विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने 14 जुलाई 2016 को भारत को मातृ एवं नवजात टिटनेस उन्मूलन (एमएनटीई) और याज (YAWS)-मुक्त स्थिति हेतु आधिकारिक प्रशस्ति पत्र जारी किया. यह प्रशस्ति पत्र केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने प्राप्त किया.
भारत पहला ऐसा देश है जिसे औपचारिक रूप से याज (YAWS) और एमएनटीई मुक्त घोषित किया गया है.
भारत ने वैश्विक लक्ष्य की तय समय-सीमा दिसंबर 2015 से पहले अप्रैल 2015 में ही मातृ एवं नवजात टिटनेस उन्मूलन (एमएनटीई) में सफलता हासिल कर ली.
इससे पहले भारत पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम में सफलता हासिल कर चुका है.
इससे पहले भारत पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम में सफलता हासिल कर चुका है.
मई 2016 में विशेषज्ञों की टीम के सत्यापन बाद भारत को रोग संचरण की रोकथाम याज मुक्त देश प्रमाणित किया गया. 2012 में डब्ल्यूएचओ ने भारत को एनटीडी (NTD) याज को खत्म करने वाला पहला देश प्रमाणित किया.
याज एक क्रोनिक बैक्टीरियल संक्रमण है जो त्वचा, हड्डियों और उपास्थि को प्रभावित करता है.
टिप्पणी
मातृ एवं नवजात टिटनेस उन्मूलन (एमएनटीई) (MNTE) भारत के ध्यान केंद्रित दृष्टिकोण का परिणाम है. भारत में मातृ एवं नवजात शिशु की देखभाल सभी के लिए सुलभ बनाया गया.
देश के सभी 675 जिलों में मातृ एवं नवजात टिटनेस के लक्ष्य को एक केस प्रति 1000 नवजात तक कम करने में सबसे कमजोर आबादी वाले क्षेत्रों में टीकाकरण, प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं के कारण किया जा सका.
टिप्पणी
मातृ एवं नवजात टिटनेस उन्मूलन (एमएनटीई) (MNTE) भारत के ध्यान केंद्रित दृष्टिकोण का परिणाम है. भारत में मातृ एवं नवजात शिशु की देखभाल सभी के लिए सुलभ बनाया गया.
देश के सभी 675 जिलों में मातृ एवं नवजात टिटनेस के लक्ष्य को एक केस प्रति 1000 नवजात तक कम करने में सबसे कमजोर आबादी वाले क्षेत्रों में टीकाकरण, प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं के कारण किया जा सका.
दोनों याज और मातृ एवं नवजात टिटनेस उन्मूलन मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मचारियों की संख्या का उपयोग कर प्राप्त किया गया.
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