SHERLOC
: स्कैनिंग हैबिटेबल एन्वायरमेंट्स विद रमन एंड ल्यूमिनेसेंस फॉर
ऑर्गेनिक्स एंड केमिकल्स (Scanning Habitable Environments with Raman
& Luminescence for Organics and Chemicals)
स्कैनिंग हैबिटेबल एन्वायरमेंट्स विद रमन एंड ल्यूमिनेसेंस फॉर ऑर्गेनिक्स एंड केमिकल्स (शरलॉक, SHERLOC) पिछले दिनों इसलिए सुर्खियों में रहा क्योंकि यह नासा के मार्स 2020 रोवर मिशन के सात अंतरिक्ष उपकरणों में से एक है.
स्कैनिंग हैबिटेबल एन्वायरमेंट्स विद रमन एंड ल्यूमिनेसेंस फॉर ऑर्गेनिक्स एंड केमिकल्स (शरलॉक, SHERLOC) पिछले दिनों इसलिए सुर्खियों में रहा क्योंकि यह नासा के मार्स 2020 रोवर मिशन के सात अंतरिक्ष उपकरणों में से एक है.
शरलॉक (SHERLOC) एक स्पेक्ट्रोमीटर है जो सटीक छवि
प्रदान करेगा और यह अल्ट्रावायलेट (यूवी) लेजर का प्रयोग खनिजों से निर्धारण और
कार्बनिक यौगिकों का पता लगाने के लिए करेगा. यह अंतरिक्ष उपकरणों में अन्य
उपकरणों के साथ पूरक माप भी प्रदान करेगा.
शरलॉक (SHERLOC) पहला यूवी रमन स्पेक्ट्रोमीटर है जो कि लाल ग्रह मंगल की सतह की सैर करेगा.
इससे पहले नासा ने 31 जुलाई 2014 को मार्स 2020 रोवर मिशन के नाम से एक नए रोवर को मंगल ग्रह पर भेजने की घोषणा की थी. यह मिशन मंगल ग्रह पर संभावित जीवन की क्षमता को निर्धारित करने का प्रयास करेगा और इस ग्रह पर जीवन के निशान ढूंढ़ेगा. रोवर मिशन अपने साथ सात उपकरण ले कर जाएगा. यह रोवर मंगल ग्रह पर नौ महीने की यात्रा के बाद 2021 में पहुंचेगा.
शरलॉक (SHERLOC) पहला यूवी रमन स्पेक्ट्रोमीटर है जो कि लाल ग्रह मंगल की सतह की सैर करेगा.
इससे पहले नासा ने 31 जुलाई 2014 को मार्स 2020 रोवर मिशन के नाम से एक नए रोवर को मंगल ग्रह पर भेजने की घोषणा की थी. यह मिशन मंगल ग्रह पर संभावित जीवन की क्षमता को निर्धारित करने का प्रयास करेगा और इस ग्रह पर जीवन के निशान ढूंढ़ेगा. रोवर मिशन अपने साथ सात उपकरण ले कर जाएगा. यह रोवर मंगल ग्रह पर नौ महीने की यात्रा के बाद 2021 में पहुंचेगा.
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