भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 11 अगस्त 2014 को सेबी के केवाईसी (अपने ग्राहक को
पहचानें) पंजीकरण एजेंसी (दूसरा संशोधन) विनियम, 2014 जारी
किया. सेबी अधिनियम, 1992 की धारा 30 के
तहत दी गई शक्तियों का प्रयोग कर सेबी ने ये संशोधन किए हैं.
ये नियम सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी हो
जाएंगे. वित्तीय क्षेत्र में केवाईसी सूचना को साझा करने के लिए डाले गए नियमों
में शामिल है-
16(A). 1– समय– समय
पर वित्तीय क्षेत्र में बोर्ड द्वारा निर्दिष्ट अन्य नियामकों द्वारा विनियमित
इकाईयां वित्तीय सेवाओं में संलग्न ग्राहकों केवाईसी के लिए केआरए सिस्टम का उपयोग
कर सकती हैं.
2– विनियमों के प्रावधान, यथोचित परिवर्तन सहित, उप–नियम (1) में निर्दिष्ट अन्य नियामकों द्वारा विनियमित इकाइयों पर लागू होगा.
2– विनियमों के प्रावधान, यथोचित परिवर्तन सहित, उप–नियम (1) में निर्दिष्ट अन्य नियामकों द्वारा विनियमित इकाइयों पर लागू होगा.
3– वित्तीय क्षेत्र में केवाईसी सूचना को
साझा और तुलना करने के उद्देश्य से केआरए सिस्टम को केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत
किसी भी केंद्रीय केवाईसी पंजीकरण के साथ जोड़ा जा सकता है.
यह अधिसूचना केवाईसी विवरणों को अन्य वित्तीय क्षेत्र के
रखवालों द्वारा विनियमित संस्थानों के साथ साझा करने की अनुमति देती है. ये नियम
पूरे वित्तीय क्षेत्र के लिए आम केवाईसी प्रणाली की सुविधा के लिए जारी किए गए
हैं.
इससे पहले, केवाईसी
सूचना को साझा करने की सुविधा सिर्फ सेबी–पंजीकृत बिचौलियों
के लिए ही थी. फिलहाल पूंजी बाजार के करीब दो करोड़ निवेशकों की केवाईसी सूचना
सेबी के केंद्रीयकृत केवाईसी, पंजीकरण केआरए प्रणाली में
उपलब्ध है.
हालांकि, इससे पहले सेबी ने
कहा था कि पूरे वित्तीय क्षेत्र के लिए केवाईसी प्रक्रिया कागजी कार्रवाई को कम
करने में मदद करेगी और निवेशकों के साथ–साथ बिचौलियों के लिए
परिचालन लागत को भी कम करेगी.
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