काला जार के उन्मूलन के लिए कोर ग्रुप का गठन-(15-JULY-2014) C.A

| Tuesday, July 15, 2014
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्ष 2015 तक खतरनाक वेक्टर जनित रोग काला जार के उन्मूलन के लिए 8 जुलाई 2014 को एक विस्तृत कार्य योजना बनाकर एक कोर ग्रुप का गठन किया.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने देश में इस रोग के उन्मूलन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कोर ग्रुप की सलाह दी है की काला जार भारत की प्रगति के लिए असंतोषजनक है.
इससे पहले केंद्र सरकार ने वर्ष 2008 तक इस रोग का सफाया करने के लिए वर्ष 2004 में एक लक्ष्य की स्थापना की थी. जो दो बार संशोधित किया गया पहला पड़ाव वर्ष 2010 था जो अब बढ़कर वर्ष 2015 हो गया है.

कोर ग्रुप के सदस्य
·       रंजीत रॉय चौधरी को नैदानिक औषध विशेषज्ञों और अधिकारियों का एक समूह के समन्वय के लिए नामित किया गया है. इससे पहले, वह डब्ल्यूएचओ के तहत भारत में दवाओं के उपयोग कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे. समूह के अन्य सदस्य के नाम इस प्रकार हैं.
·       पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सी.पी. ठाकुर
·       भारतीय मेडिकल रिसर्च परिषद के प्रमुख वीएम कटोच  
·       स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक, जगदीश प्रसाद
·       फार्मास्यूटिकल्स विशेषज्ञ कविता खन्ना
·       राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के प्रमुख एसी धारीवाल
·       बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव
·       केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव अंशु प्रकाश
काला जार के बारे में

विश्व स्तर पर काला जार को विसरल लीशमनियासिस के नाम से जाना जाता है. यह एक जूनोटिक संक्रमण है जो मलेरिया के बाद दुनिया की दूसरी सबसे घातक वेक्टर जनित रोग है. बीमारी पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार,झारखंड और पश्चिम बंगाल में राई जाने वाली  रेत मक्खी द्वारा फैलता  है और आमतौर पर यह बीमारी मानसून के महीनों मे सक्रिय रहती है. मौजूदा समय यह  रोग 54 जिलों में प्रभावी है जिसमें से सबसे अधिक प्रभावित राज्य बिहार है.
विसरल लीशमनियासिस के 90 प्रतिशत मामले इन 5 देशों में होते हैं: जिनमें बांग्लादेश, भारत, नेपाल, सूडान और ब्राजील शामिल है.
काला जार के उपचार में सोडियम स्टीबोगलूकोनटे का उपयोग
1920 के दशक में संयुक्त राष्ट्र के एक जानकार ने इस रोग के इलाज के लिए सोडियम स्टीबोगलूकोनटे का उपयोग करने का नेतृत्व किया. लेकिन रोगियों पर इसका मामूली असर देखने को मिला.


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