गई और 14 लोग घायल हुए.
भारतीय रेलवे के दक्षिण जोन के महाप्रबंधक राकेश मिश्रा के अनुसार गुवहाटी बेंगलुरु एक्सप्रेस ट्रेन के चेन्नाई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेरटफॉर्म नंबर 5 पर पहुंचने के बाद इसके एस4 और एस5 स्लीपर डिब्बों में सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर कम तीव्रता के दो विस्फोट हुए. जिसमें  बेंगलुरु से विजयवाड़ा जा रही महिला यात्री की मौत हो गई एवं 14 लोग घायल हो गए. घायलों को चेन्नई के राजीव गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

तमिलनाडु पुलिस को ब्लास्ट के बाद जांच के दौरान चेन्नई रेलवे स्टेशन से एक पाइप बम मिला. इस केस की जांच सरकार ने एसआईटी और सीबीसीआईडी को सौंप दी है. चेन्‍नई पुलिस ने शुरुआती जांच में यह संभावना जताई है की ये बम विस्फोट आईडी ब्लास्टहो सकते हैं.

केंद्रीय रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खडगे ने मृतक के परिजनों को एक लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 25-25 हजार तथा मामूली रूप से घायल लोगों को 5-5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की.



विश्व बैंक ने भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था घोषित की-(02-MAY-2013) C.A

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विश्व बैंक (WB) द्वारा अप्रैल 2014 के चौथे सप्ताह में जारी एक रिपोर्ट में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था घोषित की गई.
विश्व बैंक द्वारा जारी इस रिपोर्ट के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था जापान को पीछे छोड़ कर अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है. विश्व बैंक ने संबंधित देशों के निवासियों की खरीद क्षमताके आधार पर इस रिपोर्ट को तैयार किया.

इस रिपोर्ट में वर्ष 2005 और वर्ष 2011 के बीच विभिन्न देशों के निवासियों की खरीद क्षमता की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है. इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2005 में भारत 10वें स्थान पर था लेकिन वर्ष 2011 में यह तीसरे स्थान पर आ गया है. वर्ष 2004-05 से वर्ष 2010-11 के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर औसतन 8 प्रतिशत से ज्यादा रही.

विश्व बैंक के इस रिपोर्ट के अनुसार खरीद क्षमता के हिसाब से दुनिया के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में भारत की हिस्सेदारी 6.4 प्रतिशत है. इससे ज्यादा अमेरिका की 17.1 प्रतिशत और चीन की 14.9 प्रतिशत है वहीं जापान 4.8 प्रतिशत वैश्विक खरीद क्षमता के साथ चौथे स्थान पर है. 
इस रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत का स्थान विश्व में 127वां है. इस रिपोर्ट में माना गया है कि हाल के वर्षो में महंगाई दर ज्यादा होने के बावजूद भारत दुनिया के सबसे सस्ते 10 देशों में शामिल है.

विदित हो कि विश्व बैंक संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक वित्त और वित्तीय सलाह प्रदाता विशिष्ट संस्था है. इसकी स्थापना वर्ष 1944 में हुई थी. विश्व बैंक का मुख्य उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों को पुनर्निमाण और विकास के कार्यों में आर्थिक सहायता देना है. विश्व बैंक का मुख्यालय अमेरिका के वाशिंगटन में स्थित है.


विम्बल्डन ने पुरस्कार राशि में 10.8 फीसदी के इजाफे की घोषणा की-(02-MAY-2013) C.A

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विम्बल्डन ने 29 अप्रैल 2014 को इस वर्ष के पुरस्कार राशि में 10.8 फीसदी (25 मिलियन पाउंड) की वृद्धि की घोषणा की. पुरस्कार राशि में 2013 में की गई वृद्धि से यह 2.4 मिलियन पाउंड ज्यादा है. इसके अलावा ऑल इंग्लैंड क्लब ने इसी दिन पहले तीन राउंड में प्रत्येक एकल खिलाड़ी की पुरस्कार राशि में 12.5 फीसदी के इजाफे की भी घोषणा की.
घोषणा के मुताबिक विजेता को 2013 में की गई 1.76 मिलियन पाउंड की पुरस्कार राशि में दस फीसदी का इजाफा कर 1.76 मिलियन पाउंड का चेक दिया जाएगा.
23 जून से 06 जुलाई तक चलने वाली डबल्स (युगल) प्रतियोगिता की पुरस्कार राशि में 8.7 फीसदी जबकि मिश्रित युगल प्रतियोगिता में 6.1 फीसदी की वृद्धि की गई है.
कुल मिलाकर इस साल, प्रतियोगिता स्थल ऑल इंग्लैंड क्लब में 17 कोर्ट पर मैच आयोजित किए जाएंगें. साल 2015 में रोलैंड गैरो और विम्बल्डन प्रतियोगिता में तीन सप्ताह का अंतर रहेगा.


वैज्ञानिकों ने विश्व का पहला सोलर जेट ईंधन बनाया-(02-MAY-2013) C.A

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वैज्ञानिकों ने 29 अप्रैल 2014 को पहली बार सोलर जेट ईंधन बनाने में सफलता हासिल की. इसे बनाने में सूर्य की रौशनी, पानी और कार्बन डाइऑक्साइड का इस्तेमाल किया गया है. सोलर जेटनाम की परियोजना को यूरोपीय संघ (ईयू) ने वित्त मुहैया कराया था. इस परियोजना के भागीदारों में शामिल हैं - जर्मन एयरोस्पेस सेंटर (डीएलआर), ईटीएच ज्यूरिख, बॉहॉस लुफ्ताहर्ट और शेल.
शोधकर्ताओं ने पहली बार सफलतापूर्वक अक्षय किरोसिन के पूरे उत्पादन श्रृंखला को प्रदर्शित किया. इसके लिए उन्होंने उच्च तापमान ऊर्जा स्रोत के रूप में केंद्रित रौशनी का इस्तेमाल किया.
प्रक्रिया
पहले चरण में केंद्रित अनुकरणीय सूर्य प्रकाश को कार्बन डाइऑक्साइड को परिवर्तित करने के लिए इस्तेमाल किया गया और पानी का इस्तेमाल उच्च तापमान वाले सौर रिएक्टर जिसमें मेटलऑक्साइड वाले सामग्री थी में गैस का संश्लेषण  (सिनगैस) करने के लिए किया. सिनगैस हाइड्रोजन और कार्बन मोनोऑक्साइड का मिश्रण है. इसके बाद सिनगैस को शेल के जरिए फिशरट्रोपॉस्च प्रक्रिया द्वारा  किरोसिन में बदल दिया जाता है.
फिशरट्रोपॉस्च से बने ईंधन पहले से ही प्रमाणित हैं और मौजूदा वाहनों एवं विमानों में बिना उनके ईंजन में कोई बदलाव किए या ईंधन की संरचना को बदले बिना इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
सोलरजेट के बारे में
चार वर्षों वाली सोलरजेट प्रोजेक्ट जून 2011 में शुरु की गई थी. इस प्रोजेक्ट को अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास (एफपी 7) के सातवें फ्रेमवर्क प्रोग्राम से 2.2 मिलियन यूरो मिले थे.
प्रोजेक्ट अभी भी प्रायोगिक चरण में हैं जिसमें जेट के ईंधन का उत्पादन प्रयोगशाला की परिस्थितियों में सूरज की नकली रौशनी के जरिए किया जाता है. हालांकि, परिणामों ने भविष्य में किसी भी तरल हाइड्रोकार्बन ईंधन का सूरज की रौशनी, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी से बनाए जाने की उम्मीद पैदा कर दी है.
ईयू के सात वर्ष के शोध और नवाचार प्रोग्राम होराइजन 2020 में ऊर्जा के स्थायी स्रोत प्राथमिकता है. साल 2014 में इस प्रोग्राम को शुरु किया गया था.


बलात्कार पीड़िता के बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 24 घंटे में दर्ज होने चाहिए: सर्वोच्च न्यायालय-(01-MAY-2013) C.A

| Thursday, May 1, 2014
सर्वोच्च न्यायालय ने 29 अप्रैल 2014 को अपने निर्णय में कहा की बलात्कार पीड़ितों के बयान 24 घंटे के भीतर पुलिस अधिकारियों के स्थान पर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किये जाने चाहिए. यह दिशा निर्देश कार्यवाही मेँ लगने वाले समय को कम करेँगे.
यह दिशा निर्देश न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा और न्यायमूर्ति वी गोपाला गौड़ा की जिसमें सर्वोच्च न्यायालय की दो जजों की बेंच द्वारा दिया गया. बेंच ने अपने फैसले में निर्णय दिया की एक जांच अधिकारी द्वारा पीड़िता को बयान दर्ज करने के लिए अधिमानतः निकटतम महिला मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट या माहिला न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष ले जाया जाना चाहिए.
दिशानिर्देशों के अनुसार, बयान की प्रतिलिपि तुरंत जांच अधिकारी को सौंप दी जानी चाहिए. यह प्रतिलिपि विशेष दिशा निर्देशों के साथ की इसे तब तक किसी व्यक्ति के समक्ष प्रकट नहीं किया जाएगा जब तक की दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173 के तहत पत्र / रिपोर्ट चार्ज दायर नहीं की जाती.
शीर्ष अदालत ने यह भी कहा की यदि पीड़िता को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने में 24 घंटे से अधिक देरी होती हैं तो जांच अधिकारी को केस डायरी में उसके लिए उत्तरदायी कारणों को रिकॉर्ड करना चाहिए तथा इसकी एक प्रति मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत करनी होगी


दक्षिण एशियाई मानसून में चरम आर्द्र और शुष्क अवधि में वृद्धि: स्टैंडफोर्ड अध्ययन-(01-MAY-2013) C.A

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दक्षिण एशियाई मानसून 1980 से चरम आर्द्र और शुष्क अवधि में खतरनाक वृद्धि का सामना कर रहा है, यह स्टैंडफोर्ड के वैज्ञानिकों के द्वारा किये गये एक अध्ययन में ख़ुलासा हुआ हैं. यह एक जर्नल नेचर क्लाइमेट चेंज के अप्रैल 2014 के अंक में प्रकाशित हुआ था.
अध्ययन ने इस क्षेत्र में चरम आर्द्र और शुष्क अवधि के प्रतिरूप में महत्वपूर्ण परिवर्तन पाया, जिसनें हाल के वर्षों में मध्य भारत में सूखा और बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया हैं.
शोधकर्ताओं ने पाया हैं की मानसून ऋतु के दौरान औसत कुल वर्षा की मात्रा में कमी आयीं हैं लेकिन वर्षा के प्रमुख महीनों के दौरान वर्षा की परिवर्तनशीलता बढ़ गई है. विशेष रूप से चरम आर्द्र और शुष्क अवधि की आवृत्ति में वृद्धि हुई हैं, जो की क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं विशेष रूप से फसल की उपज पर.
उदाहरण के लिए, महत्वपूर्ण फसलों के विकास के चरणों के समय कई दिनों तक वर्षा नहीं होने से ऊपज कम हो सकतीं या फसल नष्ट हो सकती हैं और संक्षिप्त अवधि के लिए बहुत भारी वर्षा मानवीय आपदा का काऱण बन सकती हैं जैसा की मुंबई में 2005 में हुआ.
उन्होंने वायुमंडलीय परिवर्तनों जैसे पवनों एवं आर्द्रता, जो की संभवतः चरम आर्द्र और शुष्क अवधि के लिए उत्तरदायी हैं का भी पता लगाया.अगला कदम वायुमंडल में परिवर्तन लाने वाले कारकों की जांच करने से हैं. चूँकि भारत एक जटिल क्षेत्र हैँ ,शोधकर्ता वैश्विक तापन या कोई और कारण जो की अत्यधिक एवं बारंबार शुष्क अवधि को उत्पन्न कर रहा हैं की ओर इंगित करने से पहले सुनिश्चित होना चाहते हैं.
जलवायु वैज्ञानिकों और सांख्यिकीविदों ने परस्पर सहयोग से दुर्लभ भूभौतिकीय घटनाओं का विश्लेषण करने के लिए सांख्यिकीय तरीकों का उपयोग करने पर ध्यान केन्द्रित किया हैं. इस टीम ने पिछले साठ वर्षों की अवधि में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और अन्य स्रोतों से एकत्रित वर्षा के आंकड़ों की तुलना की साथ ही सर्वाधिक वर्षा प्रतिरूप वाले दो समय अवधि 1950 से 1980 एवं 1981 से 2011 की तुलना की. 

भारत में मानसून का प्रतिरूप
दक्षिण एशियाई ग्रीष्म मानसून पवनों से संचलित एकवार्षिक मौसमी परिघटना हैं जिससे भारत में वार्षिक वर्षा का 85 प्रतिशत भाग प्राप्त होता हैं. यह भारत के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है.
भारत में मानसून आमतौर पर दक्षिण भारत में शुरू होता है और संपूर्ण उपमहाद्वीप को पार करता हैं. मानसून का मौसम जून में शुरू होता है और सितंबर माह तक रहता है. मानसून अवधि के महीनों के दौरान चरम वर्षा उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी की इससे प्राप्त कुल जल की मात्रा.


सीआईएसएफ के महानिदेशक अरविंद राजन को सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया-(01-MAY-2013) C.A

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केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक अरविंद राजन को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया. इससे संबंधित आदेश केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 29 अप्रैल 2014 को जारी किया. अरविंद राजन ने 30 अप्रैल 2014 को सेवानिवृत्त हुए अरुण चौधरी का स्थान लिया.
अरविंद राजन सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक का अतिरिक्त पदभार 1 मई 2014 को संभालना है. वह इस पद का अतिरिक्त प्रभार तब तक संभालेंगे, जब तक इस पद के लिए नियमित आधार पर अथवा अगले आदेश तक नियुक्ति नहीं होती.

अरविंद राजन केरल कैडर के 1977 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं.


भारतीय दूरसंचार अधिकरण ने दूरसंचार कंपनियों के इंट्रा सर्किल 3जी रोमिंग करार को मंजूरी प्रदान की-(01-MAY-2013) C.A

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दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय अधिकरण टीडीसैटने दूरसंचार कंपनियों के इंट्रा सर्किल 3जी रोमिंग करार को 29 अप्रैल 2014 को मंजूरी प्रदान कर दी.
टीडीसैट ने भारती एयरटेल , वोडाफोन  और आइडिया सेलुलर  कंपनियों के इंट्रा-सर्किल 3जी रोमिंग करार को मंजूर कर लिया. इसके साथ ही इन कंपनियों पर लगे जुर्माने को भी खारिज कर दिया.

विदित हो कि इन कंपनियों ने वर्ष 2010 में अपने लाइसेंस क्षेत्र से बाहर ग्राहकों को 3जी सेवा उपलब्ध कराने के लिए इंट्रा-सर्किल 3जी रोमिंग करार किया था, जिसे दूरसंचार विभाग (DOT) ने गैरकानूनी बताते हुए इस पर रोक लगा दी थी. इसके साथ ही साथ दूरसंचार विभाग (DOT) ने भारती एयरटेल पर 350 करोड़ रुपये, आइडिया पर 550 करोड़ रुपये और वोडाफोन पर 450 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.


केन्या सरकार ने पुरुषों को बहु-विवाह करने की कानूनी छूट प्रदान की-(01-MAY-2013) C.A

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केन्या सरकार ने एक कानूनी फैसले के तहत पुरुषों को बहु-विवाह करने की कानूनी छूट 29 अप्रैल 2014 को प्रदान कर दी.
केन्या के राष्ट्रपति उहरू केन्याताने पुरुषों के बहु-विवाह करने की कानूनी छूट संबंधी विधेयक पर हस्ताक्षर किया, जिसके बाद यह नया कानून अस्तित्व में आ गया.
केन्या सरकार के इस कदम की केन्या के महिला अधिकार समूहों ने आलोचना की है.

केन्या के राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी बयान में कहा गया कि, ‘विवाह से जुड़े तमाम नियमों का अध्ययन करने के बाद नया कानून बनाया गया है. विवाह पुरुष और महिला की मर्जी से होता है, भले ही यह एक हो या कई.

इस विवादित कानून को केन्या की संसद ने मार्च 2014 में पास कर दिया था. प्रारंभिक कानून में पत्नी को वीटो करने का अधिकार दिया गया था. मगर, संसद के पुरुष सदस्यों को यह पसंद नहीं आया और संशोधन के जरिये वीटो का अधिकार हटा दिया गया.
 
इस कानून की खिलाफत केन्या के 40 चर्च और इसाई संस्थाओं के ताकतवर समूह नेशनल काउंसिल ऑफ चर्च इन केन्याने भी की. केन्या की महिला वकीलों के समूह फीडा केन्याने कहा कि वह इस कानून के खिलाफ अदालत जाएंगी. 

विदित हो कि अफ्रीका के कबीलाई इलाकों और मुस्लिम समुदाय में पुरुषों के बहु-विवाह का रिवाज पहले से ही है. लेकिन अफ़्रीकी देश केन्या की सरकार ने इसे पहली बार कानूनी मान्यता प्रदान की.

नोट- केन्या पूर्वी अफ्रीका में स्थित एक देश है. जिसकी वर्तमान जनसंख्या 39802000 है. इस देश की सीमा उत्तर में इथियोपिया, उत्तर-पूर्व में सोमालिया, दक्षिण में तंजानिया, पश्चिम में युगांडा और उत्तर पश्चिम में सूडान से मिलती है. केन्या की राजधानी नैरोबी है.


पर्यावरण कार्यकर्ता रमेश अग्रवाल ने गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार 2014 जीता-(01-MAY-2013) C.A

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पर्यावरण कार्यकर्ता रमेश अग्रवाल को 28 अप्रैल 2014 को प्रसिद्ध गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार 2014 से सम्मानित किया गया. इस पुरस्कार को आमतौर पर ग्रीन नोबल भी कहा जाता है. यह पुरस्कार पर्यावरणविदों को विश्वभर में उनकी उपलब्धियों के लिए दिया जाता है.
अग्रवाल को यह पुरस्कार भारत भर में अनियंत्रित औद्योगिक विकास को नियंत्रित करने में उनके योगदान के लिए दिया गया है. उन्होंने गांव वालों को अपने सूचना का अधिकार का इस्तेमाल कर उद्योग विकास परियोजनाओँ के बारे में जानकारी मांगने के लिए संगठित किया था. उनके प्रयासों ने ही साल 2012 में छत्तीसगढ़ के गारे गांव में सबसे बड़े प्रस्ताविक कोयना खदान की परियोजना बंद करनी पड़ी थी. इन्होंने लोगों और  औद्योगिकीकरण से पर्यावरण की रक्षा के लिए जन चेतना नाम से आंदोलन की शुरुआत की थी.
2014 के गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार विजेता
•    अफ्रीका क्षेत्र
दक्षिण अफ्रीका के डेस्मंड डी'साउन्होंने दक्षिण डरबन के विभिन्न और बेदखल समुदायों को लामबंद कर जहरीले कचरे के डंप को बंद करवाने में सफलाता हासिल की. इस डंप से निकलने वाले जहरीले रसायन से आसपास के निवासियों के जीवन के लिए खतरा पैदा हो रहा था. इस प्रकार उन्होंने स्वच्छ और साफ पर्यावरण के अधिकार की सुरक्षा की.
•    एशिया क्षेत्र
भारत के रमेश अग्रावलउन्हें भारत भर में अनियंत्रित औद्योगिक विकास को नियंत्रित करने में योगदान देने के लिए पुरस्कृत किया गया. उन्होंने औद्योगिक विकास परियोजनाओं की जानकारी लेने के लिए गांव वालों को अपने सूचना का अधिकार की मांग करने के लिए संगठित किया था.
•    यूरोप क्षेत्र
रुस के सुरेन गजरयानएक जीव विज्ञानी के रूप में उन्होंने सरकार के भ्रष्टाचार और रूस के ब्लैक सी कोस्ट के साथ संघ संरक्षित वन के गैरकानूनी इस्तेमाल के कई अभियानों का नेतृत्व किया था.
•    द्वीप और द्वीपीय राष्ट्रः
इंडोनेशिया के रूडी पुत्रापेशे से जीवविज्ञानी, उन्हें अवैध रूप से ताड़ के वृक्षारोपण के लिए पुरस्कृत किया गया जिसकी वजह से उत्तरी सुमात्रा के लुईसर पारिस्थितिकी तंत्र में बड़े पैमाने पर वनों की कटाई की जा रही थी. ऐसा कर उन्होंने सुमात्रा के राइनो के निवास स्थान पर मंडराने वाले गंभीर खतरे को कम किया.
•    उत्तरी अमेरिका
अमेरिका की हेलेन होल्डेन स्लॉट्जी–  उन्होंने देश के संविधान के एक खंड का इस्तेमाल किया जो नगरपालिकाओं को स्थानीय भूखंड उपयोग पर निर्णय लेने का अधिकार देता है, हेलेन स्लॉट्जी ने न्यूयॉर्क के विभिन्न शहरों को तेल और गैस कंपनियों द्वारा स्थानीय प्रतिबंधों को तोड़ने के बाद खुद का बचाव करने में  प्रोबानो कानूनी सहायता प्रदान की.
•    दक्षिण एवं मध्य अमेरिका
पेरु की रूथ बुनेडिया मेस्टोक्वारीउन्होंने बड़े पैमाने पर बनने वाले डैम के खिलाफ चलने वाले शक्तिशाली अभियान के लिए अशनिन्का लोगों  को संगठित किया था.
गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार के बारे में
पहला गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार पृथ्वी दिवस के दिन 22 अप्रैल 1990 को दिया गया था. तब से इस पुरस्कार की घोषणा अप्रैल माह में की जाती है और विजेता को चुनाव अंतरराष्ट्री जूरी  करती है.
सैनफ्रांसिस्को की गोल्डमैन पर्यावरण फाउंडेशन द्वारा हर वर्ष दिया जाने वाला यह पुरस्कार जमीनी स्तर पर काम करने वाले पर्यावरण कार्यकर्ताओँ को दिया जाता है.
यह पुरस्कार छह महाद्वीपों अफ्रीका, एशिया, यूरोप, द्वीप और द्वीपीय राष्ट्र, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण एवं मध्य अमेरिका, के पर्यावरण नायकों को दिया जाता है.
हर एक पुरस्कार विजेता को 150000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है. यह पुरस्कार व्यक्तिगत नेताओं की पहचान कर और अन्य आम लोगों को प्राकृतिक दुनिया की रक्षा के लिए असाधारण कार्य करने की प्रेरणा देने के लिए दिया जाता है.
वर्ष 2014 गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार का 25 वां वर्ष है.
गोल्डमैन पुरस्कार अपने प्राप्तकर्ताओं को क्या देता है?
गोल्डमैन पुरस्कार जमीनी स्तर के इन नेताओं की आवाज को बड़े स्तर पर पहुंचाता है औऱ इन्हें
•    अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्रदान करता है जो उनकी विश्वसनीयता को बढ़ाता है.
•    उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को वैश्वि के पटल पर रखता है.
•    नए सिरे और सुरक्षित पर्यावरण के लिए उन्हें 175000डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान करता है.


पीएलओ ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों की सदस्यता के लिए एक नई प्रणाली अपनायी-(01-MAY-2013) C.A

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फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (पीएलओ) की केंद्रीय परिषद ने 27 अप्रैल 2014 को अंतरराष्ट्रीय संगठनों की सदस्यता के लिए एक नई प्रणाली अपनायी. पीएलओ ने फैसला किया है कि वे फिलिस्तीन के राज्य का दर्जा के लिए वे 63 अंतरराष्ट्रीय यूएन कंवेशन पर हस्ताक्षर करने के लिए बोली लगाएंगे.
इसके अलावा, पीएलओ ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासभा से स्टेलमेंट कंस्ट्रक्शन, जेरुसलेम में फिलिस्तीन विरोधी गतिविधियों और चर्चों एवं मस्जिदों को नुकसान पहुंचाने खासकर जेरुसलेम के हरम अलशरीफ/ टेंपल माउंट को नुकसान पहुंचाने के लिए इस्राइल की निंदा करने के बाबत भी पूछा.
कुल 120 सदस्यों वाली केंद्रीय परिषद ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू की फिलिस्तीन द्वारा इस्राइल को यहूदियों का राष्ट्र मानने की मांग को भी पूरी तरह अस्वीकृति करने की पुष्टि कर दी.
हालांकि, परिषद ने अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों के आधार पर इस्राइल के साथ वार्ता शुरु करने के विकल्प खुले होने की बात भी कही.
विश्लेषण
साल 2013 में भारी मतों से संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक राज्य का सदस्य बना था फिलिस्तीन. नवंबर  2013 में फिलिस्तीन ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा में वोट डाला और विश्विक इकाइ के तौर पर उसे पूर्ण मान्यता हासिल हुई.
कुल 193 सदस्यों वाले महासभा में से ज्यादातर सदस्यों ने फिलिस्तीन के राजदूत रियाद मंसूर की पूर्व युगोस्लाविया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल ट्राइबूनल के जज के लिए मतदान करने पर उनकी सराहना की थी. फिलिस्तीन का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों पर वोट करना नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत वोट करना था और वह एवं अन्य जैसे वैटिकन अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों में जजों की नियुक्ति के लिए वोट कर सकते हैं.
इस्राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने फिलिस्तिनों की संयुक्त राष्ट्र में मान्यता के खिलाफ जोरदार पैरवी की थी. उनका तर्क था कि अलग राज्य सिर्फ दशकों पुराने इस्राइलफिलिस्तीन संघर्ष को प्रत्यक्ष द्विपक्षीय वार्ता के जरिए समाप्त कर ही हासिल किया जा सकता है.
इस्राइल ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि फिलिस्तीनी अथॉरिटी राज्य नहीं हैं और वे राज्य का दर्जा के लिए मानदंडों को भी पूरा करने में विफल रहे हैं.


स्लोवाकिया और यूक्रेन ने गैस आपूर्ति के लिए फ्रेमवर्क इंटरकनेक्शन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किये-(01-MAY-2013) C.A

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स्लोवाकिया और यूक्रेन ने 28 अप्रैल 2014 को गैस आपूर्ति के लिए फ्रेमवर्क इंटरकनेक्शन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किये. समझौते पर ब्रातिस्लावा में हस्ताक्षर किए गए. इसके बाद यूक्रेन को गैस की आपूर्ति स्लोवाकिया के रास्ते मध्य यूरोप से हो सकेगी.
एग्रीमेंट पर यूरोपियाई आयोग की मध्यस्थता में स्लोवाकियाई कंपनी ईयूस्ट्रीम और यूक्रेन की कंपनी यूक्रांसगैज ने हस्ताक्षर किए. एग्रीमेंट के मुताबिक यूक्रेन को गैस की आपूर्ति अनुपयोगी स्लोवाकिया के वेल्के कापुसानी के वोजानी पाइपलाइन के जरिए की जाएगी. यह पाइपलाइन यूक्रेन को प्रतिवर्ष 8 बिलियन क्युबिक मीटर (बीसीएम) गैस आपूर्ति करने की क्षमता रखता है. पूरी तरह से बनने और अप्रैल 2015 तक बहाल हो जाने के बाद इस पाइपलाइन की क्षमता रोजाना 22 मिलियन क्युबिक मीटर गैस आपूर्ति करने की हो जाएगी.
समझौते का महत्व
ईयू से यूक्रेन को सफलतापूर्व गैस आपूर्ति के कार्यान्वयन से यूक्रेन विभिन्न गैस स्रोतों का उपयोग कर सकेगा. उदाहरण के लिए, यूरेन के पास नॉर्वे की गैस या वैश्विक बाजार से तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) प्रतिस्पर्धी कीमतों पर मिलेगी.
इससे गैस आपूर्ति के लिए यूक्रेन की रूस पर निर्भरता कम होगी और यूक्रेन को अपने गैस आपूर्ति स्रोत में विविधता लाने में मदद मिलेगी. अप्रैल 2014 में जर्मन ऊर्जा कंपनी आरडब्ल्यूई ने पोलैंड के रास्ते गैस की आपूर्ति शुरु कर दी जो एक वर्ष में 10 बीसीएम गैस की आपूर्ति करने की क्षमता ऱखता है.
इससे यूरोपीय संघ के साथ यूक्रेन की आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा. इससे यूक्रेन को वर्तमान आर्थिक और वित्तीय संकट से उबरने में मदद मिलेगी. हालांकि ऊर्जा समुदाय का सदस्य होने के नाते यूक्रेन को ईयू के आंतरिक ऊर्जा बाजार कानून के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना होगा. यूक्रेन के कानूनी और विनियामक ढांचे की समीपता निवेशकों के उच्च विश्वास के लिए आवश्यक है और यह यूक्रेन के विशाल गैस के बुनियादी ढांचे के बेहतर उपयोग कर सकता है.
पृष्ठभूमि
यह समझौता फरवरी 2014 में क्रीमिया पर रूस के कब्जे के बाद रूसी कंपनी गैजप्रोम द्वारा यूक्रेन  को दी जाने वाली गैस की कीमतों को दुगुना करने की वजह से किया गया है. यूक्रेन पर गैजप्रोम का 2.2 बिलियन डॉलर बकाया है. यूक्रेन ने गैस के लिए दुगुनी कीमत चुकाने से मना कर दिया था और रुसी कंपनी गैजप्रोम का विकल्प तलाश रहा था.


चुंग हाँग वोन का दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा-(01-MAY-2013) C.A

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चुंग हाँग वोन ने दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री पद से 27 अप्रैल 2014 को इस्तीफा दे दिया. उन्होंने 16 अप्रैल 2014 को हुई नौका आपदा में सरकार की अक्षमता एवं असामयिक प्रतिक्रिया के कारण त्यागपत्र दिया. दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क गुएनहए ने चुंग का इस्तीफा स्वीकार कर लिया, लेकिन बचाव अभियान पूरा होने तक वह पद पर बने रहेंगे.
चुंग हाँग वोन का जन्म 9 अक्टूबर 1944 को हुआ था तथा उन्होंने 2012 तक एक अभियोजक के रूप में कार्य किया था. वह गुएनहए के सरकार के प्रथम मनोनीत प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे. चुंग हाँग वोन ने ग्रेट नेशनल पार्टी की तरफ से 26 फ़रवरी 2013 को दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली.
 
घटना
सेवोल नौका जो इनचान बंदरगाह से दक्षिण से जेजी द्वीप जो पारंपरिक अवकाश द्वीप हैं की नियमित यात्रा के दौरान 16 अप्रैल, 2014 को डूब गया. सेवोल नौका में 476 से अधिक लोग यात्रा कर रहे थे. इन यात्रियों में अधिकांश छात्र और शिक्षक थे. लगभग 300 लोग अभी भी लापता हैं.  187 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी हैं.


अधिबन ने एशियाई महाद्वीपीय शतरंज चैंपियनशिप में रजत पदक जीता-(01-MAY-2013) C.A

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ग्रैंड मास्टर अधिबन ने 26 अप्रैल 2014 को शारजाह में आयोजित एशियाई महाद्वीपीय शतरंज चैंपियनशिप (एशियन कॉन्टिनेंटल चेस चैंपियनशिप) में रजत पदक जीता. इस जीत के साथ ही वे 2015 में अजरबेजान के बाकु में होने वाले विश्व चेस कप में प्रवेश मिल गया.
अधिबन 6.5 अंकों के साथ रजत पदक जीता जबकि 7 अंकों के साथ चीन के यू यांगयी ने स्वर्ण पदक जीता. चीन के नी हुआ ने 6.5 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता. 6 अंकों के साथ रूस्तम कासिमडिझोनवा चौथे स्थान पर रहे और चीन के वेन यांग (6.5) पांचवें स्थान पर रहे.
महिलाओं की चैंपियनशिप में इंडोनेशिया की आईरिनी करिश्मा सुकान्द्रा ने स्वर्ण पदक जीता. ईरान की अस्तोसा पुरकाशियान ने रजत और चीन की तान झोंगी ने कांस्य पदक पर कब्जा किया.
13वीं एशियाई महाद्वीपीय शतरंज चैंपियनशिप और महिला शतरंज चैंपियनशिप 2014 संयुक्त अरब अमीरात के शाहजाह में 16 अप्रैल से 26 अप्रैल के बीच आयोजित किया गया था. चैंपियनशिप के शीर्ष पांच खिलाड़ी विश्व कप चैंपियनशिप 2015 के लिए क्वालिफाइ कर गए.


लिवरपूल के स्ट्राइकर लुईस सुआरेज बने प्रोफेशनल फुटबॉलर एसोसिएशन के प्लेयर ऑफ द ईयर-(01-MAY-2013) C.A

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लंदन के एक पुरस्कार समारोह में लिवरपूल के ऊरुग्वे के स्ट्राइकर लुईस सुआरेज को 28 अप्रैल 2014 को प्रोफेशनल फुटबॉलर एसोसिएशन का प्लेयर ऑफ द ईयर पुरस्कार प्रदान किया गया. यह पुरस्कार पाने वाले सुआरेज पहले गैरयूरोपीय खिलाड़ी हैं. चेल्सिया के ईडन हैजार्ड को यंग प्लेयर ऑफ द ईयर के तौर पर चुना गया.
महिला खिलाड़ियों में लिवरपुल की लकी ब्रॉंज  को वुमेंस प्लेयर ऑफ द ईयर के पुरस्कार के लिए चुना गया. उनकी टीम सहयोगी मार्था हैरिस को यंग प्लेयर ऑफ द ईयर बनीं.
फिलहाल, सुआरेज शुरुआती 6 मैच नहीं खेल पाने के बावजूद, 30 गोल कर प्रीमियर लीग सत्र में के सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने हुए हैं. उनके शुरुआती 6 मैच नहीं खेलने की वजह अप्रैल 2013 में चेल्सिया के ब्रानिसाल्व इवानोविक को चोट पहुंचाने के बाद उनपर लगे 10 मैचों का प्रतिबंध था.
प्रोफेशनल फुटबॉलर एसोसिएशन (पीएफए) के प्लेयर ऑफ द ईयर विजेता
•    2013– 14: लुईस सुआरेज (लिवरपूल)
•    2012– 13: गैरेथ बाले (टॉट्टेनहम)
•    2011– 12: रॉबिन वान पस्री (आर्सेनल)
•    2010– 11: गैरेथ बाले (टॉट्टेनहम)
•    2009– 10: वेन रुनी (मैनचेस्टर युनाइटेड)
•    2008– 09: रेयान गिग्स (मैनचेस्टर युनाइटेड)
•    2007– 08:क्रिस्टियानो रोनाल्डो (मैनचेस्टर युनाइटेड)