वर्ष 2009 के बाद ओकलाहोमा में आने वाले भूकंप
तेल एवं गैस उद्योग के अपशिष्ट निपटान कुओं की वजह से बढ़ गए हैं.
यह बात कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता प्रो. कैटी
कैरीनेन की अध्यक्षता में किए गए एक अध्ययन से पता चली थी. यह अध्ययन 3 जुलाई 2014 को साइंस जरनल में प्रकाशित हुआ था.
अध्ययन के मुताबिक, अपशिष्ट जल तेल एवं गैस उत्पादों के साथ मिलकर जमीन में डाला जा रहा है जिसे अपशिष्ट निपटान कुंआ कहते हैं. ये कुएं बहुत अधिक मात्रा में हैं और पर्याप्त मानवीय भूकंप खतरा पैदा करते हैं.
अध्ययन के मुताबिक, अपशिष्ट जल तेल एवं गैस उत्पादों के साथ मिलकर जमीन में डाला जा रहा है जिसे अपशिष्ट निपटान कुंआ कहते हैं. ये कुएं बहुत अधिक मात्रा में हैं और पर्याप्त मानवीय भूकंप खतरा पैदा करते हैं.
वर्ष 2013 के 109 संभावित
हानिकारक भूकंप की तुलना में जून 2014 के आखिर तक 3.0
की तीव्रता वाले ऐसे हानिकारक भूकंप के होने की संभावना 120 फीसदी (241 भूकंप) से भी ज्यादा थी। कॉर्नेल
यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप का केंद्र निपटान कुंए से
वर्तमान 5 किलोमीटर या 3 मील की रेंज
से करीब 30 किलोमीटर या 19 मील दूर
भेजा जा सकता है.
इसके अलावा शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि ओकलाहोमा के चार
सबसे बड़े निपटान कुओं में इलाके में हुए बीस फीसदी हालिया भूकंप को सक्रिए करने
में सक्षम थे. ओकलाहोमा के उच्च उद्योग अपशिष्ट जल निपटान क्षेत्रों में आने वाला
भूकंप वर्ष 2008 से 2013 के बीच
अमेरिकी के सभी केंद्रीय और पूर्वी सिस्मीसिटी के लगभग आधा है.
वर्ष 2011 में, ओकलाहोमा में 5.6 की तीव्रता का सबसे बड़ा भूकंप आया
था.
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