रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जुलाई 2016 को निचले एवं ऊपरी सदन द्वारा जून 2016 में पारित किये गये आतंकवाद रोधी कानून पर हस्ताक्षर किये.
प्राइवेसी एक्टिविस्ट एडवर्ड स्नोडेन द्वारा इस आतंकवाद विरोधी संशोधन को बिग ब्रदर लॉ का नाम दिया गया.
आलोचकों का मानना है कि इस संशोधन से इन्टरनेट एवं टेलिकॉम कम्पनियों को लाखों डॉलर का खर्च उठाना पड़ेगा.
प्राइवेसी एक्टिविस्ट एडवर्ड स्नोडेन द्वारा इस आतंकवाद विरोधी संशोधन को बिग ब्रदर लॉ का नाम दिया गया.
आलोचकों का मानना है कि इस संशोधन से इन्टरनेट एवं टेलिकॉम कम्पनियों को लाखों डॉलर का खर्च उठाना पड़ेगा.
कानून की विशेषताएं
• इससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बिना किसी न्यायिक आदेश के किसी भी यूजर के मेसेज अथवा डाटा को देखने का अधिकार प्राप्त होगा.
• इससे सुरक्षा एजेंसियां उपयोगकर्ताओं की कॉल, संदेश, तस्वीरें और वीडियो को छह महीने तक निगरानी कर सकेगी तथा मेटाडाटा को तीन वर्ष तक स्टोर कर सकेगी.
• उन्हें यह सुविधा उपयोग करने के लिए फ़ेडरल सिक्यूरिटी सर्विस (एफएसबी) प्रदान करनी होगी.
• इससे कुछ अन्य श्रेणियां भी अपराध में शामिल होंगी तथा आपराधिक आयु घटकर 14 मानी जाएगी.
• आतंकवाद को उकसाने के अपराध में साइबर क्राइम में जेल की सजा की अवधि भी बढाई जाएगी.
• इससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बिना किसी न्यायिक आदेश के किसी भी यूजर के मेसेज अथवा डाटा को देखने का अधिकार प्राप्त होगा.
• इससे सुरक्षा एजेंसियां उपयोगकर्ताओं की कॉल, संदेश, तस्वीरें और वीडियो को छह महीने तक निगरानी कर सकेगी तथा मेटाडाटा को तीन वर्ष तक स्टोर कर सकेगी.
• उन्हें यह सुविधा उपयोग करने के लिए फ़ेडरल सिक्यूरिटी सर्विस (एफएसबी) प्रदान करनी होगी.
• इससे कुछ अन्य श्रेणियां भी अपराध में शामिल होंगी तथा आपराधिक आयु घटकर 14 मानी जाएगी.
• आतंकवाद को उकसाने के अपराध में साइबर क्राइम में जेल की सजा की अवधि भी बढाई जाएगी.
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