केंद्र सरकार ने 12 जुलाई 2016 को आधार अधिनियम, 2016 (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं के लक्षित वितरण) को अधिसूचित किया.
यूआईडीएआई को एक कानूनी स्वरुप प्रदान कर सरकार भी इस अधिनियम के कुछ प्रचलित प्रावधानों को लागू कर रही है.
इस बिल द्वारा आधार कार्ड के जरिये भारत में रहने वाले व्यक्तियों को सब्सिडी और सेवाओं का लक्षित वितरण किया जायेगा.
इसके अतिरक्त केंद्र सरकार ने भी अलग से यूआईडीएआई नियम, 2016 को अधिसूचित किया है.इस अधिसूचना से इसके सदस्यों और अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए मार्ग प्रशस्त होगा.
आधार विधेयक, 2016 की विशेषताएं
पात्रता-भारत का प्रत्येक निवासी आधार संख्या प्राप्त करने का हक़दार होगा. प्रत्येक व्यक्ति जो आधार नामांकन की तारीख से पूर्व 182 दिनों से भारत में रह रहा है आधार संख्या के लिए आवेदन कर सकता है.
वांछित सूचनाएं – आधार संख्या प्राप्त करने के लिए एक व्यक्ति को
क. बायोमेट्रिक (फोटो, फिंगर प्रिंट, आइरिस स्कैन) और
ख. जनसांख्यिकीय (नाम, जन्म, पते की तारीख) के बारे में जानकारी प्रस्तुत करने होंगें.
नामांकन – नामांकन के समय व्यक्ति को उसके द्वारा दी गयी जानकारी का इस्तेमाल किस तरह किया जएगा तथा उसे किन किन लोगों के साथ साझा किया जायेगा के विषय में पूरी जानकारी दी जाएगी.
व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के सत्यापन के बाद आधार संख्या जारी किया जाएगा.
व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के सत्यापन के बाद आधार संख्या जारी किया जाएगा.
आधार संख्या का उपयोग- सरकार से किसी तरह की सब्सिडी और सेवा प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को अपना आधार संख्या देना होगा. अगर व्यक्ति के पास आधार संख्या नहीं है तो उस परिस्थिती में व्यक्ति दूसरे दस्तावेज का प्रयोग कर सकता है.लेकिन इस दौरान उसे आधार संख्या प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा तथा उसके लिए वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराये जाएंगे.
किसी भी सार्वजनिक या निजी संस्था द्वारा पहचान के रूप में आधार संख्या को स्वीकार किया जायेगा.लेकिन गौरतलब है कि आधार संख्या नागरिकता या अधिवास का प्रमाण नहीं है.
कार्य और अधिकार की संरचना :
कार्य और अधिकार की संरचना: यूआईडी प्राधिकरण के निम्नांकित प्रमुख कार्य हैं -
1) नामांकन के दौरान जनसांख्यिकीय और बायोमेट्रिक जानकारी एकत्र करने का निर्देश देना.
2) व्यक्तियों को आधार संख्या प्रदान करना
3) आधार संख्या को प्रमाणित करना
4) सब्सिडी और सेवाओं के वितरण के लिए आधार संख्या के उपयोग को निर्धारित करना.
यूआईडी प्राधिकरण रचना- यूआईडी प्राधिकरण में एक अध्यक्ष, दो अंशकालिक सदस्य और एक सीईओ शामिल होंगे. अध्यक्ष और सदस्यों के पास तकनीक, प्रशासन आदि मामलों में कम से कम 10 साल का अनुभव आवश्यक हैं.
प्रमाणीकरण- यूआईडी प्राधिकरण किसी व्यक्ति या संस्था के निवेदन पर आधार संख्या को प्रमाणित करता है. साथ हि प्रमाणित करने से पूर्व वह व्यक्ति विशेष तथा एजेंसी की भी सहमती हासिल करता है.
प्रमाणीकरण सवाल के जवाब-यूआईडी प्राधिकरण एक सकारात्मक, नकारात्मक या अन्य उपयुक्त प्रतिक्रिया के साथ प्रमाणीकरण के प्रश्नों का उत्तर देता है.
प्रमाणीकरण सवाल के जवाब-यूआईडी प्राधिकरण एक सकारात्मक, नकारात्मक या अन्य उपयुक्त प्रतिक्रिया के साथ प्रमाणीकरण के प्रश्नों का उत्तर देता है.
प्रमाणीकरण अभिलेखों का रखरखाव- यूआईडी प्राधिकरण पर एक व्यक्ति की पहचान से सम्बंधित सभी दस्तावेजों के रख रखाव की जिम्मेदारी है.
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