स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 11 जुलाई 2016 को राष्ट्रव्यापी डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा (आईडीसीएफ) आरंभ किया गया.
इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश में डायरिया के कारण होने वाली मृत्यु दर कम करना है.
इसकी शुरुआत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा द्वारा की गयी. इसका देश भर में 1 जुलाई से 23 जुलाई तक पालन किया जाएगा.
आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक एक घंटे में पांच वर्ष के कम आयु के 13 बच्चे डायरिया के कारण जान गंवा बैठते हैं.
वर्ष 2015 में 15 दिन के कार्यक्रम के तहत 21 लाख बच्चों को ओआरएस पिलाया गया.
इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश में डायरिया के कारण होने वाली मृत्यु दर कम करना है.
इसकी शुरुआत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा द्वारा की गयी. इसका देश भर में 1 जुलाई से 23 जुलाई तक पालन किया जाएगा.
आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक एक घंटे में पांच वर्ष के कम आयु के 13 बच्चे डायरिया के कारण जान गंवा बैठते हैं.
वर्ष 2015 में 15 दिन के कार्यक्रम के तहत 21 लाख बच्चों को ओआरएस पिलाया गया.
राष्ट्रव्यापी डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा
• इसका उद्देश्य डायरिया से प्रभावित देश के 80 प्रतिशत बच्चों (पांच वर्ष के कम आयु के 10 करोड़ बच्चे) को इस कार्यक्रम का लाभ पहुंचाना है.
• इन बच्चों को आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ओआरएस का घोल पिलाया जायेगा.
• बच्चों के माता-पिता को ओआरएस के लाभ एवं इसके उपयोग के बारे में भी बताया जायेगा.
• डायरिया में स्वच्छता संबंधी जागरुकता अभियान को राज्य, जिला एवं गांव स्तर पर चलाया जायेगा.
डायरिया
आमतौर पर डायरिया एक सप्ताह में ठीक हो जाता है. इससे ज्यादा समय तक रहे तो यह क्रॉनिक डायरिया कहलाता है और इसका इलाज समय पर न होने से ये खतरनाक भी हो सकता है. डायरिया के उपचार में आहार का बड़ा महत्व है इसमें पर्याप्त मात्रा में तरल और अन्य पोषक पदार्थ लेना आवश्यक है.
• इसका उद्देश्य डायरिया से प्रभावित देश के 80 प्रतिशत बच्चों (पांच वर्ष के कम आयु के 10 करोड़ बच्चे) को इस कार्यक्रम का लाभ पहुंचाना है.
• इन बच्चों को आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ओआरएस का घोल पिलाया जायेगा.
• बच्चों के माता-पिता को ओआरएस के लाभ एवं इसके उपयोग के बारे में भी बताया जायेगा.
• डायरिया में स्वच्छता संबंधी जागरुकता अभियान को राज्य, जिला एवं गांव स्तर पर चलाया जायेगा.
डायरिया
आमतौर पर डायरिया एक सप्ताह में ठीक हो जाता है. इससे ज्यादा समय तक रहे तो यह क्रॉनिक डायरिया कहलाता है और इसका इलाज समय पर न होने से ये खतरनाक भी हो सकता है. डायरिया के उपचार में आहार का बड़ा महत्व है इसमें पर्याप्त मात्रा में तरल और अन्य पोषक पदार्थ लेना आवश्यक है.
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