लाइबेरिया में इबोला विषाणु के संक्रमण के कारण आपातकाल की घोषणा-(08-AUG-2014) C.A

| Friday, August 8, 2014
अफ़्रीकी देश लाइबेरिया की राष्ट्रपति एलेन जॉनसन सरलीफ ने महामारी का रूप ले चुके इबोला विषाणु के संक्रमण से लड़ने के लिए देश में 6 अगस्त 2014 को आपातकाल की घोषणा की. आपातकाल 90 दिनों तक प्रभावी रहेगा.
इसके पूर्व अफ़्रीकी देश सिएरा लियोन के राष्ट्रपति अर्नेसट बाई कारोमा ने 30 जुलाई 2014 को सिएरा लियोन में घातक इबोला प्रकोप से निपटने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा की. इबोला से अब तक सिएरा लियोन में करीब 233 लोगों की जान जा चुकी है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इबोला वायरस का प्रकोप दुनिया का अब तक का दर्ज किया गया सबसे बड़ा प्रकोप है. इससे तीन अफ्रीकी देशों की राजधानी, मोनरोविया (लाइबेरिया), फ्रीटाउन (सिएरा लियोन) और कोनाक्री (गिनी) बड़े स्तर पर संक्रमित हैं.

इबोला से जुड़े अन्य घटनाक्रम 
नाइजीरिया को इबोला ग्रस्त इलाकों से आने वाले यात्रियों के तापमान की स्क्रीनिंग करने का आदेश दिया गया है और साथ ही लागोस में पहला इबोला मामला पहुंचने से रोकने के लिए अफ्रीकी एयरलाइन को निलंबित करने को भी कहा गया है.
इसके अलावा, अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों ने कहा है कि वे संभावित टीके का परीक्षण सितंबर 2014 से शुरु करेंगे.

इबोलावायरस से सम्बंधित मुख्य तथ्य
 • इबोला, संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ के साथ मानव संपर्क की वजह से फैलता है.
आरंभिक फ्लू जैसे लक्षण, आंखों या मसूड़ों में बाहरी रक्तस्राव और आंतरिक रक्तस्राव भी हो सकता है, जिससे अंग काम करना बंद कर देते हैं.
मृत्यु दर 90% तक. 
रोग की अवधि 2 से 21 दिनों की होती है.
इसके लिए कोई टीका या इलाज उपलब्ध नहीं.
डायरिया या दस्त के मरीजों को जलयोजित (रिहाइड्रेटिंग) करने जैसी सहायक देखभाल से मरीजों को ठीक करने में मदद मिल सकती है.
विदित हो कि इस वर्ष इबोला वायरस के मामले सबसे पहले मार्च 2014 में गिनी (कोनाक्री) में सामने आए. उसके बाद यह लाइबेरिया और सिएरा लियोन की सीमाओं में भी फैल गया.


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