बांग्ला कवि प्रोफेसर शंख घोष (84 वर्षीय) को 27 अप्रैल 2017 को ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया.
प्रोफेसर शंख घोष को 52वां ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया गया. वे एक जाने-माने कवि और आलोचक, प्रख्यात टीचर, साहित्य अकादमी से सम्मानित, पदम् भूषण से सम्मानित कवि हैं.
प्रोफेसर शंख घोष को 52वां ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया गया. वे एक जाने-माने कवि और आलोचक, प्रख्यात टीचर, साहित्य अकादमी से सम्मानित, पदम् भूषण से सम्मानित कवि हैं.
शंख घोष
• घोष का जन्म वर्ष 1932 में हुआ था. उन्हें एक कवि, आलोचक और विद्वान के तौर पर जाना जाता है.
• उनकी प्रमुख रचनाओं में आदिम लता-गुलमोमॉय, मूखरे बारो, सामाजिक नोय, बाबोरेर प्रार्थना, दिनगुली रातगुली और निहिता पातालछाया शामिल हैं.
• घोष को साहित्य अकादमी पुरस्कार, सरस्वती सम्मान, रबीन्द्र पुरस्कार जैसे महत्वपूर्ण पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है.
• पुरस्कार के रूप में शंख घोष को वाग्देवी की प्रतिमा, 11 लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा.
इससे पहले वर्ष 1996 में बांग्ला लेखिका महाश्वेता देवी को ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया था. इस प्रकार वे 19 वर्ष बाद देश का सर्वोच्च साहित्य सम्मान पाने वाले बांग्ला लेखक बने. इससे पहले बांग्ला लेखकों में ताराशंकर, विष्णु डे, सुभाष मुखोपाध्याय, आशापूर्णा देवी और महाश्वेता देवी को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिल चुका है.
पहला ज्ञानपीठ पुरस्कार वर्ष 1965 में मलयालम लेखक जी. शंकर कुरूप को प्रदान किया गया था और वर्ष 2015 का ज्ञानपीठ पुरस्कार गुजराती लेखक रघुवीर चौधरी को प्रदान किया गया था.
• घोष का जन्म वर्ष 1932 में हुआ था. उन्हें एक कवि, आलोचक और विद्वान के तौर पर जाना जाता है.
• उनकी प्रमुख रचनाओं में आदिम लता-गुलमोमॉय, मूखरे बारो, सामाजिक नोय, बाबोरेर प्रार्थना, दिनगुली रातगुली और निहिता पातालछाया शामिल हैं.
• घोष को साहित्य अकादमी पुरस्कार, सरस्वती सम्मान, रबीन्द्र पुरस्कार जैसे महत्वपूर्ण पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है.
• पुरस्कार के रूप में शंख घोष को वाग्देवी की प्रतिमा, 11 लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा.
इससे पहले वर्ष 1996 में बांग्ला लेखिका महाश्वेता देवी को ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया था. इस प्रकार वे 19 वर्ष बाद देश का सर्वोच्च साहित्य सम्मान पाने वाले बांग्ला लेखक बने. इससे पहले बांग्ला लेखकों में ताराशंकर, विष्णु डे, सुभाष मुखोपाध्याय, आशापूर्णा देवी और महाश्वेता देवी को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिल चुका है.
पहला ज्ञानपीठ पुरस्कार वर्ष 1965 में मलयालम लेखक जी. शंकर कुरूप को प्रदान किया गया था और वर्ष 2015 का ज्ञानपीठ पुरस्कार गुजराती लेखक रघुवीर चौधरी को प्रदान किया गया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आम जनता के लिए न्य टैक्स प्लान पेश किया. नए टैक्स प्लान के तहत उन परिवारों को टैक्स में राहत प्रदान की गयी है, जिनके बच्चे हैं या जिन पर कोई निर्भर है. वर्ष 1986 के बाद अमेरिका में यह पहला टैक्स रिफॉर्म है.
भारतीय शॉट पुट खिलाड़ी मनप्रीत कौर ने 24 अप्रैल 2017 को चीन में खेली जा रही एशियन ग्रां प्री एथलेटिक्स मीट में शॉट पुट प्रतियोगिता के दौरान स्वर्ण पदक जीता.
पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर युनिस खान ने टेस्ट क्रिकेट में दस हजार रन पूरा करने वाले पाकिस्तान के पहले और विश्व के 13वें बल्लेबाज बन गए हैं. युनिस के नाम अब टेस्ट में 53.09 की औसत से 10,035 रन हो गए हैं.
एचआईवी व एड्स से संक्रमित रोगियों के साथ किया जाने वाला किसी प्रकार का भेदभाव पूर्ण व्यवहार दंडनीय अपराध घोषित किया गया. इसके लिए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने एक नए एक्ट को मंजूरी प्रदान कर दी.

उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती के खाली पदों को भरे जाने हेतु सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के रोड मैप को मंजूरी प्रदान की. जिसके तहत 32 हजार पुलिसकर्मियों की भर्तियां की जानी हैं.