ओडिशा आपदा निवारण परियोजना को 153 मिलियन
डॉलर की सहायता के लिए भारत सरकार और विश्व बैंक (अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ-आईडीए)
के बीच समझौते पर 11 जुलाई 2014 को
हस्ताक्षर किए गए.
परियोजना का उद्देश्य
परियोजना का उद्देश्य ओडिशा के लक्षित समुदायों के लिए सार्वजनिक सेवाओं और बेहतर आवास को पुनर्बहाल करना और आपातकाल में संकट के समय में राज्य संस्थाओं को तेजी से प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने की क्षमताओं में बढ़ोत्तरी करना है.
परियोजना का उद्देश्य
परियोजना का उद्देश्य ओडिशा के लक्षित समुदायों के लिए सार्वजनिक सेवाओं और बेहतर आवास को पुनर्बहाल करना और आपातकाल में संकट के समय में राज्य संस्थाओं को तेजी से प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने की क्षमताओं में बढ़ोत्तरी करना है.
परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से लाभ लेने वालों में गंजाम, पुरी और खोरथा के तूफान द्वारा प्रभावित क्षेत्र की तटीय आबादी शामिल है. यह आवास पुनर्निर्माण का एक भाग होगा जिमसें लगभग 15 हजार और जिसका 50 प्रतशित महिलाएं हैं और 30 हजार लोग बहरमपुर के चयनित झुग्गी क्षेत्रों के निवासी हैं और जिसका 50 प्रतिशत महिलाएं हैं इसके अतिरिक्त बहरमपुर की लगभग 3.5 लाख की कुल आबादी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर मास्टर प्लान में उम्मीद किए जा रहे सुधार से लाभान्वित होगी, ठीक उसी तरह राज्य के कुल 42 मिलियन निवासी भी तबाही के प्रत्युात्त्र और प्रबंधन की क्षमता में बढ़ोत्तरी का लाभ प्राप्त करेंगें.
परियोजना के घटक
परियोजना के पांच घटक हैं जो निम्न प्रकार से हैं.
1. लोचदार आवास निर्माण और समुदाय इन्फ्रॉंस्ट्रक्चर
2. बहरमपुर में शहरी इन्फ्रॉस्ट्रयक्चर
3. तबाह जोखिम प्रबंधन के लिए क्षमता निर्माण
4. क्रियान्वयन सहायता
5. संभावित आपातकाल प्रत्यु्त्त्र
परियोजना तबाही जोखिम प्रबंधन प्रणाली में संवृद्धि पर केंद्रित है. इसके अतिरिक्त यह प्राकृतिक आपदा के प्रभाव के लिए तैयार संस्थागत क्षमता निर्माण में और लोगों के लिए प्राकृतिक आपदाओं से स्वयं को बचाने और तेजी से उससे वापसी करने में सहायक होगी.
परियोजना का कार्यकाल
परियोजना का क्रियान्वयन पांच वर्ष के कार्यकाल में होना है. ओडिशा सरकार परियोजना को क्रियान्वित करने वाली एजेंसी है.
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